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राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में आगामी 31 जुलाई से ओपीडी व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल होने जा रही है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत अब प्रत्येक मरीज का आभा (ABHA) लिंक्ड इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (ईएचआर) तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही, डॉक्टर मरीज के परामर्श, जांच और दवाओं का पूरा विवरण आईएचएमएस (IHMS) के डॉक्टर डेस्क मॉड्यूल में दर्ज करेंगे।
Bikaner local news
राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में आगामी 31 जुलाई से ओपीडी व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल होने जा रही है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत अब प्रत्येक मरीज का आभा (ABHA) लिंक्ड इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (ईएचआर) तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही, डॉक्टर मरीज के परामर्श, जांच और दवाओं का पूरा विवरण आईएचएमएस (IHMS) के डॉक्टर डेस्क मॉड्यूल में दर्ज करेंगे।
More news from राजस्थान and nearby areas
- बीकानेर के कोलायत में आयोजित लाभार्थी सम्मेलन और जनसुनवाई के दौरान कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने आमजन की समस्याएं सुनीं। इस कार्यक्रम में उन्होंने खाद्य सुरक्षा योजना के पात्र लाभार्थियों को लाभ पत्र वितरित किए। इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने कपिल सरोवर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मशीन उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।1
- नागौर के बुटाटी धाम मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव ने साफ तौर पर कहा है कि मंदिर विकास समिति को पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने दस्तावेज जमा नहीं किए और मंदिर में घोटाला हुआ है। फिलहाल, उच्च न्यायालय के निर्देश के कारण इस मामले में कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई है। अब इस जांच रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया जाएगा और आगे की दिशा न्यायिक प्रक्रिया ही तय करेगी। बुटाटी धाम में मंदिर विकास समिति पर लंबे समय से वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग रहे थे। जिला कलेक्टर के आदेश पर डेगाना एसडीएम मोहन चौधरी की अगुवाई वाली 13 सदस्यीय टीम ने 146 दिनों तक इस मामले की सघन जांच की। ऑडिट रिपोर्ट, कैश बुक, आय-व्यय खातों और दस्तावेजों की जांच के दौरान इसमें भारी गड़बड़ियां और गड़बड़ी सामने आई हैं।1
- श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर में तपती गर्मी से राहत दिलाने के लिए राहगीरों को पीले चावल बांटे गए।1
- नागौर के मेड़ता रोड/छापरी में किसानों को पुलिस का खौफ दिखाकर कंपनियां जबरदस्ती खेतों में हाईटेंशन पोल खड़े करना चाहती हैं। डीएलसी दर कम होने के कारण परेशान किसानों की केवल एक ही मांग है कि उन्हें जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए। लेकिन किसानों को राहत देने के बजाय स्थानीय प्रशासन और पुलिस बुजुर्ग किसान (अन्नदाता) के साथ बदसलूकी कर रहे हैं और जबरन पोल खड़े करने की कोशिशों में जुटे हैं।1
- चूरू के राजलदेसर (मूल निवासी जाखल) की बाईसा कु. भानवी शेखावत का भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयन हुआ है। श्री दीपेन्द्र सिंह शेखावत जी की सुपुत्री भानवी की इस शानदार सफलता से न केवल शेखावत परिवार, बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र में अत्यंत हर्ष और गौरव का माहौल है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरव का स्वर्णिम क्षण माना जा रहा है। भानवी बाईसा की कड़ी मेहनत, लगन और अटूट समर्पण ने आज उन्हें इस गौरवशाली मुकाम पर पहुंचाया है। उनके इस चयन पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं दी जा रही हैं। साथ ही ईश्वर से यह प्रार्थना की गई है कि वे मातृभूमि की सेवा करते हुए निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करें और उनका जीवन हमेशा यश, सम्मान तथा सफलता से परिपूर्ण रहे।2
- राजस्थान के अजमेर शहर के बीचों-बीच स्थित एक "रहस्यमयी" सोने का मंदिर वास्तव में एक बेहद प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक है, जिसे 'सोनी जी की नसियां' जैन मंदिर या 'लाल मंदिर' के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर बाहर से देखने पर तो साधारण लाल पत्थरों से बना हुआ दिखाई देता है, लेकिन इसके भीतर एक बेहद भव्य सोने का महल छिपा हुआ है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके अंदर 1000 किलो सोने से बनी एक पूरी नगरी मौजूद है।1
- बीकानेर के कोलायत में पूर्व प्रधान जयवीर सिंह भाटी ने कपिल सरोवर के संरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री के समक्ष पहुंचकर सरोवर के संरक्षण की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही, जयवीर सिंह भाटी ने कपिल सरोवर की उचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए एक मशीन उपलब्ध कराने की भी मांग रखी है।1
- राजस्थान के नागौर में स्थित करीब 500 साल पुराने प्रसिद्ध श्री चतुरदास महाराज मंदिर (बुटाटी धाम) में ₹22.74 करोड़ के कथित गबन का बड़ा खुलासा हुआ है। जिला प्रशासन की 13 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। डेगाना एसडीएम मोहन चौधरी की अगुवाई में 146 दिनों तक चली जांच के बाद यह रिपोर्ट 23 जून 2026 को जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव को सौंपी गई है, जिसके बाद मंदिर विकास समिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय भक्तों और भामाशाहों में इस खुलासे को लेकर भारी आक्रोश है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में ₹15.16 करोड़ का प्रमाणित गबन हुआ है, जबकि वर्ष 2025-26 के रिकॉर्ड जमा नहीं करने पर ₹7.58 करोड़ का प्रतिकूल अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा, 36 किलो चांदी और 250 ग्राम सोने का रिकॉर्ड गायब मिला है और ₹2.60 करोड़ के जेवरों का कोई स्टॉक रजिस्टर या लेखा-जोखा नहीं है। समिति ने भोजनशाला निर्माण पर ₹49.49 लाख का खर्च दिखाया, जबकि इस ग्राउंड फ्लोर का निर्माण एक भामाशाह ने अपने निजी खर्चे से करवाया था। रसोई खर्च में ₹1 करोड़ से अधिक गायब हैं, ₹82 लाख के सीसीटीवी कैमरों पर सवाल हैं, और गोशाला मद व दान पेटी की आय-खर्च में भारी गड़बड़ियों के साथ फर्जी वाउचर का इस्तेमाल किया गया है। जांच समिति ने मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह समेत तत्कालीन और वर्तमान 11 पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, खातों में हेराफेरी और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। साथ ही वर्तमान समिति को हटाकर किसी राजपत्रित अधिकारी को प्रभार सौंपने, रिकॉर्ड सील करने, बैंक खाते फ्रीज करने और फॉरेंसिक ऑडिट कराने की सलाह दी है। हालांकि, उच्च न्यायालय के निर्देशों के कारण फिलहाल कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई है और यह रिपोर्ट अब कोर्ट में पेश की जाएगी, जहां आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी। इस खुलासे के बाद राजस्थान में बड़ा सियासी बवाल शुरू हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा, "हे राम... तेरे नाम पर 'चंदा चोरी' अपार, पापियों ने बनाया लूट का व्यापार। भगवान BJP-RSS वालों को कभी माफ़ नहीं करेंगे।" वहीं, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी तरफ, मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने इसे एकतरफा और राजनीतिक साजिश करार देते हुए दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव का कहना है कि समिति को पर्याप्त समय दिया गया था लेकिन उन्होंने दस्तावेज जमा नहीं किए और मंदिर में घोटाला हुआ है।4
- चूरू क्षेत्र में बल्लार से दंतोर जाने वाले मार्ग पर 17 केचम फांटे के ऊपर एक बस का लाइव एक्सीडेंट होने का मामला सामने आया है। एक सिंगल रोड पर गाड़ी लगभग 100 की रफ्तार से दौड़ रही थी और उसका लाइव कैमरा चालू था। इसी दौरान सामने से एक बाइक आ जाने के कारण गाड़ी की उस निर्दोष बाइक सवार से जोरदार टक्कर हो गई। इस खौफनाक हादसे को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है और सवाल उठाया गया है कि आज की युवा पीढ़ी आखिर इस तरह के वीडियो बनाकर क्या साबित करने का प्रयास कर रही है। इस घटना का जो नतीजा हुआ है, उसे सब जानते हैं। कैमरे को लाइव रखकर इस तरह लापरवाही से गाड़ी दौड़ाना यह दिखाता है कि आने वाले भविष्य का मंजर दिन-प्रतिदिन कितना खतरनाक होता जा रहा है।1