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कानपुर देहात के फत्तेपुर मुशंगार से मिली जानकारी के अनुसार, 1 जून 2026 से कुल 7 चीजें बदलने वाली हैं। यह सूचना एमडी अनिश कुरैशी से जुड़ी हुई है।
MD ANISH KURAISHI
कानपुर देहात के फत्तेपुर मुशंगार से मिली जानकारी के अनुसार, 1 जून 2026 से कुल 7 चीजें बदलने वाली हैं। यह सूचना एमडी अनिश कुरैशी से जुड़ी हुई है।
- YgSikandra, Kanpur Dehat💣3 hrs ago
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More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कानपुर देहात के मलासा विकास खंड की भोगनीपुर तहसील के बेड़ामऊ गांव में पानी निकलने की गंभीर समस्या सामने आई है। गांव की सभी गलियों में पानी भरा हुआ है, जिसके कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है, ताकि आगामी बरसात के दिनों में उन्हें और अधिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े।1
- कानपुर देहात के फत्तेपुर मुशंगार से मिली जानकारी के अनुसार, 1 जून 2026 से कुल 7 चीजें बदलने वाली हैं। यह सूचना एमडी अनिश कुरैशी से जुड़ी हुई है।1
- Post by Bablu1
- जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित मच्छर चौराहे के पास संचालित अनिका हॉस्पिटल पर एक चार वर्षीय मासूम बच्चे की मौत के बाद गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। कोंच क्षेत्र के ग्राम भेड़ निवासी अमजद खान अपने चार वर्षीय पुत्र रियाज खान को गुरुवार सुबह करीब चार बजे पेट में तेज दर्द की शिकायत के चलते अनिका हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करते समय उनसे पाँच हजार रुपये जमा कराए गए और बच्चे को ग्लूकोज चढ़ाया गया, लेकिन डॉक्टर और स्टाफ ने समुचित उपचार नहीं किया। परिजनों ने बताया कि बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन आवश्यक जाँचें नहीं कराई गईं। कुछ समय बाद बच्चे की मौत हो गई, इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन परिजनों को विभिन्न जाँचें कराने की बात कहता रहा। जब परिजनों ने बच्चे की स्थिति पर सवाल उठाए, तब उन्हें बताया गया कि अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है और बच्चे को दूसरे अस्पताल ले जाना होगा। मृतक के पिता अमजद खान ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनके पुत्र की मौत के बाद अस्पताल संचालक डॉ. देवेन्द्र कुमार कौशल और स्टाफ अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। शिकायत में यह भी आरोप है कि बच्चे का शव अस्पताल परिसर में बंद ताले के भीतर छोड़ दिया गया, जबकि परिजन बाहर रोते-बिलखते रहे। इस घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराते हुए अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग की है, जोर देते हुए कहा कि अस्पताल की घोर लापरवाही के कारण उनके पुत्र की जान गई है।4
- जालौन पुलिस ने एक चर्चित अपहरण मामले का खुलासा करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, आटा थाना क्षेत्र के ग्राम बारा निवासी 24 वर्षीय रोहित पुत्र महेन्द्रपाल को सकुशल बरामद कर लिया गया है, जिसका कथित अपहरण 2 जून 2026 को कुसमरा रोड क्षेत्र से हुआ था। इस संबंध में थाना आटा में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना आटा पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीमों को मिलाकर विशेष दल गठित किए गए थे। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, इन टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली और गाजियाबाद में दबिश दी, जहाँ से अपहृत युवक को बरामद किया गया और अजय, शंकर कुमार, सुनील, रिजवान और दीपक सहित पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक डिजायर कार और एक मोटरसाइकिल भी बरामद करने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह घटना पैसों के लेन-देन से जुड़े विवाद का परिणाम है। हालाँकि, मामले की विस्तृत जाँच अभी भी जारी है और सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना में किसी और व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस कथित दिनदहाड़े अपहरण की घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है, क्योंकि ऐसी घटनाएँ आम लोगों में चिंता पैदा करती हैं। हालाँकि, युवक की समय रहते सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के कठरा गांव में गुरुवार को एक 17 वर्षीय किशोरी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जाँच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कठरा गांव निवासी नूर मोहम्मद की 17 वर्षीय पुत्री निशा ने गुरुवार दोपहर करीब चार बजे अपने घर के एक कमरे में फंदा लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था, मृतका के पिता किसी काम से बाजार गए हुए थे, जबकि माँ खेतों की ओर गई थीं। परिजनों ने बताया कि कमरे में रखे मोबाइल फोन की घंटी लगातार बज रही थी। काफी देर तक कोई जवाब न मिलने पर खिड़की से झाँककर देखने पर किशोरी फंदे से लटकी मिली। यह देखकर परिजनों में कोहराम मच गया और तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलने पर मंगलपुर थाना के उपनिरीक्षक डोरीलाल और राजेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और जाँच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलपुर थाना प्रभारी महेश कुमार दुबे ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जाँच कर रही है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर, जनपद को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से माती पुलिस लाइन परिसर में एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनके मार्गदर्शन में देशव्यापी "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत अत्यंत उत्साह के साथ माती पुलिस लाइन परिसर में वृहद पौधारोपण किया गया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी लाइन्स, प्रतिसार निरीक्षक तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी गणों ने भी अपनी मां के सम्मान में और पर्यावरण की सुरक्षा हेतु पौधे रोपे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित समस्त पुलिस बल को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं और उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने सभी को अपने जीवन में प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा "एक पेड़ मां के नाम" लगाकर उनकी नियमित रूप से उचित देखभाल व संरक्षण करने की प्रेरणा दी।1
- जालौन पुलिस ने आटा थाना क्षेत्र में 2 जून 2026 को हुए एक सनसनीखेज अपहरण मामले का मात्र दो दिन में खुलासा करते हुए अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने अपहरण में प्रयुक्त कार व मोटरसाइकिल सहित पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने इस अभियान को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, 2 जून 2026 को एक महिला वादिनी ने थाना आटा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति रोहित पुत्र महेन्द्रपाल का अपहरण कर लिया गया है। इसके बाद थाना आटा में रविन्द्र, गुल्टू, अजय तथा 3-4 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला पंजीकृत किया गया। अपहृत रोहित ने पुलिस को बताया कि यह अपहरण पैसों के विवाद के चलते हुआ था और 2 जून 2026 को करीब साढ़े तीन बजे कुसमरा रोड से उन्हें गाड़ी में डालकर अगवा कर लिया गया था। उसने यह भी बताया कि सुनील और रिजवान मोटरसाइकिल पर उनके साथ थे, और वह इन सभी को पहले से जानता था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह ने तीन विशेष टीमों का गठन किया। इन टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और साक्ष्यों के आधार पर अपहृत और आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की, जिसके बाद गाजियाबाद व दिल्ली में दबिश दी गई। दिल्ली पुलिस के सहयोग से अपहृत रोहित को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य अभियुक्तों अजय और शंकर के साथ सुनील, रिजवान और दीपक को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने इस सफल अभियान के लिए टीमों की सराहना की है। पुलिस फिलहाल फरार आरोपियों रविन्द्र और गुल्टू सहित अन्य की तलाश कर रही है। गिरफ्तार किए गए सभी अभियुक्तों से पूछताछ जारी है और थाना आटा पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।4