विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत सृष्टि सेवा समिति ने 08 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलाया जागरूकता अभियान विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत सृष्टि सेवा समिति ने 08 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलाया जागरूकता अभियान जुबेर अहमद धरियावद धरियावद-विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त) के प्रथम दिवस पर सृष्टि सेवा समिति धरियावद द्वारा क्षेत्र के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। इस वर्ष की थीम "स्तनपान को प्राथमिकता दें स्थायी सहायता प्रणालियाँ बनाएँ" है,जिसका उद्देश्य केवल एक सप्ताह तक जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि घर,गांव,आंगनबाड़ी केंद्र (AWC) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) तथा कार्यस्थलों पर स्तनपान के लिए स्थायी सहयोग एवं अनुकूल वातावरण विकसित करना है। समिति द्वारा रामेर तालाब,आम्बा बी,भूमनिया, पाल,देवपुरा,ग्यासपुर प्रथम, रनिया एवं कोतवाल आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को बताया गया कि जन्म के तुरंत बाद मां का पहला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) नवजात शिशु के लिए अमृत के समान होता है,जो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव रखता है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। इस अवधि में पानी, शहद,घुट्टी या अन्य कोई भी खाद्य पदार्थ नहीं देना चाहिए। छह माह की आयु पूरी होने के बाद स्तनपान जारी रखते हुए शिशु को उम्र के अनुसार पौष्टिक ऊपरी आहार शुरू करना आवश्यक है,ताकि उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास को उचित पोषण मिल सके। अभियान में स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आशा सहयोगिनियों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए महिलाओं को स्तनपान के लाभ, सही पोषण एवं शिशु देखभाल संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की तथा समुदाय को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सृष्टि सेवा समिति के प्रोग्राम मैनेजर जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान समिति द्वारा पूरे सप्ताह विभिन्न गांवों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों को भी स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा,ताकि माताओं को हर स्तर पर सहयोग मिल सके और शिशुओं को जीवन की शुरुआत से ही बेहतर पोषण एवं सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।
विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत सृष्टि सेवा समिति ने 08 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलाया जागरूकता अभियान विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत सृष्टि सेवा समिति ने 08 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलाया जागरूकता अभियान जुबेर अहमद धरियावद धरियावद-विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त) के प्रथम दिवस पर सृष्टि सेवा समिति धरियावद द्वारा क्षेत्र के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। इस वर्ष की थीम "स्तनपान को प्राथमिकता दें स्थायी सहायता प्रणालियाँ बनाएँ" है,जिसका उद्देश्य केवल एक सप्ताह तक जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि घर,गांव,आंगनबाड़ी केंद्र (AWC) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) तथा कार्यस्थलों पर स्तनपान के लिए स्थायी सहयोग एवं अनुकूल वातावरण विकसित करना है। समिति द्वारा रामेर तालाब,आम्बा बी,भूमनिया, पाल,देवपुरा,ग्यासपुर प्रथम, रनिया एवं कोतवाल आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को बताया गया कि जन्म के तुरंत बाद मां का पहला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) नवजात शिशु के लिए अमृत के समान होता है,जो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव रखता है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। इस अवधि में पानी, शहद,घुट्टी या अन्य कोई भी खाद्य पदार्थ नहीं देना चाहिए। छह माह की आयु पूरी होने के बाद स्तनपान जारी रखते हुए शिशु को उम्र के अनुसार पौष्टिक ऊपरी आहार शुरू करना आवश्यक है,ताकि उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास को उचित पोषण मिल सके। अभियान में स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आशा सहयोगिनियों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए महिलाओं को स्तनपान के लाभ, सही पोषण एवं शिशु देखभाल संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की तथा समुदाय को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सृष्टि सेवा समिति के प्रोग्राम मैनेजर जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान समिति द्वारा पूरे सप्ताह विभिन्न गांवों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों को भी स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा,ताकि माताओं को हर स्तर पर सहयोग मिल सके और शिशुओं को जीवन की शुरुआत से ही बेहतर पोषण एवं सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।
- तेहरान-रियाद के बीच गुप्त समझौता ईरान से डील करवाकर पाक ने रुकवाए थे सऊदी पर हमले ईरान और अमेरिका के बीच जंग में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नया खुलासा हुआ है। पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने जंग की शुरुआत के बाद ईरान और सऊदी अरब के बीच गोपनीय डील कराया था। द टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती चरण में सऊदी अरब पर ईरान की तरफ से बार-बार मिसाइल हमले हुए, लेकिन समझौता होने के बाद ये हमले बंद हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, मार्च के आखिर में मुनीर ने ईरान की आईआरजीसी के कमांडर अहमद वाहिदी के साथ चल रहे जॉइंट ऑयल ट्रांसपोर्ट ऑपरेशन को दबाव के तौर पर इस्तेमाल किया। इस ऑपरेशन के तहत पिछले साल के आखिर से ईरान ने अमेरिका का नया युद्धविराम प्रस्ताव ठुकराया अमेरिका ने लगातार 13वीं रात ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले किए। वहीं, ईरान ने डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से इराकी पीएम के जरिए भेजा गया युद्धविराम प्रस्ताव ठुकरा दिया। ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज मुद्दे के समाधान के बिना वह किसी अस्थायी युद्धविराम को स्वीकार नहीं करेगा। हालिया हमलों में ईरान में 55 लोगों की मौत और 600 के घायल होने की खबर है। ईरानी तेल को पाकिस्तान लाया जा रहा है। मुनीर ने वाहिदी को चेताय था कि अगर सऊदी इलाके पर हमले जारी रहे तो जॉइंट ऑयल ऑपरेशन का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।1
- "मैं नीमच हूँ… और मेरे फेफड़े काटे जा रहे हैं!" जंगलों की खामोश चीख, जवाब कौन देगा? नमस्कार… मैं नीमच हूँ… वही नीमच, जिसकी पहचान कभी नीम के पेड़ों, घने जंगलों और हरियाली से होती थी। लेकिन आज ऐसा लगता है जैसे मेरे फेफड़े धीरे-धीरे काटे जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई के कई वीडियो सामने आ रहे हैं। इन वीडियो की सत्यता की पुष्टि होना जरूरी है, लेकिन इससे भी बड़ा सवाल यह है कि यदि इनमें सच्चाई है, तो जिम्मेदार विभाग अब तक मौन क्यों है? और यदि ये भ्रामक हैं, तो उनका खंडन क्यों नहीं किया गया? नीमच, मनासा, जावद, जीरन, रतनगढ़ और रामपुरा के वन क्षेत्रों को लेकर समय-समय पर अवैध कटाई और अतिक्रमण की शिकायतें उठती रही हैं। आखिर जंगलों की निगरानी कौन कर रहा है? कितनी वन भूमि सुरक्षित है? कितने अवैध कटान रोके गए? और कितनों पर कार्रवाई हुई? याद रखिए… पेड़ सिर्फ लकड़ी नहीं होते। यही पेड़ बारिश लाते हैं, भूजल बचाते हैं और हमें जीवन देने वाली ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। जब एक जंगल उजड़ता है, तो केवल पेड़ नहीं गिरते, बल्कि भविष्य भी कमजोर होता है। यह किसी पर आरोप लगाने की कोशिश नहीं, बल्कि सच सामने लाने की एक अपील है। यदि जंगल सुरक्षित हैं तो तथ्य जनता के सामने रखे जाएँ। और यदि कहीं गड़बड़ी हुई है, तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। क्योंकि सवाल सिर्फ पेड़ों का नहीं… सवाल नीमच की पहचान, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का है। मैं नीमच हूँ… और मैं पूछ रहा हूँ—क्या मेरे जंगल बचेंगे? 🌿1
- नशे से दूरी" फुटबॉल टूर्नामेंट में बवाल! 1-0 की हार के बाद खिलाड़ियों पर कथित हमला, खेल भावना पर उठे सवाल; कार्रवाई नहीं हुई तो NFA ने टूर्नामेंट के बहिष्कार की दी चेतावनी फाइनल नहीं खेलेंगे1
- मन्दसौर कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य दीपक गुर्जर और उनके साथियों पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा दीपक गुर्जर एवं साथियों पर मुकदमा दर्ज1
- MP मन्दसौर नवागत कलेक्टर दिव्यांक सिंह द्वारा पत्रकारों से औपचारिक मुलाकात कर चर्चा की । MP मन्दसौर नवागत कलेक्टर दिव्यांक सिंह द्वारा पत्रकारों से औपचारिक मुलाकात कर चर्चा की ।1
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौहानों का खेड़ा के सामने टूटी सड़क,बच्चे कीचड़ भरे रास्ते मे स्कूल जाने को मजबूर राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौहानों का खेड़ा के सामने टूटी सड़क,बच्चे कीचड़ भरे रास्ते मे स्कूल जाने को मजबूर जुबेर अहमद लोकेशन-धरियावद 9001885006 धरियावद-ग्राम पंचायत गाड़रियावास धावड़ी माता रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौहानों का खेड़ा में छात्र बरसात के कीचड़ में बनी कच्ची सड़क से होकर स्कूल जाने को मजबूर है। यह समस्या काफी लंबे समय से बनी हुई है, जिससे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी देते हुए वार्ड पंच शराफत खान मेव ने बताया कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से उक्त सड़क निर्माण की मांग को लेकर शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद न तो सड़क पर निर्माण किया गया है और ना ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। सड़क निर्माण नहीं होने से बरसात के दिनों में गड्ढे में पानी भरा रहता है जिससे छात्रों एवं आने-जाने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पास ही में मस्जिद एवं मदरसा होने पर नमाज़ पढ़ने वालों के साथ भी कीचड़ होने से गन्दा पानी उड़ने का मामला सामने आया है। बताया कि यह जो सड़क है व आसपास गांव के रास्तों की ओर ले जाती है जिससे आए दिन यहां पर आवागमन होता रहता है। आसपास के मोहल्लेवासियों ने सड़क निर्माण की मांग की है।2
- यूरोप में आग का तांडव... स्पेन में इमरजेंस फ्रांस में 50 हजार लोग रेस्क्यू किए गए पेरिस | यूरोप इस समय इतिहास की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है। स्पेन और फ्रांस में रिकॉर्डतोड हीटवेव के कारण जंगलों में भयानक आग लग गई है। स्पेन में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। फ्रांस में 50 हजार और स्पेन में 20 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। आग से अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है।1
- अवैध जुआ-सट्टा पर नीमच सिटी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कालु दस्सा उर्फ मोहम्मद आरिफ जेल भेजा गया नीमच। थाना नीमच सिटी पुलिस ने अवैध जुआ-सट्टा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी कालु दस्सा उर्फ मोहम्मद आरिफ निवासी बघाना को गिरफ्तार कर जिला जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार 10 जुलाई 2026 को बरुखेड़ा श्मशान घाट के पास दबिश देकर तीन जुआरियों को पकड़कर 25,500 रुपये, ताश के पत्ते और दो मोटरसाइकिल जब्त की गई थीं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि कालु दस्सा वहां अवैध रूप से नाल काटकर जुआ खिलाता था। आरोपी फरार चल रहा था, जिसे अब गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई के बाद जेल भेजा गया। उसके विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है।1