जंतर-मंतर पर चल रहे जनसंघर्ष के समर्थन और अलोकतांत्रिक पुलिसिया कार्रवाई, शिक्षा की दुर्दशा तथा असंवेदनशील व्यवस्था के विरोध में सिविल सोसायटी, आरा के तत्वावधान में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को आरा के जयप्रकाश स्मारक स्थित मुक्ताकाश मंच पर चल रहे इस प्रदर्शन में मुख्य आकर्षण "प्रतिरोध की कविताओं का पाठ" रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने जनतंत्र, सामाजिक न्याय, शिक्षा और नागरिक अधिकारों पर केंद्रित कविताओं का पाठ किया। इसमें नीलाम्बुज सरोज ने रमाशंकर यादव विद्रोही की कविता "औरतें", मंच संचालन करते हुए आशुतोष पाण्डेय और कुमार ने सुनील श्रीवास्तव की कविता "कविता का समय", कमलेश कुमार ने विजेंद्र अनिल की कविता "कहाँ हैं तुम्हारी फाइलें", जनार्दन मिश्र ने "सुनो तानाशाह कोई सुरक्षित नहीं", सुशील कुमार ने दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल, धर्मदेव कुमार ने विजेंद्र अनिल की कविता "सिलसिले", व्यास जी ने "भड़कता था शोला गोला अनल का", नंद किशोर यादव ने "तानाशाह", आमोद कुमार ने "हम आयेंगे, फिर लौटकर", डॉ लक्ष्मी कुमारी ने दिनकर जी की कविता "आग की भीख" तथा विजय मेहता ने दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल "ये सारा जिस्म झुक कर बोझ से दुहरा हुआ होगा" का पाठ किया। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जनतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रतिरोध, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सवाल पूछने के अधिकार से मजबूत होता है। कार्यक्रम में अध्यक्षीय संबोधन जेपी सेनानी नाथूराम ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन अशोक मानव ने किया। इस दौरान डॉ सुरेंद्र प्रसाद, अचल कुमार प्रसाद, दीपक सिंह, पवन कुमार, धनंजय सिंह, कृष्ण मोहन ठाकुर, संतोष कुमार और महेंद्र शर्मा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, साहित्यकार एवं छात्र-युवा शामिल हुए। अंत में निर्णय लिया गया कि यह अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन आगामी दिनों में भी प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे जयप्रकाश स्मारक, मुक्ताकाश मंच, आरा में जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर चल रहे जनसंघर्ष के समर्थन और अलोकतांत्रिक पुलिसिया कार्रवाई, शिक्षा की दुर्दशा तथा असंवेदनशील व्यवस्था के विरोध में सिविल सोसायटी, आरा के तत्वावधान में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को आरा के जयप्रकाश स्मारक स्थित मुक्ताकाश मंच पर चल रहे इस प्रदर्शन में मुख्य आकर्षण "प्रतिरोध की कविताओं का पाठ" रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने जनतंत्र, सामाजिक न्याय, शिक्षा और नागरिक अधिकारों पर केंद्रित कविताओं का पाठ किया। इसमें नीलाम्बुज सरोज ने रमाशंकर यादव विद्रोही की कविता "औरतें", मंच संचालन करते हुए आशुतोष पाण्डेय और कुमार ने सुनील श्रीवास्तव की कविता "कविता का समय", कमलेश कुमार ने विजेंद्र अनिल की कविता "कहाँ हैं तुम्हारी फाइलें", जनार्दन मिश्र ने "सुनो तानाशाह कोई सुरक्षित नहीं", सुशील कुमार ने दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल, धर्मदेव कुमार ने विजेंद्र अनिल की कविता "सिलसिले", व्यास जी ने "भड़कता था शोला गोला अनल का", नंद किशोर यादव ने "तानाशाह", आमोद कुमार ने "हम आयेंगे, फिर लौटकर", डॉ लक्ष्मी कुमारी ने दिनकर जी की कविता "आग की भीख" तथा विजय मेहता ने दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल "ये सारा जिस्म झुक कर बोझ से दुहरा हुआ होगा" का पाठ किया। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जनतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रतिरोध, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सवाल पूछने के अधिकार से मजबूत होता है। कार्यक्रम में अध्यक्षीय संबोधन जेपी सेनानी नाथूराम ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन अशोक मानव ने किया। इस दौरान डॉ सुरेंद्र प्रसाद, अचल कुमार प्रसाद, दीपक सिंह, पवन कुमार, धनंजय सिंह, कृष्ण मोहन ठाकुर, संतोष कुमार और महेंद्र शर्मा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, साहित्यकार एवं छात्र-युवा शामिल हुए। अंत में निर्णय लिया गया कि यह अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन आगामी दिनों में भी प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे जयप्रकाश स्मारक, मुक्ताकाश मंच, आरा में जारी रहेगा।
- जंतर-मंतर पर चल रहे जनसंघर्ष के समर्थन और अलोकतांत्रिक पुलिसिया कार्रवाई, शिक्षा की दुर्दशा तथा असंवेदनशील व्यवस्था के विरोध में सिविल सोसायटी, आरा के तत्वावधान में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को आरा के जयप्रकाश स्मारक स्थित मुक्ताकाश मंच पर चल रहे इस प्रदर्शन में मुख्य आकर्षण "प्रतिरोध की कविताओं का पाठ" रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने जनतंत्र, सामाजिक न्याय, शिक्षा और नागरिक अधिकारों पर केंद्रित कविताओं का पाठ किया। इसमें नीलाम्बुज सरोज ने रमाशंकर यादव विद्रोही की कविता "औरतें", मंच संचालन करते हुए आशुतोष पाण्डेय और कुमार ने सुनील श्रीवास्तव की कविता "कविता का समय", कमलेश कुमार ने विजेंद्र अनिल की कविता "कहाँ हैं तुम्हारी फाइलें", जनार्दन मिश्र ने "सुनो तानाशाह कोई सुरक्षित नहीं", सुशील कुमार ने दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल, धर्मदेव कुमार ने विजेंद्र अनिल की कविता "सिलसिले", व्यास जी ने "भड़कता था शोला गोला अनल का", नंद किशोर यादव ने "तानाशाह", आमोद कुमार ने "हम आयेंगे, फिर लौटकर", डॉ लक्ष्मी कुमारी ने दिनकर जी की कविता "आग की भीख" तथा विजय मेहता ने दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल "ये सारा जिस्म झुक कर बोझ से दुहरा हुआ होगा" का पाठ किया। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जनतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रतिरोध, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सवाल पूछने के अधिकार से मजबूत होता है। कार्यक्रम में अध्यक्षीय संबोधन जेपी सेनानी नाथूराम ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन अशोक मानव ने किया। इस दौरान डॉ सुरेंद्र प्रसाद, अचल कुमार प्रसाद, दीपक सिंह, पवन कुमार, धनंजय सिंह, कृष्ण मोहन ठाकुर, संतोष कुमार और महेंद्र शर्मा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, साहित्यकार एवं छात्र-युवा शामिल हुए। अंत में निर्णय लिया गया कि यह अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन आगामी दिनों में भी प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे जयप्रकाश स्मारक, मुक्ताकाश मंच, आरा में जारी रहेगा।1
- कोलकाता के बाजार से जुड़ा एक नया बिजनेस आइडिया सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें मात्र ₹70 में जीन्स मिलने का दावा किया जा रहा है। कम दाम में जीन्स उपलब्ध कराने की यह मार्केट डील और बिजनेस आइडिया लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- जगदीशपुर प्रखंड के सियरूआ स्थित पंचायत सरकार भवन में जनकल्याणकारी सहयोग शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में पंचायत के मुखिया उमेश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मुखिया ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। शिविर के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं जनसमस्याओं से संबंधित कुल 40 आवेदन प्राप्त हुए। मौके पर उपस्थित संबंधित अधिकारियों ने प्राप्त सभी आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन का आश्वासन दिया।1
- भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड स्थित ग्राम पंचायत पूर्वी गुंडी के पंचायत सरकार भवन में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया और अपनी समस्याओं को अधिकारियों व कर्मियों के सामने रखा। शिविर के दौरान योजनाओं से जुड़े आवेदन प्राप्त किए गए, ग्रामीणों की शिकायतों का निस्तारण किया गया और लाभुकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से उपस्थित मुखिया प्रतिनिधि आनंद गोपाल पंडित ने शिविर का निरीक्षण किया और पंचायतवासियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से शिविर में शामिल होकर जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने की अपील की।1
- भोजपुर जिले के रामापुर सनदिया पैक्स परिसर में नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) का 45वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पैक्स सदस्यों, किसानों और स्थानीय समुदाय को कृषि एवं ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए नाबार्ड द्वारा किए जा रहे प्रयासों के प्रति जागरूक करना और उन्हें विभिन्न विकास योजनाओं से जोड़ना था। इस आयोजन में लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक (DDM) श्रीमती सुरभि ने भोजपुर जिले में संचालित विभिन्न विकासात्मक पहलों की जानकारी दी। उन्होंने कृषि, ग्रामीण आधारभूत संरचना, किसान उत्पादक संगठन (FPO), किसान उत्पादक समूहों, वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता तथा अन्य कार्यक्रमों के जरिए किसानों और ग्रामीण समुदाय के सशक्तीकरण पर विस्तार से चर्चा की। DDM ने भारत सरकार द्वारा पैक्स सुदृढ़ीकरण, पैक्स कम्प्यूटरीकरण और पैक्स को बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पैक्स को केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने पैक्सों से अपनी गतिविधियों में विविधता लाने, आय के नए स्रोत विकसित करने और स्थानीय स्तर पर किसानों की आवश्यकताओं के अनुसार आर्थिक गतिविधियां बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी (DAO), जिला सहकारिता पदाधिकारी (DCO), अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के पूर्व प्रमुख एवं कृषि वैज्ञानिक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक (DCCB) के प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष मौजूद रहे। इसके अलावा 20 से अधिक पैक्सों के अध्यक्षों, पैक्स की महिला सदस्यों और स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्याओं ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की।1
- भोजपुर जिले में स्थित कांग्रेस कार्यालय से आज प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया गया।1
- उपचुनाव के दौरान चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कम से कम एक सीट पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की गई है। इसमें चुनौती देते हुए कहा गया है कि एक सीट पर बैलेट पेपर से चुनाव कराकर देख लिया जाए, अगर जीत होती है तो सब सही है, नहीं तो सीधे तौर पर चोरी की जा रही है।1
- भोजपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत कौरा स्थित पंचायत सरकार भवन में जनकल्याणकारी सहयोग शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित आम जनता की समस्याओं का समाधान करना और उनके आवेदन प्राप्त करना था। शिविर में मुख्य रूप से उपस्थित मुखिया के पुत्र दीपक सिंह ने कहा कि ऐसे सहयोग शिविरों के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इन शिविरों का लाभ उठाएं। शिविर के दौरान विभिन्न योजनाओं से संबंधित कुल 104 आवेदन प्राप्त हुए। मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा इन सभी आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन का भरोसा दिया गया है।1