हूल दिवस के अवसर पर जामताड़ा के आमलाबनी में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने सिद्धू-कान्हू की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए। अपने संबोधन में चंपई सोरेन ने कहा कि हूल दिवस जैसे ऐतिहासिक मौके पर सिद्धू-कान्हू के पैतृक गांव भोगनाडीह में कार्यक्रम का आयोजन न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भोगनाडीह में लोगों की स्वतंत्रता को सीमित किया जा रहा है और भारी संख्या में मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की तैनाती कर पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह सवाल भी उठाया कि सिद्धू-कान्हू के वंशजों और स्थानीय लोगों ने ऐसा कौन-सा अपराध किया है कि उन्हें अपना कार्यक्रम आयोजित करने से रोका जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले साल हुए लाठीचार्ज में कई लोग घायल हुए थे, और इस बार लोगों को कार्यक्रम स्थल तक जाने की भी अनुमति नहीं दी जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा, यह कहते हुए कि एसपीटी और सीएनटी एक्ट सहित आदिवासी जमीन से जुड़े मामलों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा हालात ऐसे ही बने रहे तो राज्य में एक बार फिर आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हूल दिवस के मौके पर चंपई सोरेन द्वारा दिए गए इन बयानों के बाद क्षेत्र का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है, और उनके लगाए गए आरोपों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
हूल दिवस के अवसर पर जामताड़ा के आमलाबनी में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने सिद्धू-कान्हू की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए। अपने संबोधन में चंपई सोरेन ने कहा कि हूल दिवस जैसे ऐतिहासिक मौके पर सिद्धू-कान्हू के पैतृक गांव भोगनाडीह में कार्यक्रम का आयोजन न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भोगनाडीह में लोगों की स्वतंत्रता को सीमित किया जा रहा है और भारी संख्या में मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की तैनाती कर पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह सवाल भी उठाया कि सिद्धू-कान्हू के वंशजों और स्थानीय लोगों ने ऐसा कौन-सा अपराध किया है कि उन्हें अपना कार्यक्रम आयोजित करने से रोका जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले साल हुए लाठीचार्ज में कई लोग घायल हुए थे, और इस बार लोगों को कार्यक्रम स्थल तक जाने की भी अनुमति नहीं दी जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा, यह कहते हुए कि एसपीटी और सीएनटी एक्ट सहित आदिवासी जमीन से जुड़े मामलों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा हालात ऐसे ही बने रहे तो राज्य में एक बार फिर आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हूल दिवस के मौके पर चंपई सोरेन द्वारा दिए गए इन बयानों के बाद क्षेत्र का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है, और उनके लगाए गए आरोपों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
- जमशेदपुर में खासमहल से परसुडीह, गदरा और गोविंदपुर तक की सड़क अब जनता के लिए मौत का रास्ता बन गई है। सड़क की बदहाली के कारण लोग बेहद परेशान हैं और आए दिन गंभीर सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क पिछले 5 साल से बेहद खस्ताहाल स्थिति में है। गड्ढों से भरी इस सड़क पर रोजाना वाहन चलाना जान जोखिम में डालने जैसा है। निवासियों ने कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इसकी शिकायत की, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय झूठे आश्वासन देते हैं, जबकि धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। इस उपेक्षा के कारण आम जनता लगातार सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत इस सड़क की मरम्मत कराने की जोरदार मांग की है।1
- धनबाद में नगर निगम चुनाव के महज चार महीने बाद ही निर्वाचित वार्ड पार्षदों का असंतोष निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर खुलकर सामने आ गया है। बुधवार को बेकारबांध में आयोजित एक बैठक में कुल 36 वार्ड पार्षदों ने भाग लिया, जहाँ उन्होंने धनबाद नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। इन पार्षदों ने आरोप लगाया कि उन्हें विकास कार्यों में पर्याप्त अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं। साथ ही, बोर्ड की बैठकों में पारित प्रस्तावों को भी लागू नहीं किया जा रहा है, जिससे उनकी नाराजगी बढ़ गई है। अपनी इस बैठक में वार्ड पार्षदों ने धनबाद नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ आगे की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की और निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।1
- धनबाद पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई की है। नेशनल टुडे से नीरज कुमार ने धनबाद से इसकी जानकारी दी है।1
- धनबाद टुडे और KCNTVINDIA के संपादक जहीरूद्दीन खान ने भ्रष्ट व्यवस्था की मजबूत जड़ पर प्रहार करने का आह्वान किया है।1
- टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मंगलवार को तेलोडीह पंचायत सचिवालय में दोपहर 3 बजे तक एक विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में आधुनिक हैंड हेल्ड X-Ray मशीन द्वारा छाती की जांच, टीबी की जांच, तथा निःशुल्क शुगर और बीपी सहित अन्य सामान्य स्वास्थ्य जांचें की गईं। साथ ही, उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी प्रदान किया गया।1
- खराब सड़कों की समस्या के खिलाफ एक शख्स ने अनोखे ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया है। इस विरोध प्रदर्शन में शख्स ने 'जलाभिषेक' का तरीका अपनाकर ध्यान आकर्षित किया।1
- धनबाद के रेलवे रोड स्थित हिल कॉलोनी मजार शरीफ में बुधवार को नई वक्फ प्रबंधन समिति के पदभार ग्रहण को लेकर विवाद खड़ा हो गया। नई समिति के सदस्य जब पदभार संभालने पहुंचे, तो पुरानी समिति ने इसका तीव्र विरोध किया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए धनबाद थाना और बैंक मोड़ थाना की पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित किया गया, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। नई समिति के अध्यक्ष कमल अशरफ ने बताया कि उनकी समिति का गठन झारखंड वक्फ बोर्ड के निर्देशों और न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन के समन्वय से एसडीएम, जिला कल्याण विभाग और पुलिस की मौजूदगी में ही नई समिति को पदभार ग्रहण करना है। कमल अशरफ ने आरोप लगाया कि पुरानी समिति पदभार सौंपने में कोई सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने पुरानी समिति को यह सलाह भी दी कि यदि उन्हें कोई आपत्ति है, तो वे अपनी शिकायत वक्फ बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।1
- जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र में गोविंदपुर–साहेबगंज राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोरिडीह वन गांव के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने मुआवजे और दोषी वाहन चालक पर कार्रवाई की मांग करते हुए लगभग तीन घंटे तक हाईवे जाम रखा। यह जाम बाद में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और प्रशासन के अधिकारियों के समझाने-बुझाने तथा उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। मृतकों की पहचान बुटबेरिया गांव निवासी इरशाद अंसारी (22) और मुर्शरफ अंसारी (24) के रूप में हुई है। बताया गया कि दोनों युवक जामताड़ा से अपने घर लौट रहे थे, तभी मछली लेकर जा रही एक तेज रफ्तार पिकअप वैन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी तत्काल मौके पर पहुँचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और ग्रामीणों से बातचीत करके सड़क जाम को खुलवाया। मंत्री ने इस दौरान कहा कि किसी भी मुआवजे से अपनों की कमी पूरी नहीं की जा सकती, इसलिए सभी को सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर होने की आवश्यकता है। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील की। इसके साथ ही, मंत्री ने पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा भी दिया। इधर, नारायणपुर थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वैन को जब्त कर लिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।1