योगीराज में सरकारी जमीन पर कब्जे की नीयत को नाकाम करते हुए हाथरस जनपद की सासनी तहसील स्थित टिकारी गांव में बाबा का बुलडोजर गरजा है। ग्राम टिकारी की गाटा संख्या 897, रकबा 61 एयर नवीन परती भूमि पर गांव के कुछ दबंग लोगों ने अवैध कब्जा करने के उद्देश्य से दीवार खड़ी कर दी थी। इसकी सूचना मिलते ही सासनी तहसील में कार्यरत तेज-तर्रार एसडीएम शिव प्रकाश यादव अपनी टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने रात्रि में ही कब्जा कर रहे नितिन कुमार पुत्र महावीर सिंह व उनके सहयोगियों को काम करने से रोक दिया और मामले की पूरी जांच कर कार्रवाई अमल में लाने के आदेश जारी किए। इसके अगले दिन प्रशासनिक टीम और राजस्व ग्राम टिकारी पर तैनात लेखपाल अरविंद कुमार भारी संख्या में पुलिस बल के साथ बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे। टीम ने अवैध कब्जे के दौरान खड़ी की गई दीवारों को बुलडोजर से तोड़कर तहस-नहस कर दिया और मलबे को हटाकर एक तरफ कराया। इसके साथ ही भू-माफियाओं पर उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
योगीराज में सरकारी जमीन पर कब्जे की नीयत को नाकाम करते हुए हाथरस जनपद की सासनी तहसील स्थित टिकारी गांव में बाबा का बुलडोजर गरजा है। ग्राम टिकारी की गाटा संख्या 897, रकबा 61 एयर नवीन परती भूमि पर गांव के कुछ दबंग लोगों ने अवैध कब्जा करने के उद्देश्य से दीवार खड़ी कर दी थी। इसकी सूचना मिलते ही सासनी तहसील में कार्यरत तेज-तर्रार एसडीएम शिव प्रकाश यादव अपनी टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने रात्रि में ही कब्जा कर रहे नितिन कुमार पुत्र महावीर सिंह व उनके सहयोगियों को काम करने से रोक दिया और मामले की पूरी जांच कर कार्रवाई अमल में लाने के आदेश जारी किए। इसके अगले दिन प्रशासनिक टीम और राजस्व ग्राम टिकारी पर तैनात लेखपाल अरविंद कुमार भारी संख्या में पुलिस बल के साथ बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे। टीम ने अवैध कब्जे के दौरान खड़ी की गई दीवारों को बुलडोजर से तोड़कर तहस-नहस कर दिया और मलबे को हटाकर एक तरफ कराया। इसके साथ ही भू-माफियाओं पर उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
- लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहाँ एलडीए ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के तहत कोचिंग संस्थान की इमारत पर बुलडोज़र चलाया जा रहा है।1
- हाथरस कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को एडीएम न्यायिक प्रकाश चंद्र की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सैनिक बंधु की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के पूर्व सैनिकों के साथ-साथ मथुरा से आए सेना के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में सेना के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याएं रखीं। बैठक में मुख्य रूप से सफाई व्यवस्था, कृषि भूमि की मेढ़ तोड़े जाने, अवैध कब्जों तथा शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं। एडीएम न्यायिक ने कहा कि देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिकों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ दो से तीन दिनों के भीतर निस्तारण कर इसकी सूचना पूर्व सैनिकों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगले माह होने वाली जिला सैनिक बंधु की बैठक में इन सभी शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के हाथरस में थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने ऑनलाइन गेमिंग, बैटिंग वेबसाइट्स और अन्य ऐप्स के माध्यम से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही उनके पास से बरामदगी भी की है। यह शातिर गिरोह फर्जी खाते खुलवाकर उनमें मोटी रकम डलवाता था और भोले-भाले लोगों के साथ साइबर फ्रॉड की घटनाओं को अंजाम देता था। आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में हाथरस पुलिस अधीक्षक (#SPHts) ने आधिकारिक बाइट जारी कर जानकारी साझा की है।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बेलगाम SOG और एसपी की खराब भाषाशैली को लेकर पत्रकारों का भारी आक्रोश फूट पड़ा है। बीते कल शाम चिनौर रोड पर बाइक से जा रहे टीवी चैनल के पत्रकारों, प्रभाकर मिश्रा और विशेक मिश्रा को SOG की टीम पकड़कर अपने साथ ले गई थी। कई घंटों तक पुलिस अधिकारियों ने मामले की कोई जानकारी मीडिया से साझा नहीं की। बाद में बमुश्किल जानकारी मिली कि पत्रकारों को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के काफिले में काले झंडे दिखाने का वीडियो वायरल करने के आरोप में उठाया गया था। जब पत्रकारों ने नाराजगी जताते हुए रिजर्व पुलिस लाइन स्थित SOG के इंटरोगेशन रूम में डेरा डाला, तो भारी विरोध और कोई भी साक्ष्य न होने के चलते SOG ने दोनों पत्रकारों को छोड़ दिया। इस पूरी कार्रवाई और पत्रकारों के पकड़े जाने पर जब एसपी से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने खराब भाषा शैली का प्रयोग किया। इसके विरोध में आज तमाम पत्रकार संगठनों ने प्रेस क्लब पर बैठक की और कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालते हुए उग्र नारेबाजी की। पत्रकारों ने विकास भवन के मीटिंग हॉल में जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जहां मंत्री की बैठक होनी थी। पत्रकारों ने दो टूक मांग रखी कि जब तक एसपी खुद आकर बात नहीं करेंगे, तब तक किसी को भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। पत्रकारों के लगातार बढ़ते आक्रोश को देखकर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और एसपी सौरभ दीक्षित विकास भवन के मीटिंग हॉल पहुंचे। इसके बाद कलेक्ट्रेट स्थित मीटिंग हॉल में एसपी और पत्रकारों के बीच कई घंटों तक वार्ता चली। बैकफुट पर आए एसपी सौरभ दीक्षित ने बयान दिया कि पत्रकारों के साथ जो भी घटना घटी, उसके लिए वे खुद जिम्मेदार हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि आगे से ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने दी जाएगी। वहीं, SOG प्रभारी और उनकी पूरी टीम को तत्काल सस्पेंड करने की मांग पर एसपी ने ज्ञापन की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- जंतर-मंतर पर आयोजित CJP के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा यह पोस्ट वहां की वास्तविक स्थिति और जमीनी सच्चाई को सामने लाता है।1
- हाथरस के सादाबाद में शनिवार को पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में निकाला जा रहा समाजवादी पार्टी का जुलूस उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब पुलिस ने इसे बीच रास्ते में रोक दिया। पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे सैकड़ों कार्यकर्ताओं की पुलिस और पीएसी के साथ तीखी नोकझोंक हुई और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की देखने को मिली। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच और पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। पूरे घटनाक्रम को देखते हुए प्रशासन द्वारा भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई थी। बाद में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा और पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई, जिसके साथ ही प्रदर्शन समाप्त हो गया।1