मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 34वीं मासिक किश्त की राशि का सिंगल के माध्यम से किया अंतरण लाड़ली बहनों के खाते में हर महीने डेढ़ हजार रुपये की राशि पहुंच रही है। बहनों ने भी इस राशि को सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन को संवारने, परिवार की जरूरतें पूरी करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उपयोग किया है : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 34वीं मासिक किश्त की राशि का सिंगल के माध्यम से किया अंतरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में ₹1836 करोड़ की राशि का किया अंतरण, निवाड़ी जिले की 79208 लाड़ली बहनें लाभान्वित -- सशक्त नारी से समृद्ध और प्रगतिशील मध्यप्रदेश... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर के घाटीगांव में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में ₹1836 करोड़ की राशि का अंतरण किया एवं ₹121.95 करोड़ लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के खाते में हर महीने डेढ़ हजार रुपये की राशि पहुंच रही है।बहनों ने भी इस राशि को सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन को संवारने, परिवार की जरूरतें पूरी करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं और भी शसक्त हों। प्रगति की दिशा में आगे बढ़ें। महिलाओं को और भी शसक्त करने हेतु प्रदेश सरकार हर कदम पर उनके साथ है। लाड़ली बहना योजना की 34 वीं किश्त के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में ₹1500 की राशि अंतरित की। निवाड़ी जिले की 79208 लाड़ली बहनों के खाते में ₹117048400 (₹11 करोड़ 70 लाख 48 हजार 400) की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की गई। कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती ज्योति पांडे के मार्गदर्शन में आज निवाड़ी के वार्ड क्रमांक 5 की आंगनवाड़ी केन्द्र में लाड़ली बहना योजना का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्री अरुण कुमार सेन एवं संबंधित अधिकारियों ने लाड़ली बहनों के साथ राज्य स्तरीय लाड़ली बहना योजना राशि अंतरण समारोह को देखा और सुना। इस अवसर पर लाड़ली बहनों ने राशि अंतरित होने पर खुशी जाहिर करते हुए प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुझे लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत हर महीने जो राशि प्राप्त हो रही है, उससे मैं काफी सशक्त महसूस कर रही हूँ। अब मुझे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इस राशि से घर के खर्चों में भी सहयोग हो जाता है और बच्चों की पढ़ाई में भी मदद मिल जाती है। यह योजना हमारे जैसी महिलाओं के लिए बहुत सहारा बनी है। इसके लिए मैं भैया डॉ. मोहन यादव का दिल से आभार व्यक्त करती हूँ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 34वीं मासिक किश्त की राशि का सिंगल के माध्यम से किया अंतरण लाड़ली बहनों के खाते में हर महीने डेढ़ हजार रुपये की राशि पहुंच रही है। बहनों ने भी इस राशि को सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन को संवारने, परिवार की जरूरतें पूरी करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उपयोग किया है : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 34वीं मासिक किश्त की राशि का सिंगल के माध्यम से किया अंतरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में ₹1836 करोड़ की राशि का किया अंतरण, निवाड़ी जिले की 79208 लाड़ली बहनें लाभान्वित -- सशक्त नारी से समृद्ध और प्रगतिशील मध्यप्रदेश... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर के घाटीगांव में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में ₹1836 करोड़ की राशि का अंतरण किया एवं ₹121.95 करोड़ लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के खाते में हर महीने डेढ़ हजार रुपये की राशि पहुंच रही है।बहनों ने भी इस राशि को सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन को संवारने, परिवार की जरूरतें पूरी करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं और भी शसक्त हों। प्रगति की दिशा में आगे बढ़ें। महिलाओं को और भी शसक्त करने हेतु प्रदेश सरकार हर कदम पर उनके साथ है। लाड़ली बहना योजना की 34 वीं किश्त के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में ₹1500 की राशि अंतरित की। निवाड़ी जिले की 79208 लाड़ली बहनों के खाते में ₹117048400 (₹11 करोड़ 70 लाख 48 हजार 400) की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की गई। कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती ज्योति पांडे के मार्गदर्शन में आज निवाड़ी के वार्ड क्रमांक 5 की आंगनवाड़ी केन्द्र में लाड़ली बहना योजना का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्री अरुण कुमार सेन एवं संबंधित अधिकारियों ने लाड़ली बहनों के साथ राज्य स्तरीय लाड़ली बहना योजना राशि अंतरण समारोह को देखा और सुना। इस अवसर पर लाड़ली बहनों ने राशि अंतरित होने पर खुशी जाहिर करते हुए प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुझे लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत हर महीने जो राशि प्राप्त हो रही है, उससे मैं काफी सशक्त महसूस कर रही हूँ। अब मुझे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इस राशि से घर के खर्चों में भी सहयोग हो जाता है और बच्चों की पढ़ाई में भी मदद मिल जाती है। यह योजना हमारे जैसी महिलाओं के लिए बहुत सहारा बनी है। इसके लिए मैं भैया डॉ. मोहन यादव का दिल से आभार व्यक्त करती हूँ।
- लाड़ली बहनों के खाते में हर महीने डेढ़ हजार रुपये की राशि पहुंच रही है। बहनों ने भी इस राशि को सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन को संवारने, परिवार की जरूरतें पूरी करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उपयोग किया है : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 34वीं मासिक किश्त की राशि का सिंगल के माध्यम से किया अंतरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में ₹1836 करोड़ की राशि का किया अंतरण, निवाड़ी जिले की 79208 लाड़ली बहनें लाभान्वित -- सशक्त नारी से समृद्ध और प्रगतिशील मध्यप्रदेश... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर के घाटीगांव में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में ₹1836 करोड़ की राशि का अंतरण किया एवं ₹121.95 करोड़ लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के खाते में हर महीने डेढ़ हजार रुपये की राशि पहुंच रही है।बहनों ने भी इस राशि को सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन को संवारने, परिवार की जरूरतें पूरी करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं और भी शसक्त हों। प्रगति की दिशा में आगे बढ़ें। महिलाओं को और भी शसक्त करने हेतु प्रदेश सरकार हर कदम पर उनके साथ है। लाड़ली बहना योजना की 34 वीं किश्त के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में ₹1500 की राशि अंतरित की। निवाड़ी जिले की 79208 लाड़ली बहनों के खाते में ₹117048400 (₹11 करोड़ 70 लाख 48 हजार 400) की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की गई। कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती ज्योति पांडे के मार्गदर्शन में आज निवाड़ी के वार्ड क्रमांक 5 की आंगनवाड़ी केन्द्र में लाड़ली बहना योजना का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्री अरुण कुमार सेन एवं संबंधित अधिकारियों ने लाड़ली बहनों के साथ राज्य स्तरीय लाड़ली बहना योजना राशि अंतरण समारोह को देखा और सुना। इस अवसर पर लाड़ली बहनों ने राशि अंतरित होने पर खुशी जाहिर करते हुए प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुझे लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत हर महीने जो राशि प्राप्त हो रही है, उससे मैं काफी सशक्त महसूस कर रही हूँ। अब मुझे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इस राशि से घर के खर्चों में भी सहयोग हो जाता है और बच्चों की पढ़ाई में भी मदद मिल जाती है। यह योजना हमारे जैसी महिलाओं के लिए बहुत सहारा बनी है। इसके लिए मैं भैया डॉ. मोहन यादव का दिल से आभार व्यक्त करती हूँ।1
- निवाड़ी कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने अवैध निवाड़ी जिले की अवैध कॉलोनीयों को लेकर पांच अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस किया जारी 17 मार्च को साक्ष सहित उपस्थित होने के दिए निर्देश,,,,1
- Post by Dharmendra Raikwar1
- झाँसी मीडिया क्लब का होली मिलन समारोह धूमधाम से संपन्न, डॉ० संदीप ने कलाकारों को किया सम्मानित झांसी। पत्रकारों के संगठन झांसी मीडिया क्लब का 13 वां होली मिलन समारोह कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच फूलों की होली के साथ संपन्न हो गया। झांसी मीडिया क्लब के अध्यक्ष मुकेश वर्मा के नेतृत्व में आयोजित समारोह का शुभारंभ मात्र शक्ति पत्रकार सोनिया पांडे, अलका चौबे, संस्कृति ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद कवि पवन तूफान, सत्यप्रकाश ताम्रकार, हास्य व्यंग कवि मकीन कौंचवी, रिपूशूदन नामदेव, हास्य-व्यंग्य, मोनिका पाण्डेय, मनु श्रंगार लखनऊ, वैभव दुवे गीत कानपुर, आजाद अंजान कवियों ने हास्य, व्यंग कविताओं से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त राधा प्रजापति एंड ग्रुप ने सिलसिलेवार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। इसके बाद सभी ने फूलों से होली खेली। सभी आगंतुकों के माथे पर शीतल चंदन लगाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नगर विधायक पंडित रवि शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से आपसी मेल मिलाप बड़ता है। ऐसे कार्यक्रम लगातार होते रहना चाहिए। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी संदीप सरावगी, समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह यादव ने झांसी मीडिया क्लब के कार्यक्रम की काफी सराहना की। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार रवि शर्मा, महेश पटेरिया, रामकुमार साहू, राम गोपाल शर्मा, अतुल शर्मा, दिनेशथ परिहार, सूरज सिंह यादव, राम नरेश यादव, दीपक चौहान, राजीव सक्सेना, अतुल वर्मा, अख्तर खान, विजय कुशवाहा, नंदकिशोर, बृजेश साहू, रोहित झा, इदरीश खान, दीप चंद्र चौबे, राजेश चौरसिया, भूपेंद्र रायकवार, नईम खान, पारस शर्मा, नवीन विश्वकर्मा, ओम प्रकाश परिहार, बृजेंद्र चतुर्वेदी, मुकेश तिवारी, वैभव पांडे, राहुल कोस्टा, बालेंद्र गुप्ता, अरविंद भार्गव, तोसिफ कुरैशी, मोहम्मद कलाम कुरैशी, परमेंद्र सिंह, रवि साहू, महेंद्र साहू, नवीन यादव, अभय श्रीमाली, बबलू रमैया, राम किशन अकेला, गौरव साहू, मोहम्मद फारूख, बालेंद्र गुप्ता, निक्की चौहान, रामसेवक अड़जरिया, वसीम शेख, श्रीराम नरवरिया, सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।1
- Post by Hemant Kumar Gupta1
- Post by S News1
- झांसी वसुंधरा सृजन समिति द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन आदरणीय हैप्पी चावला जी की अध्यक्षता में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल एवं चंदन का तिलक लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी प्रेम, भाईचारे व सामाजिक एकता का संदेश दिया। समारोह में उपस्थित सभी साथियों ने मिलकर होली के पर्व को उत्साहपूर्वक मनाया तथा समाज सेवा और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के अंत में प्रिंस गुप्ता जी ने सभी अतिथियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया।1
- तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर आपदा प्रबंध संस्थान गृह विभाग भोपाल श्री अभिषेक मिश्रा एवं तकनीकि विशेषज्ञ श्री तुषार गोलाईत ने आपदा प्रबंधन की जानकारी साझा की जिला स्तरीय 'इंसिडेंट रिस्पांस टीम' (IRT) की समीक्षा बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न -- आज कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया की उपस्थिति में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय इंसिडेंट रिस्पांस टीम (IRT) की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला और समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में किसी भी संभावित आपदा (Disaster) से निपटने के लिए पूर्व तैयारियों को पुख्ता करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। तैयारियों की समीक्षा बैठक में बाढ़, भूकंप, और आगजनी जैसी संभावित आपदाओं के समय त्वरित रिस्पांस के लिए टीम के सदस्यों की भूमिकाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) के क्रियान्वयन के बारे में तकनीकी जानकारी दी गई, ताकि आपदा के समय कमांड और कंट्रोल सिस्टम सुचारू रूप से कार्य कर सके। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों (स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व, और अग्निशमन) को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और उपकरणों का समय-समय पर ऑडिट करें। आपदा के समय सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक प्रभावी संचार तंत्र (Communication Network) विकसित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि "आपदा प्रबंधन में 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती समय) सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि हमारी टीम प्रशिक्षित और सजग है, तो हम जान-माल के नुकसान को न्यूनतम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि "भूकंप को रोका नहीं जा सकता है परन्तु सही जानकारी , जागरूकता एवं पूर्व तैयारी से भूकंप के प्रभाव से होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है। आपदा प्रबंधन में 'इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम' (IRS) की भूमिका और तैयारी किसी भी प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदा के समय जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने के लिए एक सुव्यवस्थित इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) सबसे प्रभावी हथियार है। प्रशासन और संगठनों को संकट के समय 'रिएक्ट' करने के बजाय 'रिस्पॉन्ड' करने की रणनीति पर काम करना चाहिए। आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर आपदा प्रबंध संस्थान गृह विभाग भोपाल श्री अभिषेक मिश्रा एवं तकनीकि विशेषज्ञ श्री तुषार गोलाईत निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुझावों पर जोर दिया एवं जानकारी साझा की। पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया ने कहा कि नदी किनारे बसे लोगों को नदी की गहराई की जानकारी प्रेषित की जाए तथा बचाव कार्य हेतु स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित किया जाए। आपदा प्रबंधन को जमीनी स्तर पर क्रियाशील बनाना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित किया जा सके। आपदा प्रबंधन हेतु प्रारंभिक व्यवस्थाएं जैसे रस्सा, इमरजेंसी लाइट, स्थानीय तैराक इत्यादि मुहैया कराना सुनिश्चित करें। इमरजेंसी उपकरणों की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। कमांड और कंट्रोल का स्पष्ट ढांचा तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर श्री मिश्रा ने बताया कि आपदा के समय भ्रम से बचने के लिए एक यूनिफाइड कमांड (Unified Command) का होना जरूरी है। इसमें पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच तालमेल और आदेश की श्रृंखला (Chain of Command) बिल्कुल स्पष्ट होनी चाहिए। पूर्व-चेतावनी प्रणाली (Early Warning Systems) तकनीक का लाभ उठाते हुए सटीक पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करें। सही समय पर दी गई सूचना लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने (Evacuation) के लिए कीमती समय प्रदान करती है।संसाधन मैपिंग (Resource Mapping) आपदा आने से पहले ही उपलब्ध संसाधनों जैसे एम्बुलेंस, राहत सामग्री, स्वयंसेवक और उपकरणों—की एक विस्तृत सूची और उनकी लोकेशन का डेटाबेस तैयार रखें। संकट के समय सही संसाधन की सही जगह उपलब्धता ही जीवन बचाती है। नियमित मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण तैयारी केवल कागजों पर नहीं होनी चाहिए। विभिन्न आपदा परिदृश्यों (जैसे बाढ़, भूकंप या आग) पर आधारित नियमित मॉक ड्रिल का आयोजन करें। इससे रिस्पॉन्स टीम की प्रतिक्रिया की गति (Response Time) में सुधार होता है। संचार के वैकल्पिक माध्यम बड़ी आपदाओं में अक्सर मोबाइल नेटवर्क और बिजली ठप हो जाती है। ऐसे में सैटेलाइट फोन, रेडियो संचार (HAM Radio) और वायरलेस नेटवर्क जैसे वैकल्पिक साधनों को तैयार रखना अनिवार्य है। सामुदायिक भागीदारी (Community Involvement) प्रशासन के पहुँचने से पहले स्थानीय लोग 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' होते हैं। स्थानीय समुदायों को बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा और बचाव कार्यों का प्रशिक्षण देकर आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। "आपदा प्रबंधन में हर सेकंड की कीमत होती है। एक पूर्व-निर्धारित इंसीडेंट रिस्पॉन्स प्लान न केवल अव्यवस्था को रोकता है, बल्कि राहत कार्यों में सटीकता लाता है।" बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री रोहन सक्सेना, एसडीएम श्री अशोक कुमार सेन, डिप्टी कलेक्टर सुश्री विनीता जैन, सुश्री मनीषा जैन, सुश्री स्वाति सिंह, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य और जिले के सभी महत्वपूर्ण विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।3