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बेलहर विधायक मनोज यादव ने सम्राट चौधरी को एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने और बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है।
N.k.choudhary
बेलहर विधायक मनोज यादव ने सम्राट चौधरी को एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने और बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है।
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- Post by N.k.choudhary1
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- एम.के पब्लिक स्कूल परिसर स्थित वंदना स्थल पर विद्यालय के डायरेक्टर राजीव कुमार सिंह एवं प्रधानाचार्य निजात खान सहित अन्य शिक्षक, शिक्षिकाओं ने उनके तैल्य चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया और 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। इस मौके पर विद्यालय के डायरेक्टर राजीव कुमार सिंह ने अपने संबोधन में संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को महान राजनीतिज्ञ समाज से भी और पिछड़ी जाति के उत्थान के लिये कार्य करने वाला बताया। जबकि विद्यालय की प्रधानाचार्य निजात खान ने अपने संबोधन में उनके बारे में बताया कि बाबा साहब अपना स्पष्ट विचार रखते थे उनका मानना था कि मनुष्य का जीवन लंबा नहीं होकर महान होना चाहिए, लोगों के लिए उनका संदेश था कि अशिक्षित को शिक्षित करना लोगों को संगठित करना और खुद के अधिकारों के लिये आंदोलन करना था। और कहा कि बाबा साहब के जीवन काल में तीन गुरुओं को वह अपना आदर्श मानते थे महात्मा गौतम बुद्ध संत कबीर और महात्मा ज्योतिबा फुले बाई को मानते थे। उन्होंने बताया कि भगवान गौतम बुद्ध से उनके सर्वोच्च गुरु थे जिसे उन्होंने करोड़ों समानता और प्रज्ञा का पाठ सीखना उन्होंने कबीर के विचारों से प्रभावित होकर जाति-पाति का विरोध किया। जबकि महात्मा ज्योतिबाई फूल से मिले आदर्श को लेकर सामाजिक सुधार शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव और मानवतावाती कार्यों को लेकर आवाज बुलंद किया था। बताया गया कि 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के बहू में जन्मे बाबा साहब ने छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी थी शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए बताया गया कि शिक्षक हुए सबसे बड़ा हथियार मांगते थे समाज को संदेश देना चाहते थे कि समाज में लोगों को शिक्षित होना जरूरी है जरूरी है जिससे लोगों में समानता आ सके प्रधानाचार्य ने बताया कि देश स्वतंत्र होने के पूर्व हुए संविधान मसूदा समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे और उन्होंने एक ऐसे संविधान का निर्माण किया जो समानता स्वतंत्रता और न्याय सुनिश्चित करता है। इस मौके पर शिक्षिका रजनी कुमार, ब्यूटी कुमार, रेणु दत्त, आकांक्षा कुमारी, प्रियंका, नेहा शिक्षक सदानंद सिंह, उदय कुमार मौजूद रहें।1
- Post by MAHADEV DAS1
- Bihar Banka jila Gonda katoriya Hungama karonda Bhilai panchayat Dumka Patna1
- बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। तारापुर विधायक सम्राट चौधरी अब राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। खास बात यह है कि उनका बांका से पुराना और गहरा रिश्ता रहा है, जो आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है। साल उन्नीस सौ अट्ठानवे और उन्नीस सौ निन्यानवे में जब उनके पिता शकुनी चौधरी ने बांका लोकसभा चुनाव लड़ा था, तब सम्राट चौधरी ने चुनाव की पूरी कमान संभाली थी। उसी दौरान उन्होंने बांका के गांव-गांव और यहां की सियासत को करीब से समझा। उस समय राजद के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश गुप्ता चुनावी प्रबंधन में सक्रिय थे और उन्हें लालू प्रसाद यादव का करीबी भी माना जाता था। कार्यक्रमों में अक्सर दोनों साथ नजर आते थे। यही राजनीतिक और सामाजिक नेटवर्क आज भी सम्राट चौधरी के मजबूत कनेक्शन की वजह माना जा रहा है। घोषणा होते ही बांका में बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। गांधी चौक पर आतिशबाजी कर जश्न मनाया गया, वहीं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पटना के लिए रवाना हो रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का बांका से यह जुड़ाव विकास के नए रास्ते खोलता है या नहीं।1
- आस्था की अनोखी मिसाल: कमर में रथ की डोरी बांध दंडवत कर रहे शिव भक्त धार्मिक आस्था और अटूट विश्वास की एक अद्भुत मिसाल सामने आई है, जहां बेगूसराय जिला के ग्राम पंचवीर निवासी शिव भक्त रमेश अपनी धर्मपत्नी के साथ कठिन दंडवत यात्रा करते हुए चार धाम की ओर अग्रसर हैं। यह यात्रा 25 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 14 अप्रैल 2026 को तालझारी पहुंची है। शिव भक्त रमेश कमर में रथ की डोरी बांधकर दंडवत प्रणाम करते हुए यात्रा कर रहे हैं। उनकी इस कठिन तपस्या को देखकर लोग भाव-विभोर हो रहे हैं। रास्ते में श्रद्धालु उनके पैर छूकर आशीर्वाद ले रहे हैं और यथा संभव सहयोग भी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह यात्रा सुल्तानगंज, देवघर, बासुकीनाथ होते हुए तारापीठ की ओर जारी है। इस बीच शिव भक्त इच्छुक लोगों को दर्द निवारक तेल भी उपलब्ध करा रहे हैं, जिसके बदले लोग उन्हें स्वेच्छा से सहयोग राशि दे रहे हैं। भक्त रमेश का कहना है कि यह यात्रा वे जनकल्याण, समाज की सुख-शांति और समृद्धि की कामना से कर रहे हैं। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी भी हर कदम पर उनका साथ दे रही हैं। आज के समय में इस प्रकार की कठिन साधना और आस्था कम ही देखने को मिलती है। यह यात्रा लोगों के बीच श्रद्धा, विश्वास और भक्ति की एक अनूठी प्रेरणा बन रही है।1
- Post by N.k.choudhary1