डिंडोरी जिले के आनाखेड़ा में दोपहर लगभग एक बजे एक 13 वर्षीय बालक किस्मत मरावी जामुन खाने के लिए पेड़ पर चढ़ा था, तभी वह बिजली के करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। जानकारी के अनुसार, तेज हवाओं के कारण जामुन के पेड़ के पास से गुजर रही ग्रामीण सप्लाई लाइन का बिजली का तार पेड़ की शाखाओं को छू गया, जिससे किस्मत मरावी झुलस गया। घटना की सूचना मिलते ही परिवारजन तुरंत पीड़ित बच्चे को जिला अस्पताल ले गए, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इस दौरान, पीड़ित परिवार ने 108 एम्बुलेंस सेवा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि लगभग 2 बजे 108 को कॉल किया गया था, लेकिन कॉल सेंटर से एम्बुलेंस उपलब्ध न होने की जानकारी दी गई और लगभग डेढ़ घंटे बाद संपर्क करने को कहा गया। परिवार ने लगभग एक घंटे बाद दोबारा 108 कॉल सेंटर पर कॉल किया, जहाँ उन्हें फिर से डेढ़ घंटे बाद कॉल करने का जवाब मिला, क्योंकि गाड़ी उपलब्ध नहीं थी। पीड़ित परिवार ने यह सवाल उठाया है कि यदि समय पर 108 इमरजेंसी वाहन उपलब्ध नहीं होंगे, तो गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों तक कैसे पहुंचाया जाएगा।
डिंडोरी जिले के आनाखेड़ा में दोपहर लगभग एक बजे एक 13 वर्षीय बालक किस्मत मरावी जामुन खाने के लिए पेड़ पर चढ़ा था, तभी वह बिजली के करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। जानकारी के अनुसार, तेज हवाओं के कारण जामुन के पेड़ के पास से गुजर रही ग्रामीण सप्लाई लाइन का बिजली का तार पेड़ की शाखाओं को छू गया, जिससे किस्मत मरावी झुलस गया। घटना की सूचना मिलते ही परिवारजन तुरंत पीड़ित बच्चे को जिला अस्पताल ले गए, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इस दौरान, पीड़ित परिवार ने 108 एम्बुलेंस सेवा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि लगभग 2 बजे 108 को कॉल किया गया था, लेकिन कॉल सेंटर से एम्बुलेंस उपलब्ध न होने की जानकारी दी गई और लगभग डेढ़ घंटे बाद संपर्क करने को कहा गया। परिवार ने लगभग एक घंटे बाद दोबारा 108 कॉल सेंटर पर कॉल किया, जहाँ उन्हें फिर से डेढ़ घंटे बाद कॉल करने का जवाब मिला, क्योंकि गाड़ी उपलब्ध नहीं थी। पीड़ित परिवार ने यह सवाल उठाया है कि यदि समय पर 108 इमरजेंसी वाहन उपलब्ध नहीं होंगे, तो गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों तक कैसे पहुंचाया जाएगा।
- डिंडौरी में कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया के मार्गदर्शन में, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित "ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण आरोह-2026" के तहत नर्मदा डैम घाट पर एक विशेष संडे स्विमिंग और फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एसडीईआरएफ (SDERF) के जवानों ने प्रतिभागियों को तैराकी का प्रशिक्षण दिया। बच्चों, खिलाड़ियों और आम नागरिकों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति अपनी जागरूकता का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान एरोबिक्स, योग और सामूहिक फिटनेस गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिनमें बच्चों के साथ उनके अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नर्मदा तट के प्राकृतिक और सकारात्मक वातावरण में हुए इस आयोजन ने प्रतिभागियों को शारीरिक और मानसिक रूप से ऊर्जावान बनाया। कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि खेल गतिविधियाँ केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अनुशासन, आत्मविश्वास और सामुदायिक सहभागिता की भावना को भी विकसित करती हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के अधिक से अधिक नागरिक खेलों से जुड़कर स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें, इसके लिए प्रत्येक रविवार को ऐसी गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जाएँ। इस आयोजन में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बच्चों और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया तथा स्वयं भी फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला खेल अधिकारी, ब्लॉक समन्वयक मोहम्मद अहमद खान, डॉ. संतोष परस्ते, मिथिलेश झरिया, मनोज चौकसे, जागेश्वर पदवार, सीआरपी कुशवाहा, चेतराम अहिरवार, आरती सोंधिया, सुनीता, लक्ष्मी बनावल, राजकुमार, अनीता (मार्शल आर्ट प्रशिक्षक) और आदर्श परस्ते (एरोबिक्स प्रशिक्षक) सहित अन्य प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों का इसे सफल बनाने में विशेष योगदान रहा। नर्मदा तट पर आयोजित यह अनूठा आयोजन खेल, स्वास्थ्य और सामुदायिक सहभागिता का एक सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया, और कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि आगामी रविवार को बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस स्वास्थ्यवर्धक पहल का हिस्सा बनें और स्वस्थ डिंडौरी के निर्माण में अपना योगदान दें।2
- डिंडौरी जिले के आनाखेड़ा गाँव में जामुन तोड़ने के दौरान 13 वर्षीय किस्मत मरावी करंट की चपेट में आकर झुलस गया। परिजन उसे निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे जबलपुर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बावजूद उन्हें 108 एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। बच्चे के बड़े भाई ने बताया कि उन्हें लगभग डेढ़ से दो घंटे तक एम्बुलेंस का इंतजार करना पड़ा, लेकिन वाहन नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर 108 एम्बुलेंस मिल जाती तो बच्चे को जल्द इलाज के लिए जबलपुर भेजा जा सकता था। उन्होंने एम्बुलेंस सेवा की अनुपलब्धता को लेकर अपनी नाराजगी जताई है।1
- जिला कलेक्टर अंजु पवन भदौरिया के निर्देश पर अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, खनिज विभाग ने 31 मई 2026 को डिंडौरी जिले के ग्राम छांटा (बैगानटोला) में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। इस दौरान, मुरुम का अवैध रूप से उत्खनन करते हुए एक जेसीबी मशीन, जिसका क्रमांक MP52DA0254 है, को जब्त कर लिया गया। इस मामले में वाहन चालक रामचरण मरावी और वाहन मालिक ठाकुर सिंह के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जब्त की गई जेसीबी को कोतवाली थाना डिंडौरी में खड़ा कर दिया गया है और आगामी वैधानिक कार्यवाही के लिए उसे कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।2
- एक बिजली के खंभे का तार नीचे झूल रहा है, जिसके कारण उसके सुधार कार्य की आवश्यकता है।1
- डिंडौरी जिले में खनिज संपदा के संरक्षण और अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, खनिज विभाग की टीम ने रविवार को ग्राम छांटा बैगानटोला में अवैध मुरुम का उत्खनन करते हुए एक जेसीबी मशीन को मौके पर जब्त किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने जेसीबी मशीन क्रमांक MP52DA0254 को बिना किसी वैधानिक अनुमति के मुरुम का खनन करते हुए पाया। प्राथमिक जांच में वाहन चालक रामचरण मरावी, निवासी देवरी, समनापुर, और वाहन स्वामी ठाकुर सिंह, निवासी देवरी, समनापुर पाए गए। जब्त किए गए इस वाहन को सुरक्षा की दृष्टि से कोतवाली डिंडौरी में रखा गया है। खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है, और यह प्रकरण आवश्यक कार्रवाई के लिए कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण जैसी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। खनिज विभाग की टीमों द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है, और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि खनिज नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध खनन पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे जिले में खनिज संसाधनों के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।3
- डिंडोरी जिले के आनाखेड़ा में दोपहर लगभग एक बजे एक 13 वर्षीय बालक किस्मत मरावी जामुन खाने के लिए पेड़ पर चढ़ा था, तभी वह बिजली के करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। जानकारी के अनुसार, तेज हवाओं के कारण जामुन के पेड़ के पास से गुजर रही ग्रामीण सप्लाई लाइन का बिजली का तार पेड़ की शाखाओं को छू गया, जिससे किस्मत मरावी झुलस गया। घटना की सूचना मिलते ही परिवारजन तुरंत पीड़ित बच्चे को जिला अस्पताल ले गए, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इस दौरान, पीड़ित परिवार ने 108 एम्बुलेंस सेवा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि लगभग 2 बजे 108 को कॉल किया गया था, लेकिन कॉल सेंटर से एम्बुलेंस उपलब्ध न होने की जानकारी दी गई और लगभग डेढ़ घंटे बाद संपर्क करने को कहा गया। परिवार ने लगभग एक घंटे बाद दोबारा 108 कॉल सेंटर पर कॉल किया, जहाँ उन्हें फिर से डेढ़ घंटे बाद कॉल करने का जवाब मिला, क्योंकि गाड़ी उपलब्ध नहीं थी। पीड़ित परिवार ने यह सवाल उठाया है कि यदि समय पर 108 इमरजेंसी वाहन उपलब्ध नहीं होंगे, तो गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों तक कैसे पहुंचाया जाएगा।1