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हाईकोर्ट की रोक के बावजूद दबंगों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन कब्जा कराने की कोशिश
Shudhakar Mishra
हाईकोर्ट की रोक के बावजूद दबंगों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन कब्जा कराने की कोशिश
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- Post by शिव सागर मौर्य1
- Post by Shudhakar Mishra1
- कौशाम्बी। सराय अकिल थाना क्षेत्र के हाशिमपुर किनार गांव में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे गैस सिलेंडर लीकेज से बड़ा हादसा हो गया। रफीक अहमद पुत्र मोहर्रम अली के घर में सिलेंडर से गैस लीक होने पर उसे ठीक कराने के लिए मिस्त्री सुभाष चंद्र को बुलाया गया था। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान अचानक आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में मिस्त्री सुभाष चंद्र गंभीर रूप से झुलस गया, वहीं घर की साबिदा, भतीजा फजल, बेटी सना, सानिया तथा पड़ोसी आयुष, शिखा और सुभाष की मां सरिता भी घायल हो गए। घायलों को आनन-फानन में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फजल, आयुष और साबिदा की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। घटना से गांव में हड़कंप मच गया।1
- प्रयागराज के पुरानी झूंसी निवासी मोहम्मद साहिल, जिसके घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं,शाम करीब 6 बजे तक घर पर सजावट का काम देख रहा था। उसके बाद साहिल रविवार की शाम कपड़ा खरीदने के लिए शहर के लिए निकला। घर में खुशियों का माहौल था और महज़ 2–4 दिन बाद शादी होनी थी,7 बजे के लगभग जैसे ही वे ECC कॉलेज के सामने पहुंचा एक पल में सब कुछ बदल गया। अचानक हवा में तना हुआ प्रतिबंधित चाइनीज मंझा सामने आ गया और मांझे ने साहिल की गर्दन को उलझा दिया। बाइक चला रहे साहिल के मामा इम्तियाज़ ने तुरंत गाड़ी रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक पीछे बैठे साहिल की गर्दन में मंझा गहराई तक घुस चुका था। धार इतनी तेज थी कि गर्दन बुरी तरह कट गई। खून से लथपथ हालत में साहिल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गर्दन पर टांके लगाए गए और किसी तरह उसकी जान बच सकी। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि प्रतिबंध के बावजूद शहर में चाइनीज मंझा खुलेआम बिक रहा है और लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ लगातार हो रहा है। ये प्रयागराज की पहली घटना नहीं ऐसी घटना बराबर देखने को मिल रही है जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस पर सख्त प्रतिबंध के स्पष्ट आदेश दिए जा चुके हैं। जरूरत है कि प्रशासन तुरंत सख्त कदम उठाए, अवैध रूप से मंझा बेचने वालों पर कार्रवाई करे और मुख्यमंत्री के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करे,ताकि किसी और घर की खुशियां इस तरह हादसे में न बदलें।1
- अभी अभी रात 9 बजे सिकंदरा बाबूगंज में बेकाबू ट्रक ने पेड़ से टकराते हुए घर में घुसा3
- #UGC2026 #UGC_काला_कानून_वापस_लो #UGC_RollBack #UGCBill #पत्रकार_शुभम_पांडेय #हक_की_लड़ाई #IndiaVoice18 #सर्वेश_पाण्डेय #सामाजिक_न्याय #ठाकुर_शिवम_सिंह #journlist_shubham_pandey1
- संघर्ष की सीख, सफलता की मिसाल:डॉ राजीव सिंह के भाई अमित सिंह का यूपीपीसीएस में चयन संघर्ष जितना कठिन होता है, सफलता उतनी ही ऊंची होती है.... डॉ राजीव सिंह असिस्टेंट कमिश्नर (जीएसटी) के पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का बढ़ाया मान अमित की सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण प्रतिभाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं.... डॉ सोनिया सिंह ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS प्रतापगढ़/रानीगंज/प्रयागराज.....उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीसीएस-2024) के घोषित अंतिम परिणाम में भैसोना गांव तहसील रानीगंज, जनपद प्रतापगढ़ के डॉ राजीव सिंह के छोटे भाई अमित कुमार सिंह ने 152वीं रैंक प्राप्त कर असिस्टेंट कमिश्नर (जीएसटी) के पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनके पिता विनय कुमार सिंह हैं। अमित की प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही हुई। सीमित संसाधनों और अभावों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी नहीं छोड़ा। प्रयागराज में एग्जाम युग 24 संस्थान से तैयारी प्रारंभ की, दिल्ली में भी अध्ययन किया और अंततः निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यह सफलता प्राप्त की।अमित की इस उपलब्धि से पूरे गांव में जश्न का माहौल है। गांव के सभी लोगों में अपार खुशी देखी जा रही है। गांव के वरिष्ठ एवं सम्मानित व्यक्तियों — राजेंद्र बहादुर सिंह, मुन्नू सिंह, दशरथ सिंह, आर.के. सिंह, संतोष सिंह, अनिल सिंह एवं ग्राम प्रधान सोनू सिंह, पुष्पेन्द्र बहादुर सिंह, मुलायम सिंह सहित सभी ग्रामवासियों ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए अमित को लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। *गांव बना सफलता की नई पहचान* भैसोना गांव पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है, जहां कई डॉक्टर बन चुके हैं और इसे “डॉक्टरों की फैक्ट्री” के रूप में जाना जाता है। अब इस गांव से प्रशासनिक सेवा में भी चयन होने लगा है, जिससे गांव की पहचान और भी मजबूत हुई है। विशेष बात यह है कि हर वर्ष इस गांव से कोई न कोई छात्र/छात्रा सरकारी सेवा में चयनित होकर इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।अमित कुमार सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर मेहनत, नियमित अध्ययन, समय-समय पर खुद को अपडेट करते रहने, परिवारजनों के आशीर्वाद एवं प्रभु की कृपा को दिया। उन्होंने युवाओं के लिए संदेश देते हुए कहा “यदि बच्चे लगन और निरंतर मेहनत के साथ पढ़ाई करें, तो परिणाम अवश्य मिलता है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, नियमित प्रयास ही सफलता की कुंजी है। डॉ राजीव सिंह ने कहा “संघर्ष जितना कठिन होता है, सफलता उतनी ही ऊंची होती है। अमित की सफलता यह सिद्ध करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो, तो कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में नहीं आ सकती।डॉ अरविंद कुमार सिंह, डायरेक्टर एग्जाम युग 24 डायरेक्टर ने कहा यदि विद्यार्थी निरंतर मेहनत करते रहें, अपने लक्ष्य से विचलित न हों, सही रणनीति और तकनीक के साथ समय का सदुपयोग करें, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। अमित इसका सशक्त उदाहरण हैं। डॉ सोनिया सिंह डायरेक्टर नारायण स्वरुप हॉस्पिटल एवं नारायण स्वरूप इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस ने कहा अमित की सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण प्रतिभाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। सही मार्गदर्शन, अनुशासन और मेहनत से गांव का हर युवा ऊंचाइयों को छू सकता है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का दीप है। अमित कुमार सिंह की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव, तहसील और जिले के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता यह संदेश देती है कि “मेहनत, लगन और सही दिशा हो तो कोई भी सपना दूर नहीं होता।1
- Post by शिव सागर मौर्य1