हमीरपुर जिले के राठ स्थित कोठा गांव में शराब की दुकान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसके विरोध में गांव की महिलाओं ने बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया और ठेके को तुरंत हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का स्पष्ट आरोप है कि गांव के बाहर बनी इस शराब की दुकान के कारण पूरे गांव का माहौल खराब हो रहा है। इसके चलते छात्राओं की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है और युवाओं में नशाखोरी तेजी से बढ़ रही है। महिलाओं ने अपनी मांग के समर्थन में 13 जुलाई को नशे की वजह से हुई एक युवक की मौत का भी विशेष रूप से उल्लेख किया है। दूसरी तरफ, आबकारी विभाग ने महिलाओं द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विभाग का दावा है कि यह शराब की दुकान आबादी से पर्याप्त दूरी पर स्थित है और इसके संचालन का लाइसेंस नियमों के तहत पूरी तरह वैध है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की जांच और उसके अंतिम फैसले पर पूरे गांव की नजरें टिकी हुई हैं।
हमीरपुर जिले के राठ स्थित कोठा गांव में शराब की दुकान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसके विरोध में गांव की महिलाओं ने बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया और ठेके को तुरंत हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का स्पष्ट आरोप है कि गांव के बाहर बनी इस शराब की दुकान के कारण पूरे गांव का माहौल खराब हो रहा है। इसके चलते छात्राओं की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है और युवाओं में नशाखोरी तेजी से बढ़ रही है। महिलाओं ने अपनी मांग के समर्थन में 13 जुलाई को नशे की वजह से हुई एक युवक की मौत का भी विशेष रूप से उल्लेख किया है। दूसरी तरफ, आबकारी विभाग ने महिलाओं द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विभाग का दावा है कि यह शराब की दुकान आबादी से पर्याप्त दूरी पर स्थित है और इसके संचालन का लाइसेंस नियमों के तहत पूरी तरह वैध है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की जांच और उसके अंतिम फैसले पर पूरे गांव की नजरें टिकी हुई हैं।
- हमीरपुर जिले के राठ स्थित कोठा गांव में शराब की दुकान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसके विरोध में गांव की महिलाओं ने बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया और ठेके को तुरंत हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का स्पष्ट आरोप है कि गांव के बाहर बनी इस शराब की दुकान के कारण पूरे गांव का माहौल खराब हो रहा है। इसके चलते छात्राओं की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है और युवाओं में नशाखोरी तेजी से बढ़ रही है। महिलाओं ने अपनी मांग के समर्थन में 13 जुलाई को नशे की वजह से हुई एक युवक की मौत का भी विशेष रूप से उल्लेख किया है। दूसरी तरफ, आबकारी विभाग ने महिलाओं द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विभाग का दावा है कि यह शराब की दुकान आबादी से पर्याप्त दूरी पर स्थित है और इसके संचालन का लाइसेंस नियमों के तहत पूरी तरह वैध है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की जांच और उसके अंतिम फैसले पर पूरे गांव की नजरें टिकी हुई हैं।1
- कानपुर देहात के अकबरपुर थाना क्षेत्र में स्कूल के लिए घर से निकले और रास्ते से लापता हुए तीन नाबालिग बच्चों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर रनिया कस्बे से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है। बरामदगी के बाद तीनों बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। घटनाक्रम के अनुसार, बंशनपुरवा ग्राम के रहने वाले तीन बच्चे—15 वर्षीय मंगल (पुत्र बलवीर पाल उर्फ पिंटू), 14 वर्षीय सागर (पुत्र ग्यासी पाल) और 8 वर्षीय अभि पाल (पुत्र सुजीत कुमार)—आदर्श नवाब सिंह इंटर कॉलेज कुंभी में पढ़ने के लिए घर से निकले थे, लेकिन स्कूल नहीं पहुंचे। शुरुआती जांच में पता चला कि तीनों अलग-अलग स्कूलों के लिए निकले थे। जांच के दौरान पुलिस को गौरियापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास दो बच्चों की साइकिलें खड़ी मिलीं। इससे अंदेशा जताया गया कि तीनों बच्चे सुबह करीब 10:00 बजे अपनी साइकिलें वहां खड़ी कर किसी एक ही साइकिल पर सवार होकर कहीं चले गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अकबरपुर थाना पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाई और पुलिस टीमों का गठन कर सघन खोजबीन शुरू की। पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ की और संभावित रास्तों पर तलाश तेज कर दी। सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई के चलते पुलिस ने तीनों बच्चों को रनिया कस्बे से सुरक्षित ढूंढ निकाला। बच्चों के सकुशल वापस मिलने पर परिजनों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की और पुलिस का आभार व्यक्त किया।1
- राजस्थान के जयपुर में पेपर लीक, भर्ती घोटालों और युवा विरोधी शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। यहाँ NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ जी के नेतृत्व में '#ChhatronKiGoonj' अभियान के तहत एक विरोध मार्च निकाला गया। इस मार्च के जरिए छात्रों ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और भर्ती घोटालों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की और व्यवस्था का डटकर विरोध किया।1
- महोबा में बुंदेलखंड किसान यूनियन ने दुग्ध के क्षेत्र में अमेरिका के साथ हो रही डील को लेकर अपनी बात सामने रखी है।1
- महोबा के पनवाड़ी कस्बे में समाजवादी पार्टी से चरखारी विधानसभा (231) की प्रबल दावेदार और संभावित प्रत्याशी प्रवेश महान ने अपना व्यापक जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। स्वर्गीय डॉ. भागीरथ महान की पुत्री और सुरेंद्र सिंह महान की पत्नी, प्रवेश महान के पनवाड़ी पहुंचने पर स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने सैकड़ों समर्थकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ महान मार्केट, राठ तिराहा, बस स्टैंड, चौबे मार्केट और जंटपुरा समेत विभिन्न इलाकों का दौरा कर लोगों से सीधा संवाद किया। इस अभियान के दौरान उन्होंने रविदास मंदिर पहुंचकर संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। प्रवेश महान ने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी उन्हें चरखारी विधानसभा से टिकट देती है और जनता का आशीर्वाद मिलता है, तो क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने चिंता जताई कि वर्षों से इस क्षेत्र में विकास कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो पाए हैं, जिसके कारण स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दिल्ली, सूरत और गुजरात जैसे शहरों में पलायन करना पड़ता है। उन्होंने बुंदेलखंड में ही रोजगार के अवसर पैदा करने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और हर गांव-कस्बे तक विकास की योजनाएं पहुंचाने का संकल्प जताया। जनसंपर्क के इस मौके पर रोमी राजपूत, सिद्ध गोपाल राजपूत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जयसिंह महान, कमलेश राजपूत, अय्यूब कुरैशी (राष्ट्रीय सचिव, अल्पसंख्यक समाजवादी पार्टी), अरविंद मिश्रा, राजेश राजपूत, लल्लू नेता स्यौढ़ी, सुखदेव रैकवार, नवाजिश खान, सलमान मंसूरी (नगर अध्यक्ष), मुकीम (ब्लॉक अध्यक्ष), राजकुमार राजपूत, उपदेश लेखपाल (बुडेरा), ऋषि राजपूत, गुड्डा महाराज, राहुल महान और राजपूत भरवारा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता तथा समर्थक उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में अपराधियों पर नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की गई, जिसके तहत कुल 256 वाहनों का चालान काटा गया। इस विशेष अभियान के दौरान बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग करने, हेलमेट न पहनने और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। इस कार्रवाई के साथ ही जनपदीय पुलिस ने सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की है। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करने, इसे बढ़ावा देने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से यह अभियान जनपद में निरंतर जारी रहेगा।1
- उत्तर प्रदेश के महोबा में समदनगर स्थित एक पेट्रोल पंप के पास हुए जानलेवा हमले के मामले में एक नामजद आरोपी का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आरोपी पुलिस की मौजूदगी में बेहद बेखौफ अंदाज में कथित तौर पर यह कहता हुआ सुनाई दे रहा है, "मुझको कोई दुख नहीं है, फांसी भी हो जाए तो कोई दुख नहीं है।" पुलिस हिरासत में आरोपी का इस तरह बिना किसी डर के नजर आना हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए शहर कोतवाली पुलिस ने भाजपा नेता शिवप्रताप परमार और रोहित बेड़िया सहित दो नामजद व दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने नामजद आरोपी रोहित बेड़िया को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी शिवप्रताप परमार सहित अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उधर, इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए विक्की सिंह का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों को पकड़ने के प्रयास में जुटी है।1