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किसानों के अहम मुद्दे पर विशेष रूप से बातचीत 103 दिनों से धरने पर बैठे है किसान प्रशासन द्वारा नहीं हो रही सुनवाई बाराबंकी 6 दिन से बैठे हैं आमरण अनशन पर किसानों में रोज व्याप्त कहा जब तक हमारी समस्याओं का समाधान नहीं होता तब तक हम आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे किसानों ने बताया कि आलू विदेश में सप्लाई न होने से आलू का मूल्य सही रूप लाभ नहीं मिल रहा है जिसके कारण किसान आलू फेंकने पर हो रहे मजबूर
Unna news agency
किसानों के अहम मुद्दे पर विशेष रूप से बातचीत 103 दिनों से धरने पर बैठे है किसान प्रशासन द्वारा नहीं हो रही सुनवाई बाराबंकी 6 दिन से बैठे हैं आमरण अनशन पर किसानों में रोज व्याप्त कहा जब तक हमारी समस्याओं का समाधान नहीं होता तब तक हम आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे किसानों ने बताया कि आलू विदेश में सप्लाई न होने से आलू का मूल्य सही रूप लाभ नहीं मिल रहा है जिसके कारण किसान आलू फेंकने पर हो रहे मजबूर
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- बाराबंकी से बड़ी बात1
- बाराबंकी के मसौली विकासखंड अंतर्गत रसौली कस्बे के फुलवारी बाग गांव में मंगलवार दोपहर एक घर में आग लग गई। चाय बनाते समय गैस सिलेंडर से निकली चिंगारी ने छप्परनुमा घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आग तेजी से फैल गई। आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही मिनटों में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया और लपटें उठने लगीं। आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन बेकाबू आग पर काबू नहीं पाया जा सका। सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान एक बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि घर में दो भरे हुए एलपीजी सिलेंडर रखे थे। दमकल कर्मियों ने एक सिलेंडर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि दूसरा सिलेंडर आग के बीच फंसा रहा। गनीमत रही कि किसी भी सिलेंडर में विस्फोट नहीं हुआ, जिससे आसपास के घरों और जान-माल को बड़ा नुकसान होने से बच गया। इस अग्निकांड में रामबाबू का पूरा घर जलकर राख हो गया। घर में रखा गृहस्थी का सारा सामान, अनाज, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं नष्ट हो गईं। पीड़ित परिवार अब खुले आसमान के नीचे आ गया है।4
- बाराबंकी में भीषण आग: सिलेंडर से उठी चिंगारी ने पलभर में उजाड़ा घर, बड़ा विस्फोट टला बाराबंकी जनपद के मसौली विकासखंड एवं सफदरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत रसौली कस्बे के मदारन पुरवा गांव में मंगलवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक मामूली सी चूक ने भयंकर अग्निकांड का रूप ले लिया। चाय बनाते समय गैस सिलेंडर से निकली चिंगारी ने छप्परनुमा घर को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे घर को घेर लिया और लपटें आसमान छूने लगीं। आग की भयावहता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग बुझाने की भरसक कोशिश की, लेकिन बेकाबू आग के सामने सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे एक बहुत बड़ी त्रासदी टल गई। दरअसल, घर में दो एलपीजी सिलेंडर रखे थे, जो पूरी तरह भरे हुए थे। आग की चपेट में आए एक सिलेंडर को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि दूसरा सिलेंडर आग के बीच फंसा रहा। गनीमत यह रही कि सिलेंडर में विस्फोट नहीं हुआ, वरना आसपास के कई घर भी तबाही की चपेट में आ सकते थे और जनहानि भी हो सकती थी। इस दर्दनाक हादसे में रामबाबू का पूरा आशियाना जलकर खाक हो गया। घर में रखा सारा गृहस्थी का सामान, अनाज, कपड़े और जरूरी वस्तुएं पलभर में राख बन गईं। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि गैस सिलेंडर के उपयोग में जरा सी लापरवाही भी कितनी भयावह साबित हो सकती है। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह हादसा पूरे गांव के लिए बड़ी आपदा बन सकता था। 👉 संदेश साफ है: सावधानी ही सुरक्षा है। छोटी सी गलती कभी भी बड़ी तबाही में बदल सकती है।2
- बाराबंकी जिले के देवा थाना क्षेत्र के पलटा गांव के पास स्थित पेट्रोल पंप के समीप मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। ऑटो चालक के मोबाइल चलाने के दौरान वाहन से नियंत्रण खोने पर ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें सवार एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में महिला के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल महिला को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर प्रेम गुप्ता ने बताया कि महिला के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर है और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण चालक द्वारा मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना सामने आया है।1
- बाराबंकी 6 दिन से बैठे हैं आमरण अनशन पर किसानों में रोज व्याप्त कहा जब तक हमारी समस्याओं का समाधान नहीं होता तब तक हम आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे किसानों ने बताया कि आलू विदेश में सप्लाई न होने से आलू का मूल्य सही रूप लाभ नहीं मिल रहा है जिसके कारण किसान आलू फेंकने पर हो रहे मजबूर1
- 🚨डीसीपी ट्रैफिक के सख्त निर्देशों के बावजूद दुबग्गा चौराहे पर अवैध डग्गामार बस स्टैंड, स्थानीय यातायात स्टाफ पर उठे सवाल लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक ओर डीसीपी ट्रैफिक के निर्देशन में शहरभर में सघन चेकिंग अभियान चलाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने, जाम से राहत दिलाने और अवैध डग्गामार वाहनों पर शिकंजा कसने का कार्य लगातार किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर दुबग्गा चौराहे पर इन सख्त निर्देशों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, दुबग्गा चौराहे पर लंबे समय से अवैध डग्गामार बसों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे वहां अवैध बस स्टैंड जैसी स्थिति बन गई है। सबसे गंभीर बात यह है कि यह सब उस समय हो रहा है जब यातायात पुलिस के उच्च अधिकारी लगातार अभियान चलाकर सड़कों को जाममुक्त करने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में जुटे हैं। आरोप है कि स्थानीय स्तर पर तैनात टीआई, सहायक टीआई और टीएसआई की लापरवाही या कथित मिलीभगत के कारण अवैध डग्गामार बसों का संचालन बेखौफ जारी है। सूत्रों की मानें तो “इकजाई” के नाम पर हर माह मोटी रकम वसूली की चर्चा भी क्षेत्र में जोरों पर है, जिसके चलते इन अवैध वाहनों का जमावड़ा लगातार बना रहता है। जहां एक तरफ डीसीपी ट्रैफिक और उच्च अधिकारी शहर में नियम व्यवस्था मजबूत करने के लिए सख्त कार्रवाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दुबग्गा चौराहे पर अवैध बसों का कब्जा स्थानीय पुलिसिंग पर सवाल खड़े कर रहा है। सड़क किनारे खड़ी डग्गामार बसें न केवल यातायात बाधित कर रही हैं, बल्कि आम जनता, यात्रियों और राहगीरों के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उच्च अधिकारियों के निर्देशों का सही तरीके से पालन कराया जाए, तो दुबग्गा चौराहे पर लगने वाला यह अवैध बस अड्डा तत्काल खत्म हो सकता है। अब जरूरत है कि यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले का संज्ञान लें, जांच कराएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें, ताकि अवैध डग्गामार बसों के इस खेल पर पूरी तरह रोक लग सके। जनता का सवाल: जब डीसीपी ट्रैफिक शहर को जाममुक्त बनाने में जुटे हैं, तो दुबग्गा चौराहे पर आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है अवैध डग्गामार बस स्टैंड? डीसीपी ट्रैफिक के अभियान को पलीता! दुबग्गा चौराहे पर अवैध डग्गामार बसों का अड्डा कायम : उच्च अधिकारियों के सख्त निर्देश बेअसर! दुबग्गा चौराहे पर स्थानीय स्टाफ की नाक के नीचे अवैध बस1
- जनपद बाराबंकी थाना टिकैतनगर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम नैपुरा मजरे परसावल में हत्याभियुक्त की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक, उत्तरी बाराबंकी श्री विकास चन्द्र त्रिपाठी की बाइट1
- पत्रकार रामजी दीक्षित कि रिपोर्ट बाराबंकी अवध मॉल के सामने दर्दनाक सड़क हादसा: एक गंभीर, लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर* *भीड़ में मौजूद दो युवकों ने दिखाई इंसानियत* बाराबंकी। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे अवध मॉल सिनेमा हॉल के सामने एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लखनऊ की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार नेक्सॉन ईवी कार गलत दिशा (उल्टी साइड) से चल रही थी। इसी दौरान कार ने सामने खड़ी मोटरसाइकिल (स्प्लेंडर) और एक स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों दोपहिया वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और उन पर सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में विनोद कुमार निवासी बरौली थाना सतरिख को सिर में गंभीर चोट आई, जबकि स्कूटी सवार एक युवती भी घायल हो गई। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन अधिकांश लोग मदद करने के बजाय वीडियो बनाते रहे। इसी बीच मौके पर मौजूद दो युवक—निखिल प्रताप सिंह और वीर विक्रांत सिंह—ने मानवता का परिचय देते हुए तुरंत ई-रिक्शा रुकवाया और घायलों को बाराबंकी ट्रामा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों ने विनोद कुमार की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। दोनों युवक घायल के साथ लखनऊ तक गए और उपचार में सहयोग किया। बाद में परिजनों के पहुंचने पर उन्होंने घायल को उनके हवाले कर दिया। इस सराहनीय कार्य के लिए परिजनों ने दोनों युवकों का आभार व्यक्त किया। हादसे के कारण बाराबंकी-लखनऊ मार्ग पर कुछ समय के लिए जाम लग गया। सूचना मिलने पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर राम यतन यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जल्द ही यातायात को सुचारू कराया। निखिल प्रताप सिंह और वीर विक्रांत सिंह ने आम लोगों से अपील की है कि सड़क हादसों के दौरान वीडियो बनाने के बजाय घायलों की मदद के लिए आगे आएं, ताकि समय पर इलाज मिल सके और कीमती जान बचाई जा सके।2