सहजनवां में चिकित्सा अधिकारी आवास का उद्घाटन, विधायक और ब्लॉक प्रमुख ने किया पौधारोपण सहजनवां में चिकित्सा अधिकारी आवास का उद्घाटन, विधायक और ब्लॉक प्रमुख ने किया पौधारोपण सहजनवा। सहजनवा तहसील क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरौली में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सहजनवां विधायक माननीय प्रदीप शुक्ला एवं ब्लॉक प्रमुख दिलीप यादव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए चिकित्सा अधिकारी आवास का उद्घाटन किया। उद्घाटन के पश्चात दोनों जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की कामना की। उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सकगण, कर्मचारी तथा स्थानीय नागरिकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया। सभी ने मिलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से जनसाधारण को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुंचाने के अपने संकल्प को दोहराया। डॉ. शिवानंद मिश्रा ने स्वास्थ्य केंद्र के विकास और चिकित्सकीय सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि चिकित्सा अधिकारी आवास का निर्माण चिकित्सकों व स्टाफ की सुविधा सुनिश्चित करेगा और स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता में सुधार लाएगा। विधायक प्रदीप शुक्ला ने कहा कि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। ब्लॉक प्रमुख दिलीप यादव ने भी स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण व समुदायिक भागीदारी पर बल दिया।
सहजनवां में चिकित्सा अधिकारी आवास का उद्घाटन, विधायक और ब्लॉक प्रमुख ने किया पौधारोपण सहजनवां में चिकित्सा अधिकारी आवास का उद्घाटन, विधायक और ब्लॉक प्रमुख ने किया पौधारोपण सहजनवा। सहजनवा तहसील क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरौली में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सहजनवां विधायक माननीय प्रदीप शुक्ला एवं ब्लॉक प्रमुख दिलीप यादव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए चिकित्सा अधिकारी आवास का उद्घाटन किया। उद्घाटन के पश्चात दोनों जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की कामना की। उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य विभाग के
अधिकारी, चिकित्सकगण, कर्मचारी तथा स्थानीय नागरिकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया। सभी ने मिलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से जनसाधारण को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुंचाने के अपने संकल्प को दोहराया। डॉ. शिवानंद मिश्रा ने स्वास्थ्य केंद्र के विकास और चिकित्सकीय सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि चिकित्सा अधिकारी आवास का निर्माण चिकित्सकों व स्टाफ की सुविधा सुनिश्चित करेगा और स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता में सुधार लाएगा। विधायक प्रदीप शुक्ला ने कहा कि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। ब्लॉक प्रमुख दिलीप यादव ने भी स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण व समुदायिक भागीदारी पर बल दिया।
- बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग सहजनवा, गोरखपुर। बहन-बेटियों और मासूम बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे हत्या एवं दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के विरोध में शनिवार को दलित शोषित कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सहजनवा में जनजागरण पैदल मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने इसमें भाग लेकर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। पैदल मार्च भीटी चौराहे से प्रारंभ होकर सहजनवा थाना होते हुए पूरे सहजनवा बाजार में निकाला गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर महिला सुरक्षा के समर्थन में नारे लगाए तथा लोगों को जागरूक किया। मार्च के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि बहन-बेटियों और बच्चों के साथ हत्या, दुष्कर्म तथा अन्य जघन्य अपराध करने वाले दोषियों को 90 दिनों के भीतर फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों में कानून का भय पैदा हो और भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सहजनवा, खजनी, चित्रकूट सहित देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार सामने आ रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई से ही समाज में न्याय का विश्वास मजबूत होगा। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने एक स्वर में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराधियों को शीघ्र एवं कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई।4
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- गोरखपुर की मासूम बेटी को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ता मैदान में.....1
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- पुलिस चौकी में "दिमाग मत खराब करो" सुनकर फूट पड़ा भाजपा के वरिष्ठ नेता का दर्द संत कबीर नगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र की मगर पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम बरी में खलिहान की जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष दयाराम कनौजिया का दर्द सबके सामने आ गया दयाराम कनौजिया, जो वर्ष 1988 से भाजपा से जुड़े हैं और 38 वर्षों तक संगठन की सेवा कर चुके हैं, ने आरोप लगाया कि पुलिस चौकी में उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि विपक्षी पक्ष को कुर्सी पर बैठाकर सम्मान दिया गया, जबकि उनसे कथित तौर पर कहा गया, "दिमाग मत खराब करो, नेतागिरी ज्यादा मत करो।" दयाराम कनौजिया ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने 38 वर्षों तक पार्टी की निष्ठापूर्वक सेवा की, लेकिन अपनी ही सरकार में उन्हें सम्मान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग की है।1
- नील गाय का बढ़ता आतंक, किसान परेशान निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। नेवास गोरखपुर। पाली क्षेत्र में नीलगायों का बढ़ता आतंक किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हासपार्टी, सजनापार, नेवास, गोविंदपुर, तिवरान, पनिका और इटार समेत कई गांवों में नीलगायों के झुंड खेतों में घुसकर धान और अन्य फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही रात होती है, नीलगायों के झुंड खेतों में पहुंच जाते हैं। फसल बचाने के लिए किसान टॉर्च, डंडे और शोर-शराबे के सहारे पूरी रात खेतों की निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। किसान विनोद, महेश, रामलखन, कन्हैया, गोविंद, कमल और बिनय कपूर सहित कई किसानों ने बताया कि नीलगायों के कारण आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि नीलगायों से फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी मेहनत बर्बाद होने से बच सके।1