जिले के पाली क्षेत्र में गुरुवार की रात करीब 9:00 बजे उस समय अफरा-तफरी गोरखपुर। जिले के पाली क्षेत्र में गुरुवार की रात करीब 9:00 बजे उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक विशाल अजगर सड़क पर दिखाई दिया। अचानक सड़क पर अजगर दिखने से राहगीरों में दहशत फैल गई और कुछ देर के लिए लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जमुना निषाद के घर के पास सड़क पर अजगर देखा गया। उसी समय स्थानीय निवासी शशांक राज अपने घर की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनकी नजर सड़क पर पड़े अजगर पर पड़ी, वे घबरा गए और जोर-जोर से शोर मचाने लगे। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही मुकेश, जमुना, परशुराम सहित कई ग्रामीण हाथों में टॉर्च लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने सावधानीपूर्वक अजगर की तलाश शुरू की, लेकिन तब तक वह सड़क से निकलकर पास स्थित धान के खेत की ओर चला गया। अंधेरा और खेतों में घनी फसल होने के कारण अजगर का पता नहीं चल सका। अजगर के खेत की ओर चले जाने के बाद भी ग्रामीण काफी देर तक मौके पर मौजूद रहे और आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते रहे। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल बना रहा। लोगों ने छोटे बच्चों और बुजुर्गों को रात के समय अकेले बाहर न निकलने की हिदायत दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में खेतों और जलभराव वाले क्षेत्रों से अक्सर सांप और अन्य वन्य जीव आबादी की ओर आ जाते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाए तथा ऐसे वन्य जीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन अजगर के दिखाई देने से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने लोगों से अपील की है कि यदि दोबारा अजगर या कोई अन्य जंगली जीव दिखाई दे तो उसे पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
जिले के पाली क्षेत्र में गुरुवार की रात करीब 9:00 बजे उस समय अफरा-तफरी गोरखपुर। जिले के पाली क्षेत्र में गुरुवार की रात करीब 9:00 बजे उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक विशाल अजगर सड़क पर दिखाई दिया। अचानक सड़क पर अजगर दिखने से राहगीरों में दहशत फैल गई और कुछ देर के लिए लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जमुना निषाद के घर के पास सड़क पर अजगर देखा गया। उसी समय स्थानीय निवासी शशांक राज अपने घर की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनकी नजर सड़क पर पड़े अजगर पर पड़ी, वे घबरा गए और जोर-जोर से शोर मचाने लगे। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही मुकेश, जमुना, परशुराम सहित कई ग्रामीण हाथों में टॉर्च लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने सावधानीपूर्वक अजगर की तलाश शुरू की, लेकिन तब तक वह सड़क से निकलकर पास स्थित धान के खेत की ओर चला गया। अंधेरा और खेतों में घनी फसल होने के कारण अजगर का पता नहीं चल सका। अजगर के
खेत की ओर चले जाने के बाद भी ग्रामीण काफी देर तक मौके पर मौजूद रहे और आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते रहे। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल बना रहा। लोगों ने छोटे बच्चों और बुजुर्गों को रात के समय अकेले बाहर न निकलने की हिदायत दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में खेतों और जलभराव वाले क्षेत्रों से अक्सर सांप और अन्य वन्य जीव आबादी की ओर आ जाते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाए तथा ऐसे वन्य जीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन अजगर के दिखाई देने से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने लोगों से अपील की है कि यदि दोबारा अजगर या कोई अन्य जंगली जीव दिखाई दे तो उसे पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
- सहजनवां तहसील का एडीएम ने किया औचक निरीक्षण, अभिलेखों की व्यवस्था और जनशिकायतों के निस्तारण पर जोर गोरखपुर। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) डॉ. वैभव शर्मा ने गुरुवार को सहजनवां तहसील का औचक निरीक्षण किया। एडीएम के अचानक तहसील पहुंचने से विभिन्न अनुभागों और पटलों पर तैनात कर्मचारियों में हलचल मच गई। उन्होंने तहसील के कामकाज की स्थिति का जायजा लेते हुए राजस्व कार्यों, अभिलेखों के रखरखाव और जनशिकायतों के निस्तारण की प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एडीएम ने सबसे पहले संग्रह अनुभाग का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां अभिलेखों के रखरखाव, पत्रावलियों और राजस्व वसूली से संबंधित कार्यों की जानकारी कर्मचारियों से ली। इसके बाद उन्होंने आरके कार्यालय, नजारत अनुभाग समेत विभिन्न पटलों का निरीक्षण कर वहां संचालित कार्यों की स्थिति देखी। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से लंबित मामलों और उनके निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। अभिलेख व्यवस्थित रखने के दिए निर्देश डॉ. वैभव शर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी सरकारी अभिलेख और पत्रावलियां सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से रखी जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जनशिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। कहा कि फरियादियों को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। राजस्व एवं जनसुनवाई से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एडीएम ने कहा कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता, अनुशासन और समयबद्धता बनाए रखना सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। तहसील परिसर की साफ-सफाई भी देखी निरीक्षण के दौरान एडीएम ने तहसील परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों को कार्यालय और परिसर को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्यालय से आमजन को बेहतर माहौल मिलता है और सरकारी कार्यों के प्रति भी सकारात्मक संदेश जाता है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम नमन मेहता, तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा, नायब तहसीलदार राम सूरज प्रसाद और शुभम बरनवाल मौजूद रहे। इसके अलावा आरके अरुण गुप्ता, नाजिर सत्य प्रकाश दुबे, अजय श्रीवास्तव समेत अन्य राजस्व निरीक्षक, अमीन और तहसील कर्मचारी उपस्थित रहे।3
- *मिशन शक्ति फेज-5.0 — जागरूक नारी, सशक्त समाज, सुरक्षित भविष्य* *महुली पुलिस का संकल्प—हर बहू-बेटी की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान* उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति फेज-5.0” के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्र के पर्यवेक्षण में तथा थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय के नेतृत्व में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण हेतु निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।* इसी क्रम में आज दिनांक 11.09.2026 को उ0नि0 श्री नागेन्द्र पाण्डेय, म0का0 शालिनी तिवारी ,साक्षी द्वारा महुली थाना के अन्तर्गत ग्राम रामपुर में पहुंचकर महिलाओं तथा बच्चियों को मिशन शक्ति फेज-5.0 के उद्देश्यों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं को यह संदेश दिया गया कि जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है और अपने अधिकारों की जानकारी ही सशक्तिकरण की वास्तविक ताकत है। उन्हें सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, निराश्रित महिला पेंशन योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन की जानकारी *महिलाओं एवं बालिकाओं को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता प्राप्त करने हेतु महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई—* 1090 — वूमेन पावर लाइन 112 — पुलिस आपातकालीन सेवा 108 — एम्बुलेंस सेवा 1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन 102 — स्वास्थ्य सेवा 181 — महिला हेल्पलाइन 1076 — मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1930 — साइबर हेल्पलाइन इसके साथ ही गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा, महिला अपराध एवं साइबर अपराध से बचाव के संबंध में विस्तार से समझाया गया तथा जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए। बालिकाओं को विशेष रूप से प्रेरित किया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न या अपराध को छिपाएं नहीं, बल्कि तत्काल पुलिस अथवा संबंधित हेल्पलाइन पर सूचना दें। एंटी रोमियो अभियान में महुली पुलिस की प्रभावी कार्रवाई महिला सुरक्षा के दृष्टिगत एंटी रोमियो अभियान के अंतर्गत थाना क्षेत्र के 03 स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 55 व्यक्तियों से पूछताछ की गई। अनावश्यक रूप से घूमते पाए गए 05व्यक्तियों से माफीनामा भरवाया गया तथा 12व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 126/135 BNSS की कार्यवाही की गयी तथा 38 व्यक्तियों को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा गया। महुली पुलिस का संदेश “बेटियां बोझ नहीं, समाज की शक्ति हैं। महिलाओं का सम्मान केवल हमारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सभ्यता की पहचान है।” महुली पुलिस का संकल्प है कि हर बहू-बेटी स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस करे। पुलिस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं, बल्कि अपराध की रोकथाम, जागरूकता और विश्वास निर्माण के माध्यम से सुरक्षित समाज के निर्माण में निरंतर सहभागी है। जागरूक नारी—सशक्त नारी, सशक्त नारी—सुरक्षित समाज।”3
- बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल | 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित! | 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल?1
- SSP गौरव ग्रोवर की बड़ी कार्रवाई, 32 चौकी प्रभारियों के कार्यक्षेत्र बदले अयोध्या जिले की पुलिसिंग व्यवस्था में शुक्रवार को बड़ा फेरबदल किया गया। SSP डॉ. गौरव ग्रोवर ने 32 चौकी प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए नई तैनाती की है। नई तैनाती अयोध्या, कैंट, नगर कोतवाली के अलावा रौनाही, महाराजगंज, गोसाईगंज, बीकापुर, तारुन, हैदरगंज, इनायतनगर, कुमारगंज, खंडासा, रुदौली, बाबा बाजार और पटरंगा क्षेत्र में की गई है। रोहित कुमार पाण्डेय को फतेहगंज, संदीप कुमार को लक्ष्मणघाट और अभिषेक कुमार को हसन कटरा चौकी का प्रभारी बनाया गया है। किरनपाल को मीरनघाट की जिम्मेदारी मिली है। मनीष तिवारी को सहादतगंज और शुभम सिंह को सदर बाजार चौकी भेजा गया है। पंकज सिंह औद्योगिक क्षेत्र और मनोज कुमार मठ शिवाला चौकी के प्रभारी बनाए गए हैं। पूराकलंदर क्षेत्र में जितेन्द्र कुमार को छतिरवा चौकी प्रभारी बनाया गया है। रौनाही में आलोक कुमार सिंह को सतीचौरा, सत्यम अग्रवाल को रामनगर और हिमांशु सिंह को जननापुर चौकी की जिम्मेदारी दी गई है। महाराजगंज में कमलेश कुमार को तमसा घाट रुस्तमाबाद और कमल सिंह को अरवत चौकी प्रभारी बनाया गया है। गोसाईगंज में प्रिंस सिंह को अमसिन और अरुण कुमार को दिलासीगंज चौकी की जिम्मेदारी मिली है। जंग बहादुर को कोछा बाजार, प्रवीण सिंह को गुनौर, विकास कुमार मौर्य को गयासपुर और अंशुल वर्मा को भोपा डुहिया चौकी प्रभारी बनाया गया है। इनायतनगर में राहुल कुमार यादव को आस्तीकन धाम चौकी की जिम्मेदारी मिली है। कुमारगंज में राजेश कुमार गुप्ता को बीसा का पुरवा तिन्दौली चौकी प्रभारी बनाया गया है। खंडासा में प्रशांत पाण्डेय को खंडासा, गौरव सिंह को अमरगंज और राजेंद्र प्रसाद को अघियारी चौकी की जिम्मेदारी दी गई है। रुदौली में स्तुति गुप्ता को ऐहार और देवेंद्र कुमार त्रिपाठी को दलसराय चौकी प्रभारी बनाया गया है। बाबा बाजार में आकिल हुसैन को हंसराजपुर और विपिन कुमार मौर्य को रैछ चौकी की जिम्मेदारी मिली है। पटरंगा में सौरभ सिंह को हाईवे प्रथम (गंगरेला) और प्रतिक्षा को दिवाली चौकी प्रभारी बनाया गया है। वहीं प्रभात कुमार द्विवेदी को मवई चौराहा चौकी की जिम्मेदारी दी गई है।1
- राजस्थान में भाजपा के भीम विधायक हरिसिंह रावत जनता से कह रहे हैं..." मेरा आदमी नहीं जीता तो मेरे पास शिकायत लेकर मत आना,मकान-दुकान टूटे तो मत कहना. राजस्थान में भाजपा के भीम विधायक हरिसिंह रावत जनता से कह रहे हैं..." मेरा आदमी नहीं जीता तो मेरे पास शिकायत लेकर मत आना,मकान-दुकान टूटे तो मत कहना.1
- Post by Shailendra Pandey1
- सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल1
- जिले के पाली क्षेत्र में गुरुवार की रात करीब 9:00 बजे उस समय अफरा-तफरी गोरखपुर। जिले के पाली क्षेत्र में गुरुवार की रात करीब 9:00 बजे उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक विशाल अजगर सड़क पर दिखाई दिया। अचानक सड़क पर अजगर दिखने से राहगीरों में दहशत फैल गई और कुछ देर के लिए लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जमुना निषाद के घर के पास सड़क पर अजगर देखा गया। उसी समय स्थानीय निवासी शशांक राज अपने घर की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनकी नजर सड़क पर पड़े अजगर पर पड़ी, वे घबरा गए और जोर-जोर से शोर मचाने लगे। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही मुकेश, जमुना, परशुराम सहित कई ग्रामीण हाथों में टॉर्च लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने सावधानीपूर्वक अजगर की तलाश शुरू की, लेकिन तब तक वह सड़क से निकलकर पास स्थित धान के खेत की ओर चला गया। अंधेरा और खेतों में घनी फसल होने के कारण अजगर का पता नहीं चल सका। अजगर के खेत की ओर चले जाने के बाद भी ग्रामीण काफी देर तक मौके पर मौजूद रहे और आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते रहे। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल बना रहा। लोगों ने छोटे बच्चों और बुजुर्गों को रात के समय अकेले बाहर न निकलने की हिदायत दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में खेतों और जलभराव वाले क्षेत्रों से अक्सर सांप और अन्य वन्य जीव आबादी की ओर आ जाते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाए तथा ऐसे वन्य जीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन अजगर के दिखाई देने से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने लोगों से अपील की है कि यदि दोबारा अजगर या कोई अन्य जंगली जीव दिखाई दे तो उसे पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें।2
- तीन हजार बैंककर्मी हड़ताल पर, 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित बैंक प्रबंधन, वित्त मंत्रालय और यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बीच केंद्रीय श्रमायुक्त कार्यालय में दो दिनों से चल रही वार्ता विफल होने के बाद बैंक कर्मियों ने शुक्रवार को हड़ताल कर दी। करीब 3 हजार बैंक कर्मी हड़ताल पर हैं। जिससे 500 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ है। बड़ी संख्या में बैंक कर्मियों ने एसबीआई मुख्य शाखा पर एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।हड़ताल में जिले के स्टेट बैंक समेत सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के करीब 3000 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए हैं। यूएफबीयू में एआइबीईए, एआइबीओसी, एनसीबीई, एआइबीओए, बीईएफआइ, आइएनबीओसी और आइएनबीईएफ समेत सात यूनियनें शामिल हैं। आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि यूएफबीयू की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग, बैंक अधिकारियों के लिए प्रस्तावित पीएलआई की समान योजना, आइडीबीआई के विदेशीकरण पर रोक और पेंशन अपडेशन शामिल हैं। यूएफबीयू के संयोजक यूपीएन सिंह ने बताया कि 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की हड़ताल भी प्रस्तावित है। मांगें नहीं मानी गईं तो अक्टूबर के अंत में अनिश्चितकालीन हड़ताल का प्रस्ताव है। इसमें श्रेयांश श्रीवास्तव, बजरंग कुमार गुप्ता, प्रशांत शुक्ला शामिल रहे।1