खंडहर में तब्दील एनएम सेंटर, पिडरा में जुआरियों का अड्डा बनने का आरोप कुशीनगर। हाटा तहसील अंतर्गत पिडरा ग्राम सभा में करोड़ों रुपये की लागत से बना एनएम (न्यू मेडिकल) सेंटर आज अपने उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्मित यह केंद्र अब खंडहर में तब्दील हो चुका है और शाम ढलते ही यहां जुआरियों व असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। विभागीय अनदेखी के चलते यह केंद्र गांव के लिए सुविधा बनने के बजाय परेशानी का कारण बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार एनएम सेंटर का निर्माण ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया गया था, लेकिन लंबे समय से यहां न तो चिकित्सकीय सेवाएं संचालित हैं और न ही कोई स्टाफ तैनात है। भवन की हालत जर्जर हो चुकी है, खिड़की-दरवाजे टूट चुके हैं और परिसर में गंदगी का अंबार लगा है। आरोप है कि रात के समय यहां जुआ खेला जाता है, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है और युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बच्चों और महिलाओं का इस रास्ते से गुजरना मुश्किल हो गया है। जुआरियों के शोर-शराबे और डर के कारण लोग शाम के बाद उधर जाने से कतराते हैं। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर पिडरा का एनएम सेंटर बदहाली का शिकार है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल केंद्र की मरम्मत कर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं बहाल की जाएं और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई हो। यदि समय रहते विभाग ने ध्यान नहीं दिया तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। अब देखना यह है कि खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कब तक नींद से जागते हैं और पिडरा के लोगों को उनका हक मिल पाता है या नहीं।
खंडहर में तब्दील एनएम सेंटर, पिडरा में जुआरियों का अड्डा बनने का आरोप कुशीनगर। हाटा तहसील अंतर्गत पिडरा ग्राम सभा में करोड़ों रुपये की लागत से बना एनएम (न्यू मेडिकल) सेंटर आज अपने उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्मित यह केंद्र अब खंडहर में तब्दील हो चुका है और शाम ढलते ही यहां जुआरियों व असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। विभागीय अनदेखी के चलते यह केंद्र गांव के लिए सुविधा बनने के बजाय परेशानी का कारण बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार एनएम सेंटर का निर्माण ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया गया था, लेकिन लंबे समय से यहां न तो चिकित्सकीय सेवाएं संचालित हैं और न ही कोई स्टाफ तैनात है। भवन की हालत जर्जर हो चुकी है, खिड़की-दरवाजे टूट चुके हैं और परिसर में गंदगी का अंबार लगा है। आरोप है कि रात के समय यहां जुआ खेला जाता है, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है और युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बच्चों और महिलाओं का इस रास्ते से गुजरना मुश्किल हो गया है। जुआरियों के शोर-शराबे और डर के कारण लोग शाम के बाद उधर जाने से कतराते हैं। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर पिडरा का एनएम सेंटर बदहाली का शिकार है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल केंद्र की मरम्मत कर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं बहाल की जाएं और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई हो। यदि समय रहते विभाग ने ध्यान नहीं दिया तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। अब देखना यह है कि खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कब तक नींद से जागते हैं और पिडरा के लोगों को उनका हक मिल पाता है या नहीं।
- पंजाबारी में 13 साल की लड़की का 6 साल से एक व्यक्ति द्वारा घर में बंद कर शोषण किया जा रहा था। स्थानीय शिकायतों के बाद, डिस्ट्रिक्ट लेबर टास्क फोर्स ने एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रविवार शाम को अमरीन अख्तर लस्कर (मकान नंबर 69, जूरीपार) के घर पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि नाबालिग लड़की को छह साल से घरेलू कामगार के तौर पर रखा गया था और उसके साथ बार-बार शारीरिक शोषण किया जाता था। अधिकारियों के आने से पहले आरोपी ने लड़की को करीब 25 मिनट तक बेड के बॉक्स के अंदर छिपा कर रखा हुआ था।1
- देवरिया जिले के गौरी बाजार विकास खंड कार्यालय पर अपनी मांगों को लेकर समूह की महिलाओं ने किया धरना प्रदर्शन3
- एसआईआर में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में धांधली का आरोप, सपा का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने नाम जोड़ने में धांधली और विशेष वर्ग के मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। सपा जिलाध्यक्ष ब्यास यादव के नेतृत्व में पार्टी के पूर्व विधायक और एमएलसी ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की। सपा नेताओं का आरोप है कि वर्तमान में एसआईआर के तहत छूटे हुए लोगों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है, लेकिन इसमें पारदर्शिता नहीं बरती जा रही। वहीं, विशेष वर्ग के मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से जानबूझकर हटाए जा रहे हैं। सपा नेताओं ने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मतदाता सूची दुरुस्त करने की मांग उठाई। “एसआईआर के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली की जा रही है। खास वर्ग के लोगों के नाम काटे जा रहे हैं, यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। हम इसकी शिकायत राज्यपाल से कर रहे हैं।” “मतदाता सूची में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी योग्य मतदाताओं का नाम जोड़ना प्रशासन की जिम्मेदारी है, नहीं तो समाजवादी पार्टी आंदोलन करेगी।” फिलहाल सपा के ज्ञापन के बाद अब प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।1
- देवरिया । समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओ एवं सैंकड़ो के संख्या में जनता ने सपा नेता विजय रावत एवं जिला पंचायत सदस्य राजेश यादव के नेतृत्व में मोहन सेतु के निर्माण,कटान एवं मृतक के परिजनों की मांगो को लेकर परसिया देवार से पद यात्रा कर बरहज तहसील पहुँचकर एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी को ज्ञापन सौंपा। पद यात्रियों के साथ पीपे से गिरकर मृत धरमू प्रसाद की माँ एवं पिता भी तहसील परिसर पहुँचे थे। एसडीएम ने पदयात्रियों एवं परिजनों को आश्वासन दिया। इस दौरान संबोधित करते हुए सपा नेता विजय रावत ने कहा कि यदि जल्द मोहन सेतु का निर्माण नहीं हुआ एवं परसिया देवार के कटान को रोकने का उपाय नहीं किया गया तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आंदोलन को बाध्य होंगे। समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव ने कहा की परसिया देवार में नदी के कटान से सैकड़ो एकड़ खेती योग्य भूमि नदी में विलीन हो चुकी है जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है, प्रशासन कटान रोकने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाए। जिला पंचायत सदस्य राजेश यादव एवं छात्र सभा जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने कहा की पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार एवं अभियंता की लापरवाही के कारण पीपे के पुल से गिरकर धरमू प्रसाद की मौत हो गई प्रशासन तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें। 48 घंटे बाद भी मृतक का शव प्रशासन बरामद नहीं कर पाया है मृतक के शव को तत्काल ढूढ़ने के लिए प्रशासन उचित व्यवस्था करें। इस दौरान दुष्यंत, विकास, अमित प्रधान, प्रवीण, दुर्गेश, सुशील, सुरेश चौरसिया, दिनेश, रणविजय सिंह, पवन सिंह वीरेंद्र यादव राम आशीष महातम यादव,रामसुखी निषाद चंद्रबली सहित बड़ी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित रही।1
- एक युवक की हालत उस वक्त लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई जब अचानक उसका पूरा चेहरा बुरी तरह सूज गया। सूजन इतनी ज्यादा है कि युवक की आंखें तक ठीक से नहीं खुल पा रही हैं। बताया जा रहा है कि यह किसी गंभीर और खतरनाक बीमारी या एलर्जी रिएक्शन का मामला हो सकता है। परिजनों के अनुसार युवक को पहले हल्की परेशानी हुई थी, लेकिन कुछ ही घंटों में चेहरे पर तेज सूजन आ गई। हालत बिगड़ते देख उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।1
- महिला आयोग की ओर से आयोजित जनसुनवाई में कुल 22 प्रकरण सामने आए। जनसुनवाई की अध्यक्षता रितु शाही ने की। प्राप्त मामलों में घरेलू हिंसा के 14, जमीनी विवाद के 6 तथा धोखाधड़ी के 2 मामले शामिल थे। जनसुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों को सुनने के बाद 7 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों में आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए। महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़ितों को हर संभव न्याय दिलाया जाएगा।1
- हाटा से बड़ी खबर… SIR प्रक्रिया को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर सियासी हलचल तेज हो गई है। इन्हीं शिकायतों को लेकर पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह आज उपजिलाधिकारी हाटा से मिले। पूर्व मंत्री ने प्रक्रिया में खामियों का मुद्दा उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।”1
- इस वक्त की बड़ी और बेहद गंभीर खबर प्रयागराज से सामने आ रही है… इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर एक बार फिर हिंसा का अखाड़ा बना दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, #UGC के मुद्दे पर शांतिपूर्ण चर्चा कर रहे OBC, SC और ST वर्ग के छात्रों पर RSS और BJP से जुड़े छात्र संगठन ABVP के कथित गुंडों ने लाठी-डंडों से लैस होकर हमला बोल दिया। इस हमले में कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं, विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल है, और सवाल ये है कि 👉 क्या अब विश्वविद्यालयों में संविधान से बात करना भी अपराध हो गया है?1
- देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र में नाबालिक लड़के को मोमोज खिलाने के बहाने 85 लाख रुपये के गहने का ठगी हुआ2