पत्रकारिता के गौरव का भव्य उत्सव: मनेंद्रगढ़ में अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति का ऐतिहासिक सम्मान समारोह सम्पन्न मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले में पत्रकारिता के सम्मान, एकता और सशक्तिकरण का एक यादगार अध्याय उस समय लिखा गया, जब अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति द्वारा भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल पत्रकारों के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि उनके योगदान को नई ऊर्जा और पहचान देने वाला ऐतिहासिक मंच भी साबित हुआ। इस गरिमामय अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की विशिष्ट उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रतिष्ठा प्रदान की। साथ ही समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष द्रोणाचार्य दुबे, प्रदेश महासचिव धर्मेंद्र वस्त्रकर एवं मध्यप्रदेश के कार्यवाहक अध्यक्ष हीरा सिंह ठाकुर की उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता और व्यापकता प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान एमसीबी क्षेत्र के वरिष्ठ एवं सक्रिय पत्रकारों को समिति द्वारा शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके समर्पण और निष्ठा का प्रतीक था, बल्कि पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान की सार्वजनिक सराहना भी थी। सभा को संबोधित करते हुए अतिथियों ने पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए उनके साहस, निष्पक्षता और जनहित में किए जा रहे कार्यों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है, जो सच्चाई को सामने लाकर जनजागरण का कार्य करता है। कार्यक्रम में सैकड़ों पत्रकारों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। पूरे आयोजन में एकजुटता, सम्मान और संगठन की शक्ति स्पष्ट रूप से देखने को मिली। समारोह के समापन पर समिति के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जल्द ही पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में समिति का व्यापक विस्तार किया जाएगा, जिससे पत्रकारों को एक सशक्त मंच मिल सके और उनके अधिकारों की प्रभावी ढंग से रक्षा हो सके। यह आयोजन न केवल एक सम्मान समारोह था, बल्कि पत्रकारिता के सम्मान, संगठन और भविष्य की दिशा तय करने वाला एक सशक्त कदम साबित हुआ।
पत्रकारिता के गौरव का भव्य उत्सव: मनेंद्रगढ़ में अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति का ऐतिहासिक सम्मान समारोह सम्पन्न मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले में पत्रकारिता के सम्मान, एकता और सशक्तिकरण का एक यादगार अध्याय उस समय लिखा गया, जब अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति द्वारा भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल पत्रकारों के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि उनके योगदान को नई ऊर्जा और पहचान देने वाला ऐतिहासिक मंच भी साबित हुआ। इस गरिमामय अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम
बिहारी जायसवाल की विशिष्ट उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रतिष्ठा प्रदान की। साथ ही समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष द्रोणाचार्य दुबे, प्रदेश महासचिव धर्मेंद्र वस्त्रकर एवं मध्यप्रदेश के कार्यवाहक अध्यक्ष हीरा सिंह ठाकुर की उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता और व्यापकता प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान एमसीबी क्षेत्र के वरिष्ठ एवं सक्रिय पत्रकारों को समिति द्वारा शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके समर्पण और निष्ठा का प्रतीक था,
बल्कि पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान की सार्वजनिक सराहना भी थी। सभा को संबोधित करते हुए अतिथियों ने पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए उनके साहस, निष्पक्षता और जनहित में किए जा रहे कार्यों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है, जो सच्चाई को सामने लाकर जनजागरण का कार्य करता है। कार्यक्रम में सैकड़ों पत्रकारों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। पूरे आयोजन में एकजुटता, सम्मान और संगठन
की शक्ति स्पष्ट रूप से देखने को मिली। समारोह के समापन पर समिति के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जल्द ही पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में समिति का व्यापक विस्तार किया जाएगा, जिससे पत्रकारों को एक सशक्त मंच मिल सके और उनके अधिकारों की प्रभावी ढंग से रक्षा हो सके। यह आयोजन न केवल एक सम्मान समारोह था, बल्कि पत्रकारिता के सम्मान, संगठन और भविष्य की दिशा तय करने वाला एक सशक्त कदम साबित हुआ।
- विशेष आलेख कहते हैं कि सत्ता और प्रशासन की नाक बहुत तेज होती है, उसे दूर से ही घोटाले और गड़बड़ियां सूंघने की आदत होती है। लेकिन बनारसी फेब्रिकेटर के बगल में लालपुर और चैनपुर दुग्गड की चिप्स फैक्ट्री के मामले में शायद यह 'घ्राण शक्ति' (सूंघने की क्षमता) जवाब दे गई है। आज आलम यह है कि फैक्ट्री से निकलने वाली सड़ांध ने पूरे इलाके के जन-जीवन को 'नर्क' बना दिया है, लेकिन विडंबना देखिए—ग्रामीणों के लिए जो 'असहनीय दुर्गंध' है, वह शायद जिले के आला अधिकारियों और कलेक्टर साहब के लिए किसी 'मधुर सुगंध' से कम नहीं है! तभी तो महीनों से ग्रामीण अपनी बदहाली का रोना रो रहे हैं, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। साहब! यह सिर्फ बदबू नहीं, प्रशासनिक विफलता की सड़न है जब हैंडपंपों और बोरवेल से पानी की जगह 'बदबूदार जहर' निकलने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि सिस्टम सड़ चुका है। चिप्स फैक्ट्री का गंदा पानी जमीन के अंदर रिसकर ग्रामीणों की नसों में जहर घोल रहा है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, बुजुर्गों का दम घुट रहा है, और लोग अपने ही घरों में रुमाल बांधकर बैठने को मजबूर हैं। क्या एसी कमरों में बैठने वाले अधिकारियों को इस बात का अंदाजा भी है कि एक लोटा साफ पानी न मिल पाने का दर्द क्या होता है? फैक्ट्री की मनमानी या 'सुगंधित' सांठगांठ? सवाल यह उठता है कि क्या प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आंखें बंद हैं? या फिर फैक्ट्री के 'रसूख' की खुशबू इतनी तेज है कि उसके आगे गरीब ग्रामीणों की चीखें और सड़ते हुए पानी की दुर्गंध दब गई है? अगर कलेक्टर साहब की नाक तक यह दुर्गंध नहीं पहुंच रही, तो यह मान लेना चाहिए कि विकास की चकाचौंध में 'आम आदमी' की बुनियादी जरूरतें—साफ हवा और शुद्ध पानी—अब गौण हो चुकी हैं। निष्कर्ष ग्रामीणों का आक्रोश अब ज्वालामुखी की तरह फटने को तैयार है। अगर प्रशासन ने जल्द ही अपनी 'सुगंधित नींद' से जागकर इस चिप्स फैक्ट्री पर नकेल नहीं कसी, तो जनता को अपनी नाक बचाने के लिए सड़कों पर उतरने से कोई नहीं रोक पाएगा। याद रहे साहब, जनता की बदुआओं की दुर्गंध बहुत लंबी चलती है!3
- Post by Ramesh Kumar Kewat1
- Post by Suraj shriwastava1
- साइबर ठगी का बड़ा खुलासा बैंक खातों की खरीद फरोख्त करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार...... डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा मामले मे आरोपियों के विरुद्ध की गई सख्त वैधानिक कार्यवाही। आरोपीगण मामले मे शामिल अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फ्रॉड के रकम लेन देन हेतु बैंक खाता की खरीद विक्री कर घटना कर रहे थे कारित। आरोपियों द्वारा प्रार्थी के एकाउंट मे अपराध/साइबर ठगी से सम्बंधित रकम कुल 48500/- रुपये का ट्रांजेक्शन करवाकर रकम निकलावकर कारित की गई थी घटना। मामले मे शामिल अन्य आरोपियों का पता तलाश किया जा रहा है, फरार आरोपियों कों शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जायगा। मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी शौर्य प्रताप साकिन गांधीनगर हनुमान मंदिर के पास थाना गांधीनगर द्वारा दिनांक 29/03/26 को थाना गांधीनगर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी का ऋत्विक सिंह निवासी सब्जी मार्केट के पीछे गांधीनगर से बहुत पहले से परिचय है जो दुध डेयरी और चाय दुकान का संचालन करता था। इस दौरान दिसम्बर 2024 मे ऋत्विक सिंह प्रार्थी के घर आकर उसका खाता काम नहीं करने की बात बोलकर झांसे मे लेकर 48500/- रुपये डेयरी का रकम बोलकर मंगा लिया एवं एटीएम लेकर उक्त रकम निकाल लिया, उसके कुछ दिन बाद प्रार्थी का खाता होल्ड हो गया था। खाता के सम्बन्ध मे अग्रिम जानकारी लेने पर अपराध/साइबर ठगी से सम्बंधित रकम लेंन देन करने पर खाता होल्ड होने की जानकारी प्रार्थी को प्राप्त हुई है, इसी दौरान प्रार्थी को जानकारी मिला कि रित्विक सिंह अपने दोस्त अमन गुप्ता निवासी देवीगंज रोड अम्बिकापुर के साथ मिलकर इसी प्रकार से कई लोगों के खाता में रूपये मंगाये है। मामले मे प्रार्थी कि रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर मे अपराध क्रमांक 168/26 धारा 318(4),3(5) बी. एन. एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। मामले को संज्ञान मे लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा थाना गांधीनगर पुलिस टीम को मामले मे सख़्ती से कार्यवाही कर प्रकरण मे शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम मे थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा दौरान विवेचना प्रार्थी व गवाहों का कथन दर्ज किया गया, खाता में ट्रांसफर रकम के संबंध में ऑनलाईन पोर्टल पर चेक किये जाने पर शिकायत दर्ज होना पाया गया, विवेचना दौरान आरोपी ऋत्विक सिंह और अमन गुप्ता को हिरासत में लेकर पुछताछ किया गया जो आरोपियों द्वारा अपना नाम (01) ऋत्विक सिंह आत्मज नरेन्द्र कुमार सिंह उम्र 25 वर्ष निवासी गांधीनगर हाई स्कूल के पिछे थाना गांधीनगर (02)अमन कुमार गुप्ता आत्मज स्व० चंद्रशेखर गुप्ता उम्र 24 वर्ष निवासी देवीगंज रोड, थाना कोतवाली अंबिकापुर का होना बताये, आरोपियों से पूछताछ किये जाने पर बताये कि आरोपीगण मामले मे शामिल अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फ्रॉड के रकम लेन देन हेतु बैंक खाता की खरीद विक्री किया करते थे। आरोपी रित्विक सिंह के द्वारा अपना तीन खाता एवं प्रार्थी का खाता और अमन गुप्ता के द्वारा अपना एक करेंट अकाउंट मय सीम के मामले मे शामिल अन्य आरोपी को दिया गया है। जिन खातों में ऑनलाईन फ्रॉड के माध्यम से रकम ट्रांसफर होना पाया गया। इसके अलावा पियुष तिवारी के खाता में भी रूपये ट्रांसफर कराकर नगदी आहरण कर नगदी प्राप्त कर सीडीएम मशीन के माध्यम से ट्रांसफर करना बताया गया, मामले मे शामिल आरोपी पियुष तिवारी को तलब कर पुछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम (03) पियुष तिवारी आत्मज कृपा शंकर तिवारी उम्र 25 वर्ष निवासी सत्तीपारा थाना अम्बिकापुर* का होना बताया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किये जाने पर अपराध घटित करना स्वीकार किया गया, पियुश कुमार तिवारी के खाता में कई ऑनलाईन शिकायतो का रकम ट्रांसफर होना पाया गया। आरोपीगण एक साथ मिलकर फ्रॉड से संबंधित रकम को प्राप्त करने हेतु अपने और अन्य लोगों के बैंक खाता का उपयोग किये है। जो प्रकरण में धारा 317(4) बी.एन.एस. जोड़ा गया, आरोपियों के मोबाईल से खाता एवं रकम लेन देन का डाटा संधारित कर मय मोबाईल के जप्त किया गया। आरोपियों के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है। सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना गांधीनगर से उप निरीक्षक दिलीप दुबे, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, प्रधान आरक्षक विकास सिन्हा, आरक्षक वीरेंद्र पैकरा, लालदेव, अशोक यादव, घनश्याम देवांगन, राहुल केरकेट्टा, अमन पुरी, विकास मिश्रा, रमेश राजवाड़े सक्रिय रहे।1
- 🛑 ब्रेकिंग न्यूज़ | अंबिकापुर 🛑 ग्राम पंचायत लबजी के आंगनबाड़ी केंद्र की जर्जर हालत, किराए के कच्चे मकान में चल रहा संचालन अंबिकापुर जनपद के ग्राम पंचायत लबजी में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र बदहाली के आंसू रो रहा है। केंद्र की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि बच्चों और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्र को मजबूरी में पास ही एक किराए के कच्चे मकान में संचालित किया जा रहा है। नया भवन निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है, जिसके कारण न तो बच्चों को सही सुविधाएं मिल पा रही हैं और न ही कार्यकर्ता एवं सहायिका को उचित कार्यस्थल। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरपंच, सचिव और विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार शिकायत के बावजूद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नए भवन का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए और आंगनबाड़ी केंद्र को सुरक्षित एवं व्यवस्थित स्थान पर संचालित किया जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके। 📢 रिपोर्टर: हिमांशु राज md news Vice Bureau, Ambikapur (छत्तीसगढ़) 📞 78058380764
- ब्यौहारी/शहडोल: डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग मासूम लोगों की मेहनत की कमाई पर गिद्ध जैसी नजर गड़ाए बैठे हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला ब्यौहारी थाना क्षेत्र में सामने आया है, जहाँ एक जालसाज ने महिला के बैंक खातों से लाखों रुपये पार कर दिए। हालांकि, शहडोल पुलिस की मुस्तैदी के आगे आरोपी की चालाकी धरी की धरी रह गई और उसे सलाखों के पीछे पहुँचा दिया गया है। लाखों की ठगी, फिर फरार मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम ब्यौहारी निवासी निर्मला पटेल ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के मुताबिक, उसके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खातों से किस्तों में कुल 4,85,307 रुपये गायब कर दिए गए। ठग ने बड़ी ही सफाई से UPI के माध्यम से इन पैसों को अपने कब्जे में लिया था। जब पीड़िता ने बैंक स्टेटमेंट निकलवाया, तो आरोपी अभिराज साहू (निवासी जबलपुर) का काला चिट्ठा खुलकर सामने आ गया। पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की गई। घटना के बाद से ही आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था। आखिरकार, ब्यौहारी पुलिस ने सटीक सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी अभिराज साहू को जबलपुर रेलवे स्टेशन से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। टीम की शानदार सफलता इस कामयाबी में थाना प्रभारी ब्यौहारी निरीक्षक जियाउल हक के नेतृत्व में उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी, आरक्षक सागर गुप्ता, पंकज सिंह और महिला आरक्षक माधुरी साहू सहित साइबर सेल शहडोल की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है। चेतावनी: पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी या यूपीआई पिन किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। डिजिटल लेन-देन में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।2
- Post by Sumit Singh Chandel1
- Post by Suraj shriwastava1