बारिश और जल निकासी के विवाद में जर्जर हुआ गरीब महिला का आशियाना, घर गिरने का मंडरा रहा खतरा विंढमगंज सोनभद्र/घिवही। लगातार हो रही बारिश ने घिवही टोला बैरियाखाड़ निवासी बसंती देवी पत्नी अनिल राम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उनका कच्चा मकान लगातार बारिश और आसपास पानी जमा होने के कारण पूरी तरह जर्जर हो चुका है। परिवार को आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो मकान कभी भी गिर सकता है। ऐसे में महिला ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रधान से तत्काल संज्ञान लेकर उनके आशियाने को बचाने की गुहार लगाई है। बसंती देवी का आरोप है कि उनके छोटे ससुर सुबेदार राम द्वारा अपने घर का पानी बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण पानी उनके मकान की ओर जमा हो रहा है। महिला का कहना है कि कच्ची दीवारें लगातार पानी की चपेट में आने से कमजोर हो गई हैं। यदि मकान गिर गया तो वह अपने परिवार के साथ कहां रहेंगी, यह सबसे बड़ा सवाल है। महिला के मुताबिक, घर से पानी बाहर निकालने के लिए रास्ता बनाया गया था, लेकिन आरोप है कि सुबेदार राम ने पानी निकासी के उस रास्ते को दोबारा मिट्टी डालकर बंद कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों की मौजूदगी में पानी निकासी के लिए मिट्टी काटकर करहा बनाने का प्रयास किया गया, ताकि बारिश का पानी मकान से दूर निकल सके। विवाद बढ़ने पर बसंती देवी ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद दोनों पक्षों को विंढमगंज थाने बुलाया गया। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहल पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में जल निकासी की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाना जरूरी है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। प्रशासन, ग्राम प्रधान और जनप्रतिनिधि मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जल निकासी की व्यवस्था कराएं और गरीब महिला के जर्जर मकान को गिरने से बचाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं—यही पीड़ित परिवार की मांग है।
बारिश और जल निकासी के विवाद में जर्जर हुआ गरीब महिला का आशियाना, घर गिरने का मंडरा रहा खतरा विंढमगंज सोनभद्र/घिवही। लगातार हो रही बारिश ने घिवही टोला बैरियाखाड़ निवासी बसंती देवी पत्नी अनिल राम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उनका कच्चा मकान लगातार बारिश और आसपास पानी जमा होने के कारण पूरी तरह जर्जर हो चुका है। परिवार को आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो मकान कभी भी गिर सकता है। ऐसे में महिला ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रधान से तत्काल संज्ञान
लेकर उनके आशियाने को बचाने की गुहार लगाई है। बसंती देवी का आरोप है कि उनके छोटे ससुर सुबेदार राम द्वारा अपने घर का पानी बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण पानी उनके मकान की ओर जमा हो रहा है। महिला का कहना है कि कच्ची दीवारें लगातार पानी की चपेट में आने से कमजोर हो गई हैं। यदि मकान गिर गया तो वह अपने परिवार के साथ कहां रहेंगी, यह सबसे बड़ा सवाल है। महिला के मुताबिक, घर से पानी बाहर निकालने के लिए रास्ता
बनाया गया था, लेकिन आरोप है कि सुबेदार राम ने पानी निकासी के उस रास्ते को दोबारा मिट्टी डालकर बंद कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों की मौजूदगी में पानी निकासी के लिए मिट्टी काटकर करहा बनाने का प्रयास किया गया, ताकि बारिश का पानी मकान से दूर निकल सके। विवाद बढ़ने पर बसंती देवी ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की स्थिति का
जायजा लिया। इसके बाद दोनों पक्षों को विंढमगंज थाने बुलाया गया। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहल पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में जल निकासी की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाना जरूरी है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। प्रशासन, ग्राम प्रधान और जनप्रतिनिधि मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जल निकासी की व्यवस्था कराएं और गरीब महिला के जर्जर मकान को गिरने से बचाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं—यही पीड़ित परिवार की मांग है।
- महुली में भुगतान रुका, शौचालय हैंडपंप ठपः ग्रामीणों को पेयजल व स्वच्छता के लिए जूझना पड़ रहा महुली में भुगतान रुका, शौचालय हैंडपंप ठपः ग्रामीणों को पेयजल व स्वच्छता के लिए जूझना पड़ रहा1
- बारिश और जल निकासी के विवाद में जर्जर हुआ गरीब महिला का आशियाना, घर गिरने का मंडरा रहा खतरा विंढमगंज सोनभद्र/घिवही। लगातार हो रही बारिश ने घिवही टोला बैरियाखाड़ निवासी बसंती देवी पत्नी अनिल राम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उनका कच्चा मकान लगातार बारिश और आसपास पानी जमा होने के कारण पूरी तरह जर्जर हो चुका है। परिवार को आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो मकान कभी भी गिर सकता है। ऐसे में महिला ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रधान से तत्काल संज्ञान लेकर उनके आशियाने को बचाने की गुहार लगाई है। बसंती देवी का आरोप है कि उनके छोटे ससुर सुबेदार राम द्वारा अपने घर का पानी बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण पानी उनके मकान की ओर जमा हो रहा है। महिला का कहना है कि कच्ची दीवारें लगातार पानी की चपेट में आने से कमजोर हो गई हैं। यदि मकान गिर गया तो वह अपने परिवार के साथ कहां रहेंगी, यह सबसे बड़ा सवाल है। महिला के मुताबिक, घर से पानी बाहर निकालने के लिए रास्ता बनाया गया था, लेकिन आरोप है कि सुबेदार राम ने पानी निकासी के उस रास्ते को दोबारा मिट्टी डालकर बंद कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों की मौजूदगी में पानी निकासी के लिए मिट्टी काटकर करहा बनाने का प्रयास किया गया, ताकि बारिश का पानी मकान से दूर निकल सके। विवाद बढ़ने पर बसंती देवी ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद दोनों पक्षों को विंढमगंज थाने बुलाया गया। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहल पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में जल निकासी की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाना जरूरी है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। प्रशासन, ग्राम प्रधान और जनप्रतिनिधि मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जल निकासी की व्यवस्था कराएं और गरीब महिला के जर्जर मकान को गिरने से बचाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं—यही पीड़ित परिवार की मांग है।4
- कचनरवा में मोटरसाइकिल की टक्कर से युवती की मौत, चालक के खिलाफ मुकदमा कचनरवा में मोटरसाइकिल की टक्कर से युवती की मौत, चालक के खिलाफ मुकदमा कोन/कचनरवा, सोनभद्र। कोन थाना क्षेत्र के कचनरवा में सोमवार को सड़क हादसे में एक युवती की मौत हो गई। हादसा शाम करीब चार बजे कचनरवा कस्बे से आगे गैस गोदाम आसनाबांध से पहले मेन रोड पर हुआ। पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर पर अज्ञात मोटरसाइकिल चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार कचनरवा गांव के टोला बैसाहूखाड़ी निवासी किरण कुमारी (21) पुत्री भुनेश्वर उरांव सोमवार शाम कचनरवा बाजार से सब्जी व घरेलू सामान लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान गैस गोदाम आसनाबांध से पहले विपरीत दिशा से आ रही मोटरसाइकिल संख्या UP64BD4419 ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से घायल युवती को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोन ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता की तहरीर पर मुकदमा घटना के संबंध में मृतका के पिता भुनेश्वर उरांव ने कोन थाने में तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 140/26 में धारा 281/106(1) बीएनएस के तहत मोटरसाइकिल चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। चालक का नाम-पता अभी अज्ञात बताया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक शिवनारायण यादव कर रहे हैं। पुलिस वाहन चालक की पहचान और तलाश के साथ ही हादसे के कारणों की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेजा शव मृतका के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिवार में मचा कोहराम युवती की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं घटना की जानकारी के बाद कचनरवा और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच विवेचना के दौरान की जा रही है। नोट: हादसे से संबंधित अन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की विवेचना और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी।1
- निरंजनी अखाड़ा की महामंडलेश्वर साध्वी सरितानंद गिरि जी के सानिध्य में संपन्न हुआ भव्य धार्मिक अनुष्ठान* *रॉबर्ट्सगंज में निकली भव्य कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजी धर्मनगरी* *निरंजनी अखाड़ा की महामंडलेश्वर साध्वी सरितानंद गिरि जी के सानिध्य में संपन्न हुआ भव्य धार्मिक अनुष्ठान* *शीतला मंदिर से महाकाल शिवालय तक उमड़ा शिवभक्तों का हुजूम महिलाओं ने भी उठाई कांवड़* *कथा व भजन संध्या के बाद वितरित हुआ रुद्राक्ष प्रसाद बरौली चौराहे पर जरूरतमंदों को बांटा गया भोजन* सोनभद्र । जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज में सावन के पावन अवसर पर आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर निरंजनी अखाड़ा साध्वी सरितानंद गिरि जी के पावन तत्वावधान एवं दिव्य सानिध्य में भव्य कांवड़ यात्रा एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत धूमधाम व श्रद्धा भाव के साथ संपन्न हुआ। भव्य कांवड़ यात्रा का शुभारंभ नगर के ऐतिहासिक शीतला मंदिर से हुआ। यात्रा में स्थानीय श्रद्धालुओं, युवाओं एवं महिलाओं ने बड़ी संख्या में बढ़-चढ़कर भाग लिया। कांवड़ उठाए श्रद्धालुओं का जबरदस्त उत्साह देखते ही बन रहा था। शीतला मंदिर से प्रारंभ होकर कांवड़ यात्रा विजयगढ़ टॉकीज और रामलीला मैदान रोड होते हुए नगर के मुख्य मार्गों से गुजरी। कांवड़ियों का जत्था महाकाल शिवालय पहुँचा, जहाँ श्रद्धालुओं ने पूर्ण विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के दौरान पूरा नगर हर-हर महादेव, जय भोलेनाथ और बम-बम भोले के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। कांवड़ यात्रा के समापन के उपरांत रामलीला मैदान (राम मंदिर मैदान) परिसर में भव्य शिव कथा एवं धार्मिक भजन संध्या का आयोजन किया गया। पूज्य महामंडलेश्वर साध्वी सरितानंद गिरि जी ने अपने ओजस्वी प्रवचन से उपस्थित जनसमूह को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। कथा एवं आरती के उपरांत साध्वी जी द्वारा उपस्थित समस्त श्रद्धालुओं को आशीर्वाद स्वरूप एक केला, पुष्प एवं पवित्र रुद्राक्ष प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ साध्वी सरितानंद गिरि जी ने समाज सेवा की अनूठी मिसाल पेश की। कार्यक्रम के उपरांत वे बरौली चौराहे पहुँचीं, जहाँ उन्होंने ठेला चालकों, असहायों, निर्धनों एवं भिक्षाटन करने वाले लोगों के बीच पैक किया हुआ शुद्ध भोजन वितरित किया। इस दौरान साध्वी जी ने संदेश देते हुए कहा समाज के प्रत्येक जन प्रतिनिधि और सक्षम नागरिक को यह सोच रखनी चाहिए कि हमारे आसपास कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। जो असहाय या भीख मांगने को मजबूर हैं, उन्हें कम से कम एक वक्त का सम्मानजनक भोजन अवश्य नसीब होना चाहिए। नर सेवा ही नारायण की सच्ची सेवा है। भोजन व रुद्राक्ष प्रसाद वितरण के साथ ही इस भव्य कांवड़ यात्रा एवं धार्मिक अनुष्ठान का विधिवत समापन हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान रॉबर्ट्सगंज नगर पूर्णत भक्तिमय और आध्यात्मिक माहौल में सराबोर रहा।1
- 🚨 ब्रेकिंग: सोनभद्र 🌾 सड़क पर धान रोपकर ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन! बिल्ली मारकुंडी के खैरटिया में 5 साल से बदहाल ओम चौराहा से रेणुका नदी तक करीब 2 किमी सड़क को लेकर ग्रामीणों का विरोध। गड्ढों में जलभराव से राहगीर व स्कूली बच्चे परेशान, बाइक सवार हो रहे चोटिल। ग्रामीणों ने सड़क चौड़ीकरण, जलनिकासी व प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की। ⚠️ समाधान न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी। #Sonbhadra #Khairtia #RoadProblem #BreakingNews1
- भीषण सड़क हादसा: बिजली पोल से टकराई बाइक, दो बच्चे गंभीर हेमंत कुमारकी रिपोर्ट चिनिया थाना क्षेत्र के चिनिया-रंका मुख्य सड़क पर बड़का नाला से कुछ दूरी ऊपर मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे भीषण मोटरसाइकिल दुर्घटना में दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार डंडई थाना क्षेत्र के बालेखाड़ गांव निवासी दयाशंकर सिंह अपने बहनोई चिनिया थाना क्षेत्र के सरोइदोहर निवासी सुरेश सिंह और अपने भांजे के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बिजली के पोल से जा टकराई। हादसे में बाइक सवार सभी लोग घायल हो गए, जबकि दो बच्चे मनीष कुमार उम्र 4 वर्ष तथा अंशु कुमारी 3 वर्ष की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, दोनों के सर पर गंभीर चोटे आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को चिनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही चिनिया थाना प्रभारी विकु कुमार रजक के निर्देश पर एएसआई काशी भूषण पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और घायलों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा भेजने में सहयोग किया।1
- थाना दुद्धी क्षेत्रान्तर्गत अमवार बंधे में डूबने से एक युवती की मृत्यु हो जाने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकार दुद्धी सोनभद्र श्री विनय प्रभाकर साहनी की बाइट- थाना दुद्धी क्षेत्रान्तर्गत अमवार बंधे में डूबने से एक युवती की मृत्यु हो जाने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकार दुद्धी सोनभद्र श्री विनय प्रभाकर साहनी की बाइट-1
- मकई के खेत में मिला राजेंद्र यादव का शव, हत्या की आशंका के बीच दो मासूम बेटियों के भविष्य पर सवाल गांव निवासी राजेंद्र यादव का शव सोमवार को उनके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित मकई के खेत के बीच से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि राजेंद्र यादव मानसिक रूप से कुछ कमजोर थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक बड़ा भाई कन्हाई यादव है, जो फिलहाल रायपुर में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद कन्हाई यादव गांव के लिए रवाना हो गए हैं। राजेंद्र यादव की पत्नी का भी करीब पांच से सात वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनके पालन-पोषण और देखभाल का एकमात्र सहारा उनके पिता राजेंद्र यादव ही थे। ऐसे में राजेंद्र यादव की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके भविष्य और देखभाल का खड़ा हो गया है। पुलिस ने सोमवार शाम मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। शव पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। नाक से खून निकलने और जीभ बाहर निकली होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। लेकिन सवाल सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। राजेंद्र यादव की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियों का क्या होगा? उनकी देखभाल कौन करेगा? इस घटना के पीछे कौन है? राजेंद्र यादव की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? उनका मोबाइल फोन कहां है और इस समय किसके पास है? इन तमाम सवालों के जवाब मिलना जरूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करे तथा यदि यह हत्या है तो इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। साथ ही प्रशासन को राजेंद्र यादव की दोनों बेटियों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर भी तत्काल पहल करनी चाहिए। सिर्फ शव का अंतिम संस्कार कर देना इस घटना का समाधान नहीं है। असली सवाल यह है कि राजेंद्र यादव की मौत की सच्चाई सामने कब आएगी और उनके पीछे छूट गईं दो मासूम बेटियों को न्याय और सहारा कौन देगा? मकई के खेत में मिला राजेंद्र यादव का शव, हत्या की आशंका के बीच दो मासूम बेटियों के भविष्य पर सवाल गांव निवासी राजेंद्र यादव का शव सोमवार को उनके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित मकई के खेत के बीच से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि राजेंद्र यादव मानसिक रूप से कुछ कमजोर थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक बड़ा भाई कन्हाई यादव है, जो फिलहाल रायपुर में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद कन्हाई यादव गांव के लिए रवाना हो गए हैं। राजेंद्र यादव की पत्नी का भी करीब पांच से सात वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनके पालन-पोषण और देखभाल का एकमात्र सहारा उनके पिता राजेंद्र यादव ही थे। ऐसे में राजेंद्र यादव की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके भविष्य और देखभाल का खड़ा हो गया है। पुलिस ने सोमवार शाम मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। शव पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। नाक से खून निकलने और जीभ बाहर निकली होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। लेकिन सवाल सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। राजेंद्र यादव की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियों का क्या होगा? उनकी देखभाल कौन करेगा? इस घटना के पीछे कौन है? राजेंद्र यादव की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? उनका मोबाइल फोन कहां है और इस समय किसके पास है? इन तमाम सवालों के जवाब मिलना जरूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करे तथा यदि यह हत्या है तो इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। साथ ही प्रशासन को राजेंद्र यादव की दोनों बेटियों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर भी तत्काल पहल करनी चाहिए। सिर्फ शव का अंतिम संस्कार कर देना इस घटना का समाधान नहीं है। असली सवाल यह है कि राजेंद्र यादव की मौत की सच्चाई सामने कब आएगी और उनके पीछे छूट गईं दो मासूम बेटियों को न्याय और सहारा कौन देगा?1