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चित्तौड़गढ़ जिले के मेवाड़ क्षेत्र में वैश्विक आस्था के बड़े केंद्र श्रीसांवलिया जी मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था का नगदीकरण किया जा रहा है और भक्तों के पुष्प-नैवेद्य पर प्रतिबंध लगाकर उनकी जेब पर नजर रखी जा रही है। सांवलिया मंदिर मंडल द्वारा कुछ ही दिनों पहले फूल और प्रसाद को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस नए प्रतिबंध के कारण अब श्रद्धालुओं द्वारा लाया जाने वाला प्रसाद गाड़ियों द्वारा मंदिर की चौखट पर ही रखवा दिया जाता है, जिससे चढ़ावे के प्रसाद की भारी दुर्दशा देखने को मिल रही है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर मंडल ने दावा किया है कि नकली और मिलावटी प्रसाद के चलते इस व्यवस्था को प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन मंदिर प्रशासन पर यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि मिलावट को रोकने की जिम्मेदारी तो खुद प्रशासन की ही है, और मंदिर मंडल स्वयं एक प्रशासनिक व्यवस्था है जिसका मुख्य निष्पादन अधिकारी स्वयं अतिरिक्त जिला कलक्टर होता है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर मिलावट रोकने के बजाय सीधे आस्था के चढ़ावे पर ही प्रतिबंध लगाने का यह तर्क बेहद सवालों के घेरे में है। इस प्रतिबंध के अलावा, सनातन परंपरा के तहत कृष्ण मंदिरों में चलने वाली छप्पन भोग की पवित्र परंपरा भी श्रीसांवलिया जी में पिछले कुछ समय से बंद कर दी गई है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को 7 दिनों तक अपनी उंगली पर उठाया था और वे भूखे रहे थे, तब उनके अनुयायियों ने 8 पहर और 7 दिन के हिसाब से प्रेम और कृतज्ञता स्वरूप मीठे, खट्टे, नमकीन, कड़वे, तीखे और कसैले स्वादों वाले 56 व्यंजन बनाकर उन्हें अर्पित किए थे। लेकिन अब सांवलिया जी में इस पावन परंपरा के बंद होने से श्रद्धालुओं का यह सपना महज एक अधूरा सपना बनकर रह गया है।

5 hrs ago
user_आदर्श न्यूज़
आदर्श न्यूज़
Advertising agency भोपालसागर, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
5 hrs ago
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चित्तौड़गढ़ जिले के मेवाड़ क्षेत्र में वैश्विक आस्था के बड़े केंद्र श्रीसांवलिया जी मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था का नगदीकरण किया जा रहा है और भक्तों के पुष्प-नैवेद्य पर प्रतिबंध लगाकर उनकी जेब पर नजर रखी जा रही है। सांवलिया मंदिर मंडल द्वारा कुछ ही दिनों पहले फूल और प्रसाद को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस नए प्रतिबंध के कारण अब श्रद्धालुओं द्वारा लाया जाने वाला प्रसाद गाड़ियों द्वारा मंदिर की चौखट पर ही रखवा दिया जाता है, जिससे चढ़ावे के प्रसाद की भारी दुर्दशा देखने को मिल रही है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर मंडल ने दावा किया है कि नकली और मिलावटी प्रसाद के चलते इस व्यवस्था को प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन मंदिर प्रशासन पर यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि मिलावट को रोकने की जिम्मेदारी तो खुद प्रशासन की ही है, और मंदिर मंडल स्वयं एक प्रशासनिक व्यवस्था है जिसका मुख्य निष्पादन अधिकारी स्वयं अतिरिक्त जिला कलक्टर होता है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर मिलावट रोकने के बजाय सीधे आस्था के चढ़ावे पर ही प्रतिबंध लगाने का यह तर्क बेहद सवालों के घेरे में है। इस प्रतिबंध के अलावा, सनातन परंपरा के तहत कृष्ण मंदिरों में चलने वाली छप्पन भोग की पवित्र परंपरा भी श्रीसांवलिया जी में पिछले कुछ समय से बंद कर दी गई है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को 7 दिनों तक अपनी उंगली पर उठाया था और वे भूखे रहे थे, तब उनके अनुयायियों ने 8 पहर और 7 दिन के हिसाब से प्रेम और कृतज्ञता स्वरूप मीठे, खट्टे, नमकीन, कड़वे, तीखे और कसैले स्वादों वाले 56 व्यंजन बनाकर उन्हें अर्पित किए थे। लेकिन अब सांवलिया जी में इस पावन परंपरा के बंद होने से श्रद्धालुओं का यह सपना महज एक अधूरा सपना बनकर रह गया है।

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  • राजसमंद के रेलमगरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बनेडिया में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग एवं सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गांव के मुख्य मार्गों से जागरूकता रैली निकालकर नशामुक्ति का संदेश दिया। इस दौरान छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इसके साथ ही निबंध, पोस्टर और नारा लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम के संयोजक और मास्टर ट्रेनर प्रेम सिंह राणावत ने गतिविधियों की जानकारी साझा की। मुख्य वक्ता और प्रधानाचार्य सुनीता खंडेलवाल ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। इसके अलावा, व्याख्याता गोपाललाल शर्मा ने नशे की रोकथाम के उपायों के बारे में बताया, जबकि धर्मवीर कसाना ने विभिन्न प्रकार के नशे और उनसे होने वाले शारीरिक, मानसिक व सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस विशेष अवसर पर मनोज कुमार शर्मा, प्रकाश चौधरी, पुखराज सिंह, प्रियंका भंडारी, शेली शर्मा, प्रेम सोनी, रामचंद्र सेन, गणेशलाल कुमावत, गिर्राज प्रसाद मीणा, गायत्री टांक, मीरा सोनी, सुरेश कुमार और रोशन नाई सहित विद्यालय का पूरा स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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    राजसमंद के रेलमगरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बनेडिया में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग एवं सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गांव के मुख्य मार्गों से जागरूकता रैली निकालकर नशामुक्ति का संदेश दिया। इस दौरान छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इसके साथ ही निबंध, पोस्टर और नारा लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी गई।

कार्यक्रम के संयोजक और मास्टर ट्रेनर प्रेम सिंह राणावत ने गतिविधियों की जानकारी साझा की। मुख्य वक्ता और प्रधानाचार्य सुनीता खंडेलवाल ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। इसके अलावा, व्याख्याता गोपाललाल शर्मा ने नशे की रोकथाम के उपायों के बारे में बताया, जबकि धर्मवीर कसाना ने विभिन्न प्रकार के नशे और उनसे होने वाले शारीरिक, मानसिक व सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस विशेष अवसर पर मनोज कुमार शर्मा, प्रकाश चौधरी, पुखराज सिंह, प्रियंका भंडारी, शेली शर्मा, प्रेम सोनी, रामचंद्र सेन, गणेशलाल कुमावत, गिर्राज प्रसाद मीणा, गायत्री टांक, मीरा सोनी, सुरेश कुमार और रोशन नाई सहित विद्यालय का पूरा स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
    user_रेलमगरा न्यूज़
    रेलमगरा न्यूज़
    Local News Reporter रेलमगरा, राजसमंद, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • राजसमंद में एक परिवार ने अपने घर पैदा हुई पहली बेटी का बेहद अनोखा स्वागत किया है। बेटी के गृह प्रवेश से पहले परिवार ने उसे सजी-धजी गाड़ियों में बिठाकर पूरे नगर का भ्रमण कराया। पुराने समय में केवल बेटे के जन्म पर छत पर चढ़कर ताली बजाने का रिवाज था, जिसे बोलचाल की भाषा में ढिंढोरा पीटना कहा जाता है। लेकिन आज के समय में बेटा-बेटी की समानता का संदेश देते हुए इस परिवार ने बेटी के जन्म पर वाहनों का जुलूस निकालकर इस सोच को बदला है। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे इस जुलूस में करीब सात-आठ सजी-धजी गाड़ियां शामिल थीं। इनमें से प्रत्येक गाड़ी के पीछे 'बेटी हुई है' लिखा हुआ था और एक गाड़ी में नवजात बेटी को उसकी माँ के साथ बिठाया गया था। वाहनों के इस काफिले और अनोखे नजारे ने राह चलते हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया।
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    राजसमंद में एक परिवार ने अपने घर पैदा हुई पहली बेटी का बेहद अनोखा स्वागत किया है। बेटी के गृह प्रवेश से पहले परिवार ने उसे सजी-धजी गाड़ियों में बिठाकर पूरे नगर का भ्रमण कराया। पुराने समय में केवल बेटे के जन्म पर छत पर चढ़कर ताली बजाने का रिवाज था, जिसे बोलचाल की भाषा में ढिंढोरा पीटना कहा जाता है। लेकिन आज के समय में बेटा-बेटी की समानता का संदेश देते हुए इस परिवार ने बेटी के जन्म पर वाहनों का जुलूस निकालकर इस सोच को बदला है।

शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे इस जुलूस में करीब सात-आठ सजी-धजी गाड़ियां शामिल थीं। इनमें से प्रत्येक गाड़ी के पीछे 'बेटी हुई है' लिखा हुआ था और एक गाड़ी में नवजात बेटी को उसकी माँ के साथ बिठाया गया था। वाहनों के इस काफिले और अनोखे नजारे ने राह चलते हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया।
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    29 min ago
  • Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
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    Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ के ग्राम नाल में खेत की रखवाली कर रहे किसान के पास 12 फीट लंबा अजगर पहुंच गया, जिसके बाद वन विभाग ने अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे बस्सी अभयारण्य में छोड़ दिया।
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    चित्तौड़गढ़ के ग्राम नाल में खेत की रखवाली कर रहे किसान के पास 12 फीट लंबा अजगर पहुंच गया, जिसके बाद वन विभाग ने अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे बस्सी अभयारण्य में छोड़ दिया।
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ जिले की डूंगला तहसील के तहत आने वाली बढ़वाई पंचायत के चकतिया बावजी गांव में 24 फीट का स्वीकृत रास्ता बंद कर दिया गया है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और उनकी आवाज को पूरी तरह से अनसुना किया जा रहा है।
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    चित्तौड़गढ़ जिले की डूंगला तहसील के तहत आने वाली बढ़वाई पंचायत के चकतिया बावजी गांव में 24 फीट का स्वीकृत रास्ता बंद कर दिया गया है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और उनकी आवाज को पूरी तरह से अनसुना किया जा रहा है।
    user_Uday Lal RAMESHWAR meena
    Uday Lal RAMESHWAR meena
    चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी उपखंड क्षेत्र के पावली गांव में रहने वाले एक किसान किशनलाल बैरवा खेती की जुताई का कार्य आसान करने के लिए एक नया यंत्र लेकर आए हैं। इस नए औजार का नाम 'किसान किंग' है। इस यंत्र के आने से अब किसानों के लिए खेतों की जुताई का काम बेहद आसान हो जाएगा।
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    चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी उपखंड क्षेत्र के पावली गांव में रहने वाले एक किसान किशनलाल बैरवा खेती की जुताई का कार्य आसान करने के लिए एक नया यंत्र लेकर आए हैं। इस नए औजार का नाम 'किसान किंग' है। इस यंत्र के आने से अब किसानों के लिए खेतों की जुताई का काम बेहद आसान हो जाएगा।
    user_(ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si
    (ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • भीलवाड़ा के एमजी अस्पताल में प्रसूताओं की मौत होने के मामले को लेकर एक जांच समिति का गठन किया गया है। यह समिति अस्पताल में हुई प्रसूता मौतों के मामले की जांच करेगी।
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    भीलवाड़ा के एमजी अस्पताल में प्रसूताओं की मौत होने के मामले को लेकर एक जांच समिति का गठन किया गया है। यह समिति अस्पताल में हुई प्रसूता मौतों के मामले की जांच करेगी।
    user_Dev karan Mali
    Dev karan Mali
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    9 hrs ago
  • राजसमंद जिले के रेलमगरा कस्बे के पुराने सामुदायिक चिकित्सालय भवन में जनता क्लिनिक संचालित करने का प्रस्ताव चिकित्सा विभाग द्वारा उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। इससे स्थानीय क्षेत्रवासियों में कस्बा स्तर पर ही आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पुनः बहाल होने की उम्मीद जगी है। दरअसल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन में स्थानांतरित होने के बाद अस्पताल कस्बे के अंतिम छोर पर चला गया है, जिसके कारण बुजुर्गों, महिलाओं और आकस्मिक रोगियों को इलाज के लिए करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता रोशनलाल टुकलिया ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मुख्य सचिव, चिकित्सा मंत्री, सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ और जिला कलक्टर अरुण हसीजा को ज्ञापन व पत्र सौंपकर मांग की गई थी। जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद जिला चिकित्सा विभाग ने रेलमगरा के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जनता क्लिनिक संचालन का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए, जिसके बाद 23 दिसंबर 2025 के पत्र के माध्यम से यह प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है। रोशनलाल टुकलिया ने मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री, सांसद और विधायक से इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है ताकि लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर न जाना पड़े। इसके साथ ही, उन्होंने नए भवन में चल रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की भी मांग उठाई है, ताकि वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हो सके, मरीजों को बेहतर उपचार मिले और अनावश्यक रेफरल की समस्या से राहत मिल सके।
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    राजसमंद जिले के रेलमगरा कस्बे के पुराने सामुदायिक चिकित्सालय भवन में जनता क्लिनिक संचालित करने का प्रस्ताव चिकित्सा विभाग द्वारा उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। इससे स्थानीय क्षेत्रवासियों में कस्बा स्तर पर ही आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पुनः बहाल होने की उम्मीद जगी है। दरअसल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन में स्थानांतरित होने के बाद अस्पताल कस्बे के अंतिम छोर पर चला गया है, जिसके कारण बुजुर्गों, महिलाओं और आकस्मिक रोगियों को इलाज के लिए करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता रोशनलाल टुकलिया ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मुख्य सचिव, चिकित्सा मंत्री, सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ और जिला कलक्टर अरुण हसीजा को ज्ञापन व पत्र सौंपकर मांग की गई थी। जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद जिला चिकित्सा विभाग ने रेलमगरा के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जनता क्लिनिक संचालन का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए, जिसके बाद 23 दिसंबर 2025 के पत्र के माध्यम से यह प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है।

रोशनलाल टुकलिया ने मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री, सांसद और विधायक से इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है ताकि लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर न जाना पड़े। इसके साथ ही, उन्होंने नए भवन में चल रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की भी मांग उठाई है, ताकि वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हो सके, मरीजों को बेहतर उपचार मिले और अनावश्यक रेफरल की समस्या से राहत मिल सके।
    user_रेलमगरा न्यूज़
    रेलमगरा न्यूज़
    Local News Reporter रेलमगरा, राजसमंद, राजस्थान•
    19 hrs ago
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