माड़ा पुलिस पर 'खाकी' को दागदार करने के आरोप, क्या CM मोहन यादव के 'जीरो टॉलरेंस' को ठेंगा दिखा रहे जिम्मेदार? सिंगरौली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्पष्ट निर्देश है—"अपराधी या तो जेल में होंगे या प्रदेश के बाहर।" लेकिन सिंगरौली जिले का माड़ा थाना वर्तमान में इन दावों की हवा निकालता नजर आ रहा है। चर्चा है कि यहाँ माड़ा थाना प्रभारी और उनके कथित 'कारखास' राज कुमार सिंह के संरक्षण में अवैध कारोबार का एक ऐसा 'सिंडिकेट' चल रहा है, जिसने सरकार की साख पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। 🚨 'माड़ा थाना': जहाँ कानून नहीं, 'सेटिंग' चलती है! स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, माड़ा थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों ने अब एक संगठित रूप ले लिया है। आरोपों की फेहरिस्त लंबी और गंभीर है: नशे का जाल: गली-मोहल्लों में कच्ची और अंग्रेजी शराब का अवैध विक्रय चरम पर है। इतना ही नहीं, युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा गांजा व्यापार भी पुलिस की कथित अनदेखी के चलते फल-फूल रहा है। नदियों पर वार: रेत माफिया बेखौफ होकर नदियों का सीना चीर रहे हैं। ग्रामीण पूछते हैं कि बिना 'ऊपर' तक पहुंच के, कई ट्रैक्टर पुलिस की नजरों से कैसे ओझल हैं? मासिक 'वसूली' का खेल: क्षेत्र में यह बात आम हो चुकी है कि माफियाओं और खाकी के बीच 'महीना' (मासिक सेटिंग) का खेल चल रहा है। आरोप है कि इसी 'कमीशन' के कारण जिम्मेदारों की आँखों पर पट्टी बंधी हुई है। ❓ क्या कागजों तक सीमित हैं मुख्यमंत्री के आदेश? मुख्यमंत्री मोहन यादव की सख्ती के बावजूद, माड़ा पुलिस की कार्यप्रणाली यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या जमीनी स्तर पर सिस्टम सुधरने को तैयार है? "जब रक्षक ही भक्षक की भूमिका में आ जाएं, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे?" — स्थानीय नागरिक बड़ा सवाल: कब जागेगा प्रशासन? सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक अब सिर्फ एक ही सवाल है—क्या सिंगरौली पुलिस अधीक्षक और रीवा आईजी इस कथित सांठगांठ की निष्पक्ष जांच कराएंगे? क्या 'कारखास' राज कुमार सिंह और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, या फिर रसूख के आगे नियम-कानून एक बार फिर दम तोड़ देंगे? #SingrauliPolice #MadhyaPradeshNews #CMMohanYadav #ZeroTolerance #MadaThana #CorruptionAlert #MPPolice #SingrauliNews #JituPatwari #LawAndOrder
माड़ा पुलिस पर 'खाकी' को दागदार करने के आरोप, क्या CM मोहन यादव के 'जीरो टॉलरेंस' को ठेंगा दिखा रहे जिम्मेदार? सिंगरौली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्पष्ट निर्देश है—"अपराधी या तो जेल में होंगे या प्रदेश के बाहर।" लेकिन सिंगरौली जिले का माड़ा थाना वर्तमान में इन दावों की हवा निकालता नजर आ रहा है। चर्चा है कि यहाँ माड़ा थाना प्रभारी और उनके कथित 'कारखास' राज कुमार सिंह के संरक्षण में अवैध कारोबार का एक ऐसा 'सिंडिकेट' चल रहा है, जिसने सरकार की साख पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। 🚨 'माड़ा थाना': जहाँ कानून नहीं, 'सेटिंग' चलती है! स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, माड़ा थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों ने अब एक संगठित रूप ले लिया है। आरोपों की फेहरिस्त लंबी और गंभीर है: नशे का जाल: गली-मोहल्लों में कच्ची और अंग्रेजी शराब का अवैध विक्रय चरम पर है। इतना ही नहीं, युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा गांजा व्यापार भी पुलिस की कथित अनदेखी के चलते फल-फूल रहा है। नदियों पर वार: रेत माफिया बेखौफ होकर नदियों का सीना चीर
रहे हैं। ग्रामीण पूछते हैं कि बिना 'ऊपर' तक पहुंच के, कई ट्रैक्टर पुलिस की नजरों से कैसे ओझल हैं? मासिक 'वसूली' का खेल: क्षेत्र में यह बात आम हो चुकी है कि माफियाओं और खाकी के बीच 'महीना' (मासिक सेटिंग) का खेल चल रहा है। आरोप है कि इसी 'कमीशन' के कारण जिम्मेदारों की आँखों पर पट्टी बंधी हुई है। ❓ क्या कागजों तक सीमित हैं मुख्यमंत्री के आदेश? मुख्यमंत्री मोहन यादव की सख्ती के बावजूद, माड़ा पुलिस की कार्यप्रणाली यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या जमीनी स्तर पर सिस्टम सुधरने को तैयार है? "जब रक्षक ही भक्षक की भूमिका में आ जाएं, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे?" — स्थानीय नागरिक बड़ा सवाल: कब जागेगा प्रशासन? सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक अब सिर्फ एक ही सवाल है—क्या सिंगरौली पुलिस अधीक्षक और रीवा आईजी इस कथित सांठगांठ की निष्पक्ष जांच कराएंगे? क्या 'कारखास' राज कुमार सिंह और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, या फिर रसूख के आगे नियम-कानून एक बार फिर दम तोड़ देंगे? #SingrauliPolice #MadhyaPradeshNews #CMMohanYadav #ZeroTolerance #MadaThana #CorruptionAlert #MPPolice #SingrauliNews #JituPatwari #LawAndOrder
- सिंगरौली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्पष्ट निर्देश है—"अपराधी या तो जेल में होंगे या प्रदेश के बाहर।" लेकिन सिंगरौली जिले का माड़ा थाना वर्तमान में इन दावों की हवा निकालता नजर आ रहा है। चर्चा है कि यहाँ माड़ा थाना प्रभारी और उनके कथित 'कारखास' राज कुमार सिंह के संरक्षण में अवैध कारोबार का एक ऐसा 'सिंडिकेट' चल रहा है, जिसने सरकार की साख पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। 🚨 'माड़ा थाना': जहाँ कानून नहीं, 'सेटिंग' चलती है! स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, माड़ा थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों ने अब एक संगठित रूप ले लिया है। आरोपों की फेहरिस्त लंबी और गंभीर है: नशे का जाल: गली-मोहल्लों में कच्ची और अंग्रेजी शराब का अवैध विक्रय चरम पर है। इतना ही नहीं, युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा गांजा व्यापार भी पुलिस की कथित अनदेखी के चलते फल-फूल रहा है। नदियों पर वार: रेत माफिया बेखौफ होकर नदियों का सीना चीर रहे हैं। ग्रामीण पूछते हैं कि बिना 'ऊपर' तक पहुंच के, कई ट्रैक्टर पुलिस की नजरों से कैसे ओझल हैं? मासिक 'वसूली' का खेल: क्षेत्र में यह बात आम हो चुकी है कि माफियाओं और खाकी के बीच 'महीना' (मासिक सेटिंग) का खेल चल रहा है। आरोप है कि इसी 'कमीशन' के कारण जिम्मेदारों की आँखों पर पट्टी बंधी हुई है। ❓ क्या कागजों तक सीमित हैं मुख्यमंत्री के आदेश? मुख्यमंत्री मोहन यादव की सख्ती के बावजूद, माड़ा पुलिस की कार्यप्रणाली यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या जमीनी स्तर पर सिस्टम सुधरने को तैयार है? "जब रक्षक ही भक्षक की भूमिका में आ जाएं, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे?" — स्थानीय नागरिक बड़ा सवाल: कब जागेगा प्रशासन? सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक अब सिर्फ एक ही सवाल है—क्या सिंगरौली पुलिस अधीक्षक और रीवा आईजी इस कथित सांठगांठ की निष्पक्ष जांच कराएंगे? क्या 'कारखास' राज कुमार सिंह और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, या फिर रसूख के आगे नियम-कानून एक बार फिर दम तोड़ देंगे? #SingrauliPolice #MadhyaPradeshNews #CMMohanYadav #ZeroTolerance #MadaThana #CorruptionAlert #MPPolice #SingrauliNews #JituPatwari #LawAndOrder2
- *पुलिस बैंड की मनमोहक प्रस्तुति से गूंजा सिंगरौली* *युवाओं को पुलिस बैंड भर्ती हेतु किया प्रेरित* मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा आरक्षक (बैंड) भर्ती 2026 के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत आज सिंगरौली जिले में पुलिस अधीक्षक सिंगरौली *श्री मनीष खत्री* (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में 9 वी वाहिनी रीवा पुलिस बैंड द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माजन मोड़ एवं अम्बेडकर चौक में किया गया, जहां पुलिस बैंड द्वारा देशभक्ति एवं अन्य मनमोहक गीतों की प्रस्तुति दी गई। बैंड की आकर्षक प्रस्तुतियों ने उपस्थित नागरिकों एवं युवाओं को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस बैंड में भर्ती होने हेतु प्रेरित किया गया। इस अवसर पर रक्षित निरीक्षक श्री केशव सिंह चौहान की उपस्थिति में कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा युवाओं को बताया गया कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आरक्षक (बैंड) के पदों पर भर्ती प्रक्रिया दिनांक 05 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होकर 19 अप्रैल 2026 तक एमपी ऑनलाइन की वेबसाईट https://iforms.mponline.gov.in पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। *सिंगरौली पुलिस द्वारा आमजन एवं युवाओं से अपील की गई कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करें एवं पुलिस बैंड का हिस्सा बनकर देश सेवा में अपना योगदान दें।*2
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- सोनभद्र/दिनांक 09 अप्रैल,2026 संयुक्त सचिव, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, भारत सरकार एवं नीति आयोग के नोडल अधिकारी डॉ0 मुथु कुमार स्वामी बी0 ने आज पीएम श्री राजकीय बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज, रॉबर्ट्सगंज का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक सुविधाओं, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर शिक्षा एवं लाइफ स्किल्स प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने छात्राओं से सीधे संवाद कर उनके शैक्षणिक स्तर, जागरूकता एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उन्हें निरंतर मेहनत कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. स्वामी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु उन्हें जनपद के प्रमुख ऐतिहासिक, भौगोलिक एवं औद्योगिक स्थलों का शैक्षिक भ्रमण कराया जाए, जिससे उन्हें स्थानीय संसाधनों एवं विद्युत उत्पादन केंद्रों की जानकारी मिल सके और उनका व्यावहारिक ज्ञान बढ़े। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केकराही स्थित सोया मिल्क एवं पनीर उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे उत्पादन, पैकेजिंग एवं विपणन कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहल महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण है। स्वयं सहासता समूह की महिलाओं द्वारा सोया पनीर के गुणवत्ता के बारे में बताया कि सोया पनीर (टोफू) प्रोटीन कैल्शियम और कई खनिजों से भरपूर होता है जो हड्डीयों को मजबूत बनाता है और मांसपेशियों के विकास में मदद करता है वजन घटाने और हृदय स्वस्थ्य में सुधार करता है, दूध से एलर्जी (लैक्टोज इनटॉलेरेंस) वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो कैंसर के जोखिम को कम करने और मधुमेह प्रबंधन में सहायक है। सोया पनीर की गुणवत्ता को देखते हुए उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि उत्पादों की बिक्री को होटल, रेस्टोरेंट एवं स्थानीय बाजारों से जोड़कर विस्तार दिया जाए, जिससे समूह की आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिलाओं द्वारा किए जा रहे सिलाई कार्य का भी अवलोकन किया और सुझाव दिया कि उन्हें विद्यालयों में यूनिफॉर्म सिलाई जैसे कार्यों से जोड़ा जाए, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।2
- Post by Rajpal singh Rajput4
- अवैध ओवरलोड बालू परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 3 टीपर वाहन जब्त. चोपन / सोनभद्र -थाना क्षेत्र में खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध एवं ओवरलोड बालू परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन टीपर वाहनों को पकड़ लिया। यह कार्रवाई मुख्य बाजार क्षेत्र में की गई, जिससे मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खनन विभाग की टीम ने संदिग्ध रूप से गुजर रहे टीपर वाहनों का पीछा किया और उन्हें रोकने में सफलता प्राप्त की। वाहन रुकते ही चालक उन्हें लॉक कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस और अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद वाहनों का लॉक तोड़कर उन्हें अपने कब्जे में लिया। बताया जा रहा है कि अन्य चालक की मदद से तीनों वाहनों को चोपन थाने लाया गया। प्रारंभिक जांच में वाहनों पर लगे नंबर प्लेट संदिग्ध पाए गए हैं, जबकि परिवहन से संबंधित वैध चालान या अनुमति पत्र की भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने ओवरलोड बालू वाहनों से होने वाले संभावित हादसों को लेकर चिंता व्यक्त की। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार ऐसे वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और लगातार वाहन में गीली लदी बालू से पानी रोड पर गिरने से करोड़ो की बनी रोड को भी नुकसान पहुंच रहा है। हालांकि, मौके पर मौजूद अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी देने से इंकार करते हुए बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई मुख्य बाजार में होने के कारण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। वहीं, प्रशासन द्वारा अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर सख्ती से कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है।2
- आदिवासी वाला वीडियो है1
- जनपद सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र के मुख्य बाजार में गुरुवार को खनन विभाग ने अवैध बालू परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ओवरलोड टीपर वाहनों को जब्त कर लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया, वहीं बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया जानकारी के अनुसार, खनन विभाग की टीम ने संदिग्ध रूप से तेज रफ्तार और ओवरलोड बालू ले जा रहे तीन टीपर वाहनों का पीछा कर उन्हें मुख्य बाजार में रोक लिया। जैसे ही वाहन रोके गए, चालक गाड़ियों को लॉक कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस और विभागीय टीम ने कड़ी मशक्कत कर वाहनों के लॉक तोड़कर उन्हें अपने कब्जे में लिया। बाद में दूसरे चालकों की मदद से तीनों वाहनों को चोपन थाने ले जाया गया। कार्रवाई के दौरान सामने आया कि वाहनों की नंबर प्लेट संदिग्ध थी और मौके पर वैध रवाना (चालान) से जुड़े कोई कागजात भी नहीं मिले। हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कार्रवाई को लेकर ज्यादा जानकारी देने से इंकार करते हुए सिर्फ इतना कहा कि “जांच और कार्रवाई जारी है।” इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों के कारण आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है, जिससे दहशत का माहौल है। बड़ा सवाल अगर खनन विभाग इसी तरह सख्ती से लगातार कार्रवाई करता रहे, तो अवैध खनन और राजस्व चोरी पर काफी हद तक लगाम लग सकती है। लेकिन अक्सर देखने में आता है कि बिना रॉयल्टी पर्ची, ओवरलोडिंग और रात के अंधेरे में चोरी-छिपे खनन का खेल जारी रहता है।4