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पुलिस चौकी में "दिमाग मत खराब करो" सुनकर फूट पड़ा भाजपा के वरिष्ठ नेता का दर्द संत कबीर नगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र की मगर पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम बरी में खलिहान की जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष दयाराम कनौजिया का दर्द सबके सामने आ गया दयाराम कनौजिया, जो वर्ष 1988 से भाजपा से जुड़े हैं और 38 वर्षों तक संगठन की सेवा कर चुके हैं, ने आरोप लगाया कि पुलिस चौकी में उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि विपक्षी पक्ष को कुर्सी पर बैठाकर सम्मान दिया गया, जबकि उनसे कथित तौर पर कहा गया, "दिमाग मत खराब करो, नेतागिरी ज्यादा मत करो।" दयाराम कनौजिया ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने 38 वर्षों तक पार्टी की निष्ठापूर्वक सेवा की, लेकिन अपनी ही सरकार में उन्हें सम्मान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग की है।

2 hrs ago
user_Vipin Rai Journalist
Vipin Rai Journalist
खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

पुलिस चौकी में "दिमाग मत खराब करो" सुनकर फूट पड़ा भाजपा के वरिष्ठ नेता का दर्द संत कबीर नगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र की मगर पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम बरी में खलिहान की जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष दयाराम कनौजिया का दर्द सबके सामने आ गया दयाराम कनौजिया, जो वर्ष 1988 से भाजपा से जुड़े हैं और 38 वर्षों तक संगठन की सेवा कर चुके हैं, ने आरोप लगाया कि पुलिस चौकी में उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि विपक्षी पक्ष को कुर्सी पर बैठाकर सम्मान दिया गया, जबकि उनसे कथित तौर पर कहा गया, "दिमाग मत खराब करो, नेतागिरी ज्यादा मत करो।" दयाराम कनौजिया ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने 38 वर्षों तक पार्टी की निष्ठापूर्वक सेवा की, लेकिन अपनी ही सरकार में उन्हें सम्मान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग की है।

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  • पुलिस चौकी में "दिमाग मत खराब करो" सुनकर फूट पड़ा भाजपा के वरिष्ठ नेता का दर्द संत कबीर नगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र की मगर पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम बरी में खलिहान की जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष दयाराम कनौजिया का दर्द सबके सामने आ गया दयाराम कनौजिया, जो वर्ष 1988 से भाजपा से जुड़े हैं और 38 वर्षों तक संगठन की सेवा कर चुके हैं, ने आरोप लगाया कि पुलिस चौकी में उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि विपक्षी पक्ष को कुर्सी पर बैठाकर सम्मान दिया गया, जबकि उनसे कथित तौर पर कहा गया, "दिमाग मत खराब करो, नेतागिरी ज्यादा मत करो।" दयाराम कनौजिया ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने 38 वर्षों तक पार्टी की निष्ठापूर्वक सेवा की, लेकिन अपनी ही सरकार में उन्हें सम्मान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग की है।
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    पुलिस चौकी में "दिमाग मत खराब करो" सुनकर फूट पड़ा भाजपा के वरिष्ठ नेता का दर्द

संत कबीर नगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र की मगर पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम बरी में खलिहान की जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष दयाराम कनौजिया का दर्द सबके सामने आ गया

दयाराम कनौजिया, जो वर्ष 1988 से भाजपा से जुड़े हैं और 38 वर्षों तक संगठन की सेवा कर चुके हैं, ने आरोप लगाया कि पुलिस चौकी में उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि विपक्षी पक्ष को कुर्सी पर बैठाकर सम्मान दिया गया, जबकि उनसे कथित तौर पर कहा गया, "दिमाग मत खराब करो, नेतागिरी ज्यादा मत करो।"

दयाराम कनौजिया ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने 38 वर्षों तक पार्टी की निष्ठापूर्वक सेवा की, लेकिन अपनी ही सरकार में उन्हें सम्मान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग की है।
    user_Vipin Rai Journalist
    Vipin Rai Journalist
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग सहजनवा, गोरखपुर। बहन-बेटियों और मासूम बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे हत्या एवं दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के विरोध में शनिवार को दलित शोषित कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सहजनवा में जनजागरण पैदल मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने इसमें भाग लेकर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। पैदल मार्च भीटी चौराहे से प्रारंभ होकर सहजनवा थाना होते हुए पूरे सहजनवा बाजार में निकाला गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर महिला सुरक्षा के समर्थन में नारे लगाए तथा लोगों को जागरूक किया। मार्च के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि बहन-बेटियों और बच्चों के साथ हत्या, दुष्कर्म तथा अन्य जघन्य अपराध करने वाले दोषियों को 90 दिनों के भीतर फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों में कानून का भय पैदा हो और भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सहजनवा, खजनी, चित्रकूट सहित देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार सामने आ रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई से ही समाज में न्याय का विश्वास मजबूत होगा। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने एक स्वर में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराधियों को शीघ्र एवं कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई।
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    बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग

बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग
सहजनवा, गोरखपुर।
बहन-बेटियों और मासूम बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे हत्या एवं दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के विरोध में शनिवार को दलित शोषित कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सहजनवा में जनजागरण पैदल मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने इसमें भाग लेकर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।
पैदल मार्च भीटी चौराहे से प्रारंभ होकर सहजनवा थाना होते हुए पूरे सहजनवा बाजार में निकाला गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर महिला सुरक्षा के समर्थन में नारे लगाए तथा लोगों को जागरूक किया।
मार्च के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि बहन-बेटियों और बच्चों के साथ हत्या, दुष्कर्म तथा अन्य जघन्य अपराध करने वाले दोषियों को 90 दिनों के भीतर फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों में कानून का भय पैदा हो और भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सहजनवा, खजनी, चित्रकूट सहित देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार सामने आ रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई से ही समाज में न्याय का विश्वास मजबूत होगा।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने एक स्वर में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराधियों को शीघ्र एवं कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई।
    user_सर्वेश कुमार शुक्ला
    सर्वेश कुमार शुक्ला
    सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल
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    सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल
    user_Vinay kumar giri
    Vinay kumar giri
    Reporter Vinay Kumar Giri सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • अगर आप ब्रांडेड कंपनी का देसी घी खरीदकर यह सोच रहे हैं कि वह पूरी तरह असली है,तो सावधान हो जाइए।गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है,जहां नामी कंपनियों के पैकेट में गुणवत्ता विहीन घी भरकर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था।छापेमारी में चार कुंतल से अधिक पैक घी बरामद हुआ है।चौरीचौरा कस्बे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्रांडेड देसी घी की नकली पैकिंग के अवैध कारोबार का खुलासा किया है।सूचना के आधार पर सहायक आयुक्त खाद्य डॉ.सुधीर कुमार के निर्देशन में टीम ने एक किराए के मकान पर छापा मारा, जहां छोटे और बड़े पाउच में नामी कंपनियों की पैकिंग में घटिया गुणवत्ता का घी भरा जा रहा था।छापेमारी के दौरान करीब चार कुंतल से अधिक पैक घी बरामद किया गया।जांच में यह भी सामने आया कि पैकिंग सामग्री दिल्ली से छपकर लाई जाती थी और स्थानीय स्तर पर घी भरकर उसे ब्रांडेड बताकर बाजार में बेचा जाता था।खाद्य विभाग के अनुसार प्रारंभिक जांच में घी में एसेंस मिलाने की भी पुष्टि हुई है। हालांकि अंतिम स्थिति प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। मौके से पांच नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।फिलहाल विभाग ने आपत्तिजनक सामग्री को जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी है।पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।खाद्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी मिलावटी या नकली खाद्य पदार्थों की जानकारी मिले तो तुरंत विभाग को सूचित करें। लोगों की सतर्कता और सहयोग से ही ऐसे मिलावटखोरों पर प्रभावी कार्रवाई संभव है। बाइट: डॉ. सुधीर कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य
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    अगर आप ब्रांडेड कंपनी का देसी घी खरीदकर यह सोच रहे हैं कि वह पूरी तरह असली है,तो सावधान हो जाइए।गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है,जहां नामी कंपनियों के पैकेट में गुणवत्ता विहीन घी भरकर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था।छापेमारी में चार कुंतल से अधिक पैक घी बरामद हुआ है।चौरीचौरा कस्बे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्रांडेड देसी घी की नकली पैकिंग के अवैध कारोबार का खुलासा किया है।सूचना के आधार पर सहायक आयुक्त खाद्य डॉ.सुधीर कुमार के निर्देशन में टीम ने एक किराए के मकान पर छापा मारा, जहां छोटे और बड़े पाउच में नामी कंपनियों की पैकिंग में घटिया गुणवत्ता का घी भरा जा रहा था।छापेमारी के दौरान करीब चार कुंतल से अधिक पैक घी बरामद किया गया।जांच में यह भी सामने आया कि पैकिंग सामग्री दिल्ली से छपकर लाई जाती थी और स्थानीय स्तर पर घी भरकर उसे ब्रांडेड बताकर बाजार में बेचा जाता था।खाद्य विभाग के अनुसार प्रारंभिक जांच में घी में एसेंस मिलाने की भी पुष्टि हुई है। हालांकि अंतिम स्थिति प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। मौके से पांच नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।फिलहाल विभाग ने आपत्तिजनक सामग्री को जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी है।पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।खाद्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी मिलावटी या नकली खाद्य पदार्थों की जानकारी मिले तो तुरंत विभाग को सूचित करें। लोगों की सतर्कता और सहयोग से ही ऐसे मिलावटखोरों पर प्रभावी कार्रवाई संभव है।
बाइट: डॉ. सुधीर कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य
    user_Amarjeet paswan
    Amarjeet paswan
    Local News Reporter Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • गोरखपुर जोन में लागू हुई ऑटोमैटिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम, आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पुलिस विभाग में ड्यूटी आवंटन की पारंपरिक प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। डीजी जोन मुथा अशोक जैन ने अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि ‘ऑटोमैटिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम’ को पूरे गोरखपुर जोन में लागू कर दिया गया है। इस नई प्रणाली के जरिए अब पुलिस कर्मियों की ड्यूटी सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्वतः निर्धारित होगी, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। डीजी ने बताया कि इस प्रणाली की शुरुआत जनपद बलरामपुर से हुई थी, जहां एसपी बलरामपुर विकास कुमार की तकनीकी पहल पर इसे प्रयोग के तौर पर लागू किया गया। वहां इसकी सफलता के बाद अब इसे पूरे जोन के सभी जनपदों में लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई पुलिसकर्मी अवकाश पर जाता है तो उसकी जानकारी सॉफ्टवेयर में अपडेट कर दी जाएगी, जिससे उसकी ड्यूटी स्वतः हट जाएगी। छुट्टी से लौटने के बाद संबंधित कर्मचारी की ड्यूटी फिर से सॉफ्टवेयर के माध्यम से लगनी शुरू हो जाएगी। इससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम होगा और ड्यूटी आवंटन में किसी प्रकार की गड़बड़ी या पक्षपात की संभावना समाप्त हो जाएगी।
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    गोरखपुर जोन में लागू हुई ऑटोमैटिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम, आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
पुलिस विभाग में ड्यूटी आवंटन की पारंपरिक प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। डीजी जोन मुथा अशोक जैन ने अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि ‘ऑटोमैटिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम’ को पूरे गोरखपुर जोन में लागू कर दिया गया है। इस नई प्रणाली के जरिए अब पुलिस कर्मियों की ड्यूटी सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्वतः निर्धारित होगी, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
डीजी ने बताया कि इस प्रणाली की शुरुआत जनपद बलरामपुर से हुई थी, जहां एसपी बलरामपुर विकास कुमार की तकनीकी पहल पर इसे प्रयोग के तौर पर लागू किया गया। वहां इसकी सफलता के बाद अब इसे पूरे जोन के सभी जनपदों में लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई व्यवस्था के तहत यदि कोई पुलिसकर्मी अवकाश पर जाता है तो उसकी जानकारी सॉफ्टवेयर में अपडेट कर दी जाएगी, जिससे उसकी ड्यूटी स्वतः हट जाएगी। छुट्टी से लौटने के बाद संबंधित कर्मचारी की ड्यूटी फिर से सॉफ्टवेयर के माध्यम से लगनी शुरू हो जाएगी। इससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम होगा और ड्यूटी आवंटन में किसी प्रकार की गड़बड़ी या पक्षपात की संभावना समाप्त हो जाएगी।
    user_अनूप शुक्ला
    अनूप शुक्ला
    Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • नील गाय का बढ़ता आतंक, किसान परेशान निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। नेवास गोरखपुर। पाली क्षेत्र में नीलगायों का बढ़ता आतंक किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हासपार्टी, सजनापार, नेवास, गोविंदपुर, तिवरान, पनिका और इटार समेत कई गांवों में नीलगायों के झुंड खेतों में घुसकर धान और अन्य फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही रात होती है, नीलगायों के झुंड खेतों में पहुंच जाते हैं। फसल बचाने के लिए किसान टॉर्च, डंडे और शोर-शराबे के सहारे पूरी रात खेतों की निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। किसान विनोद, महेश, रामलखन, कन्हैया, गोविंद, कमल और बिनय कपूर सहित कई किसानों ने बताया कि नीलगायों के कारण आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि नीलगायों से फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी मेहनत बर्बाद होने से बच सके।
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    नील गाय का बढ़ता आतंक, किसान परेशान निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है।

नेवास गोरखपुर। पाली क्षेत्र में नीलगायों का बढ़ता आतंक किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हासपार्टी, सजनापार, नेवास, गोविंदपुर, तिवरान, पनिका और इटार समेत कई गांवों में नीलगायों के झुंड खेतों में घुसकर धान और अन्य फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही रात होती है, नीलगायों के झुंड खेतों में पहुंच जाते हैं। फसल बचाने के लिए किसान टॉर्च, डंडे और शोर-शराबे के सहारे पूरी रात खेतों की निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है।
किसान विनोद, महेश, रामलखन, कन्हैया, गोविंद, कमल और बिनय कपूर सहित कई किसानों ने बताया कि नीलगायों के कारण आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि नीलगायों से फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी मेहनत बर्बाद होने से बच सके।
    user_उपेंद्र राज
    उपेंद्र राज
    सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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