Shuru
Apke Nagar Ki App…
जगतखाना के चाटी गांव में पंचायती चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में जनता के बीच खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान लोगों ने अपनी भागीदारी दिखाते हुए सक्रिय रूप से मतदान किया।
Dev Raj Thakur
जगतखाना के चाटी गांव में पंचायती चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में जनता के बीच खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान लोगों ने अपनी भागीदारी दिखाते हुए सक्रिय रूप से मतदान किया।
More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
- जगतखाना के चाटी गांव में पंचायती चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में जनता के बीच खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान लोगों ने अपनी भागीदारी दिखाते हुए सक्रिय रूप से मतदान किया।1
- कुल्लू जिला परिषद के जेष्ठा वार्ड से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार अंजू शर्मा ने तलाड़ा पंचायत में जनता से जनसमर्थन मांगा। इस दौरान कांग्रेस नेता घनश्याम शर्मा ने भी लोगों से सरकार की उपलब्धियों के आधार पर वोट देने की अपील की।1
- हिमाचल भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल द्वारा पंचायत चुनावों के पहले चरण में 75 प्रतिशत जीत के दावे पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा के इन दावों को “ख्याली पुलाव” और “बेबुनियाद बयानबाजी” करार देते हुए कहा कि पंचायत चुनावों की प्रकृति को समझे बिना ही राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। विक्रमादित्य सिंह ने सवाल उठाया कि क्या पंचायत चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों पर भाजपा या राजीव बिंदल का कोई ठप्पा लगा है, क्योंकि ये चुनाव व्यक्तिगत क्षमता, स्थानीय जनसमर्थन और उम्मीदवार की मेहनत के आधार पर लड़े और जीते जाते हैं। उनके अनुसार, जो उम्मीदवार जीतकर आए हैं, उन्होंने अपनी कार्यशैली, मेहनत और जनता के विश्वास के दम पर ही जीत दर्ज की है। विक्रमादित्य सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा बिना किसी आधार के बड़े-बड़े दावे कर राजनीतिक लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास कर रही है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायत चुनावों के अभी दो चरण बाकी हैं और वास्तविक स्थिति पूरी तस्वीर सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। उन्होंने पंचायत चुनावों को विधानसभा या लोकसभा चुनावों की तरह “सेमीफाइनल” बताने को पूरी तरह गलत बताया। विक्रमादित्य सिंह के मुताबिक, हर चुनाव की अपनी गरिमा और अलग प्रकृति होती है, क्योंकि पंचायत चुनाव स्थानीय मुद्दों, स्थानीय नेतृत्व और क्षेत्रीय समीकरणों पर आधारित होते हैं, जबकि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में एक अलग तरह का राजनीतिक नेरेटिव चलता है। इसके साथ ही, विक्रमादित्य सिंह ने नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन का जिक्र करते हुए दावा किया कि आगामी नगर निगम चुनावों में भी पार्टी बेहतर नतीजे हासिल करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत चुनावों में जो भी प्रतिनिधि जीतकर आएगा, राज्य सरकार उसके साथ मिलकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी। मंत्री ने अंत में बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर पार्टी का विस्तृत पक्ष अलग से रखेंगे।4
- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के लिए मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में जारी है। दोपहर 1 बजे तक जिले में लगभग 63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, जिले की 62 पंचायतों और 386 पंचायत वार्डों में मतदान चल रहा है। कुल 1,08,746 मतदाताओं में से अब तक 67,608 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं। मतदाताओं के आंकड़ों पर गौर करें तो, पुरुष मतदाताओं में 56.17 प्रतिशत और महिला मतदाताओं में 68.21 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। राहुल कुमार ने पुष्टि की कि सभी मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संचालित की जा रही है तथा प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।2
- मतदान प्रक्रिया के दौरान सरकारी संपत्ति पर चुनाव प्रचार का एक मामला सामने आया है। इस मामले के उजागर होने के बाद, उपायुक्त राहुल कुमार ने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।1
- कुल्लू के ढालपुर स्थित रथ ग्राउंड में आगामी 30 मई से आयोजित होने वाली भव्य श्रीरामकथा के उपलक्ष्य में तीसरी संध्या फेरी का आयोजन किया गया। यह फेरी भुंतर के राधा कृष्ण मंदिर से शुरू हुई, जिसका शुभारंभ महंत स्वामी राम शरण दास जी ने पूजन कर किया। इस अवसर पर, श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी गार्गी भारती जी ने अपने विचारों को साझा करते हुए कहा कि “हृदय मंदिर में राम विराजे, कहां ढूंढते उनको। अंतर के तुम पट खुलवालो, वहीं मिलेंगे तुमको।।” उन्होंने जोर दिया कि श्री राम का नाम कल्याणकारी है और प्रभु का नाम ही हमारे अंत:हृदय में प्रकट होकर मन के राग और द्वेष मिटाने में सक्षम है। साध्वी जी ने सभी से प्रभु के बताए मार्ग पर चलकर और उनसे प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सफल बनाने का आह्वान किया। साध्वी जी ने यह भी बताया कि दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संस्थापक एवं संचालक श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या कथा व्यास साध्वी सुश्री गरिमा भारती जी श्रीरामकथा का वाचन करेंगी। इस संध्या फेरी में साध्वी विष्णु अर्चना भारती, साध्वी सोनिया भारती, साध्वी गुरु गीता भारती और महंत शिव राम त्यागी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा, करमचंद ठाकुर, दविंदर ठाकुर, नरेश ठाकुर, बुद्धराम ठाकुर, रोशन लाल, अवमिंदर, हरिचरण, हरीश शर्मा, कश्मीर सिंह, खेमराज समेत अनेक गणमान्य जन भी मौजूद थे। संध्या फेरी का समापन भुंतर बाजार स्थित भगवान शिव मंदिर में हुआ, जहाँ प्रभु की पावन आरती के उपरांत सभी उपस्थितजनों को प्रसाद वितरित किया गया।1
- दीवान नेगी को देवगढ़ गोही पंचायत का प्रधान चुना गया है। उनकी इस जीत की खुशी में, पुखरी स्थित उनके निवास पर एक विशेष कुलवी नाटी का आयोजन किया गया, जहाँ स्थानीय लोगों ने जमकर जश्न मनाया।1
- हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कसौली के जंगलों में लगी भीषण आग पर 40 घंटे बाद भी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। यह आग लगभग 15 किलोमीटर के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुकी है। मॉल रोड एरिया के आसपास तो फायर को नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन नाहरी के जंगल में आग अभी भी भड़की हुई है। सेना का हेलीकॉप्टर मंगलवार शाम से ही आग बुझाने के काम में जुटा हुआ है, जिसने अब तक सुखना लेक से 50 से अधिक बार पानी लेकर आग पर डाला है। सेना के जवान और कई दमकल वाहन भी आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। मनोण गांव के जंगल से मंगलवार दोपहर बाद भड़की इस आग ने सैकड़ों बीघा क्षेत्र में फैले जंगल को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे करोड़ों रुपए की वन संपदा जलकर खाक हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना और वायुसेना ने मोर्चा संभाला। देर रात बुधवार को भी सेना के जवान, कैंटोनमेंट बोर्ड के फायरमैन और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी रहीं। जवानों ने पूरी रात दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों में अभियान चलाकर आग को रिहायशी क्षेत्रों तक फैलने से रोकने का महत्वपूर्ण प्रयास किया। आग कसौली क्लब और सीआरआई क्षेत्र के काफी नजदीक तक पहुंच गई थी, जहाँ सेना के जवानों ने बड़े नुकसान को टाल दिया। स्थानीय लोगों ने स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर संदीप मदान सहित सेना के जवानों और वायुसेना की टीम का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सेना ने कार्रवाई नहीं की होती, तो कसौली में भारी तबाही मच सकती थी। जंगलों में लगी आग के कारण पूरे क्षेत्र में धुएं का घना गुबार छाया हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से जंगलों में आग संबंधी किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की अपील की है। हालाँकि, आग मनोण के जंगल से फैली, पर इसकी शुरुआत कैसे हुई, यह अब तक पता नहीं चल पाया है। चीड़ के जंगल आग की दृष्टि से अति संवेदनशील माने जाते हैं, जिसके कारण क्षेत्र में अक्सर ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और थोड़ी सी भी मानवीय चूक से भारी नुकसान झेलना पड़ता है।2