सीतापुर जिला अस्पताल में रविवार देर रात उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक बीमार बच्चे के परिजनों ने उसे अस्पताल के मुख्य गेट के पास जमीन पर लिटाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस घटना से अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और अस्पताल प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने काफी मशक्कत और समझाने-बुझाने के बाद मामले को शांत कराया। यह पूरा मामला महोली कोतवाली क्षेत्र के विनोद कुमार भारती से जुड़ा है, जिन्होंने अपने बेटे को मलेरिया की शिकायत होने पर शनिवार रात जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया था। रविवार रात उपचार के दौरान बच्चे के पिता और ड्यूटी पर तैनात एक नर्स के बीच तीखी बहस हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर मोर्चा खोल दिया। बच्चे के पिता विनोद कुमार भारती का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने उनके साथ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया और बदसलूकी की, जिसके खिलाफ वे कार्रवाई चाहते हैं। इसी नाराजगी के कारण उन्होंने अपने बीमार बच्चे को गेट के पास लिटाकर विरोध दर्ज कराया। दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक अलग ही पक्ष सामने रखा। प्रशासन का दावा है कि हंगामा करने वाला व्यक्ति, यानी बच्चे का पिता, घटना के समय शराब के नशे में धुत था। वह चिल्ड्रेन वार्ड के अंदर लगातार अभद्र व्यवहार कर रहा था, जिससे अन्य मरीजों को परेशानी हो रही थी। प्रशासन के अनुसार, वार्ड की शांति और स्टाफ व मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए उसे बाहर जाने के लिए कहा गया था, जिससे नाराज होकर उसने बाहर जाकर यह ड्रामा शुरू किया। अस्पताल में हंगामे और गेट पर बच्चे को लिटाए जाने की खबर मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों की बातें सुनकर सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद परिजन शांत हुए। इस पूरे विवाद और ड्रामे के बीच राहत की बात यह है कि बीमार बच्चे का इलाज अस्पताल में लगातार जारी है। फिलहाल, दोनों पक्षों के अपने-अपने दावों के कारण यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सीतापुर जिला अस्पताल में रविवार देर रात उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक बीमार बच्चे के परिजनों ने उसे अस्पताल के मुख्य गेट के पास जमीन पर लिटाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस घटना से अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और अस्पताल प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने काफी मशक्कत और समझाने-बुझाने के बाद मामले को शांत कराया। यह पूरा मामला महोली कोतवाली क्षेत्र के विनोद कुमार भारती से जुड़ा है, जिन्होंने अपने बेटे को मलेरिया की शिकायत होने पर शनिवार रात जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया था। रविवार रात उपचार के दौरान बच्चे के पिता और ड्यूटी पर तैनात एक नर्स के बीच तीखी बहस हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर मोर्चा खोल दिया। बच्चे के पिता विनोद कुमार भारती का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने उनके साथ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया और बदसलूकी की, जिसके खिलाफ वे कार्रवाई चाहते हैं। इसी नाराजगी के कारण उन्होंने अपने बीमार बच्चे को गेट के पास लिटाकर विरोध दर्ज कराया। दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक अलग ही पक्ष सामने रखा। प्रशासन का दावा है कि हंगामा करने वाला व्यक्ति, यानी बच्चे का पिता, घटना के समय शराब के नशे में धुत था। वह चिल्ड्रेन वार्ड के अंदर लगातार अभद्र व्यवहार कर रहा था, जिससे अन्य मरीजों को परेशानी हो रही थी। प्रशासन के अनुसार, वार्ड की शांति और स्टाफ व मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए उसे बाहर जाने के लिए कहा गया था, जिससे नाराज होकर उसने बाहर जाकर यह ड्रामा शुरू किया। अस्पताल में हंगामे और गेट पर बच्चे को लिटाए जाने की खबर मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों की बातें सुनकर सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद परिजन शांत हुए। इस पूरे विवाद और ड्रामे के बीच राहत की बात यह है कि बीमार बच्चे का इलाज अस्पताल में लगातार जारी है। फिलहाल, दोनों पक्षों के अपने-अपने दावों के कारण यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
- सीतापुर जनपद के बिसवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार को दिनदहाड़े चेन चोरों ने दो महिलाओं को अपना निशाना बनाया, जिससे अस्पताल में हड़कंप मच गया। इलाज और दवा लेने आई इन दोनों महिलाओं के गले से अज्ञात चोरों ने सोने की चेन चुरा ली, जिससे मरीजों और तीमारदारों में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। जानकारी के अनुसार, दोनों महिलाएं अलग-अलग समय पर अस्पताल पहुंची थीं, और चोरों ने भीड़भाड़ का फायदा उठाते हुए बेहद शातिर तरीके से उनके गले से चेन पार कर दी। महिलाओं को अपनी चेन गायब होने का तब पता चला जब उन्होंने तलाश शुरू की, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। पीड़ितों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान के लिए अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर घटना का खुलासा किया जाएगा। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन भी सतर्क हो गया है और मरीजों व उनके परिजनों से अपने कीमती सामान की सुरक्षा के प्रति सावधानी बरतने की अपील की है। लगातार बढ़ रही चोरी की ऐसी घटनाओं ने सार्वजनिक जगहों, खासकर अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में सुरक्षा मजबूत करने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।1
- Post by Raj kumar1
- एक सरकारी नल लंबे समय से खराब पड़ा है और अब तक उसकी मरम्मत नहीं हुई है। इसे लेकर संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- सार्थक, जिसकी उम्र मात्र 18 साल है, अपनी सोच, साहस और सिद्धांतों में किसी से कम नहीं है। उसने अपने साथी निसर्ग के साथ मिलकर वह कर दिखाया है जो देश के बड़े मीडिया हाउस और खोजी पत्रकार भी नहीं कर पाए थे; इन दोनों युवाओं ने CBSE और COEMPT की मिलीभगत को देश के सामने उजागर किया है। पोस्ट के अनुसार, मोदी जी चाहते हैं कि हमारे युवा केवल रील्स बनाते रहें, पकौड़े तलते रहें, सवाल न पूछें और अपनी आँखें न खोलें। लेकिन इन बच्चों ने न केवल सवाल पूछे बल्कि उनके जवाब भी ढूँढ निकाले। दावा किया गया है कि देश का 18 साल का बच्चा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से भी तेज़ निकला, और नौजवानों की यह जीत सही मायने में सरकार की हार है। इसे भारत की असली युवा शक्ति – जो जिज्ञासु, जागरूक और जानकार है – बताया गया है, और यह भी कहा गया है कि देश का भविष्य किसी बहकावे में नहीं आएगा।1
- सीतापुर जिले के महमूदाबाद स्थित ग्राम सहजानी में स्वच्छता की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। गांव की सड़कों पर, साथ ही नालियों में भी, हर तरफ कूड़े का ढेर लगा है, जिससे यहां का हाल बड़ा बेहाल हो गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा चिंता व्यक्त की जा रही है कि आखिर क्यों नगर पालिका द्वारा इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।1
- सीतापुर के अमलोरा रेउसा निवासी मिथिलेश कुमार मिश्रा और उनका परिवार 8 जून, 2026, सोमवार की रात अयोध्या से अपनी कार से वापस लौट रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात करीब 1 से 2 बजे के बीच भगवानपुर और रमुवापुर के रास्ते में उनकी गाड़ी का एक भयंकर एक्सीडेंट हो गया। इस भीषण दुर्घटना में मिथिलेश कुमार मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। उन्हें एम्बुलेंस से बहराइच ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना में उनके परिवार के अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें उनकी पत्नी निरमला देवी (60 वर्ष), प्रदीप कुमार मिश्रा (लगभग 30 वर्ष), निकी मिश्रा (22 वर्ष), प्रदीप की पत्नी, और नातिन राशी (12 वर्ष) शामिल हैं। निरमला देवी, प्रदीप मिश्रा, और लकी मिश्रा को भयंकर चोटें आने के कारण ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।3
- लखनऊ के थाना पारा क्षेत्र के बुद्धेश्वर इलाके से एक विवाहिता चार दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी, जिसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई मुकदमा भी दर्ज नहीं किया है। डेढ़ माह पूर्व ही महिला की शादी हुई थी। पीड़िता ने लापता होने से ठीक एक दिन पहले अपनी बहन को फोन पर बताया था कि उसका पति उसे प्रताड़ित कर रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है। परिवार वालों ने बताया कि शादी के बाद से ही पीड़िता को दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर परेशान किया जा रहा था। पीड़ित परिवार ने पति सहित ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार के मुताबिक, थाना पारा पुलिस उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है, जिससे उनका रो-रोकर बुरा हाल है और वे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।1
- सीतापुर जिला अस्पताल में रविवार देर रात उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक बीमार बच्चे के परिजनों ने उसे अस्पताल के मुख्य गेट के पास जमीन पर लिटाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस घटना से अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और अस्पताल प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने काफी मशक्कत और समझाने-बुझाने के बाद मामले को शांत कराया। यह पूरा मामला महोली कोतवाली क्षेत्र के विनोद कुमार भारती से जुड़ा है, जिन्होंने अपने बेटे को मलेरिया की शिकायत होने पर शनिवार रात जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया था। रविवार रात उपचार के दौरान बच्चे के पिता और ड्यूटी पर तैनात एक नर्स के बीच तीखी बहस हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर मोर्चा खोल दिया। बच्चे के पिता विनोद कुमार भारती का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने उनके साथ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया और बदसलूकी की, जिसके खिलाफ वे कार्रवाई चाहते हैं। इसी नाराजगी के कारण उन्होंने अपने बीमार बच्चे को गेट के पास लिटाकर विरोध दर्ज कराया। दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक अलग ही पक्ष सामने रखा। प्रशासन का दावा है कि हंगामा करने वाला व्यक्ति, यानी बच्चे का पिता, घटना के समय शराब के नशे में धुत था। वह चिल्ड्रेन वार्ड के अंदर लगातार अभद्र व्यवहार कर रहा था, जिससे अन्य मरीजों को परेशानी हो रही थी। प्रशासन के अनुसार, वार्ड की शांति और स्टाफ व मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए उसे बाहर जाने के लिए कहा गया था, जिससे नाराज होकर उसने बाहर जाकर यह ड्रामा शुरू किया। अस्पताल में हंगामे और गेट पर बच्चे को लिटाए जाने की खबर मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों की बातें सुनकर सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद परिजन शांत हुए। इस पूरे विवाद और ड्रामे के बीच राहत की बात यह है कि बीमार बच्चे का इलाज अस्पताल में लगातार जारी है। फिलहाल, दोनों पक्षों के अपने-अपने दावों के कारण यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।1