गुजरात के केमिकल फैक्ट्री मे बिहारी मजदूरों की मौत पर प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, nda सरकार को घेरा गुजरात के केमिकल फैक्ट्री मे बिहारी मजदूरों की मौत पर प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, nda सरकार को घेरा गुजरात के केमिकल फैक्ट्री में बिहारी मजदूरों की मौत के मामले में जन सुराज पार्टी ने एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी है। घटना को लेकर प्रशांत किशोर ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि बिहार के मजदूरों को रोजी रोजगार के लिए अन्य प्रदेश के लिए पलायन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मोदी जी और अमित शाह चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं लेकिन ऐसी दुखद घटनाओं पर कुछ नहीं बोलते हैं प्रशांत किशोर ने अपने बयान में कहा कि चुनाव के बाद अब तक ऐसे हादसों में करीब 50 बिहारी मजदूरों की मौत हो चुकी है लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने एक बयान तक नहीं दिया है।
गुजरात के केमिकल फैक्ट्री मे बिहारी मजदूरों की मौत पर प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, nda सरकार को घेरा गुजरात के केमिकल फैक्ट्री मे बिहारी मजदूरों की मौत पर प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, nda सरकार को घेरा गुजरात के केमिकल फैक्ट्री में बिहारी मजदूरों की मौत के मामले में जन सुराज पार्टी ने एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी है। घटना को लेकर प्रशांत किशोर ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि बिहार के मजदूरों को रोजी रोजगार के लिए अन्य प्रदेश के लिए पलायन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मोदी जी और अमित शाह चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं लेकिन ऐसी दुखद घटनाओं पर कुछ नहीं बोलते हैं प्रशांत किशोर ने अपने बयान में कहा कि चुनाव के बाद अब तक ऐसे हादसों में करीब 50 बिहारी मजदूरों की मौत हो चुकी है लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने एक बयान तक नहीं दिया है।
- गुजरात के केमिकल फैक्ट्री मे बिहारी मजदूरों की मौत पर प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, nda सरकार को घेरा गुजरात के केमिकल फैक्ट्री में बिहारी मजदूरों की मौत के मामले में जन सुराज पार्टी ने एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी है। घटना को लेकर प्रशांत किशोर ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि बिहार के मजदूरों को रोजी रोजगार के लिए अन्य प्रदेश के लिए पलायन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मोदी जी और अमित शाह चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं लेकिन ऐसी दुखद घटनाओं पर कुछ नहीं बोलते हैं प्रशांत किशोर ने अपने बयान में कहा कि चुनाव के बाद अब तक ऐसे हादसों में करीब 50 बिहारी मजदूरों की मौत हो चुकी है लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने एक बयान तक नहीं दिया है।1
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- Post by Amit Kumar Mandal1
- कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई चोरी कांड का उद्भेदन, अभियुक्त गिरफ्तार एवं चोरी का सामान बरामद :-1
- आज हम देखते हैं क्या बताता है जो कि हां जांच करने के बाद 🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾2
- खगड़िया शहर के राज कौशल रिसोर्ट में आयोजित होली मिलन समारोह सह कार्यकर्ता मिलन समारोह में खगड़िया जिला की जदयू के नव मनोनीत जिला अध्यक्ष अनुराधा कुमारी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए क्या कुछ कहा सुनिए उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से जिला अध्यक्ष के पद पर हम कार्य करेंगे एवं कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में हमेशा साथ रहेंगे ।1
- साहेबपुरकमाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में साहेेबपुुरकमाल प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों से आए 11 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत डॉक्टर मीनू माया के द्वारा सफल परिवार नियोजन ऑपरेशन किया गया है1
- हलीमपुर हेल्थ सेंटर मामले में नया मोड़, एक्सपायरी दवा विवाद को बताया साजिश मुंगेर जिले के जमालपुर प्रखंड अंतर्गत इन्द्ररूख पूर्वी पंचायत स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हलीमपुर-गौरीपुर में एक्सपायरी दवा वितरण के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। जिस घटना को शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही माना जा रहा था, अब उसे विभाग को बदनाम करने और अवैध वसूली की साजिश बताया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सुमन ने साक्ष्यों के साथ कई अहम तथ्य सामने रखे हैं। मंगलवार को पीएचसी में आयोजित आपात बैठक में जिला मुख्यालय से प्राप्त दवाओं के रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर का मिलान किया गया। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिस बैच नंबर की एक्सपायरी दवा बांटने की बात कही जा रही है, वह दवा कभी जिला मुख्यालय से पीएचसी को आवंटित ही नहीं हुई थी। डॉ. सुमन का कहना है कि जब संबंधित बैच की दवा सरकारी स्टॉक में आई ही नहीं, तो केंद्र से उसके वितरण का सवाल ही नहीं उठता। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि एक्सपायरी दवा बाहर से लाकर सेंटर में रखी गई और फोटो-वीडियो बनाकर वायरल किया गया। डॉ. सुमन ने आरोप लगाया कि साजिशकर्ताओं ने पहले सेंटर की नर्स को धमकाकर मामले को दबाने के लिए पैसों की मांग की थी। इसके लिए डिजिटल क्यूआर कोड स्कैनर तक भेजा गया था। जब स्वास्थ्य कर्मियों ने पैसे देने से इनकार किया, तब वीडियो और फोटो वायरल कर मामले को सरकारी लापरवाही का रूप दिया गया। इधर प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. रमण ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। साथ ही एहतियातन डॉ. सुमन समेत पांच कर्मियों के वेतन पर रोक लगाते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब सबकी नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।1