*नहर में बहता मिला गांजा, तस्करी का नया तरीका उजागर* *नशे के सौदागरों की एक नई तरकीब* *नहर में बहता मिला गांजा, तस्करी का नया तरीका उजागर* *नशे के सौदागरों की एक नई तरकीब* राजिम /गरियाबंद।अतरमरा नहर में तैरते हुए गांजे के पैकेट मिलने के मामले में अब कई नए पहलू सामने आ रहे हैं। पुलिस ने मौके से 17 पैकेट में करीब 36 किलो गांजा बरामद किया है, वहीं ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने नहर में कुल 18 पैकेट बहते हुए देखे थे। बताया जा रहा है कि घटना की सूचना समय पर मिलने के बावजूद पाण्डुका पुलिस के देर से मौके पर पहुंचने के कारण एक पैकेट गायब हो गया। इसको लेकर स्थानीय स्तर पर सवालउठने लगे हैं और मामले की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पहुंचने से पहले कुछ अज्ञात लोग मौके पर पहुंचे और बहते पैकेटों में से कुछ को निकालकर ले गए। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, प्रारंभिक जांच में अंदेशा है कि सख्त चेकिंग और नाकेबंदी के दबाव में तस्करों ने गांजा नहर में फेंक दिया और फरार हो गए। फिलहाल पुलिस ने बरामद गांजे को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और अज्ञात तस्करों की तलाश में जांच जारी है। *दूर-दूर तक फैल रहा नशे का जाल* अतरमरा बना गांजा का हब, गांव से जिले के अतरमरा गांव में अवैध गांजा कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है। ग्रामीणों के अनुसार यहां से बड़ी मात्रा में गांजा आसपास ही नहीं बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों तक सप्लाई किया जा रहा है। गांव का नाम अब नशे के इस काले कारोबार के कारण चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से यहां गांजा की तस्करी का काम जारी है, लेकिन इस पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। आश्रमेनुमा घने जंगलों के बीच छिपकर गांजा की तस्करी होने का अंदेशा है, जिससे प्रशासन की नजर से बचने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इस अवैध कारोबार के चलते गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है और युवा पीढ़ी भी इसकी चपेट में आ रही है।
*नहर में बहता मिला गांजा, तस्करी का नया तरीका उजागर* *नशे के सौदागरों की एक नई तरकीब* *नहर में बहता मिला गांजा, तस्करी का नया तरीका उजागर* *नशे के सौदागरों की एक नई तरकीब* राजिम /गरियाबंद।अतरमरा नहर में तैरते हुए गांजे के पैकेट मिलने के मामले में अब कई नए पहलू सामने आ रहे हैं। पुलिस ने मौके से 17 पैकेट में करीब 36 किलो गांजा बरामद किया है, वहीं ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने नहर में कुल 18 पैकेट बहते हुए देखे थे। बताया जा रहा है कि घटना की सूचना समय पर मिलने के बावजूद पाण्डुका पुलिस के देर से मौके पर पहुंचने के कारण एक पैकेट गायब हो गया। इसको लेकर स्थानीय स्तर पर सवालउठने लगे हैं और मामले की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पहुंचने से पहले कुछ अज्ञात लोग मौके पर पहुंचे और बहते पैकेटों में से कुछ को निकालकर ले गए। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, प्रारंभिक जांच में अंदेशा है कि सख्त चेकिंग और नाकेबंदी के दबाव में तस्करों ने गांजा नहर
में फेंक दिया और फरार हो गए। फिलहाल पुलिस ने बरामद गांजे को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और अज्ञात तस्करों की तलाश में जांच जारी है। *दूर-दूर तक फैल रहा नशे का जाल* अतरमरा बना गांजा का हब, गांव से जिले के अतरमरा गांव में अवैध गांजा कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है। ग्रामीणों के अनुसार यहां से बड़ी मात्रा में गांजा आसपास ही नहीं बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों तक सप्लाई किया जा रहा है। गांव का नाम अब नशे के इस काले कारोबार के कारण चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से यहां गांजा की तस्करी का काम जारी है, लेकिन इस पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। आश्रमेनुमा घने जंगलों के बीच छिपकर गांजा की तस्करी होने का अंदेशा है, जिससे प्रशासन की नजर से बचने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इस अवैध कारोबार के चलते गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है और युवा पीढ़ी भी इसकी चपेट में आ रही है।
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- *पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के द्वारा निरीक्षण के दौरान रक्षित केंद्र प्रभारी एवं अधीनस्थ शाखा प्रभारियों को दिया गया आवश्यक निर्देश।* अभिनव पहल कवर्धा। जिला कबीरधाम के रक्षित केंद्र का वार्षिक निरीक्षण दिनांक 28 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह (भा.पु.से.) द्वारा संपन्न किया गया। यह निरीक्षण 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि हेतु किया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिस लाइन की विभिन्न व्यवस्थाओं एवं संसाधनों का सूक्ष्म एवं व्यापक अवलोकन किया गया। इस दौरान बल की उपलब्धता, परेड व्यवस्था, प्रशिक्षण गतिविधियाँ, शस्त्रागार, स्टोर शाखा, वाहन शाखा, आवासीय एवं प्रशासनिक भवनों की स्थिति, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, विस्फोटक सामग्री एवं ड्रेस स्टॉक आदि का गहन परीक्षण किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, अनुशासन एवं कार्यप्रणाली की गंभीरतापूर्वक समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। निरीक्षण के दौरान शस्त्रों की री-ड्रिलिंग, एम्युनिशन की स्थिति, वाहन रखरखाव तथा सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की विशेष रूप से जांच की गई। इस अवसर पर रक्षित निरीक्षक महेश्वर सिंह, स्टेनो युवराज आसटकर, रीडर शालिकराम साहू सहित रक्षित केंद्र के विभिन्न शाखाओं में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, पुलिस लाइन में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, नव आरक्षकों के प्रशिक्षण एवं विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करते हुए आवश्यक सुधार हेतु संबंधित अधिकारियों को पुलिस कप्तान के द्वारा निर्देशित किया गया। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस बल की दक्षता, तत्परता एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण एवं सतत प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन एवं समर्पण के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया। अंत में, समस्त व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिया गया।4
- तिल्दा-नेवरा | रिपोर्ट तिल्दा-नेवरा के दीनदयाल उपाध्याय चौक में आज भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी स्वाति वर्मा (भाजपा) महिला मोर्चा के अध्यक्ष रानी शौरभ जैन द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने Rahul Gandhi और इंडिया गठबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं रानी सौरभ जैन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन महिलाओं के सम्मान के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हित से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित होने से रोकने का प्रयास किया गया, जिसके विरोध में यह प्रदर्शन किया गया है। कार्यक्रम के दौरान महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में मौजूद रहकर अपना विरोध दर्ज कराया और केंद्र सरकार की नीतियों के समर्थन में नारे लगाए। इसमें मुख्यमंत्री रूप से प्रभारी स्वाति वर्मा, महिला मोर्चा अध्यक्ष रानी शौरभ जैन, शहर अध्यक्ष मनोज निषाद, अनिल अग्रवाल, औऱ बहुत से कार्यकर्त्ता मौजूद थे5
- प्रयागराज में इंसान ने किया इंसानियत का कत्ल। करेली इलाके में एक युवक ने कुत्ते के तीन बच्चों को चाकू से काट कर हत्या कर दी। ये वो लोग हे जो चिकन मोमोस और चिकन चिल्ली बनाते है किसी को पता भी नही चलेगा कि चिकन कि वो चिकन खा रहे हे या किसी और जानवर का मिट,,, यही हे ये लोग बाहर मोमोस और चिकन से सम्बंधित कोई भी बाहर ना खाये होशियार रहे.......1
- गरियाबंद जिला। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ के आह्वान पर प्रदेश के 902 लघु वनोपज प्रबंधक 22 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर चुके हैं। वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण के लिए शशासन-प्रशासन को चार-बार ज्ञापन एवं निबेदन दिए जाने के बावजूद कोई तीस कार्यवाही नहीं होने से आक्रोशित प्रबंधकों ने अब निर्णायक संघर्ष का रास्ता अपना लिया है। छत्तीसगढ़ प्रबंधक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी साहू ने बताया कि प्रबंधक विगत लगभग 38 वर्षों से सुदूर चनांचल क्षेत्रों में बनोपज संग्रहण, समितियों के संचालन एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें आज तक नियमित कर्मचारी का दर्जा, समुचित वेतनमान, पेंशन, मेडिकल एवं अन्य शासकीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। संघ का कहना है कि यह स्थिति प्रबंधकों के साथ निरंतर हो रहे शोषण का प्रतीक है। संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन मैट्रिक्सस लेवल 07, 08 एवं 09 लागू करना, सेवा सुरक्षा, पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति एवं लंबित भुगतान का निराकरण शामिल किया है। प्रबंधकों का आरोप है कि पूर्व में कई बार आश्वासन दिए गए, यहां तक कि मांगों पर विचार हेतु कमेटी गठन एवं नियमित बैठक का भी भरोसा दिलाया गया, किन्तु आज तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। जिससे प्रबंधकों में भारी रोष व्याप्त है। प्रबंधक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी साहू ने कहा कि हड़ताल के चलते प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रहण, 67 प्रकार के लघु वनोपज की समर्थन मूल्य खरीदी, बीमा, छात्रवृत्ति, बोनस वितरण सहित विभिन्न योजनाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ज्ञात हो कि प्रदेश में लाखों ग्रामीण परिवार बनोपज पर निर्भर हैं, जिनकी आजीविका इस व्यवस्था से जुड़ी हुई है। खरीदी शुरू, ज्यादा नुकसान की आशंका गरियाबंद जिले में भी प्रबंधकों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लेते हुए संबंधित विभाग को ज्ञापन सौंप दिया गया है। जिले में 18 अप्रैल से तेंदूपत्ता खरीदी प्रारंभ हो चुकी है, ऐसे में हड़ताल का सीधा असर यहां के लगभग 80 हजार ग्रामीण परिवारों पर पड़ना तय माना जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहण, भुगतान एवं प्रबंधन कार्य प्रभावित होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक दा असर पड़ सकता है। संघ ने चेतावनी दी है कि पदि शीघ्र मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। तेंदूपत्ता प्रबंधक गरियाबंद जिला। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ के आह्वान पर प्रदेश के 902 लघु वनोपज प्रबंधक 22 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर चुके हैं। वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण के लिए शशासन-प्रशासन को चार-बार ज्ञापन एवं निबेदन दिए जाने के बावजूद कोई तीस कार्यवाही नहीं होने से आक्रोशित प्रबंधकों ने अब निर्णायक संघर्ष का रास्ता अपना लिया है। छत्तीसगढ़ प्रबंधक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी साहू ने बताया कि प्रबंधक विगत लगभग 38 वर्षों से सुदूर चनांचल क्षेत्रों में बनोपज संग्रहण, समितियों के संचालन एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें आज तक नियमित कर्मचारी का दर्जा, समुचित वेतनमान, पेंशन, मेडिकल एवं अन्य शासकीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। संघ का कहना है कि यह स्थिति प्रबंधकों के साथ निरंतर हो रहे शोषण का प्रतीक है। संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन मैट्रिक्सस लेवल 07, 08 एवं 09 लागू करना, सेवा सुरक्षा, पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति एवं लंबित भुगतान का निराकरण शामिल किया है। प्रबंधकों का आरोप है कि पूर्व में कई बार आश्वासन दिए गए, यहां तक कि मांगों पर विचार हेतु कमेटी गठन एवं नियमित बैठक का भी भरोसा दिलाया गया, किन्तु आज तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। जिससे प्रबंधकों में भारी रोष व्याप्त है। प्रबंधक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी साहू ने कहा कि हड़ताल के चलते प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रहण, 67 प्रकार के लघु वनोपज की समर्थन मूल्य खरीदी, बीमा, छात्रवृत्ति, बोनस वितरण सहित विभिन्न योजनाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ज्ञात हो कि प्रदेश में लाखों ग्रामीण परिवार बनोपज पर निर्भर हैं, जिनकी आजीविका इस व्यवस्था से जुड़ी हुई है। खरीदी शुरू, ज्यादा नुकसान की आशंका गरियाबंद जिले में भी प्रबंधकों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लेते हुए संबंधित विभाग को ज्ञापन सौंप दिया गया है। जिले में 18 अप्रैल से तेंदूपत्ता खरीदी प्रारंभ हो चुकी है, ऐसे में हड़ताल का सीधा असर यहां के लगभग 80 हजार ग्रामीण परिवारों पर पड़ना तय माना जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहण, भुगतान एवं प्रबंधन कार्य प्रभावित होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक दा असर पड़ सकता है। संघ ने चेतावनी दी है कि पदि शीघ्र मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- निष्पक्ष रूप से चांज उपरांत कार्यवाही होना था chhattisgarh cgnews durg breakingnewsnowadays bhilai bhilai_chhattisgarh__ bhilai_ig durgnews sahelijwellery jewellery1
- नारी सम्मान की मांग: तिल्दा में भाजपा महिला मोर्चा का जोरदार विरोध प्रदर्शन1
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- *नपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा-विकास, विश्वास और जनसेवा की भावना पर आधारित बजट* *0 नपाध्यक्ष के अध्यक्षीय कार्यकाल का दूसरा बजट पेश* *0 बजट में जनता पर कोई बोझ नही, कोई नया कर प्रस्तावित नही* कवर्धा-नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने अपने कार्यकाल का दूसरा बजट पेश करते हुए विकास को नगर पालिका की सर्वाेच्च प्राथमिकता बताया। बजट प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट शहर के समग्र विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और जनआकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होनें कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में कवर्धा शहर विकास की उंचाईयों को आगे बढ़ायेगा। प्रस्तुत बजट को परिषद की सभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया। अध्यक्षीय कार्यकाल का दूसरा बजट “विकास, विश्वास और जनसेवा” की भावना पर आधारित है। नगर पालिका परिषद जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करते हुए हर वर्ग के हितों का ध्यान रखेगी और कवर्धा को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधायुक्त शहर बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रहेगी। बजट में कोई नया कर प्रस्तावित नही किया गया है उन्होनें बजट पूर्व परंपरा अनुसार राष्ट्रगान व राजगीत की धुन से कार्यवाही शुरू की। *शहर विकास के लिए विशेष प्रावधान* नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रवंशी ने कहा कि नगर के प्रत्येक वार्ड में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने, सड़क एवं नाली निर्माण, स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, उद्यानों के विकास तथा शहर के सौंदर्यीकरण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नगर पालिका का उद्देश्य केवल विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कवर्धा तेजी से विकसित हो रहा शहर है और आने वाले वर्षों में इसे आधुनिक एवं व्यवस्थित नगर के रूप में पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने शहरवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जनता के विश्वास और सहभागिता से ही विकास का यह संकल्प पूर्ण होगा। *अनमानित आय व्यय पत्रक* इस प्रकार आगामी वित्तीय वर्ष हेतु अनुमानित आय व्यय पत्र बजट प्रस्तुत किया गया है इसमें वर्ष 2026-27 हेतु अनुमानित आय 9397.18 लाख (अक्षरी-तिरानवे करोड़ सन्तानवे लाख अठ्राह हजार रूपये) तथा व्यय 9380.70 (अक्षरी-तिरानवे करोड़ अस्सी लाख सत्तर हजार रूपये) प्रस्तावित किया गया है इस प्रकार बजट में 16 लाख 47 हजार का लाभ का बजट प्रस्तुत किया गया है। *शहर के 10 चौक-चौराहांे का सौंदर्यीकरण* नगर पालिका क्षेत्रांतर्गत करपात्री चौक, संतगाडगे चौक, सहस्त्र बाहु चौक, करपात्री चौक, मिनीमाता चौक, शहीद कौशल यादव चौक, परशुराम चौक, झंडा चौक, ऋषभ देव चौक का सौंदर्यीकरण, तालाबों का सौंदर्यीकरण में रेवाबंद तालाब, बावा तालाब, डबरी तालाब, वार्ड क्रं. 26 स्थित तालाब का जीर्णोद्वार कार्य होगा। नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश ने अपने बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि विकास के लिए इस बजट शहर विकास के लिए अनुमानित लागत राशि का बजट प्रस्तुत किया गया है जिसमें शासन से राशि मांग के अनुरूप कार्य कराया जाना प्रस्तावित रहेगा। उन्होनें अधोसंरचना विकास अंतर्गत आवश्यकतानुसार शहर के वार्डो में सीसी रोड, नाली निर्माण, पुराने डिवाईडरों का जीर्णोद्वार एवं नवीन डिवाईडर का निर्माण, डिवाईडरों मंे लगे पुराने पोल का हटाकर नवीन पोल एवं 400 नग नया स्ट्रीट लाईट पोल की स्थापना कार्य, राज्य प्रवर्तित योजना अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर के पीछे नवीन मछली एवं मटन मार्केट का निर्माण किया जोगा। *स्वच्छता के क्षेत्र होगा अनुकरणीय पहल* स्वच्छता के क्षेत्र में नवीन एस.टी.पी. (सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण, कवर्धा शहर के प्रमुख नालियों का डेªनेज सिस्टम तैयार किया जाना, पुराने एस.टी.पी. प्लांट का जीर्णोद्वार कार्य, घर-घर कचरा संग्रहण हेतु नवीन डस्टबीन का वितरण, डोर टू डोर कचरा संग्रहण हेतु ऑटा, टिप्पर की व्यवस्था करना, घर-घर कचरा संग्रहण पश्चात् कचरो का पुर्नचक्रीकरण (रिसाईकलिंग कार्य) हेतु नवीन प्रोससिंग प्लांट की स्थापना ताकि प्लास्टिक कचरों से मुक्ति मिले। *आगामी वर्ष में इन कार्यो पर फोकस* नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी द्वारा नगर पालिका कार्यालय के सभाकक्ष में पेश किया गया। यह उनके कार्यकाल का पहला बजट था। इस बजट में नगर पालिका क्षेत्र के विकास और जनकल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रस्ताव किया गया, जिसमें अधोसंरचना, केन्द्र प्रवर्तित योजना, राज्य प्रवर्तित योजना, पार्षद निधि, अध्यक्ष निधि, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, शिक्षा, जल आपूर्ति, और स्वच्छता संबंधित कार्यो को शामिल किया गया है। पेयजल के क्षेत्र में शहर के प्रमुख 5 स्थानों पर वॉटर हार्वेस्टिंग रिसोर्सिग सेंटर जो वर्षा जल का संरक्षण करेगा, आवश्यकतानुसार स्थानों पर नवीन पानी टंकी का निर्माण, नवीन पाईप लाईन विस्तारीकरण, पुराना फिल्टर प्लांट का जीर्णोद्वार कार्य, सामुदायिक, सांस्कृतिक भवन निर्माण अंतर्गत पुराना किसान राईस मिल विंध्यवासिनी मंदिर के पास सर्वजन मांगलिक भवन निर्माण, सियान सदन भवन का निर्माण, कैलाश नगर में एसएलआरएम सेंटर के पास सामुदायिक भवन निर्माण, मुक्तिधाम विकास अंतर्गत वार्ड क्रं. 27 स्थित मुक्तिधाम का विकास, भाजपा कार्यालय के सामने मुक्तिधाम का विकास, सतनामी समाज मुक्तिधाम का विकास, खेल मैदान का उन्नयन कार्य सरदार पटेल मैदान का उन्नयन कार्य, इंडोर स्टेडियम का उन्नयन कार्य, छीरपानी कालोनी स्थित खेल मैदान का उन्नयन कार्य, रानी झांसी बालोद्यान का उन्नयन कार्य, सड़को का सौंदर्यीकरण कार्य बीएसएनएल कार्यालय से कलेक्टर कालोनी शिव मंदिर के पीछे से होते हुए हॉस्पिटल कालोनी तक सड़क चौड़ीकरण कार्य, जिला पंचायत कार्यालय से लेकर वन विभाग काष्ठागार गेट (सांई मंदिर के सामने) तक सड़क चौडीकरण कार्य, गंगा नगर पानी टंकी से लेकर स्पेशल ब्रांच (आई.बी.) पुलिस कार्यालय तक सड़क चौडीकरण कार्य, गंगा नगर पानी टंकी से लेकर कलेक्टर, एसपी जिला-कबीरधाम का निवास मार्ग तक, बीएसएनएल कार्यालय चौक से कन्या महाविद्यालय होते हुए तहसील कार्यालय तक रोड़ चौड़ीकरण कार्य, भगवा झंडा चौक से लेकर पुराना ए.डी.जे.कोर्ट कार्यालय तक सड़क चौड़ीकरण कार्य, नवीन नाला का निर्माण ठाकुर देव चौक से लेकर गुरूनाला नारायणी हॉटल तक बड़ा नाला निर्माण, ऋषभ देव चौक से लेकर मिनीमाता चौक तक बड़ा नाला निर्माण, विद्यालय का विकास कैलाश नगर हाईस्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन कार्य, शक्तिवार्ड हाईस्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन, कवर्धा शहर के 6 स्थानों पर पर नवीन आंगनबाड़ी भवन का निर्माण, आपदा प्रबंधन योजनांतर्गत गुरूनाला का निर्माण, नवीन प्रधानमंत्री आवास का निर्माण, शहर के प्रमुख 5 स्थानों पर हॉट बाजार का निर्माण, पर्यावरण के क्षेत्र में-शहर के आवश्यकतानुसार स्थानों पर शहरवासियों, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता से 1000 नग पेड़ लगाने का संकल्प, माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप सकरी नदी में समनापुर पुल से लेकर नीचे तक रिवर फ्रंट तटबंध का निर्माण, पुराना जिला चिकित्सालय परिसर में नवीन उद्यान का निर्माण, यातायात व्यवस्था हेतु गांधी मैदान में अस्थायी पार्किंग व्यवस्था, पुरानी कृषि उपज मंडी में अस्थायी पार्किंग व्यवस्था करने का संकल्प पारित किया गया।1