इस वर्ष पवित्र नगरी अमरकंटक में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर कोई आयोजन नहीं किया गया, जिसके कारण नर्मदा मंदिर परिसर में उनकी प्रतिमा उपेक्षित पड़ी रही। इस अवसर पर किसी भी संस्था अथवा विभाग द्वारा उन्हें औपचारिक रूप से स्मरण नहीं किया गया, जबकि गत वर्ष शासन द्वारा उनकी जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर नर्मदा मंदिर के सामने निर्मित धर्मशाला भवन, जो उनके धार्मिक, सांस्कृतिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों की स्मृति में बनाया गया था, वर्तमान में अमरकंटक विकास प्राधिकरण के कार्यालय के रूप में संचालित हो रहा है। इससे पहले, इसी भवन में नगर पंचायत और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) का कार्यालय भी संचालित होता रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को रामघाट स्थित नवीन रामसेतु पुल के समीप स्थापित किया जाना प्रस्तावित था, परंतु अब तक यह प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी है। जयंती के अवसर पर, स्थानीय नागरिकों ने प्रतिमा की शीघ्र स्थापना और लोकमाता के योगदान के अनुरूप उन्हें सम्मान दिए जाने की अपेक्षा व्यक्त की है।
इस वर्ष पवित्र नगरी अमरकंटक में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर कोई आयोजन नहीं किया गया, जिसके कारण नर्मदा मंदिर परिसर में उनकी प्रतिमा उपेक्षित पड़ी रही। इस अवसर पर किसी भी संस्था अथवा विभाग द्वारा उन्हें औपचारिक रूप से स्मरण नहीं किया गया, जबकि गत वर्ष शासन द्वारा उनकी जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर नर्मदा मंदिर के सामने निर्मित धर्मशाला भवन, जो उनके धार्मिक, सांस्कृतिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों की स्मृति में बनाया गया था, वर्तमान में अमरकंटक विकास प्राधिकरण के कार्यालय के रूप में संचालित हो रहा है। इससे पहले, इसी भवन में नगर पंचायत और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) का कार्यालय भी संचालित होता रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को रामघाट स्थित नवीन रामसेतु पुल के समीप स्थापित किया जाना प्रस्तावित था, परंतु अब तक यह प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी है। जयंती के अवसर पर, स्थानीय नागरिकों ने प्रतिमा की शीघ्र स्थापना और लोकमाता के योगदान के अनुरूप उन्हें सम्मान दिए जाने की अपेक्षा व्यक्त की है।
- मनेंद्रगढ़ जिले के नागपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध अमृतधारा जलप्रपात में एक युवक ने कूदकर आत्महत्या कर ली, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मृतक की पहचान ग्राम पंचायत लाई निवासी 35 वर्षीय रघुवर सिंह पिता रुद्र सिंह के रूप में की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक मानसिक रूप से बीमार था। घटना की सूचना मिलते ही नागपुर चौकी पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की और मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जाँच प्रारंभ कर दी है। घटना के कारणों की गहनता से जाँच की जा रही है। इस दौरान अमृतधारा जलप्रपात क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।1
- डिंडौरी जिले के सीमावर्ती ग्राम बुढ़न के आवास टोला में रहने वाले बैगा परिवार इन दिनों गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन का काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिसके कारण आज तक उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है। पानी की कमी के कारण महिलाओं और बच्चों को पीने का पानी लाने के लिए रोजाना एक से दो किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें भीषण गर्मी के बीच और भी बढ़ गई हैं। गांव के लोगों ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्या कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को बताई है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। स्थिति से त्रस्त, बैगा जनजाति के लोगों ने अब जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर डिंडौरी से गुहार लगाई है कि नल-जल योजना के अधूरे कार्य को जल्द पूरा किया जाए और गाँव में नियमित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।1
- समनापुर जनपद के सरईमाल में स्थित खुसरा टोला की पूरी बस्ती पीने के पानी के लिए एक झिरिया पर निर्भर है। रिपोर्ट के अनुसार, इस टोले के सभी निवासी अपनी पेयजल की ज़रूरतें इसी झिरिया से पूरी करते हैं।4
- डिंडोरी में कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया के मार्गदर्शन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिले में संचालित "ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण आरोह-2026" के अंतर्गत रविवार को मां नर्मदा के पावन तट स्थित नर्मदा डैम घाट पर एक विशेष संडे स्विमिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर 5 मई से 5 जून तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं में स्वास्थ्य, अनुशासन, खेल भावना तथा सामुदायिक सहभागिता का विकास करना है। इस कार्यक्रम के दौरान एसडीईआरएफ (SDERF) के जवानों ने बच्चों को तैराकी का प्रशिक्षण दिया, साथ ही एरोबिक्स, योग और सामूहिक फिटनेस गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों, उनके परिवारजनों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। इस आयोजन से खिलाड़ियों, बच्चों और आमजन को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ एवं सक्रिय रहने की प्रेरणा मिली। विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने भी उपस्थित होकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया तथा फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के साथ-साथ जिला खेल प्रशिक्षण केंद्र के खेल अधिकारी, ब्लॉक समन्वयक मोहम्मद अहमद खान, डॉ. संतोष परस्ते, श्री मिथिलेश झरिया, श्री मनोज चौकसे, श्री जागेश्वर, पदवार, सीआरपी कुशवाहा, श्री चेतराम अहिरवार, आरती सोंधिया, श्रीमती सुनीता, लक्ष्मी बनावल, राजकुमार, श्रीमती अनीता (मार्शल आर्ट प्रशिक्षक), एरोबिक प्रशिक्षक श्री आदर्श परस्ते एवं सुश्री सुनीता सहित अनेक प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक रविवार को इसी प्रकार की खेल एवं फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया जाए, ताकि नगरवासियों को खेलों के माध्यम से स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने की निरंतर प्रेरणा मिलती रहे। मां नर्मदा के प्राकृतिक एवं सकारात्मक वातावरण में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने सभी प्रतिभागियों को ऊर्जा, उत्साह एवं नई प्रेरणा से भर दिया। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि आगामी रविवार को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इन खेल एवं फिटनेस गतिविधियों का लाभ उठाएं।2
- प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में अधिमास ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा, अनुराधा नक्षत्र और रविवार के पावन अवसर पर श्रद्धा, आस्था और भक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान हजारों भक्त श्रद्धालु, तीर्थयात्री एवं दर्शनार्थी मां नर्मदा के उद्गम क्षेत्र पहुंचे और विभिन्न घाटों पर स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। प्रातःकाल से ही मां नर्मदा के कोटितीर्थ कुंड, रामघाट, उत्तर एवं दक्षिण तट तथा आरंडी संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने पवित्र नर्मदा जल में आस्था की डुबकी लगाई और मां नर्मदा का स्मरण करते हुए अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। इसके बाद श्रद्धालु नर्मदा उद्गम मंदिर पहुँचे, जहाँ लंबी कतारों में खड़े होकर उन्होंने भजन-कीर्तन एवं जयकारों के बीच मां नर्मदा के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं विश्वास के साथ मंदिर में माथा टेककर परिवार के सुख, शांति, समृद्धि, ऐश्वर्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामना की, जिससे मंदिर परिसर पूरे दिन धार्मिक वातावरण से गुंजायमान रहा। ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर नर्मदा स्नान एवं दर्शन-पूजन का यह क्रम सुबह लगभग 5 बजे से प्रारंभ होकर देर शाम तक निरंतर चलता रहा। नर्मदा तटों, मंदिर परिसर तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिनभर भक्तों और पर्यटकों की चहल-पहल बनी रही। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं। मौसम की दृष्टि से भी यह दिन विशेष रहा, क्योंकि दोपहर लगभग 12 बजे तक नौतपा का प्रभाव दिखाई दिया और तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बना रहा। हालाँकि, इसके बाद आसमान में काले बादल छा गए और रुक-रुक कर हल्की वर्षा होती रही, जिससे मौसम सुहावना हो गया। इस वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई और दर्शन-पूजन का क्रम निरंतर जारी रहा। ज्येष्ठ पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर अमरकंटक में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक अद्भुत वातावरण देखने को मिला, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के चरणों में अपनी आस्था अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।1
- डिंडौरी में कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया के मार्गदर्शन में, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित "ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण आरोह-2026" के तहत नर्मदा डैम घाट पर एक विशेष संडे स्विमिंग और फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एसडीईआरएफ (SDERF) के जवानों ने प्रतिभागियों को तैराकी का प्रशिक्षण दिया। बच्चों, खिलाड़ियों और आम नागरिकों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति अपनी जागरूकता का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान एरोबिक्स, योग और सामूहिक फिटनेस गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिनमें बच्चों के साथ उनके अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नर्मदा तट के प्राकृतिक और सकारात्मक वातावरण में हुए इस आयोजन ने प्रतिभागियों को शारीरिक और मानसिक रूप से ऊर्जावान बनाया। कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि खेल गतिविधियाँ केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अनुशासन, आत्मविश्वास और सामुदायिक सहभागिता की भावना को भी विकसित करती हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के अधिक से अधिक नागरिक खेलों से जुड़कर स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें, इसके लिए प्रत्येक रविवार को ऐसी गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जाएँ। इस आयोजन में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बच्चों और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया तथा स्वयं भी फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला खेल अधिकारी, ब्लॉक समन्वयक मोहम्मद अहमद खान, डॉ. संतोष परस्ते, मिथिलेश झरिया, मनोज चौकसे, जागेश्वर पदवार, सीआरपी कुशवाहा, चेतराम अहिरवार, आरती सोंधिया, सुनीता, लक्ष्मी बनावल, राजकुमार, अनीता (मार्शल आर्ट प्रशिक्षक) और आदर्श परस्ते (एरोबिक्स प्रशिक्षक) सहित अन्य प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों का इसे सफल बनाने में विशेष योगदान रहा। नर्मदा तट पर आयोजित यह अनूठा आयोजन खेल, स्वास्थ्य और सामुदायिक सहभागिता का एक सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया, और कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि आगामी रविवार को बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस स्वास्थ्यवर्धक पहल का हिस्सा बनें और स्वस्थ डिंडौरी के निर्माण में अपना योगदान दें।2
- डिंडौरी जिले के आनाखेड़ा गाँव में जामुन तोड़ने के दौरान 13 वर्षीय किस्मत मरावी करंट की चपेट में आकर झुलस गया। परिजन उसे निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे जबलपुर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बावजूद उन्हें 108 एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। बच्चे के बड़े भाई ने बताया कि उन्हें लगभग डेढ़ से दो घंटे तक एम्बुलेंस का इंतजार करना पड़ा, लेकिन वाहन नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर 108 एम्बुलेंस मिल जाती तो बच्चे को जल्द इलाज के लिए जबलपुर भेजा जा सकता था। उन्होंने एम्बुलेंस सेवा की अनुपलब्धता को लेकर अपनी नाराजगी जताई है।1
- अनूपपुर पुलिस ने ग्राम करहीवाह में कृषक टीकम कोल के घर के सामने से चोरी हुए तीन बैल के मामले में तत्परता से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर सभी चोरी किए गए बैल बरामद कर लिए हैं। कृषक टीकम कोल (पिता मण्डल कोल, उम्र 56 वर्ष, निवासी ग्राम करहीवाह अनूपपुर) ने 30 मई 2026 को थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गत रात्रि में उसके घर के बाहर बंधे हुए तीन बैल, जिनकी कुल कीमत करीब 45,000 रुपये थी, कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी कर ले गया। इस रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 307/26 धारा 303(2) बी.एन.एस. के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। अनूपपुर पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम जी के निर्देशन और एसडीओपी अनूपपुर श्री नवीन तिवारी जी के मार्गदर्शन में, टी.आई. कोतवाली अरविंद जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक संतोष वर्मा, प्रधान आरक्षक नितिन नामदेव, और आरक्षक संजय सिंह की टीम ने तत्काल कार्यवाही की। टीम ने रात्रि में ही पशु चोर की पतासाजी कर भारत सिंह गोंड (पिता जयहिन्द सिंह गोंड, उम्र करीब 25 साल, निवासी ग्राम ठेही थाना जैतहरी अनूपपुर) को गिरफ्तार कर उससे चोरी किए गए तीनों बैल बरामद कर लिए। पुलिस द्वारा गिरफ्तार पशु चोर भारत सिंह गोंड से अन्य पशुओं की चोरी के मामलों में भी पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि गिरफ्तार आरोपी भारत सिंह गोंड के विरुद्ध पूर्व से ही थाना राजेन्द्रग्राम में एक आपराधिक प्रकरण दर्ज है।3