एक ओर प्रदेश सरकार 16 जून से 'शाला प्रवेश उत्सव' मनाने की तैयारी में है, वहीं गोबरा नवापारा का 142 साल पुराना प्राथमिक शाला बढ़ईपारा अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। वर्ष 1884 से संचालित यह विद्यालय भवन आज इतनी जर्जर स्थिति में है कि इसे देखकर यह पहचानना मुश्किल है कि यह कोई स्कूल है या पुरातात्विक धरोहर। नगर के प्रमुख मार्ग सदर रोड पर स्थित इस परिसर में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय दो पालियों में चलते हैं, जहां करीब 400 विद्यार्थी पढ़ते हैं। विडंबना यह है कि पूरे स्कूल परिसर में सिर्फ तीन कमरे ही उपयोग के लायक बचे हैं, जबकि बाकी कमरों की हालत बेहद खतरनाक और जर्जर है। बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन भी इसी जर्जर भवन में बनाया जा रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा वर्ष 2017-18 से लगातार उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भवन की खराब स्थिति के बारे में पत्र लिखकर अवगत कराया जा रहा है, लेकिन आज तक न तो कोई नया भवन बना और न ही पुराने की मरम्मत हुई। हैरानी की बात यह है कि इसी परिसर में संकुल केंद्र भी संचालित होता है, फिर भी वर्षों से स्कूल की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। यह वही ऐतिहासिक विद्यालय है जहां से अनेक प्रतिष्ठित नागरिक, शिक्षक, इंजीनियर और डॉक्टर निकले हैं। ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या इस साल भी बच्चे इसी असुरक्षित भवन में पढ़ने को मजबूर रहेंगे? सरकार जिस उत्साह से शाला प्रवेश उत्सव मनाने की बात कर रही है, वहां नए विद्यार्थियों का स्वागत किस माहौल में होगा? यह स्थिति प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न उठाती है कि उनका ध्यान केवल कागजी योजनाओं और समारोहों तक ही क्यों सीमित है।
एक ओर प्रदेश सरकार 16 जून से 'शाला प्रवेश उत्सव' मनाने की तैयारी में है, वहीं गोबरा नवापारा का 142 साल पुराना प्राथमिक शाला बढ़ईपारा अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। वर्ष 1884 से संचालित यह विद्यालय भवन आज इतनी जर्जर स्थिति में है कि इसे देखकर यह पहचानना मुश्किल है कि यह कोई स्कूल है या पुरातात्विक धरोहर। नगर के प्रमुख मार्ग सदर रोड पर स्थित इस परिसर में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय दो पालियों में चलते हैं, जहां करीब 400 विद्यार्थी पढ़ते हैं। विडंबना यह है कि पूरे स्कूल परिसर में सिर्फ तीन कमरे ही उपयोग के लायक बचे हैं, जबकि बाकी कमरों की हालत बेहद खतरनाक और जर्जर है। बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन भी इसी जर्जर भवन में बनाया जा रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा वर्ष 2017-18 से लगातार उच्च अधिकारियों
और जनप्रतिनिधियों को भवन की खराब स्थिति के बारे में पत्र लिखकर अवगत कराया जा रहा है, लेकिन आज तक न तो कोई नया भवन बना और न ही पुराने की मरम्मत हुई। हैरानी की बात यह है कि इसी परिसर में संकुल केंद्र भी संचालित होता है, फिर भी वर्षों से स्कूल की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। यह वही ऐतिहासिक विद्यालय है जहां से अनेक प्रतिष्ठित नागरिक, शिक्षक, इंजीनियर और डॉक्टर निकले हैं। ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या इस साल भी बच्चे इसी असुरक्षित भवन में पढ़ने को मजबूर रहेंगे? सरकार जिस उत्साह से शाला प्रवेश उत्सव मनाने की बात कर रही है, वहां नए विद्यार्थियों का स्वागत किस माहौल में होगा? यह स्थिति प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न उठाती है कि उनका ध्यान केवल कागजी योजनाओं और समारोहों तक ही क्यों सीमित है।
- तिल्दा विकासखंड के ग्राम मढ़ी में गौरी गणेश स्पंज आयरन प्लांट द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों से गांव की तस्वीर तेजी से बदल रही है। कंपनी के प्रयासों से शिक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण और सामुदायिक सुविधाओं के क्षेत्र में किए गए कार्यों का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है। इन विकास कार्यों के तहत, गांव के प्रमुख जल स्रोत धोबा तालाब का सौंदर्यीकरण कराया गया है, जिसमें घाटों की मरम्मत और परिसर की साफ-सफाई शामिल है। इससे यह स्थान ग्रामीणों के दैनिक उपयोग के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बन गया है, और जल संचयन तथा भूजल स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी कंपनी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है; ग्राम मढ़ी के हाई स्कूल में भव्य मुख्य द्वार का निर्माण किया गया है, नई खिड़कियां लगवाई गई हैं, और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रार्थना शेड भी बनाया गया है, जिससे बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल रहा है। सामुदायिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, ग्राम पंचायत भवन परिसर में चौपाल शेड का निर्माण कराया गया है, जो ग्राम सभाओं और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में सहायक है। इसके अतिरिक्त, गांव के प्राचीन महामाया मंदिर का पुनर्निर्माण कर उसे नया स्वरूप प्रदान किया गया है, जिससे ग्रामीणों की आस्था के इस केंद्र की भव्यता और बढ़ गई है। प्लांट प्रबंधन के अनुसार, सीएसआर मद से प्रतिवर्ष सात लाख रुपये से अधिक की राशि ग्राम मढ़ी के विकास कार्यों पर खर्च की जाती है, जिसका लक्ष्य गांव की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। ग्रामीणों ने कंपनी के इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा है कि विकास कार्यों से गांव में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। प्लांट प्रबंधन ने भविष्य में भी अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए ग्राम मढ़ी के विकास के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की है, और ग्रामीणों की आवश्यकताओं के अनुरूप नए विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है।3
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्कूल खुलने के पहले दिन ही कई जगहों पर अव्यवस्था देखने को मिली, जहाँ तेज गर्मी के कारण बच्चों की उपस्थिति काफी कम दर्ज की गई। इसके साथ ही, शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भी कई स्कूलों में ठीक से पालन नहीं किया गया। मिली जानकारी के अनुसार, स्कूलों में सुबह निर्धारित पाँच प्रार्थनाएँ कराई जानी थीं, लेकिन कई जगह केवल दो या तीन प्रार्थनाएँ करवाकर ही कार्यक्रम संपन्न कर दिया गया। स्कूल के पहले दिन बच्चों की कम उपस्थिति और व्यवस्था में इन कमियों को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में, स्कूल प्राचार्यों ने बताया कि पहले दिन गर्मी के चलते बच्चों की संख्या कम रही। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि आने वाले दिनों में शासन की गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।1
- मुंगेली के फास्टरपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें एसएसपी भोजराम पटेल और जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय ने शिरकत की। इस अवसर पर एसएसपी भोजराम पटेल ने बच्चों को सफलता का मंत्र दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का महत्व समझाया गया। साथ ही, बच्चों में उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें साइकिल, पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित किए गए। अतिथियों ने विद्यार्थियों के साथ न्योता भोज में भी भाग लिया, जिससे उनका और भी उत्साहवर्धन हुआ।1
- बलौदाबाजार में 16 जून, मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता गौरीशंकर अग्रवाल का जन्मदिन उत्साह, सम्मान और गरिमामय माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और शुभचिंतकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिन्होंने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की। इस भव्य समारोह में प्रदेश के राजस्व मंत्री, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, पूर्व विधायक एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सहित भाजपा जिला अध्यक्ष आनंद यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुलोचना यादव एवं भाजपा के विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। वक्ताओं ने गौरीशंकर अग्रवाल के लंबे राजनीतिक जीवन, जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और संगठन को मजबूत बनाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि अग्रवाल ने अपने सार्वजनिक जीवन में हमेशा जनता के हितों को सर्वोपरि रखा और क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर कार्य किए, जिससे भाजपा संगठन को मजबूती मिली और अनेक कार्यकर्ताओं को राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया। जन्मदिन के उपलक्ष्य में केक काटकर खुशियां साझा की गईं और उपस्थित सभी लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य तथा निरंतर सक्रिय जनसेवा की कामना की। इस पूरे आयोजन में उत्साह, आत्मीयता, सौहार्द और संगठनात्मक एकजुटता का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश रहा, जहाँ जन्मदिन समारोह के उपरांत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और समाज को हरित एवं स्वच्छ बनाने का संदेश दिया। यह समारोह न केवल एक वरिष्ठ जननेता के प्रति सम्मान और स्नेह का प्रतीक बना, बल्कि इसने संगठन की एकजुटता, सामाजिक सरोकारों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रभावशाली संदेश दिया।2
- बलौदाबाजार/भाटापारा, 16 जून 2026 को भाटापारा की भूमि अस्मिता, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के अनूठे संगम की साक्षी बनी, जब छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान 'छत्तीसगढ़ महतारी' और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूत, 1971 के भारत-पाक युद्ध के महानायक फ्लाइट लेफ्टिनेंट शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। यह आयोजन भाटापारा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। डॉ. रमन सिंह ने सर्वप्रथम भाटापारा शहर के नवनिर्मित 'छत्तीसगढ़ महतारी चौक' पर पहुँचकर छत्तीसगढ़ महतारी की नयनाभिराम प्रतिमा का अनावरण किया। शंखध्वनि और पारंपरिक उत्साह के साथ उन्होंने महतारी के चरणों में माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख, समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात्, विधानसभा अध्यक्ष ने भाटापारा स्थित 'शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे परिसर' में वीर सपूत की प्रतिमा का अनावरण किया। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे के शौर्य को याद करते हुए पूरा परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। इस अवसर पर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों और युवाओं के लिए राष्ट्रसेवा की अमर प्रेरणा बनेगी। उन्होंने शहीद की सुपुत्री प्रिया खोण्डे और भाई प्रभाकर खोण्डे सहित परिवार के अन्य सदस्यों से भी आत्मीयता से मुलाकात कर उनका सम्मान किया। इस ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण समारोह में प्रदेश के कई दिग्गज नेता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। इनमें राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री केदारनाथ गुप्ता और पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट जन के रूप में शामिल थे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, जनपद अध्यक्ष सविता अनंत, और पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े मौजूद रहे। प्रशासनिक नेतृत्व की ओर से कलेक्टर कुलदीप शर्मा और पुलिस अधीक्षक (SP) ओपी शर्मा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। समारोह में बड़ी संख्या में पहुंचे भाटापारा के नगरवासियों की आँखें जहाँ देश के वीर शहीद की याद में नम थीं, वहीं अपनी माटी के इस गौरव को देखकर हर नागरिक का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।2
- उत्तराखंड की कठिन चार धाम यात्रा पूरी कर सभी श्रद्धालु अपने गंतव्य पर सकुशल लौट आए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के तिल्दा से उत्तराखंड हरिद्वार में चारों धाम की यात्रा पूरी करने के बाद, सभी यात्री एक राष्ट्रीय कथा वाचक के साथ सुरक्षित अपने शहर पहुँचे। उनके शहर लौटने पर, श्रद्धालुओं द्वारा गाजे-बाजे और पटाखों के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया।1
- एक ओर प्रदेश सरकार 16 जून से 'शाला प्रवेश उत्सव' मनाने की तैयारी में है, वहीं गोबरा नवापारा का 142 साल पुराना प्राथमिक शाला बढ़ईपारा अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। वर्ष 1884 से संचालित यह विद्यालय भवन आज इतनी जर्जर स्थिति में है कि इसे देखकर यह पहचानना मुश्किल है कि यह कोई स्कूल है या पुरातात्विक धरोहर। नगर के प्रमुख मार्ग सदर रोड पर स्थित इस परिसर में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय दो पालियों में चलते हैं, जहां करीब 400 विद्यार्थी पढ़ते हैं। विडंबना यह है कि पूरे स्कूल परिसर में सिर्फ तीन कमरे ही उपयोग के लायक बचे हैं, जबकि बाकी कमरों की हालत बेहद खतरनाक और जर्जर है। बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन भी इसी जर्जर भवन में बनाया जा रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा वर्ष 2017-18 से लगातार उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भवन की खराब स्थिति के बारे में पत्र लिखकर अवगत कराया जा रहा है, लेकिन आज तक न तो कोई नया भवन बना और न ही पुराने की मरम्मत हुई। हैरानी की बात यह है कि इसी परिसर में संकुल केंद्र भी संचालित होता है, फिर भी वर्षों से स्कूल की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। यह वही ऐतिहासिक विद्यालय है जहां से अनेक प्रतिष्ठित नागरिक, शिक्षक, इंजीनियर और डॉक्टर निकले हैं। ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या इस साल भी बच्चे इसी असुरक्षित भवन में पढ़ने को मजबूर रहेंगे? सरकार जिस उत्साह से शाला प्रवेश उत्सव मनाने की बात कर रही है, वहां नए विद्यार्थियों का स्वागत किस माहौल में होगा? यह स्थिति प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न उठाती है कि उनका ध्यान केवल कागजी योजनाओं और समारोहों तक ही क्यों सीमित है।2
- बिलासपुर जिले के हिर्री थाना पुलिस ने अवैध रूप से 11 लीटर कच्ची महुआ शराब रखने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। पुलिस से सोमवार शाम 6 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी गुहाराम निषाद, पिता स्व. कुंवर सिंह निषाद, उम्र 34 साल, साकिन मेड़पार-बाजार थाना हिर्री, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़ को इस मामले में पकड़ा गया है। वरिष्ठ अधिकारियों उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा श्रीमती नूपुर उपाध्याय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के आधार पर थाना प्रभारी हिर्री दामोदर मिश्रा के नेतृत्व में अवैध शराब रेड कार्यवाही के लिए एक टीम का गठन किया गया था। दिनांक 15.06.2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम मेड़पार-बाजार निवासी गुहाराम निषाद ने अपने घर के पास भारी मात्रा में हाथ भट्ठी की बनी कच्ची महुआ शराब रखी है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गुहाराम निषाद के कब्जे से एक पीले रंग के प्लास्टिक डिब्बे में रखी 11 लीटर देशी महुआ हाथ भट्ठी की शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 2200 रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) और 59(क) के तहत मामला दर्ज कर उसे आज मंगलवार को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।1
- रायगढ़ के कोतरारोड थाना में आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार बंदी संजय बघेल की संदिग्ध मृत्यु के मामले में ज़िला पुलिस ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है। मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मीडिया के सामने थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और पूरी कार्रवाई का ब्यौरा प्रस्तुत किया। पुलिस ने दावा किया है कि गिरफ्तारी से लेकर जेल भेजे जाने तक आरोपी के साथ किसी भी चरण में मारपीट या दुर्व्यवहार नहीं किया गया। पुलिस के अनुसार, 10 जून को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए संजय बघेल के कब्ज़े से 30 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद की गई थी। दोपहर 12:43 बजे उसे कोतरारोड थाना लाया गया और वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर दोपहर 2:15 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। एसएसपी ने बताया कि थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज में संजय बघेल के साथ पुलिस का सामान्य और मानवीय व्यवहार स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिसमें उसे पानी पिलाते, भोजन कराते और परिजनों से मुलाकात कराते हुए भी दिखाया गया है। शाम 4:35 बजे संजय बघेल को मेडिकल परीक्षण और न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए थाना से रवाना किया गया था, जहाँ चिकित्सीय परीक्षण के दौरान उसने किसी चोट या शारीरिक परेशानी की शिकायत नहीं की, और मेडिकल रिपोर्ट में उसे फिट बताया गया था। इसके बाद शाम करीब 6:30 बजे परिजनों की मौजूदगी में उसे जेल दाखिल कराया गया। पुलिस ने मामले में प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि मृतक के शरीर पर पाई गई चोटों को मृत्यु का प्रत्यक्ष कारण नहीं माना गया है। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच कराई जा रही है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संजय बघेल की मृत्यु की न्यायिक जांच जेएमएफसी रायगढ़ द्वारा की जा रही है, जिसमें पुलिस पूरा सहयोग देने और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कह रही है। हालांकि, मृतक के परिजनों द्वारा पुलिसकर्मियों पर रुपये लेने के आरोप को एसएसपी ने गंभीरता से लिया है। इस आरोप के चलते मामले के जांचकर्ता प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। इस शिकायत की विस्तृत जांच डीएसपी मुख्यालय को सौंपी गई है।1