टीकमगढ़ जिले की पलेरा तहसील में पृथक 'बुंदेलखंड राज्य' के गठन की मांग को लेकर शनिवार को बुंदेलखंड राज्य आंदोलन से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में आंदोलन को तेज करने और भावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान बुंदेलखंड राज्य आंदोलनकारी अंकित परिहार ने कहा कि बुंदेलखंड की माटी, संसाधनों और संस्कृति को हमेशा उपेक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि पलायन, बेरोजगारी और कृषि संकट से जूझ रहे इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए पृथक बुंदेलखंड राज्य का गठन ही एकमात्र समाधान है और कार्यकर्ता अपना हक लेकर रहेंगे। वहीं आंदोलन के राष्ट्रीय सचिव अंकित राजा बुंदेला ने बताया कि इस मुहिम में युवाओं और आम नागरिकों को बड़ी संख्या में जोड़ा जा रहा है, क्योंकि बुंदेलखंड के विकास के लिए पृथक राज्य बनना अनिवार्य है। आंदोलन की रणनीति के तहत पलेरा तहसील के गांव-गांव में व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा, जिसमें युवाओं और किसानों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। आगामी दिनों में जिला और तहसील स्तर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक के समापन पर उपस्थित पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने पृथक राज्य की मांग को लेकर संघर्ष निरंतर जारी रखने का एक स्वर में संकल्प लिया।
टीकमगढ़ जिले की पलेरा तहसील में पृथक 'बुंदेलखंड राज्य' के गठन की मांग को लेकर शनिवार को बुंदेलखंड राज्य आंदोलन से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में आंदोलन को तेज करने और भावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान बुंदेलखंड राज्य आंदोलनकारी अंकित परिहार ने कहा
कि बुंदेलखंड की माटी, संसाधनों और संस्कृति को हमेशा उपेक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि पलायन, बेरोजगारी और कृषि संकट से जूझ रहे इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए पृथक बुंदेलखंड राज्य का गठन ही एकमात्र समाधान है और कार्यकर्ता अपना हक लेकर रहेंगे। वहीं आंदोलन के राष्ट्रीय सचिव अंकित
राजा बुंदेला ने बताया कि इस मुहिम में युवाओं और आम नागरिकों को बड़ी संख्या में जोड़ा जा रहा है, क्योंकि बुंदेलखंड के विकास के लिए पृथक राज्य बनना अनिवार्य है। आंदोलन की रणनीति के तहत पलेरा तहसील के गांव-गांव में व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा, जिसमें युवाओं और किसानों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित
करने पर जोर दिया गया है। आगामी दिनों में जिला और तहसील स्तर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक के समापन पर उपस्थित पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने पृथक राज्य की मांग को लेकर संघर्ष निरंतर जारी रखने का एक स्वर में संकल्प लिया।
- प्राचीन समय की बात है, जब आयात और निर्यात का कोई साधन उपलब्ध नहीं हुआ करता था। उसी दौर की यह कहानी है, जब एक किसान ट्रैक्टर खरीदने के लिए डीलर के पास पहुंचा।1
- भीम आर्मी और सफाई मित्रों ने छतरपुर के नौगांव में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर तहसील के सामने धरना प्रदर्शन किया। इस धरने के दौरान, अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। विनय द्विवेदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि नौगांव के सीएमओ के खिलाफ 48 घंटे में कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद, प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ अंतर्गत ग्राम भेलसी में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के भवन के बगल में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में तहसीलदार न्यायालय, बल्देवगढ़ द्वारा जारी स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने का मामला प्रकाश में आया है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, तहसीलदार न्यायालय, बल्देवगढ़ ने 5 फरवरी को शासकीय भूमि पर किए जा रहे कथित अवैध निर्माण के विरुद्ध स्थगन आदेश जारी किया था। आदेश में थाना प्रभारी बल्देवगढ़, संबंधित हल्का पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक को निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने के निर्देश दिए गए थे। बताया जा रहा है कि उक्त आदेश 5 फरवरी को थाना बल्देवगढ़ में प्राप्त भी हो गया था। इसके बावजूद आरोप है कि अनावेदक जुगलकिशोर जानकी तनय कुटल्ला कुशवाहा द्वारा शासकीय भूमि पर नए पिलर खड़े कर निर्माण कार्य जारी रखा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय पर कार्रवाई की होती तो तहसीलदार न्यायालय के आदेश के बाद भी मुख्य मार्ग स्थित शासकीय भूमि पर निर्माण कार्य नहीं हो पाता। ग्राम वासियों का आरोप है कि प्रशासनिक तंत्र की उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। लोगों ने मांग की है कि न्यायालय के स्थगन आदेश की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।2
- छतरपुर स्थित अजय पाल धाम की दान पेटी से पैसे गायब होने का आरोप सामने आया है। दान पेटी से पैसे गायब होने की बात को लेकर मंदिर समिति के लोगों ने जमकर हंगामा किया। इस पूरे घटनाक्रम और हंगामे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाए जाने की मांग को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। आज 27 जुलाई को दोपहर करीब 2:00 बजे प्रदर्शनकारियों ने अनोखे तरीके से अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाई। प्रदर्शनकारी एक ठेले पर गौ माता को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को आवेदन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गौ माता भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखती हैं। इसके बावजूद गौवंश की स्थिति कई स्थानों पर चिंताजनक बनी हुई है। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने से उनके संरक्षण और संवर्धन को लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान और अधिक गंभीरता से आकर्षित होगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा। इसी मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर आवेदन सौंपा गया और सरकार से जल्द से जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की गई।1
- निवाड़ी जिले के ओरछा में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां सातार नदी में एक अनियंत्रित कार गिर गई, लेकिन वीआईपी ड्यूटी में तैनात पुलिस आरक्षक और डायल 112 के जवानों की सूझबूझ से कार में सवार 6 लोगों की जान बच गई। जानकारी के अनुसार, ओरछा से झांसी की तरफ जा रही एक सफेद रंग की कार सातार नदी में अनियंत्रित होकर गिर गई। कार में 2 पुरुष, 3 महिलाएं और 1 दस साल की बच्ची सहित कुल 6 लोग सवार थे। जैसे ही कार नदी में गिरी, वहां वीआईपी ड्यूटी में तैनात पुलिस आरक्षक जितेंद्र गुर्जर और स्थानीय लोगों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया। सभी को कार से बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू कर दिया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में कोई जान-माल की हानि नहीं हुई है। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।4