लखीमपुर खीरी के भीरा स्थित मनमीतनगर महाविद्यालय में एक छात्र को मात्र 15 मिनट की देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। इस घटना से छात्र अर्पित शर्मा और उसके परिजनों में काफी निराशा और नाराजगी है। महाविद्यालय में इन दिनों परीक्षाएं चल रही हैं और अर्पित के बीकॉम के तीन पेपर बाकी थे। बुधवार को होने वाली परीक्षा के लिए अर्पित सुबह 8:45 बजे कॉलेज पहुंचा, जबकि परीक्षा का निर्धारित समय सुबह 9 बजे था। छात्र का आरोप है कि महाविद्यालय प्रबंधन ने उसे परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिया और बताया कि विद्यार्थियों को 8:30 बजे तक कॉलेज पहुंचना अनिवार्य है। अर्पित शर्मा ने बताया कि वह प्रतिदिन 8:30 बजे कॉलेज पहुंचता था, लेकिन बुधवार को बहन की अचानक तबीयत खराब होने के कारण उसे घर से निकलने में देरी हो गई, जिस वजह से वह 15 मिनट देर से पहुंचा। इसके बावजूद उसे परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया। जब छात्र के परिजन मामले की जानकारी लेने और प्रबंधन से बात करने महाविद्यालय पहुंचे, तो उनका आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने उनकी बात सुनना भी उचित नहीं समझा, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया। लोगों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों को विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, क्योंकि अतीत में ऐसे ही रवैये के कारण छात्रों द्वारा गलत कदम उठाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इतनी कम देरी के लिए परीक्षा से वंचित करना छात्र के शैक्षणिक भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। छात्र के परिजन महाविद्यालय प्रशासन से पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रबंधन का कहना है कि परीक्षा संबंधी निर्धारित नियमों का पालन सभी विद्यार्थियों के लिए समान रूप से किया जाता है।
लखीमपुर खीरी के भीरा स्थित मनमीतनगर महाविद्यालय में एक छात्र को मात्र 15 मिनट की देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। इस घटना से छात्र अर्पित शर्मा और उसके परिजनों में काफी निराशा और नाराजगी है। महाविद्यालय में इन दिनों परीक्षाएं चल रही हैं और अर्पित के बीकॉम के तीन पेपर बाकी थे। बुधवार को होने वाली परीक्षा के लिए अर्पित सुबह 8:45 बजे कॉलेज पहुंचा, जबकि परीक्षा का निर्धारित समय सुबह 9 बजे था। छात्र का आरोप है कि महाविद्यालय प्रबंधन ने उसे परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिया और बताया कि विद्यार्थियों को 8:30 बजे तक कॉलेज पहुंचना अनिवार्य है। अर्पित शर्मा ने बताया कि वह प्रतिदिन 8:30 बजे कॉलेज पहुंचता था, लेकिन बुधवार को बहन की अचानक तबीयत खराब होने के कारण उसे घर से निकलने में देरी हो गई, जिस वजह से वह
15 मिनट देर से पहुंचा। इसके बावजूद उसे परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया। जब छात्र के परिजन मामले की जानकारी लेने और प्रबंधन से बात करने महाविद्यालय पहुंचे, तो उनका आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने उनकी बात सुनना भी उचित नहीं समझा, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया। लोगों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों को विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, क्योंकि अतीत में ऐसे ही रवैये के कारण छात्रों द्वारा गलत कदम उठाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इतनी कम देरी के लिए परीक्षा से वंचित करना छात्र के शैक्षणिक भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। छात्र के परिजन महाविद्यालय प्रशासन से पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रबंधन का कहना है कि परीक्षा संबंधी निर्धारित नियमों का पालन सभी विद्यार्थियों के लिए समान रूप से किया जाता है।
- लखीमपुर खीरी के भीरा स्थित मनमीतनगर महाविद्यालय में एक छात्र को मात्र 15 मिनट की देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। इस घटना से छात्र अर्पित शर्मा और उसके परिजनों में काफी निराशा और नाराजगी है। महाविद्यालय में इन दिनों परीक्षाएं चल रही हैं और अर्पित के बीकॉम के तीन पेपर बाकी थे। बुधवार को होने वाली परीक्षा के लिए अर्पित सुबह 8:45 बजे कॉलेज पहुंचा, जबकि परीक्षा का निर्धारित समय सुबह 9 बजे था। छात्र का आरोप है कि महाविद्यालय प्रबंधन ने उसे परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिया और बताया कि विद्यार्थियों को 8:30 बजे तक कॉलेज पहुंचना अनिवार्य है। अर्पित शर्मा ने बताया कि वह प्रतिदिन 8:30 बजे कॉलेज पहुंचता था, लेकिन बुधवार को बहन की अचानक तबीयत खराब होने के कारण उसे घर से निकलने में देरी हो गई, जिस वजह से वह 15 मिनट देर से पहुंचा। इसके बावजूद उसे परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया। जब छात्र के परिजन मामले की जानकारी लेने और प्रबंधन से बात करने महाविद्यालय पहुंचे, तो उनका आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने उनकी बात सुनना भी उचित नहीं समझा, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया। लोगों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों को विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, क्योंकि अतीत में ऐसे ही रवैये के कारण छात्रों द्वारा गलत कदम उठाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इतनी कम देरी के लिए परीक्षा से वंचित करना छात्र के शैक्षणिक भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। छात्र के परिजन महाविद्यालय प्रशासन से पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रबंधन का कहना है कि परीक्षा संबंधी निर्धारित नियमों का पालन सभी विद्यार्थियों के लिए समान रूप से किया जाता है।2
- अर्जेंटीना ने अल्जीरिया को 3-0 से हराकर विश्व कप में एक शानदार जीत हासिल की, जहाँ फुटबॉल के महानायक लियोनेल मेसी ने पहली बार विश्व कप में हैट्रिक लगाकर इतिहास रच दिया। इस धमाकेदार प्रदर्शन के साथ, मेसी ने अपने विश्व कप गोलों की संख्या 13 से बढ़ाकर 16 कर दी है, जिससे उन्होंने जर्मनी के दिग्गज मिरोस्लाव क्लोज़े के विश्व कप में सर्वाधिक 16 गोल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। जहाँ क्लोज़े ने 2002 से 2014 के बीच 24 मैचों में 16 गोल किए थे, वहीं मेसी ने अपने 'जादुई खेल' से इस मुकाम को हासिल करते हुए इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अपना नाम और भी गहरा कर दिया है। अब पूरी दुनिया की निगाहें मेसी पर टिकी हैं, क्योंकि इस विश्व कप में जैसे ही वह एक और गोल करेंगे, वह विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन जाएंगे और मिरोस्लाव क्लोज़े का रिकॉर्ड पीछे छूट जाएगा। 36 वर्ष की उम्र के बाद भी, मेसी का जुनून, उनका विज़न और गोल करने की भूख करोड़ों प्रशंसकों को लगातार प्रेरित कर रही है। मैदान पर जब मेसी के कदम चलते हैं, तो रिकॉर्ड झुकते हैं और इतिहास बनता है। यह 'सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, एक युग है... नाम है लियोनेल मेसी!', जिन्होंने एक बार फिर अपना 'मेसी मैजिक' दिखाते हुए खुद को इतिहास के शिखर पर पहुँचा दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक धमकी मिली है। इस धमकी में उनसे स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उन्हें 10 दिनों के अंदर अपने पद से इस्तीफा देना होगा।1
- अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े आरोपों के बीच टिन्नू यादव की पत्नी पूनम ने अपने पति का बचाव किया है। उन्होंने इन आरोपों को अपने पति को बदनाम करने की साजिश बताया। पूनम ने स्पष्ट किया कि उनका मकान वर्ष 2015 में ही बन चुका था और उनके परिवार की पूरी संपत्ति पारदर्शी है। दूसरी ओर, टिन्नू यादव पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोप लगाए जा रहे हैं, साथ ही अयोध्या में करोड़ों रुपये की जमीन और संपत्ति होने की खबरें भी सामने आई हैं।1
- पलिया (खीरी) के मझगई वन रेंज क्षेत्र के खालेपुरवा में उस वक्त हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई, जब खेत में मजदूरी कर रही एक महिला पर बाघ ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। इस खूंखार हमले में गंभीर रूप से घायल हुई महिला को तुरंत पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका की पहचान कोकिला देवी के रूप में हुई है, जो अन्य ग्रामीणों के साथ खेत में मजदूरी करने गई थीं। तभी झाड़ियों में घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। कोकिला देवी के साथ काम कर रही अन्य महिला मजदूर ने बताया कि बाघ ने कोकिला पर हमला कर उन्हें दबोच लिया और जंगल की ओर खींचने लगा। ग्रामीणों ने हिम्मत न हारते हुए जोर-जोर से शोर मचाया, जिससे बाघ सहम कर कोकिला को गंभीर हालत में वहीं छोड़कर घने जंगल की ओर भाग निकला। बाघ के भागने के बाद लहूलुहान हालत में कोकिला देवी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम गईं। उनकी मौत की आधिकारिक सूचना खालेपुरवा गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम छा गया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है, क्योंकि उनके अनुसार इलाके में बाघ की मूवमेंट लगातार बनी हुई है, जिससे वे अपने ही खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और बाघ को जल्द से जल्द पकड़ने या पिंजरा लगाने की मांग की है।2
- लखीमपुर खीरी के मूल निवासी आदित्य वर्मा 'जलज' ने बॉलीवुड में कदम रखते हुए अपनी फिल्म "मैं भारत हूँ" का निर्माण शुरू कर दिया है। उनके निर्देशन में बन रही इस फिल्म की शूटिंग में बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता आदरणीय रजा मुराद जी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इसमें सहभागिता भी की। इस दौरान मुंबई से आईं अनेक हस्तियों ने भी शूटिंग में हिस्सा लिया। जनपद खीरी के फरधान-मन्योरा के मूल निवासी फिल्मकार आदित्य वर्मा 'जलज' जी ने आई.ए.एस. की सेवा छोड़कर फिल्म लाइन में प्रवेश किया है। उन्होंने वर्ष २००७ में 'उमराव जान' फेम मुज़फ़्फ़र अली जी के सानिध्य में भारतीय सिनेमा की दुनिया में पदार्पण किया था। उनकी यह यात्रा संघर्षों से भरी रही है। इस कठिन यात्रा में उनके पिताजी, धर्म पत्नी प्रियंका जी, फिल्म यूनिट के अभिषेक भारद्वाज जी, मोनिका श्रीवास्तव जी, सत्य प्रकाश सक्सेना जी, कोमल यादव जी और साक्षी जी ने उनका हर तरीके से साथ दिया है। मुंबई से सलीम खान जी, अंजनी श्रीवास्तव जी, सैफ़ अली जी और रंजन शाह जी ने भी काफी लंबे समय से जलज जी का साथ दिया है और आज भी उनके साथ हैं। वर्तमान में पूरे देश से जलज जी के साथ एक बड़ी यूनिट काम कर रही है। यह फिल्म "मैं भारत हूँ" गंगा जमुनी तहज़ीब पर आधारित एक खूबसूरत फिल्म है, जो २०२७ में रिलीज होगी। इस फिल्म में लखीमपुर से आर्येंद्र पाल सिंह, रश्मि खान और ध्रुव मिश्रा भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, डॉ. वी.बी. धुरिया जी, आर्येंद्र पाल जी, हनी महाजन जी, डॉ. अमीन जी, जी.एस. अरोरा जी, आशा यादव जी, दीपक पचोर जी, अमित बंगा जी, शेख शकील जी, सुनीत कुमार जी, तिलक वर्धन जी, विजय गुलाटी जी, विनीता वर्मा, मोनू मिश्रा, ध्रुव मिश्रा, अजय निगम, रश्मि राव जी, डी.पी. मिश्रा, गौरव अग्रवाल जी, परमजीत कौर जी, गिरजा शंकर अग्रवाल जी और पिंकी सिंह सहित कई अन्य विशिष्ट सहयोगी भी जलज जी के साथ हैं। "मैं भारत हूँ" के निर्माण के बाद "२०५० - ए वॉर फॉर वॉटर" नामक अगली फिल्म का भी निर्माण किया जाएगा।1
- राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और अयोध्या में करोड़ों रुपये की जमीन एवं संपत्ति होने के आरोपों का सामना कर रहे टिन्नू यादव का उनकी पत्नी पूनम ने बचाव किया है। पूनम ने दावा किया कि उनके पति को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकान वर्ष 2015 में ही बन चुका था और उनके परिवार की पूरी संपत्ति पारदर्शी है।1
- संजना को विशेष रूप से एक कहानी को बड़े ध्यान से सुनने का निर्देश दिया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि सुनाई जा रही यह कहानी किसी मेंढक से संबंधित नहीं है।1
- बेंगलुरु में एक तेज रफ्तार ट्रक ने पहले एक ट्रैक्टर को टक्कर मारी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक डिवाइडर पार कर गया और फिर सामने से आ रहे एक अन्य वाहन से जा टकराया। यह पूरा हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।1