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फतेहपुर में जन समस्याओं का अंबार लगा हुआ है, जहां आम जनता को जाति, आय, निवास, हैसियत प्रमाण पत्र और अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक कार्यों के लिए तहसील मुख्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह आम लोगों की पीड़ा है, जिसके कारण संपूर्ण समाधान दिवसों में शिकायतें सुनने और निर्देश जारी होने के बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं होता और ऐसे मामले अक्सर सुर्खियां बटोरते रहते हैं। जनता का मानना है कि अधिकांश समस्याएं भले ही गांवों और कस्बों में जन्म लेती हों, लेकिन तहसील स्तर पर होने वाली लापरवाही उन्हें बढ़ा देती है। समय पर सुनवाई न होने और निष्पक्ष कार्रवाई के अभाव में छोटे-छोटे विवाद बड़े झगड़ों में बदल जाते हैं। जिले के वरिष्ठ अधिकारी लगातार जन समस्याओं पर चिंता जताते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश देते रहे हैं, और कई बार लापरवाह कर्मचारियों व अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई है, फिर भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिखता। ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ कारक जिम्मेदार अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर होने से रोक रहे हैं। समस्याओं का समाधान न होने पर लोग समाधान दिवसों में हंगामा करते हैं, जिला मुख्यालय पर आत्महत्या की चेतावनी देते हैं, और पूरा परिवार न्याय के लिए अधिकारियों के दरवाजे पर पहुंच जाता है। इन मामलों में अक्सर तहसील स्तर पर उदासीनता और लापरवाही के आरोप लगते हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह स्थिति केवल किसी एक व्यक्ति या मामले की नहीं, बल्कि हजारों नागरिकों की है जो रोजमर्रा के कार्यों और जमीन संबंधी मामलों के लिए तहसील कार्यालयों पर निर्भर हैं। सवाल यह है कि सरकार द्वारा अधिकांश सेवाओं के लिए समय सीमा निर्धारित होने के बावजूद भी लोगों को बार-बार क्यों भटकना पड़ता है? यदि वास्तव में जन समस्याओं को कम करना है तो केवल शिकायतें सुनना पर्याप्त नहीं होगा। आवश्यकता है कि तहसील स्तर पर जवाबदेही तय हो, समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो और जनता को अनावश्यक दौड़-भाग से राहत मिले। प्रशासन की सफलता इसी बात में है कि आम नागरिक को अपने अधिकारों और कार्यों के लिए भटकना न पड़े, जिसके लिए तहसील व्यवस्था का मजबूत और संवेदनशील होना जरूरी है।

4 hrs ago
user_Bhanu Pratap Sing
Bhanu Pratap Sing
Local News Reporter घाटमपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

फतेहपुर में जन समस्याओं का अंबार लगा हुआ है, जहां आम जनता को जाति, आय, निवास, हैसियत प्रमाण पत्र और अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक कार्यों के लिए तहसील मुख्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह आम लोगों की पीड़ा है, जिसके कारण संपूर्ण समाधान दिवसों में शिकायतें सुनने और निर्देश जारी होने के बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं होता और ऐसे मामले अक्सर सुर्खियां बटोरते रहते हैं। जनता का मानना है कि अधिकांश समस्याएं भले ही गांवों और कस्बों में जन्म लेती हों, लेकिन तहसील स्तर पर होने वाली लापरवाही उन्हें बढ़ा देती है। समय पर सुनवाई न होने और निष्पक्ष कार्रवाई के अभाव में छोटे-छोटे विवाद बड़े झगड़ों में बदल जाते हैं। जिले के वरिष्ठ अधिकारी लगातार जन समस्याओं पर चिंता जताते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश देते रहे हैं, और कई बार लापरवाह कर्मचारियों व अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई है, फिर भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिखता। ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ कारक जिम्मेदार अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर होने से रोक रहे हैं। समस्याओं का समाधान न होने पर लोग समाधान दिवसों में हंगामा करते हैं, जिला मुख्यालय पर आत्महत्या की चेतावनी देते हैं, और पूरा परिवार न्याय के लिए अधिकारियों के दरवाजे पर पहुंच जाता है। इन मामलों में अक्सर तहसील स्तर पर उदासीनता और लापरवाही के आरोप लगते हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह स्थिति केवल किसी एक व्यक्ति या मामले की नहीं, बल्कि हजारों नागरिकों की है जो रोजमर्रा के कार्यों और जमीन संबंधी मामलों के लिए तहसील कार्यालयों पर निर्भर हैं। सवाल यह है कि सरकार द्वारा अधिकांश सेवाओं के लिए समय सीमा निर्धारित होने के बावजूद भी लोगों को बार-बार क्यों भटकना पड़ता है? यदि वास्तव में जन समस्याओं को कम करना है तो केवल शिकायतें सुनना पर्याप्त नहीं होगा। आवश्यकता है कि तहसील स्तर पर जवाबदेही तय हो, समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो और जनता को अनावश्यक दौड़-भाग से राहत मिले। प्रशासन की सफलता इसी बात में है कि आम नागरिक को अपने अधिकारों और कार्यों के लिए भटकना न पड़े, जिसके लिए तहसील व्यवस्था का मजबूत और संवेदनशील होना जरूरी है।

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  • फतेहपुर में जन समस्याओं का अंबार लगा हुआ है, जहां आम जनता को जाति, आय, निवास, हैसियत प्रमाण पत्र और अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक कार्यों के लिए तहसील मुख्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह आम लोगों की पीड़ा है, जिसके कारण संपूर्ण समाधान दिवसों में शिकायतें सुनने और निर्देश जारी होने के बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं होता और ऐसे मामले अक्सर सुर्खियां बटोरते रहते हैं। जनता का मानना है कि अधिकांश समस्याएं भले ही गांवों और कस्बों में जन्म लेती हों, लेकिन तहसील स्तर पर होने वाली लापरवाही उन्हें बढ़ा देती है। समय पर सुनवाई न होने और निष्पक्ष कार्रवाई के अभाव में छोटे-छोटे विवाद बड़े झगड़ों में बदल जाते हैं। जिले के वरिष्ठ अधिकारी लगातार जन समस्याओं पर चिंता जताते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश देते रहे हैं, और कई बार लापरवाह कर्मचारियों व अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई है, फिर भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिखता। ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ कारक जिम्मेदार अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर होने से रोक रहे हैं। समस्याओं का समाधान न होने पर लोग समाधान दिवसों में हंगामा करते हैं, जिला मुख्यालय पर आत्महत्या की चेतावनी देते हैं, और पूरा परिवार न्याय के लिए अधिकारियों के दरवाजे पर पहुंच जाता है। इन मामलों में अक्सर तहसील स्तर पर उदासीनता और लापरवाही के आरोप लगते हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह स्थिति केवल किसी एक व्यक्ति या मामले की नहीं, बल्कि हजारों नागरिकों की है जो रोजमर्रा के कार्यों और जमीन संबंधी मामलों के लिए तहसील कार्यालयों पर निर्भर हैं। सवाल यह है कि सरकार द्वारा अधिकांश सेवाओं के लिए समय सीमा निर्धारित होने के बावजूद भी लोगों को बार-बार क्यों भटकना पड़ता है? यदि वास्तव में जन समस्याओं को कम करना है तो केवल शिकायतें सुनना पर्याप्त नहीं होगा। आवश्यकता है कि तहसील स्तर पर जवाबदेही तय हो, समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो और जनता को अनावश्यक दौड़-भाग से राहत मिले। प्रशासन की सफलता इसी बात में है कि आम नागरिक को अपने अधिकारों और कार्यों के लिए भटकना न पड़े, जिसके लिए तहसील व्यवस्था का मजबूत और संवेदनशील होना जरूरी है।
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    फतेहपुर में जन समस्याओं का अंबार लगा हुआ है, जहां आम जनता को जाति, आय, निवास, हैसियत प्रमाण पत्र और अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक कार्यों के लिए तहसील मुख्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह आम लोगों की पीड़ा है, जिसके कारण संपूर्ण समाधान दिवसों में शिकायतें सुनने और निर्देश जारी होने के बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं होता और ऐसे मामले अक्सर सुर्खियां बटोरते रहते हैं।

जनता का मानना है कि अधिकांश समस्याएं भले ही गांवों और कस्बों में जन्म लेती हों, लेकिन तहसील स्तर पर होने वाली लापरवाही उन्हें बढ़ा देती है। समय पर सुनवाई न होने और निष्पक्ष कार्रवाई के अभाव में छोटे-छोटे विवाद बड़े झगड़ों में बदल जाते हैं। जिले के वरिष्ठ अधिकारी लगातार जन समस्याओं पर चिंता जताते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश देते रहे हैं, और कई बार लापरवाह कर्मचारियों व अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई है, फिर भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिखता। ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ कारक जिम्मेदार अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर होने से रोक रहे हैं।

समस्याओं का समाधान न होने पर लोग समाधान दिवसों में हंगामा करते हैं, जिला मुख्यालय पर आत्महत्या की चेतावनी देते हैं, और पूरा परिवार न्याय के लिए अधिकारियों के दरवाजे पर पहुंच जाता है। इन मामलों में अक्सर तहसील स्तर पर उदासीनता और लापरवाही के आरोप लगते हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह स्थिति केवल किसी एक व्यक्ति या मामले की नहीं, बल्कि हजारों नागरिकों की है जो रोजमर्रा के कार्यों और जमीन संबंधी मामलों के लिए तहसील कार्यालयों पर निर्भर हैं।

सवाल यह है कि सरकार द्वारा अधिकांश सेवाओं के लिए समय सीमा निर्धारित होने के बावजूद भी लोगों को बार-बार क्यों भटकना पड़ता है? यदि वास्तव में जन समस्याओं को कम करना है तो केवल शिकायतें सुनना पर्याप्त नहीं होगा। आवश्यकता है कि तहसील स्तर पर जवाबदेही तय हो, समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो और जनता को अनावश्यक दौड़-भाग से राहत मिले। प्रशासन की सफलता इसी बात में है कि आम नागरिक को अपने अधिकारों और कार्यों के लिए भटकना न पड़े, जिसके लिए तहसील व्यवस्था का मजबूत और संवेदनशील होना जरूरी है।
    user_Bhanu Pratap Sing
    Bhanu Pratap Sing
    Local News Reporter घाटमपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Available for Sale Expected Price : 10000000 Property Type : Agricultural / Farm Land ye jameen plot ke liy hai
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    Available for Sale
Expected Price : 10000000
Property Type : Agricultural / Farm Land
ye jameen plot ke liy hai
    user_Shanu
    Shanu
    Taxi Driver नरवल, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • हमीरपुर के अरतरा गांव के एक मासूम बच्चे की भावुक गुहार ने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया है। "साहब, हमें भी एक घर दिला दो"—बच्चे की यह मार्मिक अपील एक वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो में बच्चा एक पक्के घर की मांग कर रहा है, जबकि उसका परिवार आज भी सरकारी योजनाओं के तमाम दावों के बावजूद एक झोपड़ी में रहने को मजबूर है। मासूम का बचपन एक पक्के आवास के इंतजार में बीत रहा है, जिससे जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बच्चे ने सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति से भी घर दिलाने के लिए भावुक अपील की है। वीडियो वायरल होने के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मासूम बच्चे की पुकार सुनी जाएगी, या यह भी केवल सरकारी वादों की भीड़ में दबकर रह जाएगी।
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    हमीरपुर के अरतरा गांव के एक मासूम बच्चे की भावुक गुहार ने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया है। "साहब, हमें भी एक घर दिला दो"—बच्चे की यह मार्मिक अपील एक वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

इस वीडियो में बच्चा एक पक्के घर की मांग कर रहा है, जबकि उसका परिवार आज भी सरकारी योजनाओं के तमाम दावों के बावजूद एक झोपड़ी में रहने को मजबूर है। मासूम का बचपन एक पक्के आवास के इंतजार में बीत रहा है, जिससे जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

बच्चे ने सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति से भी घर दिलाने के लिए भावुक अपील की है।

वीडियो वायरल होने के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मासूम बच्चे की पुकार सुनी जाएगी, या यह भी केवल सरकारी वादों की भीड़ में दबकर रह जाएगी।
    user_Sheelu Nishad
    Sheelu Nishad
    Classified ads newspaper publisher Hamirpur, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा 1 जुलाई 2026 से जियो व्हीकल टैग ऐप को जबरन लागू किए जाने के फैसले के खिलाफ कलक्टर गंज गल्ला मंडी के व्यापारी, आढ़ती और ट्रांसपोर्टर भाइयों में गहरा आक्रोश है। इस कदम को "तानाशाही" बताते हुए, उनका आरोप है कि यह निर्णय उनके रोज़गार को खतरे में डाल रहा है। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि यह फैसला बिना किसी पूर्व चर्चा, उनकी सहमति या किसी वैकल्पिक समाधान दिए बिना थोपा जा रहा है, जो इसे पूरी तरह से "व्यापार विरोधी" बनाता है। वे इस कदम को किसी भी कीमत पर स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि जियो व्हीकल टैग ऐप को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और व्यापारियों के साथ बातचीत करके इस मुद्दे का कोई व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।
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    कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा 1 जुलाई 2026 से जियो व्हीकल टैग ऐप को जबरन लागू किए जाने के फैसले के खिलाफ कलक्टर गंज गल्ला मंडी के व्यापारी, आढ़ती और ट्रांसपोर्टर भाइयों में गहरा आक्रोश है। इस कदम को "तानाशाही" बताते हुए, उनका आरोप है कि यह निर्णय उनके रोज़गार को खतरे में डाल रहा है।

व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि यह फैसला बिना किसी पूर्व चर्चा, उनकी सहमति या किसी वैकल्पिक समाधान दिए बिना थोपा जा रहा है, जो इसे पूरी तरह से "व्यापार विरोधी" बनाता है। वे इस कदम को किसी भी कीमत पर स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि जियो व्हीकल टैग ऐप को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और व्यापारियों के साथ बातचीत करके इस मुद्दे का कोई व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।
    user_बलदाऊ टीवी न्यूज
    बलदाऊ टीवी न्यूज
    Insurance Agent हमीरपुर, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र में राजस्व विभाग के एक तालाब से रात के समय अवैध खनन कर सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी बेचने और ग्रामीणों पर हवाई फायर करने के आरोप में एक ग्राम प्रधान के खिलाफ बिवांर थाने में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) के आदेश पर राजस्व निरीक्षक ने दर्ज कराई है। राजस्व निरीक्षक रामकिशोर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि तहसील मौदहा के सायर गांव में पदस्थ हैं। पाटनपुर से भरसवां गांव के पास स्थित राजस्व विभाग के देवी तालाब से पाटनपुर गांव के प्रधान बृजेश कुमार ने 7 और 8 जून की रात को चोरी से खुदाई करवाकर मिट्टी निकाली और बेच दी। जब भरसवां गांव के ग्रामीणों ने मिट्टी खनन के काम में ट्रैक्टरों के इस्तेमाल का विरोध किया, तो प्रधान ने उनके साथ अभद्रता की और हवाई फायर भी किए। गांववासियों ने इस अवैध खनन की शिकायत जिलाधिकारी से की थी, जिसके बाद मौदहा के एसडीएम करणवीर सिंह ने एक जांच टीम गठित की। इस टीम में कम्हरिया गांव के लेखपाल दीपक कुमार, क्षेत्रीय लेखपाल प्रदीप कुमार और मकरांव गांव के लेखपाल कमलेश कुमार शामिल थे। जांच में टीम ने पाया कि 25 ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी का खनन किया गया था, जिसमें से 8 ट्रॉली मिट्टी खरंजा में डाली गई और 17 ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी की बिक्री की गई। टीम ने पुष्टि की कि प्रधान ने रात में चोरी से तालाब से अवैध मिट्टी का खनन कर राजस्व विभाग को नुकसान पहुँचाया है। एसडीएम के आदेश पर, राजस्व निरीक्षक रामकिशोर ने प्रधान बृजेश कुमार के खिलाफ बिवांर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष नंदराम प्रजापति ने बताया कि राजस्व निरीक्षक की तहरीर के आधार पर प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और प्रधान की तलाश कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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    हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र में राजस्व विभाग के एक तालाब से रात के समय अवैध खनन कर सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी बेचने और ग्रामीणों पर हवाई फायर करने के आरोप में एक ग्राम प्रधान के खिलाफ बिवांर थाने में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) के आदेश पर राजस्व निरीक्षक ने दर्ज कराई है।

राजस्व निरीक्षक रामकिशोर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि तहसील मौदहा के सायर गांव में पदस्थ हैं। पाटनपुर से भरसवां गांव के पास स्थित राजस्व विभाग के देवी तालाब से पाटनपुर गांव के प्रधान बृजेश कुमार ने 7 और 8 जून की रात को चोरी से खुदाई करवाकर मिट्टी निकाली और बेच दी। जब भरसवां गांव के ग्रामीणों ने मिट्टी खनन के काम में ट्रैक्टरों के इस्तेमाल का विरोध किया, तो प्रधान ने उनके साथ अभद्रता की और हवाई फायर भी किए।

गांववासियों ने इस अवैध खनन की शिकायत जिलाधिकारी से की थी, जिसके बाद मौदहा के एसडीएम करणवीर सिंह ने एक जांच टीम गठित की। इस टीम में कम्हरिया गांव के लेखपाल दीपक कुमार, क्षेत्रीय लेखपाल प्रदीप कुमार और मकरांव गांव के लेखपाल कमलेश कुमार शामिल थे। जांच में टीम ने पाया कि 25 ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी का खनन किया गया था, जिसमें से 8 ट्रॉली मिट्टी खरंजा में डाली गई और 17 ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी की बिक्री की गई। टीम ने पुष्टि की कि प्रधान ने रात में चोरी से तालाब से अवैध मिट्टी का खनन कर राजस्व विभाग को नुकसान पहुँचाया है।

एसडीएम के आदेश पर, राजस्व निरीक्षक रामकिशोर ने प्रधान बृजेश कुमार के खिलाफ बिवांर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष नंदराम प्रजापति ने बताया कि राजस्व निरीक्षक की तहरीर के आधार पर प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और प्रधान की तलाश कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
    user_संतोष कुमार चक्रवर्ती
    संतोष कुमार चक्रवर्ती
    Journalist हमीरपुर, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • कानपुर में घरेलू विवाद के बाद अपने पति के साथ गोविंद नगर थाने जा रही एक महिला पर बीच सड़क पर हमला किया गया। आरोप है कि महिला के देवर ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला किया, जिसमें उसे चप्पलों, लात और घूसों से बुरी तरह पीटा गया। दंपति जब बाइक पर जा रहे थे, तभी बीच रास्ते में उन्हें रोककर तीन लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस मारपीट की घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने बनाया और उसे वायरल कर दिया। यह पूरी घटना गुजैनी थाना क्षेत्र के बर्रा 8 इलाके में हुई।
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    कानपुर में घरेलू विवाद के बाद अपने पति के साथ गोविंद नगर थाने जा रही एक महिला पर बीच सड़क पर हमला किया गया। आरोप है कि महिला के देवर ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला किया, जिसमें उसे चप्पलों, लात और घूसों से बुरी तरह पीटा गया।

दंपति जब बाइक पर जा रहे थे, तभी बीच रास्ते में उन्हें रोककर तीन लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस मारपीट की घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने बनाया और उसे वायरल कर दिया। यह पूरी घटना गुजैनी थाना क्षेत्र के बर्रा 8 इलाके में हुई।
    user_Vipin patrkaar G.t.m
    Vipin patrkaar G.t.m
    पत्रकार Kanpur Nagar, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • फतेहपुर जिले में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी से तंग आकर जहर खा लिया। इस घटना की जानकारी तहलका डिजिटल न्यूज़ चैनल द्वारा दी गई है।
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    फतेहपुर जिले में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी से तंग आकर जहर खा लिया। इस घटना की जानकारी तहलका डिजिटल न्यूज़ चैनल द्वारा दी गई है।
    user_Bhanu Pratap Sing
    Bhanu Pratap Sing
    Local News Reporter घाटमपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुजैनी थाना क्षेत्र के बर्रा-8 इलाके में बीच सड़क एक दंपति के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से इलाके में खासी चर्चा है। आरोप के अनुसार, महिला के देवर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर बाइक पर सवार दंपति को रास्ते में रोक लिया। इसके बाद महिला के साथ कथित तौर पर चप्पलों, लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी वारदात का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि उन्हें तहरीर मिलने और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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    उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुजैनी थाना क्षेत्र के बर्रा-8 इलाके में बीच सड़क एक दंपति के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से इलाके में खासी चर्चा है।

आरोप के अनुसार, महिला के देवर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर बाइक पर सवार दंपति को रास्ते में रोक लिया। इसके बाद महिला के साथ कथित तौर पर चप्पलों, लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी वारदात का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि उन्हें तहरीर मिलने और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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