जेवली में मूंह-खुर बीमारी का कहर: दो किसानों के चार पशुओं की मौत, गांव में दहशत चरखी दादरी बाढ़डा:- एक किसान के तीन, दूसरे के एक पशु की 24 घंटों में मौत — 80 से अधिक पशु बीमार, मुआवजे व मेडिकल टीम की मांग बाढ़डा विधानसभा क्षेत्र के गांव जेवली में मूंह-खुर बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया है। पिछले 24 घंटों में दो किसानों के कुल चार पशुओं की मौत हो गई। इनमें किसान विरेंद्र की तीन भैंसें तथा एक अन्य किसान का एक पशु शामिल है। इस घटना से पूरे गांव में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में 80 से अधिक पशु बीमारी की चपेट में हैं। पशुओं के मुंह में छाले, खुरों में घाव और तेज बुखार के लक्षण देखे जा रहे हैं। पशु चारा छोड़ रहे हैं, जिससे दूध उत्पादन पर भी असर पड़ा है और पशुपालकों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है। छोटे किसान पूरी तरह पशुपालन पर निर्भर हैं। जिन पशुओं के सहारे घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतें पूरी होती थीं, उनके असमय चले जाने से परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि “पशु ही किसान की असली पूंजी हैं, इनके बिना घर चलाना मुश्किल है।” गांव में हुई बैठक में ग्रामीण विकास, अशोक, दलीप सिंह, भूप सिंह, पप्पू किसान, राजकुमार, हवा सिंह, जयसिंह सहित अनेक किसान व ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन से मांग की कि तुरंत पशु चिकित्सकों की टीम गांव में भेजी जाए, बीमार पशुओं का उपचार किया जाए और मृत पशुओं के नुकसान की उचित भरपाई (मुआवजा) दी जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है। अब पूरा गांव प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और राहत की प्रतीक्षा कर रहा है।
जेवली में मूंह-खुर बीमारी का कहर: दो किसानों के चार पशुओं की मौत, गांव में दहशत चरखी दादरी बाढ़डा:- एक किसान के तीन, दूसरे के एक पशु की 24 घंटों में मौत — 80 से अधिक पशु बीमार, मुआवजे व मेडिकल टीम की मांग बाढ़डा विधानसभा क्षेत्र के गांव जेवली में मूंह-खुर बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया है। पिछले 24 घंटों में दो किसानों के कुल चार पशुओं की मौत हो गई। इनमें किसान विरेंद्र की तीन भैंसें तथा एक अन्य किसान का एक पशु शामिल है। इस घटना से पूरे गांव में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में 80 से अधिक पशु बीमारी की चपेट में हैं। पशुओं के मुंह में छाले, खुरों में घाव और तेज बुखार के लक्षण देखे जा रहे हैं। पशु चारा छोड़ रहे हैं, जिससे दूध उत्पादन पर भी असर पड़ा है और पशुपालकों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है। छोटे किसान पूरी तरह पशुपालन पर निर्भर हैं। जिन पशुओं के सहारे घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतें पूरी होती थीं, उनके असमय चले जाने से परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि “पशु ही किसान की असली पूंजी हैं, इनके बिना घर चलाना मुश्किल है।” गांव में हुई बैठक में ग्रामीण विकास, अशोक, दलीप सिंह, भूप सिंह, पप्पू किसान, राजकुमार, हवा सिंह, जयसिंह सहित अनेक किसान व ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन से मांग की कि तुरंत पशु चिकित्सकों की टीम गांव में भेजी जाए, बीमार पशुओं का उपचार किया जाए और मृत पशुओं के नुकसान की उचित भरपाई (मुआवजा) दी जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है। अब पूरा गांव प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और राहत की प्रतीक्षा कर रहा है।
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- कलानौर में होली का त्यौहार सोमवार को बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया ।1
- #होली की हार्दिक शुभकामनायें #पानी है अनमोल इसे बचाते #एडवोकेट अजय सम्भरवल प्रलादगढ़1
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- Post by Bhajan Lal1
- हरियाणा बजट में चरखी दादरी को बड़ी सौगात, विकास की नई राह खुलेगी : सुनील सांगवान चरखी दादरी। दादरी के विधायक सुनील सांगवान ने हरियाणा बजट में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा चरखी दादरी जिला के लिए की गई विकास घोषणाओं का स्वागत करते हुए इसे जिले के समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। विधायक ने कहा कि बजट में शामिल योजनाएं न केवल आधारभूत ढांचे को मजबूत करेंगी, बल्कि रोजगार, कृषि, स्वास्थ्य, खेल और परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर पैदा करेंगी।1