Shuru
Apke Nagar Ki App…
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहाँ एलडीए ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के तहत कोचिंग संस्थान की इमारत पर बुलडोज़र चलाया जा रहा है।
Star ToDay Samachar
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहाँ एलडीए ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के तहत कोचिंग संस्थान की इमारत पर बुलडोज़र चलाया जा रहा है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- एटा के मारहरा स्थित मोहल्ला कम्बू में झूलती हुई विद्युत लाइनों के कारण हादसों का लगातार डर बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर इस समस्या को लेकर शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित अफसर पूरी तरह बेखबर बने हुए हैं और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।1
- योगीराज में सरकारी जमीन पर कब्जे की नीयत को नाकाम करते हुए हाथरस जनपद की सासनी तहसील स्थित टिकारी गांव में बाबा का बुलडोजर गरजा है। ग्राम टिकारी की गाटा संख्या 897, रकबा 61 एयर नवीन परती भूमि पर गांव के कुछ दबंग लोगों ने अवैध कब्जा करने के उद्देश्य से दीवार खड़ी कर दी थी। इसकी सूचना मिलते ही सासनी तहसील में कार्यरत तेज-तर्रार एसडीएम शिव प्रकाश यादव अपनी टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने रात्रि में ही कब्जा कर रहे नितिन कुमार पुत्र महावीर सिंह व उनके सहयोगियों को काम करने से रोक दिया और मामले की पूरी जांच कर कार्रवाई अमल में लाने के आदेश जारी किए। इसके अगले दिन प्रशासनिक टीम और राजस्व ग्राम टिकारी पर तैनात लेखपाल अरविंद कुमार भारी संख्या में पुलिस बल के साथ बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे। टीम ने अवैध कब्जे के दौरान खड़ी की गई दीवारों को बुलडोजर से तोड़कर तहस-नहस कर दिया और मलबे को हटाकर एक तरफ कराया। इसके साथ ही भू-माफियाओं पर उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।1
- एटा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों और युवाओं की बड़ी जीत मानते हुए शहर कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को भव्य विजय दिवस मशाल जुलूस निकाला और मिष्ठान वितरण कर जश्न मनाया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित इस जुलूस का नेतृत्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनीत पाराशर बाल्मीकि और पूर्व कार्यवाहक जिला अध्यक्ष ठाकुर अनिल सोलंकी ने किया। यह जुलूस कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर जीटी रोड, परशुराम चौक और रोडवेज बस स्टैंड होता हुआ निकला, जहां कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक जयकारे लगाए। इस दौरान कांग्रेस कार्यालय पर छात्रों को मिठाइयां बांटकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं इस्पात मंत्रालय के पूर्व सदस्य विनीत पाराशर बाल्मीकि ने कहा कि छात्र आंदोलन ने शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया, जो लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई बर्बरता और राहुल गांधी जी की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की। वहीं पूर्व कार्यवाहक जिला अध्यक्ष ठाकुर अनिल सोलंकी ने कहा कि प्रियंका गांधी जी के साथ हुई धक्का-मुक्की और छात्रों के साथ अभद्रता का विरोध लगातार किया जा रहा था, और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सरकार के घुटने टेकने का प्रमाण है। इसके अलावा किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुनील गौतम एडवोकेट ने कहा कि छात्र आंदोलन के दबाव में सरकार को झुकना पड़ा है। इस अवसर पर अरुणेश गुप्ता, राधाकृष्ण गुप्ता, आदर्श मिश्रा डैनी, रणधीर सिंह दीपू एडवोकेट, तारा राजपूत, नीलमा राज, दिनेश यादव, नैना शर्मा, नेमा दिवाकर, ज्योति सोलंकी एडवोकेट, चंद्र कांत गांधी एडवोकेट, सुभाष सागर एडवोकेट, राजपाल वर्मा, सोहन लाल वर्मा, संजीव गुप्ता, आमिर अली, पुष्पेंद्र बघेल, जितेंद्र राजपूत, धर्मेंद्र लोधी, प्रियांशु राजपूत, रामरतन बाल्मीकि, पंकज गौतम, जितेंद्र राना, राजेश गुप्ता, आशीष राज, आनंद पाल बघेल, शिवगत उल्ला खा, खुशीराम दिवाकर, हरिओम शर्मा, हीरा पाराशर, धीरेंद्र सविता, राजकुमार दिवाकर, ओमबीर सिंह राजपूत, अमित पाराशर, गौरव पाराशर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से चल रहा प्रदर्शन सीजेपी (CJP) ने आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया है। सरकार के साथ हुई सकारात्मक बातचीत के बाद सीजेपी के प्रवक्ताओं ने 25 जुलाई 2026 को इस आंदोलन को वापस लेने का ऐलान किया। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास के अनुसार, सरकार के साथ हुई तीन दौर की बैठकों के बाद उनकी सभी मुख्य माँगें मान ली गई हैं। नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। सहमति के तहत नीट विवाद के कारण मानसिक तनाव से आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली और अन्य बीजेपी शासित राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) वापस ली जाएंगी।1
- उत्तर प्रदेश के हाथरस में 27 जुलाई को 'गौ सम्मान आवाहन अभियान' के तहत एक विशाल गौ सम्मान यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान अभियान के पदाधिकारियों द्वारा करीब 2 लाख हस्ताक्षरों के साथ राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। यह यात्रा सुबह 8 बजे श्री कृष्ण गौशाला से गौ पूजन और शंखनाद के साथ शुरू होगी। इसके बाद श्रद्धालु और गौ भक्त श्री कृष्ण गौशाला से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च करेंगे। इस अभियान की प्रमुख मांगों में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने, देशभर में गौवध निषेध के लिए केंद्रीय कानून बनाने और गौ सेवा मंत्रालय की स्थापना सहित 30 से अधिक मांगें शामिल हैं। अभियान के जिला मीडिया प्रभारी योगेश कुमार सिंह योगी ने जिले के सभी सनातनियों और गौ भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होने की अपील की है। प्रेस वार्ता के दौरान राहुल उपाध्याय, मदन मोहन, आशुतोष अग्रवाल, पंकज मित्तल, निशांत यादव और त्यागी बाबा सहित कई लोग मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय आगरा दौरे के दौरान फतेहाबाद रोड स्थित टाटा ग्राउंड से जनपद को ₹342.36 करोड़ की 53 विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने इन विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों का अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं की गोद भराई करवाकर उन्हें सुपोषण किट प्रदान की गई। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, टैबलेट, टूलकिट और अन्य सहायता सामग्री भी बांटी गई। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आगरा अब स्मार्ट सिटी के साथ-साथ सेफ सिटी के रूप में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आगरा में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर, अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र और कई बड़ी आधारभूत परियोजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की स्मृति में आगरा में 500 महिलाओं के लिए श्रमजीवी छात्रावास के निर्माण की भी घोषणा की।1
- दिल्ली को लेकर कड़ा ऐतराज जताते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या यही लोकतंत्र की पहचान है। सोशल मीडिया पर गहरा गुस्सा जाहिर करते हुए दिल्ली के इस रवैये को बेहद शर्मनाक करार दिया गया है।2