जालौर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कार्यकर्ताओं ने सरकार से इन मांगों पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से बेहद कम मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन लगातार मिल रहे आश्वासनों के बावजूद अब तक उनकी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। ज्ञापन के जरिए कार्यकर्ताओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग पर लगातार उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच कई दौर की बातचीत होने के बावजूद आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। अपनी मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने सरकार को आंदोलन की चेतावनी देते हुए 1 जुलाई से 7 जुलाई तक कार्य बहिष्कार और 8 जुलाई से आम हड़ताल पर जाने का ऐलान किया था। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि मांगों का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसके चलते होने वाली किसी भी तरह की अव्यवस्था के लिए पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों के भवनों का किराया, बिजली बिल, मासिक वेतन, ग्रेच्युटी, वेतन वृद्धि, नियमितीकरण, पेंशन, न्यूनतम मजदूरी और न्यायालय के आदेशानुसार लाभ देने सहित विभिन्न मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग उठाई गई है। जालौर-आहोर परियोजना की अध्यक्ष जसोदा मीणा के हस्ताक्षर युक्त इस ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर सभी मांगों का शीघ्र निपटारा करने की पुरजोर अपील की है।
जालौर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कार्यकर्ताओं ने सरकार से इन मांगों पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से बेहद कम मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन लगातार मिल रहे आश्वासनों के बावजूद अब तक उनकी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। ज्ञापन के जरिए कार्यकर्ताओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग पर लगातार उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच कई दौर की बातचीत होने के बावजूद आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। अपनी मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने सरकार को आंदोलन की चेतावनी देते हुए 1 जुलाई से 7 जुलाई तक कार्य बहिष्कार और 8 जुलाई से आम हड़ताल पर जाने का ऐलान किया था। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि मांगों का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसके चलते होने वाली किसी भी तरह की अव्यवस्था के लिए पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों के भवनों का किराया, बिजली बिल, मासिक वेतन, ग्रेच्युटी, वेतन वृद्धि, नियमितीकरण, पेंशन, न्यूनतम मजदूरी और न्यायालय के आदेशानुसार लाभ देने सहित विभिन्न मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग उठाई गई है। जालौर-आहोर परियोजना की अध्यक्ष जसोदा मीणा के हस्ताक्षर युक्त इस ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर सभी मांगों का शीघ्र निपटारा करने की पुरजोर अपील की है।
- जालौर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कार्यकर्ताओं ने सरकार से इन मांगों पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से बेहद कम मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन लगातार मिल रहे आश्वासनों के बावजूद अब तक उनकी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। ज्ञापन के जरिए कार्यकर्ताओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग पर लगातार उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच कई दौर की बातचीत होने के बावजूद आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। अपनी मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने सरकार को आंदोलन की चेतावनी देते हुए 1 जुलाई से 7 जुलाई तक कार्य बहिष्कार और 8 जुलाई से आम हड़ताल पर जाने का ऐलान किया था। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि मांगों का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसके चलते होने वाली किसी भी तरह की अव्यवस्था के लिए पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों के भवनों का किराया, बिजली बिल, मासिक वेतन, ग्रेच्युटी, वेतन वृद्धि, नियमितीकरण, पेंशन, न्यूनतम मजदूरी और न्यायालय के आदेशानुसार लाभ देने सहित विभिन्न मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग उठाई गई है। जालौर-आहोर परियोजना की अध्यक्ष जसोदा मीणा के हस्ताक्षर युक्त इस ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर सभी मांगों का शीघ्र निपटारा करने की पुरजोर अपील की है।1
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