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खातेगांव नेशनल हाईवे पर बरबाई खेड़ा स्थित सिंगाजी महाराज मंदिर के पास एक दुर्घटना में तीन फोर व्हीलर कारें आपस में टकरा गईं। यह हादसा गौ माता को बचाने के प्रयास में हुआ। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
राजेश माल्या
खातेगांव नेशनल हाईवे पर बरबाई खेड़ा स्थित सिंगाजी महाराज मंदिर के पास एक दुर्घटना में तीन फोर व्हीलर कारें आपस में टकरा गईं। यह हादसा गौ माता को बचाने के प्रयास में हुआ। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
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- इंदौर नगर निगम ने बारिश के मौसम को देखते हुए जर्जर भवनों के खिलाफ अपने अभियान में तेजी ला दी है। इसी क्रम में, छोटी ग्वालटोली क्षेत्र में एक वर्षों पुराने और खतरनाक मकान को निगम की टीम ने ध्वस्त किया। संकरी गली होने के कारण भारी मशीनें मौके तक नहीं पहुँच सकीं, जिसके चलते मकान को हथौड़े और सब्बल की मदद से तोड़ा गया। नगर निगम के भवन अधिकारी अल्केश बिथरिया ने जानकारी दी कि कई भवनों को ऊपर से पेंट करके ठीक दिखाने का प्रयास किया गया था, जबकि उनकी संरचना पूरी तरह से कमजोर हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि इस मकान के मालिक को पहले कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन जर्जर हिस्से को नहीं हटाया गया। इसके बाद निगम ने स्वयं यह कार्रवाई की। अभियान के दौरान सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए थे। हालांकि, बिजली लाइन चालू होने के कारण कुछ समय के लिए कार्रवाई रोकनी पड़ी थी, लेकिन बाद में बिजली आपूर्ति बंद कराकर मकान को सफलतापूर्वक तोड़ा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान ऐसे जर्जर भवन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए, शहर में चिन्हित अन्य खतरनाक भवनों पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी ताकि किसी भी संभावित अनहोनी को टाला जा सके।1
- क्रिकेट के रोमांच के बीच साइबर सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश गूंजा है। 'सेफ क्लिक 2.0' नामक यह अभियान होलकर स्टेडियम तक भी पहुँचा, जहाँ विशेष प्रयासों के माध्यम से जागरूकता फैलाई गई। स्टेडियम की स्क्रीन पर वीडियो प्रसारित कर दर्शकों और खिलाड़ियों को विभिन्न साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया, ताकि वे डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रह सकें।1
- मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में नगर निगम कर्मचारियों की दबंगई और बदसलूकी का एक नया मामला सामने आया है। यह घटना इंदौर के लसूडिया क्षेत्र में हुई, जहाँ ड्यूटी पर मौजूद नगर निगम के कर्मचारी एक महिला पत्रकार पर सवाल पूछने पर भड़क उठे और उनके साथ जमकर अभद्रता की। जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला पत्रकार क्षेत्र में नगर निगम की कार्रवाइयों या व्यवस्थाओं को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने वहाँ उपस्थित कर्मचारियों से जनहित से जुड़े कुछ सवाल पूछ लिए, जिस पर कर्मचारी अपना आपा खो बैठे और पत्रकार से विवाद करने लगे। यह बात इतनी बढ़ गई कि कर्मचारियों ने महिला पत्रकार के साथ तीखी बहस करते हुए बदसलूकी करनी शुरू कर दी। इस पूरे मामले के बाद, पीड़ित महिला पत्रकार ने लसूडिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने अब मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- इंदौर कलेक्टर कार्यालय में 30 जून 2026, मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक दिव्यांग व्यक्ति की बेबसी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसे कार्यालय में व्हीलचेयर तक उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि वह अपनी दिव्यांग पेंशन बंद होने और गंभीर पारिवारिक समस्याओं से परेशान होकर शिकायत दर्ज कराने पहुंचा था। मीडिया के सामने अपनी व्यथा बताते हुए पीड़ित ने कहा कि उसकी दिव्यांग पेंशन लंबे समय से बंद है और इस संबंध में कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण मंच पर भी उसे मूलभूत सुविधाएँ न मिलने से पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस घटना ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जनसुनवाई में दिव्यांगों के लिए बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं हैं, और क्या जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कोई कार्रवाई करेंगे? फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- नन्हे मुन्ने बच्चों ने सड़क सुरक्षा के संदेश को डांस प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों के सामने पेश किया।1
- इंदौर पुलिस मुख्यालय में हर मंगलवार आयोजित होने वाली जनसुनवाई में इस बार भी सैकड़ों शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों में मुख्य रूप से पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद और रुपए के लेनदेन से जुड़े मामले शामिल थे। हालांकि, इस बार कई बुजुर्ग दंपति अपने ही बेटे, बहू और बेटियों के खिलाफ शिकायतें लेकर पहुंचे, जो एक चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाता है। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया कि कुछ मामलों में बुजुर्गों के साथ आपराधिक घटनाएं होने के आरोप भी सामने आए हैं। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जहां समझाइश और काउंसलिंग से समाधान संभव होगा, वहां पहले उसका प्रयास किया जाएगा, लेकिन यदि शिकायत में अपराध के पर्याप्त तथ्य पाए जाते हैं या समझाइश के बावजूद उत्पीड़न जारी रहता है, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने जोर देकर कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है, और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- मंगलवार, 30 जून 2026 को इंदौर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने इंदौर कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई। महिला ने अपनी समस्या को लेकर कलेक्टर के समक्ष न्याय दिलाने की अपील की।1