पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही पांगी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, किसानों में जगी उम्मीद PANGI NEWS 24 पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में एक बार फिर बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, जबकि निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम के इस बदलाव से जहां ठंड का असर बढ़ गया है, वहीं किसानों और बागवानों के चेहरों पर उम्मीद की नई किरण भी दिखाई देने लगी है। गौरतलब है कि पांगी घाटी में जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में अच्छी बर्फबारी हुई थी, लेकिन इसके बाद पूरे फरवरी महीने में लगातार तेज धूप खिलने से मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना रहा। धूप निकलने से लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत तो जरूर मिली, लेकिन पर्याप्त बर्फबारी न होने के कारण किसानों और बागवानों में चिंता बढ़ने लगी थी। स्थानीय किसानों का कहना है कि पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान होने वाली बर्फबारी और बारिश खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। इससे जमीन में नमी बनी रहती है, जो आगामी सीजन की फसलों के लिए लाभदायक होती है। कम बर्फबारी के कारण कई स्थानों पर खेतों में फसल की बुवाई का कार्य भी प्रभावित हो रहा था। हालांकि अब पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने करवट ली है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश शुरू होने से किसानों को उम्मीद है कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो जमीन में पर्याप्त नमी बनेगी और खेती-किसानी के कार्यों को गति मिलेगी। फिलहाल क्षेत्र के लोग आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश और बर्फबारी होगी, जिससे फसलों और बागवानी को लाभ मिलेगा। अब देखना यह होगा कि मौसम का यह बदला हुआ मिजाज कितने दिन तक बना रहता है या फिर एक बार फिर तेज धूप खिलने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता है।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही पांगी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, किसानों में जगी उम्मीद PANGI NEWS 24 पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में एक बार फिर बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, जबकि निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम के इस बदलाव से जहां ठंड का असर बढ़ गया है, वहीं किसानों और बागवानों के चेहरों पर उम्मीद की नई किरण भी दिखाई देने लगी है। गौरतलब है कि पांगी घाटी में जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में अच्छी बर्फबारी हुई थी, लेकिन इसके बाद पूरे फरवरी महीने में लगातार तेज धूप खिलने से मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना रहा। धूप निकलने से लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत तो जरूर मिली, लेकिन पर्याप्त बर्फबारी न होने के कारण किसानों और बागवानों में चिंता बढ़ने लगी थी। स्थानीय किसानों का कहना है कि पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान होने वाली बर्फबारी और बारिश खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। इससे जमीन में नमी बनी रहती है, जो आगामी सीजन की फसलों के लिए लाभदायक होती है। कम बर्फबारी के कारण कई स्थानों पर खेतों में फसल की बुवाई का कार्य भी प्रभावित हो रहा था। हालांकि अब पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने करवट ली है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश शुरू होने से किसानों को उम्मीद है कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो जमीन में पर्याप्त नमी बनेगी और खेती-किसानी के कार्यों को गति मिलेगी। फिलहाल क्षेत्र के लोग आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश और बर्फबारी होगी, जिससे फसलों और बागवानी को लाभ मिलेगा। अब देखना यह होगा कि मौसम का यह बदला हुआ मिजाज कितने दिन तक बना रहता है या फिर एक बार फिर तेज धूप खिलने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता है।
- Post by Shivinder singh Bhadwal1
- Post by Till The End News1
- 📿 कुठेड़ा में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन 🙏 घुमारवीं (बिलासपुर) के श्री नाहर सिंह मंदिर प्रांगण में 15 से 21 अप्रैल 2026 तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 🕐 कथा समय: दोपहर 1:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक 📖 कथा वाचन: पं. सुरेश भारद्वाज धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल में डूबने का यह सुनहरा अवसर है। सभी श्रद्धालु सपरिवार पधारें और कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त करें। ✨ आइए, धर्म और संस्कृति से जुड़ें…1
- Post by Himachal Update 24 News1
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- सुजानपुर सुजानपुर का ऐतिहासिक चौगान, जो कभी खेल और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र हुआ करता था, आज कूड़े के ढेर में तब्दील होता नजर आ रहा है। राष्ट्रीय स्तर के होली मेले के बाद यहां सफाई व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। उपमंडल अधिकारी विकास शुक्ला ने कहा कि इसका सुधार प्रशासन द्वारा किया जायेगा 2 दिन के भीतर गंदगी उठाने का कार्य शुरू कर दिया जायेगा,,1
- हमीरपुर 79वां हिमाचल दिवस बुधवार को हमीरपुर में भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा मेमोरियल सीनियर सेकंडरी स्कूल हमीरपुर के मैदान में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। इस भव्य परेड में हिमाचल प्रदेश पुलिस, होमगार्ड्स, एनसीसी, एनएसएस, वन मित्र, आपदा मित्र, विभिन्न स्कूलों और विशेष बच्चों के स्कूल की टुकड़ियों शानदार मार्च पास्ट किया। इस अवसर पर सभी जिलावासियों को हिमाचल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि यह दिवस उन स्वतंत्रता सेनानियों एवं महापुरुषों को नमन करने का दिन भी है, जिनके त्याग एवं समर्पण के कारण ही हिमाचल प्रदेश एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया और विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर हुआ। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने अपनी स्थापना के 78 वर्षों के दौरान हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है। कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि 15 अप्रैल 1948 को चीफ कमिश्नर राज्य के रूप में हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ। इसके बाद पार्ट सी स्टेट, केंद्रीय शासित राज्य और पूर्ण राज्य बनने के सफर तक प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार का बहुत बड़ा योगदान रहा। प्रदेश के इतिहास में एक नवंबर 1966 की तिथि बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस तिथि को ही पंजाब के पहाड़ी क्षेत्र भी हिमाचल में शामिल किए गए और विशाल हिमाचल अस्तित्व में आया। गत तीन वर्षों की चर्चा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने इस दौरान प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू करके राज्य का चहुमुखी विकास सुनिश्चित किया है। विशेषकर, सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने ऐसी योजनाएं आरंभ की हैं, जिसकी परिकल्पना पहले किसी भी सरकार ने नहीं की थी। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के माध्यम से सरकार ने निराश्रित बच्चों को बहुत बड़ा सहारा प्रदान किया है। वर्ष 2023 और 2025 के आपदा प्रभावितों के लिए भी प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों ने विशेष राहत पैकेज जारी किया। इस तरह का राहत पैकेज भी आज तक किसी अन्य राज्य या केंद्र सरकार ने नहीं दिया था।1
- Post by Till The End News1