देवरिया - SIR प्रक्रिया में उठे कई सवाल सामने आई बड़ी चूक खबर देवरिया जिले से है, जहां SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में एक गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। शहर के एक मुस्लिम परिवार के पते पर कथित तौर पर 7 हिंदू मतदाताओं के नाम जोड़ दिए गए हैं। मामले की शिकायत पीड़ित परिवार द्वारा अपर जिलाधिकारी प्रशासन से की गई, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए हैं।दरअसल, नगर पालिका क्षेत्र के अबूबकर नगर उत्तरी-4, वार्ड संख्या 32 में स्थित मकान संख्या 501, निवासी अंजुम रहमान के पते पर SIR प्रक्रिया के बाद 7 हिंदू मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए। जब इसकी जानकारी परिवार को हुई तो उन्होंने जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह को लिखित शिकायत सौंपी। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने इसकी जांच एसडीएम सदर श्रुति शर्मा को सौंपी है। एडीएम प्रशासन: “शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
देवरिया - SIR प्रक्रिया में उठे कई सवाल सामने आई बड़ी चूक खबर देवरिया जिले से है, जहां SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में एक गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। शहर के एक मुस्लिम परिवार के पते पर कथित तौर पर 7 हिंदू मतदाताओं के नाम जोड़ दिए गए हैं। मामले की शिकायत पीड़ित परिवार द्वारा अपर जिलाधिकारी प्रशासन से की गई, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए हैं।दरअसल, नगर पालिका क्षेत्र के अबूबकर नगर उत्तरी-4, वार्ड संख्या 32 में स्थित मकान संख्या 501, निवासी अंजुम रहमान के पते पर SIR प्रक्रिया के बाद 7 हिंदू मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए। जब इसकी जानकारी परिवार को हुई तो उन्होंने जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह को लिखित शिकायत सौंपी। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने इसकी जांच एसडीएम सदर श्रुति शर्मा को सौंपी है। एडीएम प्रशासन: “शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
- महिला आयोग की ओर से आयोजित जनसुनवाई में कुल 22 प्रकरण सामने आए। जनसुनवाई की अध्यक्षता रितु शाही ने की। प्राप्त मामलों में घरेलू हिंसा के 14, जमीनी विवाद के 6 तथा धोखाधड़ी के 2 मामले शामिल थे। जनसुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों को सुनने के बाद 7 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों में आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए। महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़ितों को हर संभव न्याय दिलाया जाएगा।1
- कुशीनगर से इस वक्त एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जहाँ सीएचसी दुदही में नसबंदी सेवा पूरी तरह ठप हो गई है। आज नसबंदी कराने पहुँचीं 14 महिलाएँ घंटों तक अस्पताल में इंतज़ार करती रहीं, लेकिन सेवा शुरू नहीं हो सकी। दरअसल, आशा कार्यकर्ताओं ने वर्षों से मानदेय न मिलने का आरोप लगाते हुए काम ठप कर दिया। विरोध के चलते अचानक स्वास्थ्य सेवाएँ बाधित हो गईं। इसका सीधा असर पड़ा उन महिलाओं पर, जो दूर-दराज़ के इलाकों से अस्पताल पहुँची थीं। महिलाएँ और उनके परिजन अस्पताल परिसर में भटकते नजर आए, और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों का कहना है कि ना तो समय पर कोई जानकारी दी गई और ना ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि जब तक बकाया मानदेय का भुगतान नहीं होगा, तब तक काम शुरू नहीं किया जाएगा। सबसे बड़ा सवाल ये है— 👉 आखिर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की सज़ा आम महिलाएँ क्यों भुगतें? 👉 और कब तक ऐसे ही ज़रूरी सेवाएँ ठप होती रहेंगी? अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है। @dm_kushinagar @UPGovt @CMOfficeUP #Kushinagar1
- कुशीनगर। हाटा तहसील अंतर्गत पिडरा ग्राम सभा में करोड़ों रुपये की लागत से बना एनएम (न्यू मेडिकल) सेंटर आज अपने उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्मित यह केंद्र अब खंडहर में तब्दील हो चुका है और शाम ढलते ही यहां जुआरियों व असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। विभागीय अनदेखी के चलते यह केंद्र गांव के लिए सुविधा बनने के बजाय परेशानी का कारण बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार एनएम सेंटर का निर्माण ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया गया था, लेकिन लंबे समय से यहां न तो चिकित्सकीय सेवाएं संचालित हैं और न ही कोई स्टाफ तैनात है। भवन की हालत जर्जर हो चुकी है, खिड़की-दरवाजे टूट चुके हैं और परिसर में गंदगी का अंबार लगा है। आरोप है कि रात के समय यहां जुआ खेला जाता है, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है और युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बच्चों और महिलाओं का इस रास्ते से गुजरना मुश्किल हो गया है। जुआरियों के शोर-शराबे और डर के कारण लोग शाम के बाद उधर जाने से कतराते हैं। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर पिडरा का एनएम सेंटर बदहाली का शिकार है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल केंद्र की मरम्मत कर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं बहाल की जाएं और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई हो। यदि समय रहते विभाग ने ध्यान नहीं दिया तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। अब देखना यह है कि खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कब तक नींद से जागते हैं और पिडरा के लोगों को उनका हक मिल पाता है या नहीं।1
- कुशीनगर,हाटा ब्लॉक सभागार में विकास का एजेंडा तय, विधायक मोहन वर्मा की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत बैठक, जनकल्याण योजनाओं पर फोकस1
- Post by Namrata Shukla2
- शानदार प्रस्तुति नए जुनून के साथ एक नया जज्बा1
- देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र में नाबालिक लड़के को मोमोज खिलाने के बहाने 85 लाख रुपये के गहने का ठगी हुआ2
- पंजाबारी में 13 साल की लड़की का 6 साल से एक व्यक्ति द्वारा घर में बंद कर शोषण किया जा रहा था। स्थानीय शिकायतों के बाद, डिस्ट्रिक्ट लेबर टास्क फोर्स ने एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रविवार शाम को अमरीन अख्तर लस्कर (मकान नंबर 69, जूरीपार) के घर पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि नाबालिग लड़की को छह साल से घरेलू कामगार के तौर पर रखा गया था और उसके साथ बार-बार शारीरिक शोषण किया जाता था। अधिकारियों के आने से पहले आरोपी ने लड़की को करीब 25 मिनट तक बेड के बॉक्स के अंदर छिपा कर रखा हुआ था।1
- कुशीनगर, विशुनपुरा थाना क्षेत्र में नेटुआ वीर बाबा स्थल के पास गोवंश अवशेष मामला, पुलिस ने साजिश का किया खुलासा1