दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर राजस्थान से दिल्ली आए रवि अग्रवाल नामक एक NEET छात्र का इंस्टाग्राम वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्र ने ऑन-कैमरा यह दावा किया है कि वह छात्रों की मांगों के समर्थन में दिल्ली आया था, लेकिन वहां का माहौल पूरी तरह से राजनीतिक और अलग निकला। कई छात्रों और आलोचकों का कहना है कि इस आंदोलन की शुरुआत निष्पक्ष रूप से परीक्षा सुधारों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुई थी। हालांकि, अब जंतर-मंतर पर चल रहे "कॉकरोच जनता पार्टी" (CJP) और छात्रों के इस मंच पर विपक्षी दलों के बड़े नेताओं, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और बाहरी असामाजिक तत्वों ने कब्ज़ा कर लिया है, जिसके कारण असली मेडिकल छात्र वहां से दूरी बना रहे हैं। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष भी आमने-सामने आ गए हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और उसके समर्थकों का आरोप है कि कांग्रेस और वामपंथी दलों समेत विपक्ष युवाओं के भविष्य की आड़ में "फर्जी आंदोलन" और "डिजिटल दंगा" भड़काने की साजिश रच रहा है। सरकार का कहना है कि वह संसद में इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष जानबूझकर सड़कों पर अराजकता का माहौल बनाना चाहता है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर राजस्थान से दिल्ली आए रवि अग्रवाल नामक एक NEET छात्र का इंस्टाग्राम वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्र ने ऑन-कैमरा यह दावा किया है कि वह छात्रों की मांगों के समर्थन में दिल्ली आया था, लेकिन वहां का माहौल पूरी तरह से राजनीतिक और अलग निकला। कई छात्रों और आलोचकों का कहना है कि इस आंदोलन की शुरुआत निष्पक्ष रूप से परीक्षा सुधारों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुई थी। हालांकि, अब जंतर-मंतर पर चल रहे "कॉकरोच जनता पार्टी" (CJP) और छात्रों के इस मंच पर विपक्षी दलों के बड़े नेताओं, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और बाहरी असामाजिक तत्वों ने कब्ज़ा कर लिया है, जिसके कारण असली मेडिकल छात्र वहां से दूरी बना रहे हैं। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष भी आमने-सामने आ गए हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और उसके समर्थकों का आरोप है कि कांग्रेस और वामपंथी दलों समेत विपक्ष युवाओं के भविष्य की आड़ में "फर्जी आंदोलन" और "डिजिटल दंगा" भड़काने की साजिश रच रहा है। सरकार का कहना है कि वह संसद में इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष जानबूझकर सड़कों पर अराजकता का माहौल बनाना चाहता है।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर राजस्थान से दिल्ली आए रवि अग्रवाल नामक एक NEET छात्र का इंस्टाग्राम वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्र ने ऑन-कैमरा यह दावा किया है कि वह छात्रों की मांगों के समर्थन में दिल्ली आया था, लेकिन वहां का माहौल पूरी तरह से राजनीतिक और अलग निकला। कई छात्रों और आलोचकों का कहना है कि इस आंदोलन की शुरुआत निष्पक्ष रूप से परीक्षा सुधारों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुई थी। हालांकि, अब जंतर-मंतर पर चल रहे "कॉकरोच जनता पार्टी" (CJP) और छात्रों के इस मंच पर विपक्षी दलों के बड़े नेताओं, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और बाहरी असामाजिक तत्वों ने कब्ज़ा कर लिया है, जिसके कारण असली मेडिकल छात्र वहां से दूरी बना रहे हैं। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष भी आमने-सामने आ गए हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और उसके समर्थकों का आरोप है कि कांग्रेस और वामपंथी दलों समेत विपक्ष युवाओं के भविष्य की आड़ में "फर्जी आंदोलन" और "डिजिटल दंगा" भड़काने की साजिश रच रहा है। सरकार का कहना है कि वह संसद में इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष जानबूझकर सड़कों पर अराजकता का माहौल बनाना चाहता है।1
- रियांबड़ी के बस स्टैंड स्थित रोहीसी चौराहे पर सोमवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, संसद में नीट पेपर लीक पर विस्तृत चर्चा कराने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की भी मांग रखी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देना चाहिए। केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए नेताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में मेड़ता के पूर्व विधायक रामचंद्र जारोड़ा, मेड़ता विधानसभा कांग्रेस प्रत्याशी शिवरतन वाल्मीकि, ब्लॉक अध्यक्ष रामनिवास भाटी, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मानक चंद पाराशर, कालू खां ठेकेदार, ओबीसी प्रदेश सचिव भरत कुमार सैनी, एडवोकेट सुखदेव भाटी, जिला प्रवक्ता अजय गोदारा, जिला सचिव जरार कुरेशी, मंडल अध्यक्ष तैयब मोहम्मद, पूर्व सरपंच सुशील लटियाल, संपत राज भाटी, ब्लॉक सचिव देवी सिंह बडगूजर, पंचायत राज संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश खालिया, ब्लॉक महासचिव मोइनुद्दीन कुरैशी, ब्लॉक कोषाध्यक्ष बरकत सिपाही, कालूराम बेड़ा, चिकित्सा प्रकोष्ठ के ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मद अफजल कुरेशी, नगर महामंत्री कृष्ण कुमार चौहान, युवा कांग्रेसी हरेंद्र तेतरवाल, आमिर खान, माजिद मोहम्मद, सुलेमान लोहार, अशोक भाटी, अशोक दगदी, अरविंद सिरोही और निखिल यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- नागौर जिले के रियां बड़ी में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता रोहीसी चौराहा स्थित बस स्टैंड पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मामले को लेकर अपना रोष व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका।3
- राजस्थान में 22 से 27 जुलाई तक मानसून के लगातार सक्रिय रहने के संकेत मिले हैं। इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दायरा आगे बढ़ सकता है और कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से जोधपुर, बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर, जालोर, सिरोही, पाली, नागौर, बीकानेर, चूरू, गंगानगर और हनुमानगढ़ में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। मानसून की सक्रियता के बीच पाली के जैतारण स्थित मोहराई में लूनी नदी आ गई है।1
- अजमेर के मांगलियावास में राज्य सरकार के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अवैध पत्थर ले जा रहे एक डम्पर को पकड़ा है। पुलिस टीम ने डम्पर को जब्त कर थाने में खड़ा करवा दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अजमेर खनन विभाग को सूचित कर दिया गया है। इस कार्रवाई को मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी, हैड कांस्टेबल सुरेश कुमार और कांस्टेबल बलवन्त की टीम ने अंजाम दिया है। थानाधिकारी ने साफ किया है कि क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।2
- राजस्थान में लोकतंत्र की मर्यादा के सम्मान में बीजेपी की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।1
- नागौर जिले के मेड़ता स्थित कलरू गांव में एक युवक का शव बरामद हुआ है। शव मिलने की इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप और सनसनी का माहौल बन गया है।1