बरेली के देवरनिया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ित पिता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को शिकायती पत्र देकर मामले की विवेचना बदलने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि मुकदमा अपराध संख्या 260/2026 दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। शिकायत के अनुसार, पुलिस ने 27 जून को 16 वर्षीय किशोरी को बरामद तो कर लिया था, लेकिन उसके नाबालिग होने के बावजूद मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ी गईं। पीड़ित पिता का आरोप है कि उनकी बेटी अपने साथ साढ़े तीन लाख रुपये नकद और सोने के आभूषण लेकर गई थी, जिसकी बरामदगी भी अभी तक नहीं की गई है। इसके साथ ही, उन्होंने मामले के विवेचक पर गवाहों के बयान दर्ज न करने और उल्टा पीड़ित परिवार पर ही समझौते का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसके अलावा, आरोपी ने कथित तौर पर इंस्टाग्राम पर नाबालिग की अश्लील तस्वीरें भी वायरल कर दी हैं। पीड़ित परिवार ने एसएसपी से इस पूरे मामले की विवेचना किसी अन्य सक्षम अधिकारी को सौंपकर निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। यह सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा दिए गए शिकायती पत्र पर आधारित हैं और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से दिखाया जाएगा।
बरेली के देवरनिया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ित पिता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को शिकायती पत्र देकर मामले की विवेचना बदलने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि मुकदमा अपराध संख्या 260/2026 दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। शिकायत के अनुसार, पुलिस ने 27 जून को 16 वर्षीय किशोरी को बरामद तो कर लिया था, लेकिन उसके नाबालिग होने के बावजूद मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ी गईं। पीड़ित पिता का आरोप है कि उनकी बेटी अपने साथ साढ़े तीन लाख रुपये नकद और सोने के आभूषण लेकर गई थी, जिसकी बरामदगी भी अभी तक नहीं की गई है। इसके साथ ही, उन्होंने मामले के विवेचक पर गवाहों के बयान दर्ज न करने और उल्टा पीड़ित परिवार पर ही समझौते का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसके अलावा, आरोपी ने कथित तौर पर इंस्टाग्राम पर नाबालिग की अश्लील तस्वीरें भी वायरल कर दी हैं। पीड़ित परिवार ने एसएसपी से इस पूरे मामले की विवेचना किसी अन्य सक्षम अधिकारी को सौंपकर निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। यह सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा दिए गए शिकायती पत्र पर आधारित हैं और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से दिखाया जाएगा।
- उत्तर प्रदेश के बरेली में थाना भोजीपुरा पुलिस ने गौकशी का प्रयास विफल करते हुए पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो गौकशों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से जीवित गौवंश सहित अवैध शस्त्र और उपकरण बरामद किए हैं। इस मामले में बरेली के क्षेत्राधिकारी हाईवे श्री देवेश सिंह ने पूरी कार्रवाई की जानकारी साझा की है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर सियासत गरमा गई है। इस मामले में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। समिति ने पुरजोर मांग की है कि मेरठ में हुई इस वारदात के सभी बचे हुए आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। इसके अलावा, ज्ञापन में बीती 8 जुलाई को न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज और उन्हें हिरासत में लिए जाने के मामले की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई गई है। समिति ने अधिवक्ता रवि गौतम के साथ कथित पुलिस अभद्रता और बल प्रयोग के मामले की स्वतंत्र जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और कानून पर आम जनता का भरोसा बरकरार रहे। ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से इस पूरे प्रकरण में तुरंत हस्तक्षेप कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित कराने की अपील की गई है।1
- बरेली के पीलीभीत बायपास रोड पर सतीपुर चौराहे से मीरा की फैट की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित कूड़ा डंपिंग स्थल पर रोजाना दर्जनों गौवंश पहुंच रहे हैं। भूख और प्यास के कारण ये गौवंश कूड़े में पड़ी पॉलीथीन और अन्य कचरा खाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पॉलीथीन खाने से गौवंश बीमार हो रहे हैं और उनकी मौत भी हो रही है। इस गंभीर स्थिति पर सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु पटेल ने बरेली नगर निगम और संबंधित विभागों की लापरवाही पर सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि डंपिंग स्थल पर गौवंशों के प्रवेश पर तत्काल रोक लगाई जाए और वहां उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था की जाए। मामले में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए हिमांशु पटेल ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीएम बरेली और नगर निगम को टैग कर सख्त कदम उठाने की मांग की है।1
- रामपुर की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बरेली में समाजवादी पार्टी ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। सपा नेताओं ने सरकार के इस कदम का पुरजोर विरोध करते हुए राज्यपाल के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा है और प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इस प्रदर्शन का नेतृत्व बहेड़ी विधायक अताउर्रहमान, जिलाध्यक्ष सुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह और डॉ. अनीश बेग समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने किया। सपा नेताओं का कहना है कि यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया गया है। उनका आरोप है कि यदि इस पर बुलडोजर चलाया गया, तो वहां पढ़ रहे हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा और उनके भविष्य पर बेहद गंभीर असर पड़ेगा। सपा नेताओं ने जोर देकर कहा कि शिक्षा हासिल करना हर छात्र का संवैधानिक अधिकार है और किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई से पहले विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से इस मामले में मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है। राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तुरंत रोकी जाए ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इस पूरे प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और समर्थक मौके पर मौजूद रहे।1
- बरेली में दुश्मनों को फंसाने के लिए खुद पर हमले की एक खतरनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। बरेली पुलिस के अंतर्गत मीरगंज पुलिस ने इस पूरी साजिश का भंडाफोड़ किया है। पुलिस अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विरोधियों को झूठे मामले में फंसाने की नीयत से अपनी ही बस में तोड़फोड़ और फायरिंग की इस वारदात को अंजाम दिया गया था। मीरगंज पुलिस ने इस साजिश का राज खोलते हुए स्पष्ट किया है कि खुद पर हमला दिखाने के लिए अपनी ही बस को निशाना बनाया गया था। अधिकारी ने इस घटना की सच्चाई बताते हुए खुलासा किया है कि कैसे विरोधियों को फंसाने के लिए खुद पर हमले का यह पूरा जाल बुना गया था।1
- रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी की 38 बिल्डिंगों को गिराने के आदेश का विरोध किया जा रहा है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के बरेली में पार्टी नेताओं ने अपना विरोध जताते हुए एक ज्ञापन सौंपा है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में रामपुर की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी ने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राज्यपाल के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर इस कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान बहेड़ी विधायक अताउर्रहमान, सपा जिलाध्यक्ष सुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह और डॉक्टर अनीश बेग समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी बात रखी। नेताओं ने बताया कि यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को अवैध घोषित कर उनके ध्वस्तीकरण का नोटिस दिया गया है। उन्होंने चिंता जताई कि यूनिवर्सिटी में हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं और यदि बुलडोजर चलता है, तो उनकी शिक्षा और भविष्य पर सीधा असर पड़ेगा। सपा नेताओं ने शिक्षा को हर छात्र का संवैधानिक अधिकार बताते हुए मांग की है कि किसी भी कार्रवाई से पहले विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए राज्यपाल से इस प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर तुरंत रोक लगाने की गुहार लगाई है। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में सपा कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे।1
- बरेली में एक हत्या के मामले की जांच को लेकर पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अपने इकलौते बेटे धर्मवीर की मौत के बाद पीड़ित मां ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत कर मामले की विवेचना किसी उच्च अधिकारी को सौंपने और सभी नामजद आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने की गुहार लगाई है। पीड़ित मां का आरोप है कि उसके बेटे धर्मवीर की 30 मई 2026 को एक सोची-समझी साजिश के तहत हत्या की गई थी। शिकायत के अनुसार, शादी के बाद से ही धर्मवीर को उसकी पत्नी, सास, साली और मौसेरे साले द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और उसे पहले भी कई बार जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। महिला ने गंभीर दावा किया है कि इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी प्रभावित कराया गया है, जबकि पंचनामा और तस्वीरों में मृतक के शरीर पर चोटों के कई स्पष्ट निशान दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने आर्थिक लाभ लेकर कुछ नामजद आरोपियों को छोड़ दिया है और घटनास्थल से बरामद सामान की जांच भी अभी तक लंबित रखी गई है। पीड़िता ने एसएसपी से मांग की है कि मामले की विवेचना थाना नवाबगंज से हटाकर किसी उच्च अधिकारी से कराई जाए। इन गंभीर आरोपों पर फिलहाल पुलिस की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- उत्तर प्रदेश के रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को गिराने का नोटिस जारी होने के बाद हड़कंप मच गया है। यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर की गाज गिरने की इस तैयारी से नाराज सपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। इसी सिलसिले में बरेली में तमाम कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर एक ज्ञापन सौंपा है। इस संभावित बुलडोजर एक्शन से भड़के सपा नेता अब सीधे राज्यपाल के पास पहुंच गए हैं और यह पूरा विवाद राजभवन तक पहुंच चुका है। यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए सपा नेताओं ने जमकर हंगामा किया है और इस कार्रवाई को रोकने के लिए राज्यपाल से गुहार लगाई है।1