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हरियाणा के पलवल जिले में पत्रकारों का सांकेतिक धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा, जहां प्रदर्शनकारियों ने लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित होकर अपना विरोध जताया। पत्रकारों के इस प्रदर्शन को देखते हुए गांव रक्षा दल के सदस्यों और कई अन्य समाजसेवी सदस्यों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर अपने विचार रखे। इसके साथ ही, प्रशासन के खिलाफ इस आंदोलन को आगे और ज्यादा तेज करने की तैयारी पूरी तरह से शुरू कर दी गई है।
PARVEEN KUMAR
हरियाणा के पलवल जिले में पत्रकारों का सांकेतिक धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा, जहां प्रदर्शनकारियों ने लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित होकर अपना विरोध जताया। पत्रकारों के इस प्रदर्शन को देखते हुए गांव रक्षा दल के सदस्यों और कई अन्य समाजसेवी सदस्यों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर अपने विचार रखे। इसके साथ ही, प्रशासन के खिलाफ इस आंदोलन को आगे और ज्यादा तेज करने की तैयारी पूरी तरह से शुरू कर दी गई है।
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- हरियाणा के पलवल जिले में पत्रकारों का सांकेतिक धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा, जहां प्रदर्शनकारियों ने लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित होकर अपना विरोध जताया। पत्रकारों के इस प्रदर्शन को देखते हुए गांव रक्षा दल के सदस्यों और कई अन्य समाजसेवी सदस्यों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर अपने विचार रखे। इसके साथ ही, प्रशासन के खिलाफ इस आंदोलन को आगे और ज्यादा तेज करने की तैयारी पूरी तरह से शुरू कर दी गई है।1
- हरियाणा में भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम का संशोधित शेड्यूल जारी किया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, पलवल सहित पूरे राज्य में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा अब 24 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य जारी रहेगा। इसी तारीख तक मतदान केंद्रों के युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्था का कार्य भी पूरा किया जाएगा। इसके बाद, मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन 31 जुलाई 2026 को होगा, जिसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इन दावों और आपत्तियों का निस्तारण 31 जुलाई से 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 3 अक्टूबर 2026 को होगा। बीएलओ राजेंद्र सिंह ने इस विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 कार्य के बारे में बात करते हुए कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध, त्रुटिरहित एवं सटीक होना लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। उन्होंने आह्वान किया कि जिन मतदाताओं को नाम जोड़ना, हटाना या संशोधन कराना है, वे निर्धारित समय में अपने दावे और आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं। उन्होंने पात्र नागरिकों से मतदाता गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ के पास जमा करवाने की अपील की है, ताकि प्रत्येक प्रपत्र का समयबद्ध संग्रहण, डिजिटलाइजेशन और पोर्टल पर अपलोड कर पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जा सकें। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तारीखें बढ़ाने के इस फैसले का मतदाताओं ने स्वागत किया है और इसे एक सराहनीय पहल बताया है। मतदाताओं का कहना है कि जो लोग पहले अपने फॉर्म भरकर जमा नहीं करा पाए थे, उन्हें अब एक और अवसर मिल गया है, जिससे सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जुड़ सकेंगे और मृत व्यक्तियों के नाम सूची से हटाए जा सकेंगे।2
- हरियाणा के गुरुग्राम में दिल्ली रोड स्थित सेक्टर 17/18 पॉइंट पर ट्रैफिक डायवर्ट किए जाने के बाद से लोगों को घंटों लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर 17/18 डिवाइडर रोड दिल्ली रोड टी-पॉइंट की रेड लाइट को बंद करके ट्रैफिक को लेफ्ट साइड में डायवर्ट किया गया है, जिसके बाद वाहन चालकों को आगे से यू-टर्न लेकर वापस दिल्ली रोड कटारिया चौक की तरफ आना पड़ता है। इस डायवर्जन के कारण विशेषकर शाम के समय घंटों तक बेहद लंबा जाम लग जाता है जिससे आम जनता बेहद परेशान है। प्रशासन से मांग की गई है कि इस डायवर्ट किए गए रास्ते को सीधा खोलकर चलाया जाए ताकि लोगों को इस भीषण जाम में न फंसना पड़े।1
- हरियाणा के फरीदाबाद निवासी डॉक्टर केके गोयल और उनकी पत्नी डॉक्टर पारुल गोयल टी-सीरीज़ के नए रोमांटिक हिंदी वीडियो गीत "तिस्नगी" में नजर आ रहे हैं। इस सफर में खास बात यह रही कि डॉक्टर केके गोयल ने अपना 40 से 45 किलो वजन घटाकर अपने जीवन में एक बड़ा बदलाव किया है। अपनी शानदार फिटनेस के साथ अब वे म्यूजिक इंडस्ट्री में भी अपनी एक नई पहचान बना रहे हैं।1
- हरियाणा के पलवल में सांकेतिक धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। इस प्रदर्शन में कई समाजसेवी संस्थाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके साथ ही, जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ता साथियों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर पत्रकारों का सहयोग किया।1
- मथुरा के प्रसिद्ध राधा रानी मंदिर में मर्यादा को ताक पर रखकर जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति की जगह लात-घूंसे और झाड़ू चले, जिससे वहाँ का माहौल बेहद खराब हो गया। दूर-दराज से बड़ी श्रद्धा के साथ दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने इस पवित्र सार्वजनिक स्थल पर सरेआम अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इस तरह के स्थान पर मारपीट की यह घटना बेहद गलत है, जिसकी वजह से आम जनता खामख्वाह बदनाम होती है। अगर मंदिर परिसर में ऐसे ही झगड़े लगातार होते रहे, तो शरीफ लोग मंदिर आना ही बंद कर देंगे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि लोग मंदिर में भगवान के दर्शन करने जाते हैं या फिर सिर्फ झगड़ा करने?1