Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश में सिंचाई विभाग द्वारा एक 'बड़ा नोटिस' जारी किए जाने के बाद से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। इस नोटिस के चलते यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या 'योगी के घर' पर बुलडोजर चलाया जाएगा। इस घटनाक्रम को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।
Dharmendra Raikwar
उत्तर प्रदेश में सिंचाई विभाग द्वारा एक 'बड़ा नोटिस' जारी किए जाने के बाद से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। इस नोटिस के चलते यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या 'योगी के घर' पर बुलडोजर चलाया जाएगा। इस घटनाक्रम को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- लखनऊ में हुए एक अग्निकांड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी गहरी संवेदना और दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस हादसे को अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताते हुए अपनी भावनाएँ साझा की हैं।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस भ्रम की स्थिति पैदा कर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का षड्यंत्र रच रही है, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक लोकप्रिय नेता बताते हुए कहा कि वे प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में लगातार दिन-रात काम कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि उनमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने तथ्यों के साथ जानकारी दी कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। खंडेलवाल ने आरोपों में उल्लिखित सिद्धि विनायक कंपनी के संबंध में बताया कि 2023 में उसके पास 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर मात्र 65 एकड़ रह गई, और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तो साल 2017 में ही इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। प्रदेश अध्यक्ष ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी कोई बदलाव नहीं आया है, और यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि मास्टर प्लान एरिया के बाहर की थी। खंडेलवाल ने आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है, उनके संबंध में कहा कि वे पूरी तरह से गलत हैं और मुख्यमंत्री व उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि इन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रिश्तेदारों पर लगे आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे स्वयं अपनी बात रखेंगे तथा कानूनी कार्रवाई करेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब-जब प्रदेश को पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री मिला है, चाहे वे उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों या मोहन यादव हों, कांग्रेस ने षड्यंत्र कर उन्हें कमजोर करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि समाज के कुछ ठेकेदार, जिन्हें प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता, वे लगातार ऐसे षड्यंत्र रचते हैं। खंडेलवाल ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास के लिए किसानों और उद्योगों को आगे बढ़ाने हेतु लगातार काम कर रहे हैं, और कांग्रेसी जब काम के मोर्चे पर उन्हें पीछे नहीं कर सके तो इस तरह का षड्यंत्र कर रहे हैं। उन्होंने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के इन सभी आरोपों का खंडन करते हुए चेतावनी दी कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के ऐसे षड्यंत्र को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।1
- निवाड़ी कलेक्ट्रेट सभागार में ‘जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा)’ की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ निवाड़ी कलेक्टर सहित जिला प्रशासन का पूरा अमला भी मौजूद रहा।1
- टेहरका थाना में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों को आपसी सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए लोगों से अपील करना था। उपस्थित सदस्यों से त्योहारों के दौरान भाईचारा बनाए रखने और किसी भी प्रकार के विवाद से बचने का आग्रह किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के झांसी में 7वीं मोहर्रम के अवसर पर अजादारों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान, हजारों की संख्या में लोग एक ऐतिहासिक जुलूस में शामिल हुए।3
- उत्तर प्रदेश के झांसी में समाजसेवी संस्था संघर्ष सेवा समिति द्वारा लगातार सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। वरिष्ठ समाजसेवी डॉक्टर संदीप सरावगी के नेतृत्व में, यह संस्था समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर मदद पहुँचा रही है और इसके प्रयासों को सराहा जा रहा है।1
- बबीना कैंटोनमेंट में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ वार्ड नंबर 6 न्यू पंप हाउस रोड पर पीने का पानी खुलेआम नाली में बहाया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब पूरा देश पानी की किल्लत से जूझ रहा है। एक नल से सुबह-शाम आने वाला पीने का पानी सीधे नाली में जा रहा है, और बार-बार शिकायत के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने कैंटोनमेंट ऐप और सोशल मीडिया पर कई बार इसकी शिकायत की है, लेकिन कैंटोनमेंट विभाग और उसके कर्मचारियों ने नल को बंद करने या उसमें टोंटी लगाने के लिए समय नहीं निकाला। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस नल का आज तक न तो कोई बिल जमा किया गया है और न ही इसकी रिकवरी के लिए कनेक्शन काटा गया है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि विभाग को इस व्यक्ति विशेष से कौन सा व्यक्तिगत फायदा है, जिसके कारण बार-बार शिकायत के बावजूद न तो नल बंद किया जा रहा है और न ही पानी को रोका जा रहा है। कैंटोनमेंट विभाग और उच्च अधिकारियों से निवेदन किया गया है कि वे मामले की तत्काल जाँच करें और इस भारी पानी की बर्बादी को रोकने के लिए उचित कार्रवाई करें।1
- एक पिता अपनी बेटी को नीट (NEET) की परीक्षा दिलाने लेकर गए थे, लेकिन छात्रा को मात्र दो मिनट की देरी से पहुँचने के कारण परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। इस हृदयविदारक घटना से छात्रा के पिता का रो-रोकर और गिड़गिड़ाकर बेहद बुरा हाल हो गया। यह स्थिति उनके लिए अत्यंत दुखदायी थी, क्योंकि एक छात्र का पूरा साल बर्बाद होना कितना कष्टप्रद होता है, यह केवल वही लोग समझ सकते हैं जिन्होंने कभी ऐसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की हो। इस घटना पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है, जहाँ एक तरफ पेपर लीक होने जैसी गंभीर समस्याओं को अक्सर गंभीरता से नहीं लिया जाता, वहीं दूसरी तरफ छात्रों को थोड़ी सी देरी के लिए भी परीक्षा से बाहर कर दिया जाता है, जो वर्तमान व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है।1