5 रुपये में नहीं चलेगी नौकरी! बिहार के 250 पशु टीकाकर्मियों का बगावत का ऐलान, FMD टीकाकरण अभियान ठप करने की चेतावनी बिहार के मधेपुरा से एक ऐसी खबर, जिसका असर सीधे लाखों पशुओं और हजारों पशुपालकों पर पड़ सकता है। जिले के करीब 250 पशु मैत्री और टीकाकर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि पूरे दिन मेहनत करने के बावजूद उन्हें सिर्फ 5 रुपये प्रति टीका का भुगतान मिलता है। अब उन्होंने साफ कह दिया है—"जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक एफएमडी यानी फुट एंड माउथ डिजीज का टीकाकरण नहीं होगा। मधेपुरा के कला भवन परिसर में बुधवार को बिहार राज्य पशु मैत्री एवं टीकाकर्मी संघ की जिला इकाई की बैठक हुई। जिले के अलग-अलग प्रखंडों से पहुंचे टीकाकर्मियों ने अपनी आर्थिक परेशानियों और विभागीय व्यवस्था पर नाराजगी जताई। लंबी चर्चा के बाद सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि एफएमडी राउंड-7 टीकाकरण अभियान का बहिष्कार किया जाएगा। यानी अब जिले में टीकाकरण कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। टीकाकर्मियों का कहना है कि वे वर्षों से पशुओं को खतरनाक संक्रामक बीमारियों से बचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उनका आरोप है कि सरकार पशुधन बचाने की बात तो करती है, लेकिन जमीन पर काम करने वाले कर्मियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। सबसे बड़ा सवाल पारिश्रमिक का है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार एक टीके पर सिर्फ 5 रुपये दिए जाते हैं। विभाग रोजाना 50 टीके लगाने का लक्ष्य देता है। यानी पूरे दिन की मेहनत के बाद एक टीकाकर्मी की अधिकतम कमाई सिर्फ 250 रुपये होती है। टीकाकर्मियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई में इतनी आय से परिवार चलाना असंभव है। इसलिए प्रति टीका 25 रुपये भुगतान की मांग की जा रही है। संघ ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। हर पंचायत में एक पशु मैत्री टीकाकर्मी की नियुक्ति, प्रति टीका 25 रुपये का भुगतान, सभी टीकाकर्मियों का बीमा, ओटीपी आधारित प्रक्रिया समाप्त करना और कार्य व्यवस्था को सरल एवं व्यावहारिक बनाना। उनका कहना है कि ये सुविधाएं किसी विशेष लाभ के लिए नहीं, बल्कि सम्मानजनक तरीके से काम करने के लिए जरूरी हैं। बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि इन मांगों को लेकर जिला पशुपालन पदाधिकारी और जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन जिला से लेकर राज्य स्तर तक और तेज किया जाएगा। फिलहाल मांगें पूरी होने तक एफएमडी राउंड-7 टीकाकरण अभियान का बहिष्कार जारी रहेगा बैठक में जिला अध्यक्ष विपिन कुमार सहित निर्मल पासवान, कृष्ण केडिया, गणेश कुमार, अनमोल कुमार, सर्वेश कुमार और बड़ी संख्या में पशु मैत्री एवं टीकाकर्मी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि सम्मानजनक पारिश्रमिक और सुविधाएं मिलने तक उनका संघर्ष नहीं रुकेगा।
5 रुपये में नहीं चलेगी नौकरी! बिहार के 250 पशु टीकाकर्मियों का बगावत का ऐलान, FMD टीकाकरण अभियान ठप करने की चेतावनी बिहार के मधेपुरा से एक ऐसी खबर, जिसका असर सीधे लाखों पशुओं और हजारों पशुपालकों पर पड़ सकता है। जिले के करीब 250 पशु मैत्री और टीकाकर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि पूरे दिन मेहनत करने के बावजूद उन्हें सिर्फ 5 रुपये प्रति टीका का भुगतान मिलता है। अब उन्होंने साफ कह दिया है—"जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक एफएमडी यानी फुट एंड माउथ डिजीज का टीकाकरण नहीं होगा। मधेपुरा के कला भवन परिसर में बुधवार को बिहार राज्य पशु मैत्री एवं टीकाकर्मी संघ की जिला इकाई की बैठक हुई। जिले के अलग-अलग प्रखंडों से पहुंचे टीकाकर्मियों ने अपनी आर्थिक परेशानियों और विभागीय व्यवस्था पर नाराजगी जताई। लंबी चर्चा के बाद सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि एफएमडी राउंड-7 टीकाकरण अभियान का बहिष्कार किया जाएगा। यानी अब जिले में टीकाकरण कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। टीकाकर्मियों का कहना है कि वे वर्षों से पशुओं को खतरनाक संक्रामक बीमारियों से बचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उनका आरोप है कि सरकार पशुधन बचाने की बात तो करती है, लेकिन जमीन पर काम करने वाले कर्मियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। सबसे बड़ा सवाल पारिश्रमिक का है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार एक
टीके पर सिर्फ 5 रुपये दिए जाते हैं। विभाग रोजाना 50 टीके लगाने का लक्ष्य देता है। यानी पूरे दिन की मेहनत के बाद एक टीकाकर्मी की अधिकतम कमाई सिर्फ 250 रुपये होती है। टीकाकर्मियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई में इतनी आय से परिवार चलाना असंभव है। इसलिए प्रति टीका 25 रुपये भुगतान की मांग की जा रही है। संघ ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। हर पंचायत में एक पशु मैत्री टीकाकर्मी की नियुक्ति, प्रति टीका 25 रुपये का भुगतान, सभी टीकाकर्मियों का बीमा, ओटीपी आधारित प्रक्रिया समाप्त करना और कार्य व्यवस्था को सरल एवं व्यावहारिक बनाना। उनका कहना है कि ये सुविधाएं किसी विशेष लाभ के लिए नहीं, बल्कि सम्मानजनक तरीके से काम करने के लिए जरूरी हैं। बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि इन मांगों को लेकर जिला पशुपालन पदाधिकारी और जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन जिला से लेकर राज्य स्तर तक और तेज किया जाएगा। फिलहाल मांगें पूरी होने तक एफएमडी राउंड-7 टीकाकरण अभियान का बहिष्कार जारी रहेगा बैठक में जिला अध्यक्ष विपिन कुमार सहित निर्मल पासवान, कृष्ण केडिया, गणेश कुमार, अनमोल कुमार, सर्वेश कुमार और बड़ी संख्या में पशु मैत्री एवं टीकाकर्मी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि सम्मानजनक पारिश्रमिक और सुविधाएं मिलने तक उनका संघर्ष नहीं रुकेगा।
- 5 रुपये में नहीं चलेगी नौकरी! बिहार के 250 पशु टीकाकर्मियों का बगावत का ऐलान, FMD टीकाकरण अभियान ठप करने की चेतावनी बिहार के मधेपुरा से एक ऐसी खबर, जिसका असर सीधे लाखों पशुओं और हजारों पशुपालकों पर पड़ सकता है। जिले के करीब 250 पशु मैत्री और टीकाकर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि पूरे दिन मेहनत करने के बावजूद उन्हें सिर्फ 5 रुपये प्रति टीका का भुगतान मिलता है। अब उन्होंने साफ कह दिया है—"जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक एफएमडी यानी फुट एंड माउथ डिजीज का टीकाकरण नहीं होगा। मधेपुरा के कला भवन परिसर में बुधवार को बिहार राज्य पशु मैत्री एवं टीकाकर्मी संघ की जिला इकाई की बैठक हुई। जिले के अलग-अलग प्रखंडों से पहुंचे टीकाकर्मियों ने अपनी आर्थिक परेशानियों और विभागीय व्यवस्था पर नाराजगी जताई। लंबी चर्चा के बाद सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि एफएमडी राउंड-7 टीकाकरण अभियान का बहिष्कार किया जाएगा। यानी अब जिले में टीकाकरण कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। टीकाकर्मियों का कहना है कि वे वर्षों से पशुओं को खतरनाक संक्रामक बीमारियों से बचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उनका आरोप है कि सरकार पशुधन बचाने की बात तो करती है, लेकिन जमीन पर काम करने वाले कर्मियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। सबसे बड़ा सवाल पारिश्रमिक का है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार एक टीके पर सिर्फ 5 रुपये दिए जाते हैं। विभाग रोजाना 50 टीके लगाने का लक्ष्य देता है। यानी पूरे दिन की मेहनत के बाद एक टीकाकर्मी की अधिकतम कमाई सिर्फ 250 रुपये होती है। टीकाकर्मियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई में इतनी आय से परिवार चलाना असंभव है। इसलिए प्रति टीका 25 रुपये भुगतान की मांग की जा रही है। संघ ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। हर पंचायत में एक पशु मैत्री टीकाकर्मी की नियुक्ति, प्रति टीका 25 रुपये का भुगतान, सभी टीकाकर्मियों का बीमा, ओटीपी आधारित प्रक्रिया समाप्त करना और कार्य व्यवस्था को सरल एवं व्यावहारिक बनाना। उनका कहना है कि ये सुविधाएं किसी विशेष लाभ के लिए नहीं, बल्कि सम्मानजनक तरीके से काम करने के लिए जरूरी हैं। बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि इन मांगों को लेकर जिला पशुपालन पदाधिकारी और जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन जिला से लेकर राज्य स्तर तक और तेज किया जाएगा। फिलहाल मांगें पूरी होने तक एफएमडी राउंड-7 टीकाकरण अभियान का बहिष्कार जारी रहेगा बैठक में जिला अध्यक्ष विपिन कुमार सहित निर्मल पासवान, कृष्ण केडिया, गणेश कुमार, अनमोल कुमार, सर्वेश कुमार और बड़ी संख्या में पशु मैत्री एवं टीकाकर्मी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि सम्मानजनक पारिश्रमिक और सुविधाएं मिलने तक उनका संघर्ष नहीं रुकेगा।2
- वर्षों से यात्री शेड है अर्धनिर्मित लोगों को नहीं मिल रहा है इसका लाभ सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के कढ़ैया पंचायत अंतर्गत फोरसहा गांव स्थित मंदिर के समीप बना यात्री शेड वर्षों से अर्धनिर्मित अवस्था में पड़ा हुआ है जिससे लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने बताया की विगत कई महीनों पहले इस यात्री शेड का निर्माण कार्य किया गया है जिसमें अब तक बैठने के लिए सही तरीका से व्यवस्था भी नहीं किया गया है जिसमें केवल ईट पर खड़ा करके छोड़ दिया गया है और योजना संबंधित बोर्ड भी नहीं लगाया गया है जिससे यह पता चल सके की कितने रूपये की लागत राशि और किस मद से बनाया गया है। इसके अलावा यात्री शेड में गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया है ऐसे योजना की जांच प्रखंड प्रशासन को किया जाना चाहिए था ताकि सरकारी राशि का सदुपयोग हो सके और लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके मगर हैरानी की बात तो ये है की इतने समय बीत जाने के बाद भी प्रखंड प्रशासन द्वारा जांच नहीं किया जाना कई सवाल खड़ा कर रहा है।1
- सुपौल जिले के पिपरा अंचल में स्थायी अंचलाधिकारी की नियुक्ति नहीं होने से राजस्व व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सुपौल जिले के पिपरा अंचल में स्थायी अंचलाधिकारी की नियुक्ति नहीं होने से राजस्व व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद और सरकारी जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों का समय पर निपटारा नहीं हो पा रहा है। अतिरिक्त प्रभार में कार्यालय चलने के कारण लंबित फाइलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे आम लोगों में आक्रोश व्याप्त है। पिपरा अंचल में लंबे समय से स्थायी अंचलाधिकारी का पद रिक्त है। इसके कारण दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवादों के निष्पादन सहित राजस्व से जुड़े कई अहम कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अंचल कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन स्थायी अधिकारी के अभाव में उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। फिलहाल राजस्व अधिकारी सुभाषचंद्र चौधरी को अंचलाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अतिरिक्त जिम्मेदारी होने के कारण सभी फाइलों का समय पर निष्पादन संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे लंबित मामलों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका सीधा असर आम नागरिकों और किसानों पर पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार सरकार ने आकांक्षा कुमारी को पिपरा अंचल का प्रभार दिया है, लेकिन उनके लंबी छुट्टी पर रहने के कारण अब तक उन्होंने योगदान नहीं दिया है। हलाकि इस समंघ में जब एसडीओ को फोन पर पुछा गया तो उनहोंने कहा मेडिकल प्रॉब्लम है बहुत जल्द प्रभार लिया जाएगा ऐसे अभी आरो साहब काम कर रहे हैं थोड़े बहुत परेशानी है यह परेशानी जल्द होगी खत्म इसी वजह से स्थायी अंचलाधिकारी की नियुक्ति में देरी हो रही है और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हैं। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से पिपरा अंचल में शीघ्र स्थायी अंचलाधिकारी की पदस्थापना करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व कार्य ठप रहने से आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं समय पर नहीं मिल पा रही हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन पिपरा अंचल में स्थायी अंचलाधिकारी की नियुक्ति कब तक सुनिश्चित करता है, ताकि लंबित राजस्व कार्यों का निष्पादन हो सके और आम लोगों को राहत मिल सके।2
- अमहा पिपरा न्यूज़ सुपौल जिला यहां पर कुछ बहुत अनहोनी रात को चीज हो रहा है जैसे कि भर रात बिजली काटना बीच में बिजली का आना कभी-कभी तो बिल्ली पूरा रात नहीं आता है अमहा पिपरा न्यूज़ सुपौल जिला यहां पर कुछ बहुत अनहोनी रात को चीज हो रहा है जैसे कि भर रात बिजली काटना बीच में बिजली का आना कभी-कभी तो बिल्ली पूरा रात नहीं आता है1
- धान रोपनी के दौरान महिला को सांप ने काटा, पीएचसी बेलदौर में चल रहा इलाज खगड़िया/बेलदौर: खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड अंतर्गत बंधेरा गांव में बुधवार को धान रोपनी के दौरान एक महिला को सांप ने काट लिया। घटना के बाद खेत में काम कर रहे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने तत्काल महिला को उपचार के लिए बेलदौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। घायल महिला की पहचान उमा देवी (50 वर्ष), पति विलास पासवान, निवासी बंधेरा गांव के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि उमा देवी खेत में धान की रोपाई कर रही थीं। इसी दौरान अचानक एक विषैले सांप ने उनके दाहिने पैर में काट लिया। पहले तो उन्होंने हल्का दर्द समझा, लेकिन कुछ ही देर में तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें तुरंत बेलदौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया और महिला की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण इलाज शीघ्र शुरू किया जा सका। वहीं, ग्रामीणों से बारिश के मौसम में खेतों में काम करते समय विशेष सतर्कता बरतने और सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की गई।1
- सौर बाजार प्रखंड कॉंग्रेस कार्यालय में नव नियुक्त अधिकारी को किया गया सम्मानित सौर बाजार प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में मंगलवार को नव नियुक्त सौर बाजार प्रखंड के कांग्रेस अध्यक्ष रामशरण कुमार द्वारा स्वागत समारोह आयोजित की गई जिसमें प्रदेश से लेकर प्रखंड और पंचायत के नवनियुक्त पदाधिकारियों को कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार झा ने पाग़ चादर देकर और फूल का माला पहना कर स्वागत किया। इस मौके पर मौजूद सभी वरीय कांग्रेस पदाधिकारी ने कहा की कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है जो पूरे देश में सभी के लिए काम करते हैं। एक बात और है किसी पार्टी के लोगों ने देश की जनता को गुमराह कर अपना सरकार बनाने में भले ही सफलता पाई हो मगर देश की जनता की गरीबी को नहीं बदल पाई है। वो दिन दूर नहीं जब कांग्रेस पार्टी अपने पुराने रुतबा में लौटेंगे क्योंकि देश की जनता समझ गई है की देश भाषण से नहीं जनता के विकास कार्य करने से होता है। इस स्वागत समारोह में सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के कई पंचायतों के दर्जनों कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं जिला के वरीय कांग्रेसी पदाधिकारी शामिल हुए।1
- 🚨 सहरसा में चोरों का तांडव! नया बाजार में एक रिटायर्ड फौजी के बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना। छत के रास्ते दाखिल होकर अलमारी व सूटकेस तोड़े, 5 लाख रुपये मूल्य के गहने लेकर फरार। सवाल बड़ा है: आखिर सहरसा में पुलिस गश्त का खौफ कब दिखेगा? #SaharsaNews #CrimeUpdate #SaharsaPolice #BreakingNews #Saharsa1