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समनापुर जनपद के सरईमाल में स्थित खुसरा टोला की पूरी बस्ती पीने के पानी के लिए एक झिरिया पर निर्भर है। रिपोर्ट के अनुसार, इस टोले के सभी निवासी अपनी पेयजल की ज़रूरतें इसी झिरिया से पूरी करते हैं।
Santosh Ahirwar
समनापुर जनपद के सरईमाल में स्थित खुसरा टोला की पूरी बस्ती पीने के पानी के लिए एक झिरिया पर निर्भर है। रिपोर्ट के अनुसार, इस टोले के सभी निवासी अपनी पेयजल की ज़रूरतें इसी झिरिया से पूरी करते हैं।
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- डिंडौरी जिले के सीमावर्ती ग्राम बुढ़न के आवास टोला में रहने वाले बैगा परिवार इन दिनों गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन का काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिसके कारण आज तक उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है। पानी की कमी के कारण महिलाओं और बच्चों को पीने का पानी लाने के लिए रोजाना एक से दो किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें भीषण गर्मी के बीच और भी बढ़ गई हैं। गांव के लोगों ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्या कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को बताई है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। स्थिति से त्रस्त, बैगा जनजाति के लोगों ने अब जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर डिंडौरी से गुहार लगाई है कि नल-जल योजना के अधूरे कार्य को जल्द पूरा किया जाए और गाँव में नियमित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।1
- समनापुर जनपद के सरईमाल में स्थित खुसरा टोला की पूरी बस्ती पीने के पानी के लिए एक झिरिया पर निर्भर है। रिपोर्ट के अनुसार, इस टोले के सभी निवासी अपनी पेयजल की ज़रूरतें इसी झिरिया से पूरी करते हैं।4
- डिंडोरी में कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया के मार्गदर्शन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिले में संचालित "ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण आरोह-2026" के अंतर्गत रविवार को मां नर्मदा के पावन तट स्थित नर्मदा डैम घाट पर एक विशेष संडे स्विमिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर 5 मई से 5 जून तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं में स्वास्थ्य, अनुशासन, खेल भावना तथा सामुदायिक सहभागिता का विकास करना है। इस कार्यक्रम के दौरान एसडीईआरएफ (SDERF) के जवानों ने बच्चों को तैराकी का प्रशिक्षण दिया, साथ ही एरोबिक्स, योग और सामूहिक फिटनेस गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों, उनके परिवारजनों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। इस आयोजन से खिलाड़ियों, बच्चों और आमजन को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ एवं सक्रिय रहने की प्रेरणा मिली। विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने भी उपस्थित होकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया तथा फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के साथ-साथ जिला खेल प्रशिक्षण केंद्र के खेल अधिकारी, ब्लॉक समन्वयक मोहम्मद अहमद खान, डॉ. संतोष परस्ते, श्री मिथिलेश झरिया, श्री मनोज चौकसे, श्री जागेश्वर, पदवार, सीआरपी कुशवाहा, श्री चेतराम अहिरवार, आरती सोंधिया, श्रीमती सुनीता, लक्ष्मी बनावल, राजकुमार, श्रीमती अनीता (मार्शल आर्ट प्रशिक्षक), एरोबिक प्रशिक्षक श्री आदर्श परस्ते एवं सुश्री सुनीता सहित अनेक प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक रविवार को इसी प्रकार की खेल एवं फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया जाए, ताकि नगरवासियों को खेलों के माध्यम से स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने की निरंतर प्रेरणा मिलती रहे। मां नर्मदा के प्राकृतिक एवं सकारात्मक वातावरण में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने सभी प्रतिभागियों को ऊर्जा, उत्साह एवं नई प्रेरणा से भर दिया। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि आगामी रविवार को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इन खेल एवं फिटनेस गतिविधियों का लाभ उठाएं।2
- डिंडौरी में कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया के मार्गदर्शन में, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित "ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण आरोह-2026" के तहत नर्मदा डैम घाट पर एक विशेष संडे स्विमिंग और फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एसडीईआरएफ (SDERF) के जवानों ने प्रतिभागियों को तैराकी का प्रशिक्षण दिया। बच्चों, खिलाड़ियों और आम नागरिकों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति अपनी जागरूकता का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान एरोबिक्स, योग और सामूहिक फिटनेस गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिनमें बच्चों के साथ उनके अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नर्मदा तट के प्राकृतिक और सकारात्मक वातावरण में हुए इस आयोजन ने प्रतिभागियों को शारीरिक और मानसिक रूप से ऊर्जावान बनाया। कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि खेल गतिविधियाँ केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अनुशासन, आत्मविश्वास और सामुदायिक सहभागिता की भावना को भी विकसित करती हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के अधिक से अधिक नागरिक खेलों से जुड़कर स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें, इसके लिए प्रत्येक रविवार को ऐसी गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जाएँ। इस आयोजन में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बच्चों और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया तथा स्वयं भी फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला खेल अधिकारी, ब्लॉक समन्वयक मोहम्मद अहमद खान, डॉ. संतोष परस्ते, मिथिलेश झरिया, मनोज चौकसे, जागेश्वर पदवार, सीआरपी कुशवाहा, चेतराम अहिरवार, आरती सोंधिया, सुनीता, लक्ष्मी बनावल, राजकुमार, अनीता (मार्शल आर्ट प्रशिक्षक) और आदर्श परस्ते (एरोबिक्स प्रशिक्षक) सहित अन्य प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों का इसे सफल बनाने में विशेष योगदान रहा। नर्मदा तट पर आयोजित यह अनूठा आयोजन खेल, स्वास्थ्य और सामुदायिक सहभागिता का एक सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया, और कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि आगामी रविवार को बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस स्वास्थ्यवर्धक पहल का हिस्सा बनें और स्वस्थ डिंडौरी के निर्माण में अपना योगदान दें।2
- जिला कलेक्टर अंजु पवन भदौरिया के निर्देश पर अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, खनिज विभाग ने 31 मई 2026 को डिंडौरी जिले के ग्राम छांटा (बैगानटोला) में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। इस दौरान, मुरुम का अवैध रूप से उत्खनन करते हुए एक जेसीबी मशीन, जिसका क्रमांक MP52DA0254 है, को जब्त कर लिया गया। इस मामले में वाहन चालक रामचरण मरावी और वाहन मालिक ठाकुर सिंह के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जब्त की गई जेसीबी को कोतवाली थाना डिंडौरी में खड़ा कर दिया गया है और आगामी वैधानिक कार्यवाही के लिए उसे कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।2
- एक बिजली के खंभे का तार नीचे झूल रहा है, जिसके कारण उसके सुधार कार्य की आवश्यकता है।1
- डिंडौरी जिले के आनाखेड़ा गाँव में जामुन तोड़ने के दौरान 13 वर्षीय किस्मत मरावी करंट की चपेट में आकर झुलस गया। परिजन उसे निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे जबलपुर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बावजूद उन्हें 108 एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। बच्चे के बड़े भाई ने बताया कि उन्हें लगभग डेढ़ से दो घंटे तक एम्बुलेंस का इंतजार करना पड़ा, लेकिन वाहन नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर 108 एम्बुलेंस मिल जाती तो बच्चे को जल्द इलाज के लिए जबलपुर भेजा जा सकता था। उन्होंने एम्बुलेंस सेवा की अनुपलब्धता को लेकर अपनी नाराजगी जताई है।1
- डिंडोरी जिले के आनाखेड़ा में दोपहर लगभग एक बजे एक 13 वर्षीय बालक किस्मत मरावी जामुन खाने के लिए पेड़ पर चढ़ा था, तभी वह बिजली के करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। जानकारी के अनुसार, तेज हवाओं के कारण जामुन के पेड़ के पास से गुजर रही ग्रामीण सप्लाई लाइन का बिजली का तार पेड़ की शाखाओं को छू गया, जिससे किस्मत मरावी झुलस गया। घटना की सूचना मिलते ही परिवारजन तुरंत पीड़ित बच्चे को जिला अस्पताल ले गए, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इस दौरान, पीड़ित परिवार ने 108 एम्बुलेंस सेवा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि लगभग 2 बजे 108 को कॉल किया गया था, लेकिन कॉल सेंटर से एम्बुलेंस उपलब्ध न होने की जानकारी दी गई और लगभग डेढ़ घंटे बाद संपर्क करने को कहा गया। परिवार ने लगभग एक घंटे बाद दोबारा 108 कॉल सेंटर पर कॉल किया, जहाँ उन्हें फिर से डेढ़ घंटे बाद कॉल करने का जवाब मिला, क्योंकि गाड़ी उपलब्ध नहीं थी। पीड़ित परिवार ने यह सवाल उठाया है कि यदि समय पर 108 इमरजेंसी वाहन उपलब्ध नहीं होंगे, तो गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों तक कैसे पहुंचाया जाएगा।1