छतरपुर बकस्वाहा में निर्माणाधीन डिवाइडर बना जानलेवा: सड़क हादसे में दो युवकों की मौत छतरपुर–दमोह मार्ग पर निर्माणाधीन डिवाइडर के पास बुधवार शाम करीब 4:30 बजे हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। अज्ञात आईसर ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी और चालक मौके से फरार हो गया। मृतकों की पहचान फुलचंद लोधी (36) निवासी गंज नया थाना भगवा और मुकेश लोधी (34) निवासी कम्मोदपुरा थाना बड़ामलहरा के रूप में हुई है। बताया गया कि दोनों फुलचंद की बहन पान बाई और जीजा गोविंद लोधी से मिलकर लौट रहे थे, तभी हादसा हो गया। सूचना पर तहसीलदार भरत पांडे और नायब तहसीलदार सुनील केवट मौके पर पहुंचे। दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों ने माना कि निर्माणाधीन डिवाइडर के कारण यहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस स्थान पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। डिवाइडर पर संकेतक, रिफ्लेक्टर और प्रकाश व्यवस्था का अभाव है, जिससे वाहन चालकों को दिक्कत होती है। अधूरा निर्माण, संकरी सड़क और एकतरफा यातायात भी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहे हैं। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
छतरपुर बकस्वाहा में निर्माणाधीन डिवाइडर बना जानलेवा: सड़क हादसे में दो युवकों की मौत छतरपुर–दमोह मार्ग पर निर्माणाधीन डिवाइडर के पास बुधवार शाम करीब 4:30 बजे हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। अज्ञात आईसर ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी और चालक
मौके से फरार हो गया। मृतकों की पहचान फुलचंद लोधी (36) निवासी गंज नया थाना भगवा और मुकेश लोधी (34) निवासी कम्मोदपुरा थाना बड़ामलहरा के रूप में हुई है। बताया गया कि दोनों फुलचंद की बहन पान बाई और जीजा गोविंद लोधी से मिलकर लौट रहे थे, तभी हादसा हो
गया। सूचना पर तहसीलदार भरत पांडे और नायब तहसीलदार सुनील केवट मौके पर पहुंचे। दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों ने माना कि निर्माणाधीन डिवाइडर के कारण यहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस स्थान पर
पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। डिवाइडर पर संकेतक, रिफ्लेक्टर और प्रकाश व्यवस्था का अभाव है, जिससे वाहन चालकों को दिक्कत होती है। अधूरा निर्माण, संकरी सड़क और एकतरफा यातायात भी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहे हैं। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
- साईंखेड़ा नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों के विरोध में नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। जनपद कार्यालय के बाजू में नागरिकों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। वीओ- नरसिंहपुर जिले में दादा धूनीवालों की नगरी साईंखेड़ा में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। रंजीत सिंह तोमर, प्रदेश सचिव मध्यप्रदेश राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो, पत्रकार एवं स्थानीय नागरिकों के नेतृत्व में 10 प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने 2 करोड़ की लागत से बन रहे बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की कलेक्टर की मौजूदगी में कॉलम खुदवाकर गुणवत्ता जांच कराने की मांग की है। साथ ही मुक्तिधाम, नव-निर्मित नगर परिषद भवन, तालाब और 2 करोड़ की लागत से बने नाले के निर्माण कार्यों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। नगर के तालाब नरहरियानंद को NGT के आदेशानुसार संरक्षित करने, तहसील कार्यालय के सामने बनी सड़क की गुणवत्ता जांच, नगर परिषद की दुकानों के पारदर्शी आवंटन, प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितताओं की जांच और कृषि उपज मंडी को मूल नक्शे के अनुसार विकसित करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। इसके अलावा नगर के एकमात्र खेल मैदान को सुरक्षित रखने, स्वच्छ भारत अभियान में खर्च राशि की सार्वजनिक जांच तथा नगर परिषद द्वारा खरीदे गए फायर ब्रिगेड और अन्य वाहनों की जांच की मांग भी धरने में जोर पकड़ रही है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा— “आश्वासन नहीं, जांच चाहिए… भ्रष्टाचार पर कार्यवाही चाहिए।” आउट्रो अब देखना होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या जनता को निष्पक्ष जांच मिल पाती है या नहीं। *बाइट – प्रदर्शनकारी / रंजीत सिंह तोमर* “हम सिर्फ आश्वासन नहीं चाहते, बल्कि निष्पक्ष जांच और भ्रष्टाचार में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई चाहते हैं। जनता के पैसे की लूट अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”3
- खौफनाक ! सतना में एक कुत्ते ने 40 लोगों को काट डाला, अस्पताल में मची चीख-पुकार मध्य प्रदेश के सतना शहर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। पहले इंदौर के महू में एक कुत्ते ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया था। वहीं, अब बुधवार को सतना में एक ही कुत्ते ने करीब 40 लोगों को काट लिया। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है, जहां मरीजों की भारी भीड़ के कारण इमरजेंसी वार्ड में हड़कंप की स्थिति बनी रही। घायलों में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हैं। एंटी-रैबीज टीके लगाए जा रहे सतना जिला अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. शरद दुबे ने बताया कि एक कुत्ते ने शहर के गहरा नाला से लेकर अस्पताल चौक के बीच लगभग 40 लोगों को काटा और सभी घायलों का जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी घायलों को एंटी रैबीज का टीका लगाया जा रहा है। कुत्ते से जान बचाकर भागे सुंदरलाल ने सुनाई आपबीती इस घटना में घायल सुंदरलाल साकेत नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि वह अस्पताल चौक के पास चाय लेने आया हुआ था कि इसी दौरान एक भूरे रंग के कुत्ते ने उन्हें काट लिया। उन्होंने बताया, "मैं किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा। मेरे बाद उसे कुत्ते ने लगातार करीब आठ-10 लोगों को मेरे सामने अपना शिकार बनाया।" लोगों में दहशत, घर के अंदर ही छिपे चश्मदीदों के मुताबिक, कुत्ता इतना आक्रामक था कि वह लोगों के पैरों और हाथों को बुरी तरह नोंच रहा था। इस घटना के बाद लोगों में दहशत फैल गई। लोग जरूरी काम होने के बावजूद भी घरों से नहीं निकले।1
- कच्चे मकान की दीवार गिरी, आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र के कुम्हारी गांव में बड़ा हादसा हो गया। एक कच्चे मकान की दीवार अचानक गिरने से आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल अमरपाटन पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सभी घायल एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। हादसे के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।2
- Post by Sharda Shrivastava1
- सुरक्षा मानकों की उड़ रही धज्जियाँ 💯 लापरवाही या हत्या जिम्मेदार कौन? 8 वर्ष के मासूम की जान 📍1
- Post by Neeraj Ravi1
- Satna Ke Rampur Baghelan Nemua Mod Me Shariya Se Bhara Trak Aniyantrit Hokar Nahar Me ja gira recqu jari hai1
- सारी बाधाओं को दूर करके मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाकर रहेंगे-लता उसेंडी कांकेर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व कोंडागांव लता उसेंडी ने नारी शक्ति वन्दन (संशोधन) अधिनियम को लोकसभा में पारित नहीं होने देने के लिए कांग्रेस समेत इण्डी गठबंधन के सहयोगी दलों पर जमकर निशाना साधा है। सुश्री लता उसेंडी ने आज भाजपा कार्यालय कमल सदन कांकेर में आहूत एक महती पत्रकार वार्ता में कहा कि महिलाओं के साथ किए गए इस महापाप का परिणाम कांग्रेस व विपक्षी दलों को भुगतना पड़ेगा। सुश्री उसेंडी के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष महेश जैन, विधायक आशा राम नेताम, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रूखमणी उइके भी उपस्थित रही । विधायक लता उसेंडी ने कहा कि हमारे देश की आधी आबादी, माता-बहनों को देश के विकास में सहभागी बनाने और लोकसभा व विधानसभाओं में उनका 33 प्रतिशत नेतृत्व सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नारी शक्ति वन्दन (संशोधन) अधिनियम लाया गया था और संसद के विशेष सत्र में उस पर चर्चा की गई।16 से 18 अप्रैल तक आहूत संसद के सत्र से पहले एक बहुत अच्छा वातावरण पूरे देश व प्रदेश में था। देशभर की मातृशक्ति में इस अधिनियम को लेकर काफी उमंग व उत्साह का वातावरण था। महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देशभर में अनेक कार्यक्रम हो रहे थे। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि हमारी माता-बहनों की खुशी कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और समाजवादी पार्टी के अड़ियल और महिला विरोधी राजनीतिक चरित्र के चलते साकार नहीं हो पाई। सुश्री उसेंडी ने कहा कि हमारे देश में नारी का स्थान पूजनीय रहा है। नारी की प्रखर मेधा का सम्मान करते हुए देश की राजनीति में हम महिलाओं को उनका अधिकार देकर सम्मानित करने जा रहे थे। लेकिन इण्डी गठबंधन ने इसमें अवरोध उत्पन्न करके नारी शक्ति के साथ घोर अन्याय करने का पाप किया है। लता उसेंडी ने डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा महिलाओं को पंचायतों में दिए गए 50 फीसदी आरक्षण सहित अन्य महिला उत्थान की संचालित की गई योजनाओं के साथ ही मौजूदा केंद्र तथा प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा चलाई जा रही महिला कल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने सदैव हर स्तर पर नारी के संवैधानिक अधिकारों व सम्मान की रक्षा की है। आज त्रि-स्तरीय पंचायतों में महिलाओं का नेतृत्व 50 से बढ़कर 57 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्रदेश की विधानसभा में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 22 प्रतिशत तक है। सुश्री उसेंडी ने कहा कि कांग्रेस फूट डालो और राज करो की ब्रिटिश नीति पर चलकर पिछले तीन दशकों से महिला आरक्षण की केवल बातें कर रही है, परंतु जब भी इस पर सार्थक पहल कर उसे कानून बनाने का वक्त आता है तब कांग्रेस के लोग मुँह फेर लेते हैं और यही चरित्र कांग्रेस ने इस बार भी प्रदर्शित किया है। परिसीमन, धर्म आधारित आरक्षण, उत्तर-दक्षिण वैमनस्य पैदा करने की गर्हित कोशिश करके नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को पारित नहीं होने दिया। यह हमारे देश की 70 करोड़ माता-बहनों के साथ सरासर धोखा है, अपमान है। इसके लिए निश्चित रूप से देश की मातृशक्ति इण्डी गठबंधन को कतई माफ नहीं करेगी और कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। साय ने कहा कि विधेयक पारित नहीं होने बावजूद भाजपा का संकल्प डिगा नहीं है और इस अधिनियम के मार्ग की सारी बाधाओं को दूर करके हम देश की मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाकर रहेंगे। पत्रकार वार्ता में सुमित्रा मारकोले, दिलीप जायसवाल, राजा देवनानी, बृजमोहन तिवारी, विजय लक्ष्मी कौशिक, उमा देवी शर्मा, अरुण कौशिक, उत्तम यादव, मीरा सलाम, निधि संचेती, अंजू नेगी, उगेश्वरी उइके, शकुंतला जैन सहित अन्य कार्यकर्त्ता उपस्थित रही।3