राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में इन दिनों एक बेहद दिलचस्प और दुर्लभ संयोग चर्चा का विषय बना हुआ है। राज्य में पहली बार ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है, जब एक ही समय में ससुर और दामाद दोनों भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी अलग-अलग जिलों में जिला कलेक्टर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल के बाद यह अनोखा पारिवारिक और प्रशासनिक संयोग सचिवालय से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है। इस अनोखी जोड़ी में ससुर हरफूल सिंह यादव हैं, जिन्हें हाल ही में 25 अप्रैल को बूंदी जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। मूल रूप से सीकर के रहने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हरफूल सिंह यादव राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) से पदोन्नत होकर आईएएस बने हैं और उनके पास प्रशासनिक सेवा का लंबा अनुभव है। बूंदी कलेक्टर के रूप में यह उनके सरकारी करियर की 27वीं पोस्टिंग है। इससे पहले वे वर्ष 2021 में जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में एडिशनल कमिश्नर सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में सेवाएं दे चुके हैं। बूंदी का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने विकास कार्यों और जनसुनवाई को अपनी प्राथमिकता बताया है। वहीं, उनके दामाद सुशील कुमार वर्ष 2017 बैच के राजस्थान कैडर के सीधे भर्ती वाले आईएएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में नवगठित बालोतरा जिले के जिला कलेक्टर के रूप में कमान संभाल रहे हैं। मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले सुशील कुमार बाड़मेर से अलग होकर बने नए जिले बालोतरा में आधारभूत ढांचे के विकास और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। बालोतरा कलेक्टर के रूप में यह उनके करियर की 9वीं पोस्टिंग है। इससे पहले वे अजमेर नगर निगम में आयुक्त के पद पर भी कार्यरत रह चुके हैं, जहां उन्होंने शहरी विकास और सफाई व्यवस्था में उल्लेखनीय कार्य किए। ससुर और दामाद की इस अनोखी आईएएस जोड़ी की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। लोग इसे अनुभव और युवा नेतृत्व का एक शानदार संगम बता रहे हैं, जिसमें एक तरफ हरफूल सिंह यादव अपने लंबे अनुभव के साथ बूंदी का नेतृत्व कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सुशील कुमार अपनी नई सोच और ऊर्जा के साथ बालोतरा को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रशासनिक सेवा में इस तरह का संयोग बेहद दुर्लभ माना जा रहा है।
राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में इन दिनों एक बेहद दिलचस्प और दुर्लभ संयोग चर्चा का विषय बना हुआ है। राज्य में पहली बार ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है, जब एक ही समय में ससुर और दामाद दोनों भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी अलग-अलग जिलों में जिला कलेक्टर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल के बाद यह अनोखा पारिवारिक और प्रशासनिक संयोग सचिवालय से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है। इस अनोखी जोड़ी में ससुर हरफूल सिंह यादव हैं, जिन्हें हाल ही में 25 अप्रैल को बूंदी जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। मूल रूप से सीकर के रहने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हरफूल सिंह यादव राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) से पदोन्नत होकर आईएएस बने हैं और उनके पास प्रशासनिक सेवा का लंबा अनुभव है। बूंदी कलेक्टर के रूप में यह उनके सरकारी करियर की 27वीं पोस्टिंग है। इससे पहले वे वर्ष 2021 में जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में एडिशनल कमिश्नर सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में सेवाएं दे चुके हैं। बूंदी का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने विकास कार्यों और जनसुनवाई को अपनी प्राथमिकता बताया है। वहीं, उनके दामाद सुशील कुमार वर्ष 2017 बैच के राजस्थान कैडर के सीधे भर्ती वाले आईएएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में नवगठित बालोतरा जिले के जिला कलेक्टर के रूप में कमान संभाल रहे हैं। मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले सुशील कुमार बाड़मेर से अलग होकर बने नए जिले बालोतरा में आधारभूत ढांचे के विकास और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। बालोतरा कलेक्टर के रूप में यह उनके करियर की 9वीं पोस्टिंग है। इससे पहले वे अजमेर नगर निगम में आयुक्त के पद पर भी कार्यरत रह चुके हैं, जहां उन्होंने शहरी विकास और सफाई व्यवस्था में उल्लेखनीय कार्य किए। ससुर और दामाद की इस अनोखी आईएएस जोड़ी की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। लोग इसे अनुभव और युवा नेतृत्व का एक शानदार संगम बता रहे हैं, जिसमें एक तरफ हरफूल सिंह यादव अपने लंबे अनुभव के साथ बूंदी का नेतृत्व कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सुशील कुमार अपनी नई सोच और ऊर्जा के साथ बालोतरा को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रशासनिक सेवा में इस तरह का संयोग बेहद दुर्लभ माना जा रहा है।
- बाड़मेर के बायतु से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-25 पर सड़क किनारे लगातार अवैध अतिक्रमण हो रहा है। यहाँ सड़क किनारे लग रहे हाथ ठेलों और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिससे यहाँ हर समय गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस से इस मामले में तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने और हाईवे को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई है।1
- चितलवाना सांचौर में बरसात कम होने के कारण किसान अब बेहद मायूस दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्र में पहले ही बरसात कम हुई है और ऊपर से तेज आंधी चल रही है, जिससे बोई हुई फसलें लगातार जल रही हैं। जो फसलें अभी उगी ही हैं, आंधी उनके ऊपर रेत डाल रही है जिससे वे खराब हो रही हैं। इन विषम परिस्थितियों को अलनीनो के लक्षण माना जा रहा है। चितलवाना सांचौर में कम बरसात होने के चलते किसानों को भारी संकट और दुख का सामना करना पड़ रहा है।1
- जालौर शहर की पुरानी नागरिक बैंक गली में रविवार को सीवरेज के ढक्कन खुले पड़े रहे, जिसके कारण आवागमन करने वाले मोहल्लेवासियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मोहल्ले के निवासी हरिप्रकाश परमार ने बताया कि सीवरेज के ढक्कन खुले पड़े होने के कारण दुपहिया वाहन चालकों को दुर्घटना होने का डर बना हुआ है, जिससे सभी वाहन चालक बेहद परेशान हैं।4
- जालौर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कार्यकर्ताओं ने सरकार से इन मांगों पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से बेहद कम मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन लगातार मिल रहे आश्वासनों के बावजूद अब तक उनकी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। ज्ञापन के जरिए कार्यकर्ताओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग पर लगातार उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच कई दौर की बातचीत होने के बावजूद आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। अपनी मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने सरकार को आंदोलन की चेतावनी देते हुए 1 जुलाई से 7 जुलाई तक कार्य बहिष्कार और 8 जुलाई से आम हड़ताल पर जाने का ऐलान किया था। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि मांगों का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसके चलते होने वाली किसी भी तरह की अव्यवस्था के लिए पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों के भवनों का किराया, बिजली बिल, मासिक वेतन, ग्रेच्युटी, वेतन वृद्धि, नियमितीकरण, पेंशन, न्यूनतम मजदूरी और न्यायालय के आदेशानुसार लाभ देने सहित विभिन्न मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग उठाई गई है। जालौर-आहोर परियोजना की अध्यक्ष जसोदा मीणा के हस्ताक्षर युक्त इस ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर सभी मांगों का शीघ्र निपटारा करने की पुरजोर अपील की है।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- बालोतरा के धोरीमना क्षेत्र स्थित गेनाणियों का तला राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रिंसिपल देवाराम चौधरी समेत तीन वरिष्ठ शिक्षकों का एक साथ तबादला किए जाने पर भारी हंगामा खड़ा हो गया। अपने पसंदीदा शिक्षकों के जाने की बात सुनकर स्कूल की छात्राएं फूट-फूटकर रोने लगीं, जिसकी तस्वीरें हर किसी को भावुक कर रही हैं। वहीं, इस फैसले से गुस्साए अभिभावक तबादले को रद्द करने की मांग को लेकर स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गए। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में 300 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं और एक साथ चार शिक्षकों के तबादले से बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी। हंगामे की सूचना मिलने पर शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और अभिभावकों व विद्यार्थियों से लंबी बातचीत की। उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद आखिरकार तीन शिक्षकों को डेपुटेशन पर इसी स्कूल में लगाने का फैसला लिया गया, जिसके बाद अभिभावकों ने स्कूल का गेट खोला। फिलहाल विभाग ने तीन शिक्षकों को डेपुटेशन पर भेजकर स्थिति संभाल ली है, लेकिन तबादला रद्द करने की मांग अभी भी बनी हुई है।1
- राजस्थान के अलवर में एक पेट्रोल पंप पर सिर्फ 898 रुपये के पेट्रोल के लिए सेल्समैन पर गोली चला दी गई। यहाँ एक बाइक सवार युवक ने पहले पेट्रोल भरवाया और फिर पैसे मांगने पर अपनी जेब से कट्टा निकालकर सेल्समैन पर फायर कर दिया। गोली सेल्समैन के कंधे को छूते हुए निकल गई, जिससे उसकी जान बाल-बाल बच गई। घायल सेल्समैन को पहले जिला अस्पताल और फिर जयपुर रेफर किया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी से नाकाबंदी कर महज एक घंटे के भीतर उसे गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है।1