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ओपी राजभर ने कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान वाराणसी जाम, गंदगी और बदहाली का शिकार थी। काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प, सुगम गलियारे, गंगा घाटों का सुंदरीकरण और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार की देन है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब शहर का विकास और सुंदरीकरण होता है, तो विपक्ष को इसमें सिर्फ राजनीति नजर आती है। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को पहले अपने 5 साल के शासनकाल का रिपोर्ट कार्ड देखना चाहिए, जहां विकास की योजनाएं फाइलों में अटकी रहती थीं।
Akash Modanwal
ओपी राजभर ने कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान वाराणसी जाम, गंदगी और बदहाली का शिकार थी। काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प, सुगम गलियारे, गंगा घाटों का सुंदरीकरण और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार की देन है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब शहर का विकास और सुंदरीकरण होता है, तो विपक्ष को इसमें सिर्फ राजनीति नजर आती है। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को पहले अपने 5 साल के शासनकाल का रिपोर्ट कार्ड देखना चाहिए, जहां विकास की योजनाएं फाइलों में अटकी रहती थीं।
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- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) के दालमंडी इलाके में हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखा और सीधा हमला बोला है।1
- ओपी राजभर ने कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान वाराणसी जाम, गंदगी और बदहाली का शिकार थी। काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प, सुगम गलियारे, गंगा घाटों का सुंदरीकरण और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार की देन है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब शहर का विकास और सुंदरीकरण होता है, तो विपक्ष को इसमें सिर्फ राजनीति नजर आती है। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को पहले अपने 5 साल के शासनकाल का रिपोर्ट कार्ड देखना चाहिए, जहां विकास की योजनाएं फाइलों में अटकी रहती थीं।1
- धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा, मां लक्ष्मी से जुड़ी है धार्मिक मान्यता स्वच्छता और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है झाड़ू, जानिए क्या है इसके पीछे की मान्यता धनतेरस का पर्व आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। लोग सोना-चांदी, पीतल के बर्तन और अन्य घरेलू सामानों की खरीदारी करते हैं। लेकिन इन सबके बीच धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा भी विशेष रूप से प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन नई झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है। इसके पीछे मां लक्ष्मी की कृपा और घर में सुख-समृद्धि आने की लोकमान्यता जुड़ी हुई है। पौराणिक आस्था और लोकपरंपराओं में झाड़ू को स्वच्छता तथा दरिद्रता दूर करने का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि जिस घर में साफ-सफाई रहती है, वहां सकारात्मक वातावरण बना रहता है। इसी विश्वास के चलते कई परिवार धनतेरस के दिन नई झाड़ू खरीदकर घर लाते हैं। इसे घर से गंदगी और नकारात्मकता दूर करने तथा सुख-समृद्धि के स्वागत का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छता के महत्व का भी संदेश देती है। नई झाड़ू लाने के बाद कई परिवार घर की साफ-सफाई करते हैं और दीपावली के स्वागत की तैयारियों में जुट जाते हैं। हालांकि, झाड़ू खरीदने से धन में वृद्धि होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। यह पूरी तरह धार्मिक विश्वास और पारंपरिक मान्यता का विषय है। धनतेरस का वास्तविक संदेश केवल धन-संपत्ति की खरीदारी करना नहीं, बल्कि घर-परिवार में स्वच्छता, प्रेम, शांति और सद्भाव बनाए रखना भी है। इसलिए इस पर्व पर सोना-चांदी खरीदने के साथ स्वच्छता और अच्छे संस्कारों को अपनाने का संकल्प भी लेना चाहिए।1
- सरकारी बीज भंडार पर किसानों की उमड़ी भीड़, गेहूं सरसों के बीज के लिए लगी लंबी कतार आजमगढ़ जिले के फूलपुर में रबी की बुवाई का समय नजदीक आते ही राजकीय कृषि बीज भंडार फूलपुर पर गेहूं और सरसों का बीज लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है सुबह से ही किसान पंजीकरण कराने और ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगाकर बीज प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं किसानों को आशंका है कि कहीं बीज का स्टॉक समाप्त न हो जाए उनका कहना है कि सरकारी बीज भंडार पर अनुदानित दर पर बीज मिल रहा है, लेकिन स्टॉक खत्म होने पर उन्हें बाजार से महंगे दाम पर बीज खरीदना पड़ेगा किसानों ने कृषि विभाग से पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि समय से बुवाई हो सके।1
- *#Azamgarh जनपद में दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण के दौरान #AdgZoneVaranasi श्री नवीन अरोरा द्वारा पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालय एवं थाना सिधारी का निरीक्षण किया गया। *#Azamgarh जनपद में दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण के दौरान #AdgZoneVaranasi श्री नवीन अरोरा द्वारा पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालय एवं थाना सिधारी का निरीक्षण किया गया। परेड, पुलिस लाइन की विभिन्न शाखाओं एवं पुलिसकर्मियों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेते हुए वामा सारथी के अंतर्गत क्रिकेट प्रैक्टिस नेट एवं 04 हाईमास्ट लाइटों का उद्घाटन किया गया। निरीक्षण के दौरान अपराध नियंत्रण, संगठित अपराध एवं मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश, महिला-बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, पीड़ितों की धनराशि वापसी तथा आगामी त्योहारों के दृष्टिगत सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। तकनीक एवं क्राइम एनालिटिक्स के उपयोग और पुलिसकर्मियों की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण पर भी जोर दिया गया।निरीक्षण में अच्छी व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उक्त निरीक्षण एवं जनपद की पुलिस कार्यप्रणाली के संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन, वाराणसी श्री नवीन अरोरा का आधिकारिक वक्तव्य।*1
- आजमगढ़ में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, शासन विरोधी नारे लगाकर सौंपा ज्ञापन आजमगढ़। कालपी बार एसोसिएशन अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या से आक्रोशित अधिवक्ता न्यायिक कार्य से रहे विरत, पांच लाख मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग। आजमगढ़। जालौन जिले की कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की अपहरण के बाद हत्या किए जाने से अधिवक्ता समाज में आक्रोश व्याप्त है। घटना के विरोध में सोमवार को आजमगढ़ दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान दीवानी न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं की साधारण सभा की आपात बैठक अध्यक्ष प्रभाकर सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन संघ के मंत्री अनुराग कुमार दीक्षित ने किया। अधिवक्ताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अधिवक्ताओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया। बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर शासन विरोधी नारे लगाए और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट तत्काल लागू करने की मांग की। संघ अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग हैं। यदि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है तो आम अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। ऐसे हुआ था अधिवक्ता का अपहरण और हत्या जानकारी के अनुसार, कालपी निवासी गयादीन अहिरवार 31 अक्टूबर को उरई न्यायालय में मुकदमे की पैरवी के लिए गए थे। लौटते समय कानपुर-झांसी हाईवे स्थित दुर्गा मंदिर चौराहे के पास कार सवार लोगों ने केस की फाइल के बहाने उन्हें बुलाया और अगवा कर लिया। एक नवंबर को उनका शव कानपुर के गुजैनी क्षेत्र में नहर से बरामद हुआ। पुलिस ने मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए थे। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई गई है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शासन ने गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- कृष्ण को लेकर धीरेंद्र का विवादित बयान समाज में फैला सकता है अराजकता1
- निजामाबाद के रघुनाथपुर में तेज आवाज में डीजे बजाने पर मुकदमा दर्ज, दो पिकअप सीज,DJ उपकरण जब्त आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद क्षेत्र के ग्राम रघुनाथपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान निर्धारित मानकों के विपरीत तेज आवाज में डीजे बजाने और प्रतियोगिता आयोजित करने के मामले में पुलिस ने आयोजकों एवं डीजे संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही दो पिकअप वाहनों को सीज कर डीजे उपकरण जब्त किए गए हैं रिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई पुलिस के अनुसार 2 नवंबर को विसर्जन जुलूस के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था मना करने के बावजूद आवाज कम नहीं की गई, जिससे आम लोगों, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को परेशानी हो रही थी इस मामले में उपनिरीक्षक गोपाल प्रसाद मौर्य की तहरीर पर 3 नवंबर को थाना निजामाबाद में मु0अ0सं0 278/2026 के तहत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने 32 बड़े साउंड बॉक्स, 14 स्पीकर, 17 मशीन, एम्पलीफायर, माइक, मिक्सर, लेजर लाइट सहित अन्य डीजे उपकरण जब्त किए वहीं पिकअप गाड़ी सीज कर दिया गया। अन्य वाहनों का ई-चालान भी किया गया कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक गोपाल प्रसाद मौर्य, कमला प्रसाद, विनोद कुमार यादव, वंशराज दूबे, परमानंद सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।1