दर्दनाक हादसा, बेटे ने एक ही हादसे में खोए मां, बाप और दादी IGMC से दवाई लेकर घर लौट रहा था परिवार घंडल-सोलह मील के पास HRTC बस से टकराई कार शिमला। राजधानी शिमला के घणाहट्टी क्षेत्र में गुरुवार को करीब 3 बजे हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार को जिंदगी भर का गम दे दिया। घंडल-सोलह मील के पास कार की HRTC बस से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार बेटे ने अपनी मां, पिता और दादी को खो दिया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवक घायल बताया जा रहा है और उसे उपचार के लिए IGMC अस्पताल पहुंचाया गया है। बताया जा रहा है कि परिवार सुबह इलाज के लिए IGMC अस्पताल पहुंचा था। दवाई लेने के बाद सभी कार में सवार होकर वापस घणागुघाट लौट रहे थे। इसी दौरान घंडल-सोलह मील के पास उनकी कार HRTC बस की चपेट में आ गई। कार में दो महिलाएं और दो पुरुष सवार थे। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मृतक और घायल फांजी गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा ओवरस्पीड और पास लेने के दौरान हुआ। हालांकि हादसे में किसकी गलती थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। एक ही हादसे में मां, बाप और दादी को खोने के बाद घायल बेटे पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
दर्दनाक हादसा, बेटे ने एक ही हादसे में खोए मां, बाप और दादी IGMC से दवाई लेकर घर लौट रहा था परिवार घंडल-सोलह मील के पास HRTC बस से टकराई कार शिमला। राजधानी शिमला के घणाहट्टी क्षेत्र में गुरुवार को करीब 3 बजे हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार को जिंदगी भर का गम दे दिया। घंडल-सोलह मील के पास कार की HRTC बस से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार बेटे ने अपनी मां, पिता और दादी को खो दिया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवक घायल बताया जा रहा है और उसे उपचार के लिए IGMC अस्पताल पहुंचाया गया है। बताया जा रहा है कि परिवार सुबह इलाज के लिए IGMC अस्पताल पहुंचा था। दवाई लेने के
बाद सभी कार में सवार होकर वापस घणागुघाट लौट रहे थे। इसी दौरान घंडल-सोलह मील के पास उनकी कार HRTC बस की चपेट में आ गई। कार में दो महिलाएं और दो पुरुष सवार थे। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मृतक और घायल फांजी गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा ओवरस्पीड और पास लेने के दौरान हुआ। हालांकि हादसे में किसकी गलती थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। एक ही हादसे में मां, बाप और दादी को खोने के बाद घायल बेटे पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
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- #Dknewsnalagarh😡माजरा की जनता को जानबूझकर इग्नोर क्यों किया जा रहा है? आखिर किसका दबाव है?👈 #Dknewsnalagarh😡माजरा की जनता को जानबूझकर इग्नोर क्यों किया जा रहा है? आखिर किसका दबाव है?👈 एक तरफ हमारे माननीय विधायक बाबा हरदीप सिंह जी मुख्यमंत्री के द्वारा जो योजना अपना परिवार सुखी परिवार का प्रचार गांव-टू-गांव जाकर कर रहे हैं, लेकिन उनके नजदीक ही गांव माजरा के जो परिवार हैं, वो सभी परिवार, पूरा ही गांव दुखी है। और दुखी किन कारणवश है? शिवालिक सॉलिड वेस्ट कचरा प्लांट की वजह से। क्योंकि वहां का पानी प्रदूषित हो चुका है, हवा प्रदूषित हो चुकी है और जनता को गंभीर से गंभीर बीमारियां लग रही हैं। माजरा गांव के जो लोग हैं, आज बद्दी पहुंचकर उन्होंने प्रदूषण बोर्ड से जानकारी मांगी, लेकिन प्रदूषण बोर्ड की तरफ से उनको कोई भी जानकारी नहीं दी गई। जबकि उनको डीसी के ऑर्डर हुए थे। उन्होंने डीसी के ऑर्डर को भी अनफॉलो कर दिया। तो आप सोच सकते हैं कि जब उन लोगों ने डीसी के ऑर्डर को ही अनफॉलो कर दिया, तो आप लोगों की क्या कीमत है, क्या वैल्यू है? जब रैली निकाली गई थी, तो एसडीएम की तरफ से बयान दिए गए थे कि आप लोगों की बैठक करवाई जाएगी, आप लोगों का सॉल्यूशन निकाला जाएगा। लेकिन वो भी जो आश्वासन था, झूठा ही साबित हुआ। ग्राउंड लेवल पर बिल्कुल कोई भी मीटिंग नहीं हुई और माजरा गांव की जनता धक्के ही खा रही है, चक्कर पर चक्कर प्रशासन के लगा रही है और प्रशासन की तरफ से उनको कोई भी जानकारी नहीं दी जा रही। तो एक तरफ हमारे माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू विधानसभा में ये चीजें, योजनाएं और भाषण देते हैं और योजनाएं लागू करते हैं कि अपना परिवार सुखी परिवार, पर इस परिवार को, इस गांव को इग्नोर क्यों किया जाता है? तो इव परिवारो को, इन गांवों की जनता इग्नोर क्यों किया जा रहा है? क्या इन परिवार के मेंबरों की कोई कीमत नहीं? क्या उनकी जिंदगी की कोई वैल्यू नहीं? क्योंकि वो परिवार गंभीर से गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो चुका है। तो ये सोचने वाली बात है। एक घोषणा करने से हम योजनाएं गांव-टू-गांव जाकर उसका प्रचार करते हैं, उसके लाभ बताते हैं, लेकिन एक तरफ ये भी है कि हमारे गांव माजरा के जो लोग हैं, वो बहुत ज्यादा दुखी हैं। प्रशासन से भी दुखी हैं, सरकार से भी दुखी हैं और वो कंपनी जो है, शिवालिक सॉलिड वेस्ट कचरा प्लांट, उससे भी दुखी है। क्योंकि वहां का पानी पीने लायक ही नहीं बचा है। आज हमारी जनता, माजरा गांव की जनता, प्रदूषण बोर्ड बद्दी पहुंची,। लेकिन प्रदूषण बोर्ड बद्दी के अधिकारियों ने उनसे बात तक नहीं की। पहले प्रदूषण बोर्ड बद्दी उनको जानकारी देने के लिए मान गया था, लेकिन बाद में जब माजरा गांव की जनता उनसे जानकारी लेने के लिए बद्दी पहुंची, तब प्रदूषण बोर्ड बद्दी ने उनको जानकारी नहीं दी। तो ये जो है आश्वासन, तारीख पर तारीख और लगातार चार-पांच महीने से माजरा गांव का संघर्ष जारी है, लेकिन उनका कोई भी सॉल्यूशन नहीं निकला। और जब वहां इन लोगों ने कंपनी के गेट पर धरना लगाया था, तो वहां मौके पर बाबा हरदीप सिंह जी, जो वर्तमान के एमएलए हैं, और एसडीएम भी वहां पहुंचे थे। बड़ी मुश्किल से वो पंद्रह-बीस मिनट रुके होंगे, क्योंकि इतनी वहां बदबू है, इतनी गंदगी है, क्योंकि उसकी बदबू से उनको चक्कर आने स्टार्ट हो गए थे। लेकिन वो पंद्रह-बीस मिनट से ज्यादा नहीं रुके। क्योंकि जो पंद्रह-बीस मिनट भी वहां नहीं रुक पाए, जो लोग इतनी देर से उस बदबू को, उस पानी को पी रहे हैं, तो उन लोगों का क्या हाल होगा? सरकार को सोचना चाहिए, प्रशासन को सोचना चाहिए कि गांव माजरा के लोगों को सही जानकारी दे। इनके साथ, इनकी सेहत के साथ क्यों खिलवाड़ किया जा रहा है? क्या इनकी जिंदगी की कोई कीमत नहीं? क्या इनको कीड़े-मकोड़े समझा जा रहा है? क्या इनकी कोई वैल्यू नहीं? एक तरफ घोषणाएं होती हैं अपना परिवार सुखी परिवार, दूसरी तरफ जो है हमारा अपना परिवार दुखी हो रहा है। गांव माजरा की जनता दुखी हो रही है। तो इसका सॉल्यूशन कब निकलेगा? एक दिन ये गांव पूरे का पूरा खाली हो जाएगा। क्या सरकार जनता को मरते हुए देखना चाहती है? क्या सरकार जनता को तड़पते हुए देखना चाहती है? तो इसके पीछे क्या वजह है? क्या प्रशासन पे सरकार का दबाव है? या प्रशासन पे उच्च अधिकारियों का दबाव है? उनको सही जानकारी क्यों नहीं दी जा रही? ये भी सबसे बड़ा सवाल है। तो सच के साथ, सच के साथ, मैं शम्मी राजपूत, डीके न्यूज़ नालागढ़, हिमाचल प्रदेश।1
- शामती बाईपास पर मौत को छूकर लौटा चालक, चलती कार पर गिरा भारी पत्थर, टला बड़ा हादसा। शामती बाईपास पर मौत को छूकर लौटा चालक, चलती कार पर गिरा भारी पत्थर, टला बड़ा हादसा।1
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