Shuru
Apke Nagar Ki App…
टेहरका थाना में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों को आपसी सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए लोगों से अपील करना था। उपस्थित सदस्यों से त्योहारों के दौरान भाईचारा बनाए रखने और किसी भी प्रकार के विवाद से बचने का आग्रह किया गया।
Ashish Patrkar
टेहरका थाना में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों को आपसी सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए लोगों से अपील करना था। उपस्थित सदस्यों से त्योहारों के दौरान भाईचारा बनाए रखने और किसी भी प्रकार के विवाद से बचने का आग्रह किया गया।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत अब प्रदेश के किसानों को एक साल की अवधि के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसली ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य सरकार इस योजना पर लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का भार स्वयं वहन करेगी। इस पहल के साथ ही, राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की भी घोषणा की है। कैबिनेट मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने इस निर्णय को किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि शून्य ब्याज पर ऋण उपलब्ध होने से किसान बिना किसी अतिरिक्त बोझ के समय पर कृषि कार्यों को संपन्न कर सकेंगे।1
- निवाड़ी कलेक्ट्रेट सभागार में ‘जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा)’ की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ निवाड़ी कलेक्टर सहित जिला प्रशासन का पूरा अमला भी मौजूद रहा।1
- टेहरका थाना में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों को आपसी सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए लोगों से अपील करना था। उपस्थित सदस्यों से त्योहारों के दौरान भाईचारा बनाए रखने और किसी भी प्रकार के विवाद से बचने का आग्रह किया गया।1
- लखनऊ में हुए एक अग्निकांड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी गहरी संवेदना और दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस हादसे को अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताते हुए अपनी भावनाएँ साझा की हैं।1
- उत्तर प्रदेश के झांसी में समाजसेवी संस्था संघर्ष सेवा समिति द्वारा लगातार सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। वरिष्ठ समाजसेवी डॉक्टर संदीप सरावगी के नेतृत्व में, यह संस्था समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर मदद पहुँचा रही है और इसके प्रयासों को सराहा जा रहा है।1
- बबीना कैंटोनमेंट में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ वार्ड नंबर 6 न्यू पंप हाउस रोड पर पीने का पानी खुलेआम नाली में बहाया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब पूरा देश पानी की किल्लत से जूझ रहा है। एक नल से सुबह-शाम आने वाला पीने का पानी सीधे नाली में जा रहा है, और बार-बार शिकायत के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने कैंटोनमेंट ऐप और सोशल मीडिया पर कई बार इसकी शिकायत की है, लेकिन कैंटोनमेंट विभाग और उसके कर्मचारियों ने नल को बंद करने या उसमें टोंटी लगाने के लिए समय नहीं निकाला। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस नल का आज तक न तो कोई बिल जमा किया गया है और न ही इसकी रिकवरी के लिए कनेक्शन काटा गया है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि विभाग को इस व्यक्ति विशेष से कौन सा व्यक्तिगत फायदा है, जिसके कारण बार-बार शिकायत के बावजूद न तो नल बंद किया जा रहा है और न ही पानी को रोका जा रहा है। कैंटोनमेंट विभाग और उच्च अधिकारियों से निवेदन किया गया है कि वे मामले की तत्काल जाँच करें और इस भारी पानी की बर्बादी को रोकने के लिए उचित कार्रवाई करें।1
- झांसी में कांग्रेस प्रवक्ता गौरव जैन ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस 'छात्रों की गूंज अभियान' चलाएगी। इस दौरान, जैन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा और उसकी नीतियों की कड़ी आलोचना की।1
- एक पिता अपनी बेटी को नीट (NEET) की परीक्षा दिलाने लेकर गए थे, लेकिन छात्रा को मात्र दो मिनट की देरी से पहुँचने के कारण परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। इस हृदयविदारक घटना से छात्रा के पिता का रो-रोकर और गिड़गिड़ाकर बेहद बुरा हाल हो गया। यह स्थिति उनके लिए अत्यंत दुखदायी थी, क्योंकि एक छात्र का पूरा साल बर्बाद होना कितना कष्टप्रद होता है, यह केवल वही लोग समझ सकते हैं जिन्होंने कभी ऐसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की हो। इस घटना पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है, जहाँ एक तरफ पेपर लीक होने जैसी गंभीर समस्याओं को अक्सर गंभीरता से नहीं लिया जाता, वहीं दूसरी तरफ छात्रों को थोड़ी सी देरी के लिए भी परीक्षा से बाहर कर दिया जाता है, जो वर्तमान व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है।1