एक ट्रेन यात्रा के दौरान एक सहयात्री ने बताया कि उनके बगल में बैठे यात्री ने पूरी पाँच घंटे की यात्रा के दौरान खाना खाया और बचा हुआ सारा कचरा अपनी सीट के नीचे फेंक दिया। यह तब हुआ जब कूड़ेदान ठीक बाहर ही उपलब्ध था, लेकिन यात्री ने उसका उपयोग नहीं किया। इस हरकत को देखकर सहयात्री का मन हुआ कि वह उस व्यक्ति को नागरिकता के तौर-तरीके सिखाए, लेकिन उन्होंने खुद को रोक लिया। उनके अनुसार, किसी अनजान व्यक्ति को नैतिकता सिखाने से ज़्यादा ज़रूरी खुद की सुरक्षित घर वापसी थी, क्योंकि उनके परिवार, लक्ष्य और भविष्य के लिए योजनाएँ हैं। सहयात्री ने इसे एक व्यावहारिक कदम बताया, यह मानते हुए कि पूरे देश को बदलना संभव नहीं है। उनका विचार है कि ऐसे लोगों से उलझने पर वे न तो अपनी गलती मानेंगे और न ही कुछ सीखेंगे, बल्कि वे झगड़ा शुरू कर सकते हैं और हिंसक भी हो सकते हैं। इस घटना ने सहयात्री को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि ऐसी 'सिविक सेंस' की कमी वाली हरकतें सामने आने पर खुद को 'भारतीय नागरिक' कहने में भी शर्म आएगी।
एक ट्रेन यात्रा के दौरान एक सहयात्री ने बताया कि उनके बगल में बैठे यात्री ने पूरी पाँच घंटे की यात्रा के दौरान खाना खाया और बचा हुआ सारा कचरा अपनी सीट के नीचे फेंक दिया। यह तब हुआ जब कूड़ेदान ठीक बाहर ही उपलब्ध था, लेकिन यात्री ने उसका उपयोग नहीं किया। इस हरकत को देखकर सहयात्री का मन हुआ कि वह उस व्यक्ति को नागरिकता के तौर-तरीके सिखाए, लेकिन उन्होंने खुद को रोक लिया। उनके अनुसार, किसी अनजान व्यक्ति को नैतिकता सिखाने से ज़्यादा ज़रूरी खुद की सुरक्षित घर वापसी थी, क्योंकि उनके परिवार, लक्ष्य और भविष्य के लिए योजनाएँ हैं। सहयात्री ने इसे एक व्यावहारिक कदम बताया, यह मानते हुए कि पूरे देश को बदलना संभव नहीं है। उनका विचार है कि ऐसे लोगों से उलझने पर वे न तो अपनी गलती मानेंगे और न ही कुछ सीखेंगे, बल्कि वे झगड़ा शुरू कर सकते हैं और हिंसक भी हो सकते हैं। इस घटना ने सहयात्री को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि ऐसी 'सिविक सेंस' की कमी वाली हरकतें सामने आने पर खुद को 'भारतीय नागरिक' कहने में भी शर्म आएगी।
- गाजियाबाद की मोदीनगर पुलिस ने रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पुलिस जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 15 जून 2026 को मेरठ निवासी मुकेश पुत्र धर्मवीर सिंह द्वारा मोदीनगर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत से संबंधित है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्रवीण पुनिया और उसके साथियों ने ग्राम रोरी स्थित मुकेश की खरीदी गई भूमि पर जाने वाले सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। उन्होंने मजदूरों के साथ अभद्रता की, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और रास्ते की सफाई के नाम पर पहले एक लाख रुपये वसूल लिए। इसके बाद, रास्ता खुलवाने के लिए 2.5 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की गई। पीड़ित की तहरीर के आधार पर, मोदीनगर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर एक पुलिस टीम का गठन किया गया। जांच और कार्रवाई के बाद, पुलिस ने शनिवार, 27 जून 2026 को वांछित आरोपी प्रवीण पुनिया पुत्र विजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। प्रवीण पुनिया ग्राम भोजपुर, थाना भोजपुर का निवासी है, जिसका वर्तमान पता मंगल विहार कॉलोनी, थाना मोदीनगर, गाजियाबाद है। पुलिस ने बताया है कि आरोपी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मोदीनगर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- उत्तर प्रदेश के हाथरस में अलीगढ़ रोड स्थित मंडी समिति में मजदूरों और आढ़तियों के बीच एक विवाद ने अचानक हिंसक झड़प का रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिससे पूरे मंडी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। इस संघर्ष में घायल हुए लोगों का उपचार कराया जा रहा है, वहीं विवाद के मूल कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।1
- गाजियाबाद के मोदीनगर थाना पुलिस ने ₹2.5 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम प्रवीण पुनिया है। पुलिस के अनुसार, 15 जून को मेरठ के एक कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। कारोबारी ने बताया था कि उन्होंने रौरी गांव में एक जमीन खरीदी है, जहाँ तक पहुँचने का सार्वजनिक रास्ता मंगल विहार कॉलोनी से होकर जाता है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कॉलोनी निवासी प्रवीण पुनिया और उसके साथियों ने जमीन पर काम कर रहे मजदूरों के साथ अभद्रता की, उन्हें जान से मारने की धमकी दी और रास्ता देने के नाम पर पहले एक लाख रुपये वसूल लिए। इसके बाद, उन्होंने रास्ता खुलवाने के लिए ₹2.5 करोड़ की रंगदारी की माँग की और रास्ते को भी अवरुद्ध कर दिया। इस मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद, पुलिस टीम ने शनिवार को आरोपी प्रवीण पुनिया को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने रंगदारी मांगने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है और वैधानिक कार्रवाई अमल में ला रही है।1
- गाजियाबाद में थाना सिहानी गेट की मिशन शक्ति टीम ने शनिवार को राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी के कम्युनिटी हॉल में नारी सशक्तिकरण एवं महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों, साइबर अपराध से बचाव के तरीकों, महिला सुरक्षा संबंधित कानूनों तथा केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में मिशन शक्ति प्रभारी खुशबू बालियान, उपनिरीक्षक त्रिवेणी, महिला कांस्टेबल प्रीति और महिला कांस्टेबल हिमांशी ने उपस्थित महिलाओं को 112, 1090, 181 और 1930 जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने साइबर ठगी से बचने के उपाय, डिजिटल सुरक्षा के महत्व, महिला सुरक्षा कानूनों और शासन की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान, महिलाओं को मिशन शक्ति अभियान, महिला सुरक्षा तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित जागरूकता पुस्तिकाएं भी वितरित की गईं, ताकि वे स्वयं लाभान्वित होने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी जागरूक कर सकें। टीम ने महिलाओं से यह भी अपील की कि किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न या साइबर अपराध की स्थिति में बिना किसी संकोच के तुरंत पुलिस से संपर्क करें। इस अवसर पर, मिशन शक्ति प्रभारी खुशबू ने इस बात पर जोर दिया कि “जागरूक महिला ही सुरक्षित समाज की आधारशिला है।” उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला के लिए अपने अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है, क्योंकि जागरूकता ही महिलाओं को आत्मविश्वासी और सशक्त बनाती है, साथ ही अपराधों की रोकथाम में सबसे प्रभावी माध्यम सिद्ध होती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस की महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए हर समय प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम के समापन पर, आरडब्ल्यूए गुलमोहर एनक्लेव की पूर्व अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्य रश्मि चौधरी ने थाना सिहानी गेट की मिशन शक्ति टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें कई ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं, जिनकी उन्हें पहले जानकारी नहीं थी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकारी हेल्पलाइन नंबर, साइबर अपराध से बचाव, महिला सुरक्षा और महिलाओं के अधिकारों से जुड़ी ये जानकारियां प्रत्येक महिला तक पहुंचनी चाहिए। रश्मि चौधरी ने मिशन शक्ति टीम द्वारा सभी विषयों को सरल और प्रभावी तरीके से समझाने की सराहना की और वितरित किए गए उपयोगी पंपलेट के लिए धन्यवाद दिया, जिससे भविष्य में भी इन जानकारियों का लाभ मिलता रहेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होते रहेंगे। कार्यक्रम में कवल चौधरी, सुमन अग्रवाल, मधु, कविता, अंजुला, नीरू, सीमा सहित दर्जनों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और दी गई जानकारी को अत्यंत उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।4
- एक ट्रेन यात्रा के दौरान एक सहयात्री ने बताया कि उनके बगल में बैठे यात्री ने पूरी पाँच घंटे की यात्रा के दौरान खाना खाया और बचा हुआ सारा कचरा अपनी सीट के नीचे फेंक दिया। यह तब हुआ जब कूड़ेदान ठीक बाहर ही उपलब्ध था, लेकिन यात्री ने उसका उपयोग नहीं किया। इस हरकत को देखकर सहयात्री का मन हुआ कि वह उस व्यक्ति को नागरिकता के तौर-तरीके सिखाए, लेकिन उन्होंने खुद को रोक लिया। उनके अनुसार, किसी अनजान व्यक्ति को नैतिकता सिखाने से ज़्यादा ज़रूरी खुद की सुरक्षित घर वापसी थी, क्योंकि उनके परिवार, लक्ष्य और भविष्य के लिए योजनाएँ हैं। सहयात्री ने इसे एक व्यावहारिक कदम बताया, यह मानते हुए कि पूरे देश को बदलना संभव नहीं है। उनका विचार है कि ऐसे लोगों से उलझने पर वे न तो अपनी गलती मानेंगे और न ही कुछ सीखेंगे, बल्कि वे झगड़ा शुरू कर सकते हैं और हिंसक भी हो सकते हैं। इस घटना ने सहयात्री को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि ऐसी 'सिविक सेंस' की कमी वाली हरकतें सामने आने पर खुद को 'भारतीय नागरिक' कहने में भी शर्म आएगी।1
- राजधानी लखनऊ में यूपी एसटीएफ को एक बड़ी सफलता मिली है। पीजीआई थाना क्षेत्र के चर्चित संदीप सिंह हत्याकांड के मुख्य शूटर और ₹1 लाख के इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। वह संदीप सिंह हत्याकांड में मुख्य शूटर के रूप में सामने आया था और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था। जानकारी के अनुसार, यूपी एसटीएफ और बदमाश संजय उर्फ संजीव के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान वह घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। संजय उर्फ संजीव पर हत्या सहित कई अन्य जघन्य अपराध दर्ज थे, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने ₹1 लाख का इनाम घोषित किया था। इस आरोपी की मौत के बाद अब पुलिस उसके अन्य साथियों और पूरे गैंग के नेटवर्क की जांच में जुट गई है।1