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करौं के बाराटांड़ गांव में शनिवार को आसमान से एक विशाल पैराशूटनुमा गुब्बारा गिरने से पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने खेत में गिरे इस रहस्यमयी वस्तु को देखने के लिए बड़ी संख्या में मौके पर भीड़ लगा दी। शुरुआत में इसकी पहचान न हो पाने के कारण लोगों में तरह-तरह की आशंकाएं और अटकलें लगाई जाने लगीं। सूचना मिलते ही करौं के अंचल अधिकारी ऋषिराज और थाना प्रभारी दीपक किशोर भारती अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की। कुछ ही देर बाद इस मामले का रहस्य तब सुलझा जब भारतीय अंतरिक्ष भौतिक विज्ञान केंद्र के प्रोफेसर संदीप कुमार चक्रवर्ती अपनी वैज्ञानिक टीम के साथ बाराटांड़ पहुंचे। जांच के दौरान उन्होंने बताया कि यह पश्चिम बंगाल के शिवडी क्षेत्र से वायुमंडलीय और मौसम संबंधी अध्ययन के लिए छोड़ा गया एक वेदर बैलून (मौसम अनुसंधान गुब्बारा) था। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि ऐसे वेदर बैलून का उपयोग उच्च वायुमंडल में तापमान, आर्द्रता, वायुदाब और अन्य महत्वपूर्ण मौसम संबंधी आंकड़े एकत्रित करने के लिए किया जाता है, और अध्ययन पूरा होने के बाद ये बैलून पैराशूट की मदद से जमीन पर उतरते हैं ताकि उनके उपकरणों को सुरक्षित वापस प्राप्त किया जा सके। प्रोफेसर चक्रवर्ती और उनकी टीम ने मौके पर ही वेदर बैलून और उससे जुड़े उपकरणों का निरीक्षण किया और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर उसे अपने कब्जे में ले लिया। वैज्ञानिकों द्वारा पूरी जानकारी दिए जाने के बाद ग्रामीणों की जिज्ञासा शांत हुई और लोगों ने राहत की सांस ली। इस अनोखी घटना को देखने के लिए आसपास के कई गांवों से लोग बाराटांड़ पहुंचे, और यह ग्रामीणों के लिए एक दुर्लभ तथा रोमांचक अनुभव रहा, क्योंकि अधिकांश ने पहली बार इतने करीब से किसी वैज्ञानिक वेदर बैलून को देखा था। प्रशासन और वैज्ञानिकों की तत्परता से पूरे मामले का सफलतापूर्वक समाधान हो गया।

2 hrs ago
user_Tahalka आवाज़ सबसे पहले आप तक
Tahalka आवाज़ सबसे पहले आप तक
Graphic designer करोन, देवघर, झारखंड•
2 hrs ago

करौं के बाराटांड़ गांव में शनिवार को आसमान से एक विशाल पैराशूटनुमा गुब्बारा गिरने से पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने खेत में गिरे इस रहस्यमयी वस्तु को देखने के लिए बड़ी संख्या में मौके पर भीड़ लगा दी। शुरुआत में इसकी पहचान न हो पाने के कारण लोगों में तरह-तरह की आशंकाएं और अटकलें लगाई जाने लगीं। सूचना मिलते ही करौं के अंचल अधिकारी ऋषिराज और थाना प्रभारी दीपक किशोर भारती अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की। कुछ ही देर बाद इस मामले का रहस्य तब सुलझा जब भारतीय अंतरिक्ष भौतिक विज्ञान केंद्र के प्रोफेसर संदीप कुमार चक्रवर्ती अपनी वैज्ञानिक टीम के साथ बाराटांड़ पहुंचे। जांच के दौरान उन्होंने बताया कि यह पश्चिम बंगाल के शिवडी क्षेत्र से वायुमंडलीय और मौसम संबंधी अध्ययन के लिए छोड़ा गया एक वेदर बैलून (मौसम अनुसंधान गुब्बारा) था। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि ऐसे वेदर बैलून का उपयोग उच्च वायुमंडल में तापमान, आर्द्रता, वायुदाब और अन्य महत्वपूर्ण मौसम संबंधी आंकड़े एकत्रित करने के लिए किया जाता है, और अध्ययन पूरा होने के बाद ये बैलून पैराशूट की मदद से जमीन पर उतरते हैं ताकि उनके उपकरणों को सुरक्षित वापस प्राप्त किया जा सके। प्रोफेसर चक्रवर्ती और उनकी टीम ने मौके पर ही वेदर बैलून और उससे जुड़े उपकरणों का निरीक्षण किया और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर उसे अपने कब्जे में ले लिया। वैज्ञानिकों द्वारा पूरी जानकारी दिए जाने के बाद ग्रामीणों की जिज्ञासा शांत हुई और लोगों ने राहत की सांस ली। इस अनोखी घटना को देखने के लिए आसपास के कई गांवों से लोग बाराटांड़ पहुंचे, और यह ग्रामीणों के लिए एक दुर्लभ तथा रोमांचक अनुभव रहा, क्योंकि अधिकांश ने पहली बार इतने करीब से किसी वैज्ञानिक वेदर बैलून को देखा था। प्रशासन और वैज्ञानिकों की तत्परता से पूरे मामले का सफलतापूर्वक समाधान हो गया।

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  • करौं के बाराटांड़ गांव में शनिवार को आसमान से एक विशाल पैराशूटनुमा गुब्बारा गिरने से पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने खेत में गिरे इस रहस्यमयी वस्तु को देखने के लिए बड़ी संख्या में मौके पर भीड़ लगा दी। शुरुआत में इसकी पहचान न हो पाने के कारण लोगों में तरह-तरह की आशंकाएं और अटकलें लगाई जाने लगीं। सूचना मिलते ही करौं के अंचल अधिकारी ऋषिराज और थाना प्रभारी दीपक किशोर भारती अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की। कुछ ही देर बाद इस मामले का रहस्य तब सुलझा जब भारतीय अंतरिक्ष भौतिक विज्ञान केंद्र के प्रोफेसर संदीप कुमार चक्रवर्ती अपनी वैज्ञानिक टीम के साथ बाराटांड़ पहुंचे। जांच के दौरान उन्होंने बताया कि यह पश्चिम बंगाल के शिवडी क्षेत्र से वायुमंडलीय और मौसम संबंधी अध्ययन के लिए छोड़ा गया एक वेदर बैलून (मौसम अनुसंधान गुब्बारा) था। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि ऐसे वेदर बैलून का उपयोग उच्च वायुमंडल में तापमान, आर्द्रता, वायुदाब और अन्य महत्वपूर्ण मौसम संबंधी आंकड़े एकत्रित करने के लिए किया जाता है, और अध्ययन पूरा होने के बाद ये बैलून पैराशूट की मदद से जमीन पर उतरते हैं ताकि उनके उपकरणों को सुरक्षित वापस प्राप्त किया जा सके। प्रोफेसर चक्रवर्ती और उनकी टीम ने मौके पर ही वेदर बैलून और उससे जुड़े उपकरणों का निरीक्षण किया और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर उसे अपने कब्जे में ले लिया। वैज्ञानिकों द्वारा पूरी जानकारी दिए जाने के बाद ग्रामीणों की जिज्ञासा शांत हुई और लोगों ने राहत की सांस ली। इस अनोखी घटना को देखने के लिए आसपास के कई गांवों से लोग बाराटांड़ पहुंचे, और यह ग्रामीणों के लिए एक दुर्लभ तथा रोमांचक अनुभव रहा, क्योंकि अधिकांश ने पहली बार इतने करीब से किसी वैज्ञानिक वेदर बैलून को देखा था। प्रशासन और वैज्ञानिकों की तत्परता से पूरे मामले का सफलतापूर्वक समाधान हो गया।
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    करौं के बाराटांड़ गांव में शनिवार को आसमान से एक विशाल पैराशूटनुमा गुब्बारा गिरने से पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने खेत में गिरे इस रहस्यमयी वस्तु को देखने के लिए बड़ी संख्या में मौके पर भीड़ लगा दी। शुरुआत में इसकी पहचान न हो पाने के कारण लोगों में तरह-तरह की आशंकाएं और अटकलें लगाई जाने लगीं। सूचना मिलते ही करौं के अंचल अधिकारी ऋषिराज और थाना प्रभारी दीपक किशोर भारती अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की।

कुछ ही देर बाद इस मामले का रहस्य तब सुलझा जब भारतीय अंतरिक्ष भौतिक विज्ञान केंद्र के प्रोफेसर संदीप कुमार चक्रवर्ती अपनी वैज्ञानिक टीम के साथ बाराटांड़ पहुंचे। जांच के दौरान उन्होंने बताया कि यह पश्चिम बंगाल के शिवडी क्षेत्र से वायुमंडलीय और मौसम संबंधी अध्ययन के लिए छोड़ा गया एक वेदर बैलून (मौसम अनुसंधान गुब्बारा) था। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि ऐसे वेदर बैलून का उपयोग उच्च वायुमंडल में तापमान, आर्द्रता, वायुदाब और अन्य महत्वपूर्ण मौसम संबंधी आंकड़े एकत्रित करने के लिए किया जाता है, और अध्ययन पूरा होने के बाद ये बैलून पैराशूट की मदद से जमीन पर उतरते हैं ताकि उनके उपकरणों को सुरक्षित वापस प्राप्त किया जा सके।

प्रोफेसर चक्रवर्ती और उनकी टीम ने मौके पर ही वेदर बैलून और उससे जुड़े उपकरणों का निरीक्षण किया और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर उसे अपने कब्जे में ले लिया। वैज्ञानिकों द्वारा पूरी जानकारी दिए जाने के बाद ग्रामीणों की जिज्ञासा शांत हुई और लोगों ने राहत की सांस ली। इस अनोखी घटना को देखने के लिए आसपास के कई गांवों से लोग बाराटांड़ पहुंचे, और यह ग्रामीणों के लिए एक दुर्लभ तथा रोमांचक अनुभव रहा, क्योंकि अधिकांश ने पहली बार इतने करीब से किसी वैज्ञानिक वेदर बैलून को देखा था। प्रशासन और वैज्ञानिकों की तत्परता से पूरे मामले का सफलतापूर्वक समाधान हो गया।
    user_Tahalka आवाज़ सबसे पहले आप तक
    Tahalka आवाज़ सबसे पहले आप तक
    Graphic designer करोन, देवघर, झारखंड•
    2 hrs ago
  • देश की अग्रणी सुरक्षा सेवा कंपनी SIS Ltd. द्वारा देवघर शाखा में दो दिवसीय भर्ती कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह भर्ती कैंप 08 जून 2026 और 09 जून 2026 को देवघर स्थित SIS शाखा में आयोजित होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को सुरक्षा क्षेत्र में रोजगार एवं करियर निर्माण का अवसर प्रदान करना है। इच्छुक युवक इन निर्धारित तिथियों पर प्रातः 11:00 बजे से सायं 4:00 बजे के बीच आवश्यक दस्तावेजों के साथ कैंप में उपस्थित होकर चयन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। कंपनी के अधिकारियों ने अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों से इस भर्ती कैंप में शामिल होने की अपील की है, जिससे वे इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठा सकें। विस्तृत जानकारी के लिए 7050838650 पर संपर्क किया जा सकता है।
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    देश की अग्रणी सुरक्षा सेवा कंपनी SIS Ltd. द्वारा देवघर शाखा में दो दिवसीय भर्ती कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह भर्ती कैंप 08 जून 2026 और 09 जून 2026 को देवघर स्थित SIS शाखा में आयोजित होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को सुरक्षा क्षेत्र में रोजगार एवं करियर निर्माण का अवसर प्रदान करना है।

इच्छुक युवक इन निर्धारित तिथियों पर प्रातः 11:00 बजे से सायं 4:00 बजे के बीच आवश्यक दस्तावेजों के साथ कैंप में उपस्थित होकर चयन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। कंपनी के अधिकारियों ने अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों से इस भर्ती कैंप में शामिल होने की अपील की है, जिससे वे इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठा सकें। विस्तृत जानकारी के लिए 7050838650 पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_RTA DHANBAD (Reasonal Training Academy)
    RTA DHANBAD (Reasonal Training Academy)
    Security guard service Karon, Deoghar•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने हत्या जैसे जघन्य अपराधों के प्रति अपनी कड़ी नीति को लेकर एक स्पष्ट चेतावनी जारी की है। सरकार का कहना है कि यदि किसी ने राज्य में हत्या का पाप किया, तो अपराधी को मिलने वाली सजा इतनी कठोर होगी कि वह सात पीढ़ियों तक यह सोचते रह जाएंगे कि उन्हें एक ऐसी सरकार ने दंडित किया है। यह बयान राज्य में अपराध के प्रति योगी सरकार के सख्त रवैये और दृढ़ संकल्प को रेखांकित करता है।
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    उत्तर प्रदेश सरकार ने हत्या जैसे जघन्य अपराधों के प्रति अपनी कड़ी नीति को लेकर एक स्पष्ट चेतावनी जारी की है। सरकार का कहना है कि यदि किसी ने राज्य में हत्या का पाप किया, तो अपराधी को मिलने वाली सजा इतनी कठोर होगी कि वह सात पीढ़ियों तक यह सोचते रह जाएंगे कि उन्हें एक ऐसी सरकार ने दंडित किया है। यह बयान राज्य में अपराध के प्रति योगी सरकार के सख्त रवैये और दृढ़ संकल्प को रेखांकित करता है।
    user_Sach Sach News Jharkhand
    Sach Sach News Jharkhand
    Singer मधुपुर, देवघर, झारखंड•
    10 hrs ago
  • झारखंड के जामताड़ा जिले में मछली पकड़ने को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच भीषण लड़ाई छिड़ गई है।
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    झारखंड के जामताड़ा जिले में मछली पकड़ने को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच भीषण लड़ाई छिड़ गई है।
    user_Krishna Minj
    Krishna Minj
    Jamtara, Jharkhand•
    10 hrs ago
  • चिरकुंडा पुलिस ने साल 2025 में रामनवमी के दौरान हुए कुंदन प्रसाद रवानी चर्चित हत्याकांड मामले में बड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए, पुलिस ने कुमारधुबी स्टेशन रोड निवासी मुनिया देवी के घर पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। इस मामले में मुनिया देवी और उसकी दो बेटियां अब भी फरार हैं, जबकि मुनिया देवी के दो बेटों ने कथित तौर पर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था।
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    चिरकुंडा पुलिस ने साल 2025 में रामनवमी के दौरान हुए कुंदन प्रसाद रवानी चर्चित हत्याकांड मामले में बड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए, पुलिस ने कुमारधुबी स्टेशन रोड निवासी मुनिया देवी के घर पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। इस मामले में मुनिया देवी और उसकी दो बेटियां अब भी फरार हैं, जबकि मुनिया देवी के दो बेटों ने कथित तौर पर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था।
    user_Manoj Kumar
    Manoj Kumar
    Photographer निरसा-कम-चिरकुंडा, धनबाद, झारखंड•
    2 hrs ago
  • Post by P.M Mishra PM mish
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    Post by P.M Mishra PM mish
    user_P.M Mishra PM mish
    P.M Mishra PM mish
    देवघर, देवघर, झारखंड•
    54 min ago
  • देश की अग्रणी सुरक्षा सेवा कंपनी SIS लिमिटेड अपनी देवघर शाखा में दो दिवसीय भर्ती कैंप का आयोजन कर रही है। यह कैंप 08 जून 2026 और 09 जून 2026 को निर्धारित है, जहाँ इच्छुक युवक आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर चयन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। SIS द्वारा युवाओं को सुरक्षा क्षेत्र में रोजगार और करियर निर्माण का अवसर प्रदान किया जाएगा। कंपनी के अधिकारियों ने अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों से इस भर्ती कैंप में भाग लेने की अपील की है। कैंप का समय प्रातः 11:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक रहेगा, और अधिक जानकारी के लिए 7050838650 पर संपर्क किया जा सकता है।
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    देश की अग्रणी सुरक्षा सेवा कंपनी SIS लिमिटेड अपनी देवघर शाखा में दो दिवसीय भर्ती कैंप का आयोजन कर रही है। यह कैंप 08 जून 2026 और 09 जून 2026 को निर्धारित है, जहाँ इच्छुक युवक आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर चयन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।

SIS द्वारा युवाओं को सुरक्षा क्षेत्र में रोजगार और करियर निर्माण का अवसर प्रदान किया जाएगा। कंपनी के अधिकारियों ने अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों से इस भर्ती कैंप में भाग लेने की अपील की है। कैंप का समय प्रातः 11:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक रहेगा, और अधिक जानकारी के लिए 7050838650 पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_RTA DHANBAD (Reasonal Training Academy)
    RTA DHANBAD (Reasonal Training Academy)
    Security guard service Karon, Deoghar•
    4 hrs ago
  • सोमवार पूर्वाह्न लगभग 11:30 बजे मैथन थाना क्षेत्र अंतर्गत डीबुडीह चेकपोस्ट के समीप एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। कोयला लदे एक टेंपो और दूसरे वाहन के बीच हुई जोरदार आमने-सामने की टक्कर के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और शोक का माहौल व्याप्त हो गया। घायल व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहाँ उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने पर समाजसेवी रंजीत महतो सहित कई स्थानीय लोग मौके पर पहुँचे और पुलिस प्रशासन को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बंगाल-झारखंड सीमा क्षेत्र में वाहनों की जाँच के नाम पर यातायात व्यवस्था अक्सर अव्यवस्थित हो जाती है। इसी अव्यवस्था के कारण कई वाहन चालकों को मजबूरी में गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से आवागमन करना पड़ता है, जिसे वे इन हादसों का प्रमुख कारण बता रहे हैं। उनका कहना है कि यदि चेकपोस्ट पर सुव्यवस्थित यातायात नियंत्रण और स्पष्ट मार्ग व्यवस्था लागू की जाए, तो ऐसे हादसों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। इस दर्दनाक हादसे के बाद, ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए बंगाल एवं झारखंड प्रशासन से सीमा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की अपील की है। लोगों ने कहा कि बार-बार हो रहे ऐसे हादसे प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करते हैं, जिसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। यह घटना एक बार फिर सीमा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की खामियों को उजागर करती है, और यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता।
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    सोमवार पूर्वाह्न लगभग 11:30 बजे मैथन थाना क्षेत्र अंतर्गत डीबुडीह चेकपोस्ट के समीप एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। कोयला लदे एक टेंपो और दूसरे वाहन के बीच हुई जोरदार आमने-सामने की टक्कर के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और शोक का माहौल व्याप्त हो गया। घायल व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहाँ उसका इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलने पर समाजसेवी रंजीत महतो सहित कई स्थानीय लोग मौके पर पहुँचे और पुलिस प्रशासन को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बंगाल-झारखंड सीमा क्षेत्र में वाहनों की जाँच के नाम पर यातायात व्यवस्था अक्सर अव्यवस्थित हो जाती है। इसी अव्यवस्था के कारण कई वाहन चालकों को मजबूरी में गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से आवागमन करना पड़ता है, जिसे वे इन हादसों का प्रमुख कारण बता रहे हैं। उनका कहना है कि यदि चेकपोस्ट पर सुव्यवस्थित यातायात नियंत्रण और स्पष्ट मार्ग व्यवस्था लागू की जाए, तो ऐसे हादसों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद, ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए बंगाल एवं झारखंड प्रशासन से सीमा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की अपील की है। लोगों ने कहा कि बार-बार हो रहे ऐसे हादसे प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करते हैं, जिसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। यह घटना एक बार फिर सीमा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की खामियों को उजागर करती है, और यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता।
    user_Moloy Gope
    Moloy Gope
    Reporter निरसा-कम-चिरकुंडा, धनबाद, झारखंड•
    5 hrs ago
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