नजीबाबाद में जाम से राहगीर परेशान यातायात व्यस्था पर उठे सवाल नजीबाबाद। रक्षाबंधन त्यौहार से एक दिन पहले नगर नजीबाबाद में सड़क पर भीषण जाम से जूझते नगर नजीबाबाद के लोग। घंटों तक बनी रही जाम की स्थिति पुलिस को जाम खुलवाने में कड़ी मस्क़त करनी पड़ी ।नगर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव के चलते कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। जाम के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अक्सर देखा गया है कि नजीबाबाद नियर आदर्श नगर पुलिस चौकी से आगे पुल पर जाम की स्थिति बनी रहती है स्कूल टाइम में तो स्थिति यह रहती है कि राहगीर 1 घंटे से पहले 5 मिनट का सफर तय नहीं कर सकता। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहन, अतिक्रमण और यातायात के बढ़ते दबाव के कारण स्थिति बिगड़ रही है। जाम में एंबुलेंस समेत आवश्यक सेवाओं के वाहनों के फंसने की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यस्त मार्गों पर यातायात पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था और अव्यवस्थित पार्किंग पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। लोगों ने प्रशासन से जाम की समस्या का स्थायी समाधान कराने तथा प्रमुख चौराहों और बाजार क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। शहर के मुख्य चौराहे बस स्टैंड मोटा आम रोड डबल फटक फ्लाईओवर अन्य जगहों पर जाम की स्थिति रहती है
नजीबाबाद में जाम से राहगीर परेशान यातायात व्यस्था पर उठे सवाल नजीबाबाद। रक्षाबंधन त्यौहार से एक दिन पहले नगर नजीबाबाद में सड़क पर भीषण जाम से जूझते नगर नजीबाबाद के लोग। घंटों तक बनी रही जाम की स्थिति पुलिस को जाम खुलवाने में कड़ी मस्क़त करनी पड़ी ।नगर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव के चलते कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। जाम के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अक्सर देखा गया है कि नजीबाबाद नियर आदर्श नगर पुलिस चौकी से आगे पुल पर जाम की स्थिति बनी रहती है स्कूल टाइम में तो स्थिति यह रहती है कि राहगीर 1 घंटे से पहले 5 मिनट का सफर तय नहीं कर सकता। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहन, अतिक्रमण और यातायात के बढ़ते दबाव के कारण स्थिति बिगड़ रही है। जाम में एंबुलेंस समेत आवश्यक सेवाओं के वाहनों के फंसने की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यस्त मार्गों पर यातायात पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था और अव्यवस्थित पार्किंग पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। लोगों ने प्रशासन से जाम की समस्या का स्थायी समाधान कराने तथा प्रमुख चौराहों और बाजार क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। शहर के मुख्य चौराहे बस स्टैंड मोटा आम रोड डबल फटक फ्लाईओवर अन्य जगहों पर जाम की स्थिति रहती है
- बिजनौर महात्मा विदुर मेडिकल कालेज जिला अस्पताल के आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को पिछले चार महीने से नहीं मिल रहा वेतन। नाराज कर्मियों ने दिया धरना। मेडिकल कालेज प्रशासन समझाने का कर रहा प्रयास। आउट सोर्सिंग कम्पनी कर रही कर्मचारियों का शोषण। कर्मियों ने लगाई सीएम से वेतन दिलाने की गुहार।1
- नजीबाबाद के ग्राम समीपुर में गुलदार ने बकरी पर किया हमला ग्रामवासियों के जागने पर घायल अवस्था में छोड़ भागा ग्रामीणों ने वन विभाग पर उठाएं सवालग्राम समीपुर में गुलदार ने बकरी पर किया हमला मलिक के जागने पर गुलदार बकरी को घायल अवस्था में छोड़कर भागा नजीबाबाद ब्लॉक के गांव समीपुर में 26 और 27 अगस्त की बीती रात्रि 12:00 बजे के करीब घर में बंधी फालतू बकरी पर गुलदार ने हमला कर दिया गनीमत रही उस समय अचानक से बकरी मलिक मोहन सिंह जाग गया उसने गुलदार को भगाया गुलदार घायल अवस्था में बकरी को छोड़कर वहां से भाग गया । घटना से गांव में गुलदार की दहशत का माहौल है ग्राम प्रधान समीपुर सत्य वीर ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में गुलदार मौजूद हैं आज से चार दिन पूर्व गुलदार के द्वारा बंदर को अपना निवाला बनाया गया था उससे पहले भी गुलदार की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी गुलदार रेडियो स्टेशन की दीवार पर बैठा दिखाई दिया था गुलदार के दहशत से ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं स्कूल को जाने व राहगीर रास्ते से गुजरने पर गुलदार की दहशत से भयभीत है। इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी रामकुमार का कहना है कि ग्राम समीपुर में घटनास्थल के समीप पिंजरा लगाया जाएगा और ड्रोन कैमरे उड़ाकर गुलदार को ट्रैक किया जाएगा। ग्राम समीपुर में गुलदार ने बकरी पर किया हमला मलिक के जागने पर गुलदार बकरी को घायल अवस्था में छोड़कर भागा नजीबाबाद ब्लॉक के गांव समीपुर में 26 और 27 अगस्त की बीती रात्रि 12:00 बजे के करीब घर में बंधी फालतू बकरी पर गुलदार ने हमला कर दिया गनीमत रही उस समय अचानक से बकरी मलिक मोहन सिंह जाग गया उसने गुलदार को भगाया गुलदार घायल अवस्था में बकरी को छोड़कर वहां से भाग गया । घटना से गांव में गुलदार की दहशत का माहौल है ग्राम प्रधान समीपुर सत्य वीर ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में गुलदार मौजूद हैं आज से चार दिन पूर्व गुलदार के द्वारा बंदर को अपना निवाला बनाया गया था उससे पहले भी गुलदार की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी गुलदार रेडियो स्टेशन की दीवार पर बैठा दिखाई दिया था गुलदार के दहशत से ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं स्कूल को जाने व राहगीर रास्ते से गुजरने पर गुलदार की दहशत से भयभीत है। इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी रामकुमार का कहना है कि ग्राम समीपुर में घटनास्थल के समीप पिंजरा लगाया जाएगा और ड्रोन कैमरे उड़ाकर गुलदार को ट्रैक किया जाएगा।4
- नजीबाबाद ब्लॉक में शेखपुर गडु प्राथमिक विद्यालय में पानी का तांडव नजीबाबाद ब्लॉक में शेखपुर गडु पंचायत घर के पास स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय स्थानीय तल से नीचे होने पर स्कूल में पानी भर गया है और स्थिति बहुत भयावह हो चुकी है जिससे बालक बालिकाओं को पढ़ाई में भी कष्ट हो रहा है। आस पास के मकानों की नींव में भी पानी भरने का खतरा मंडरा रहा है और इस कारण से किसी भी अनहोनी के घटने की निरंतर आशंका है।1
- बिजनौर में वन विभाग को बड़ी कामयाबी: मंडाइयो से शिफ्ट किया पिंजरा,अगवानपुर में 3 दिन बाद फंसा गुलदार,देखने को उमड़ी हजारों की भीड़ अफजलगढ़, बिजनौर।* विकास खंड अफजलगढ़ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अजीमुल्ला नगर में पिछले 15-20 दिनों से गुलदार के आतंक से दहशत में जी रहे ग्रामीणों ने आखिरकार राहत की सांस ली है। वन विभाग की सूझबूझ और ग्रामीणों के सहयोग से एक बड़े गुलदार को पिंजरे में कैद कर लिया गया है। ग्राम पंचायत अजीमुल्ला नगर के अगवानपुर मे पिछले काफी दिनों से 4 गुलदारों के देखे जाने की खबर आ रही थी। ग्रामीणों के अनुसार इसमें 2 बड़े नर-मादा गुलदार और उनके 2 शावक (बच्चे) शामिल हैं। शाम होते ही गुलदार आबादी और खेतों के किनारे आ जाते थे, जिससे किसानों का खेतों में जाना भी मुश्किल हो गया था। कई बार कुत्तों और पशुओं पर हमले की भी सूचना मिली थी। इसकी लगातार शिकायत हम लोगों द्वारा वन विभाग को की जा रही थी। पहले मंडाइयो में लगा था पिंजरा जानकारी देते हुए ग्रामीण रोहित कुमार ने बताया कि वन विभाग के दरोगा सत्यवीर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। पहले रणनीति के तहत ग्राम खुशहालपुर की मंडाइयो के जंगल किनारे पिंजरा लगाया गया था। करीब 10-12 दिन तक पिंजरा वहीं लगा रहा,लेकिन गुलदार बहुत चालाक निकला और उस एरिया में आना-जाना बंद कर दिया। ग्रामीण रोहित कुमार,चरनजीत सिंह,कुतरू सिंह,ओमप्रकाश सिंह और गौतम सिंह ने दरोगा जी से बात करके पिंजरे की जगह बदलने को कहा। वन विभाग ने पिंजरे को मंडाइयो से हटाकर अगवानपुर में शिफ्ट कर दिया।अगवानपुर में पिछले 2-3 दिन से लगातार निगरानी की जा रही थी और पिंजरे में कुत्ते को चारे के रूप में रखा गया था। आखिरकार मंगलवार देर शाम एक बड़ा गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार के पिंजरे में कैद होने की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। वीडियो बनाने और देखने को उमड़ी भीड़,लगा जाम गुलदार के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पिंजरे को ले जाते समय हजारों की भीड़ जमा हो गई।सिर्फ अगवानपुर ही नहीं, बल्कि खुशहालपुर, मंडाइयो,रसूलपुर कादराबाद,और आसपास के दर्जनों गांवों से लोग* बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर देखने पहुंच गए। आलम यह था कि गुलदार को ले जाते समय मुख्य रोड पर लंबा जाम लग गया। हर कोई अपने मोबाइल से वीडियो बना रहा था और फोटो खींच रहा था। मौके पर रोहित कुमार,चरणजीत सिंह,कुतरू सिंह,ओमप्रकाश सिंह,गौतम सिंह सहित ग्राम पंचायत के आधे से ज्यादा सदस्य और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।अभी भी 3 गुलदार बाकी है, दहशत बरकरार है ग्रामीणों ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार तो एक ही है,जबकि उसी स्थान पर अभी 3 गुलदार और घूम रहे हैं। इसलिए पूरी तरह से डर खत्म नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बाकी बचे गुलदारों को भी जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि किसान बिना डर के अपने खेतों में जा सकें। फिलहाल वन विभाग की टीम पकड़े गए गुलदार को अपने साथ ले गई है और उसे कालागढ़ टाइगर रिजर्व जंगल में सुरक्षित छोड़ा जाएगा।रोहित कुमार गौतम सिंह ओमप्रकाश सिंह चरंजीत सिंह जसवंत सिंह व ग्रामवासियों ने इस कामयाबी के लिए वन दरोगा सत्यवीर जी और उनकी पूरी टीम का दिल से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।1
- नेपाल में जलप्रलय: बाढ़ क्या छोड़ गई पीछे? नेपाल में कुदरत ने ऐसी तबाही मचाई है, जिसे देखकर हर किसी का दिल दहल उठे। रासुवा जिले में अचानक आई भीषण बाढ़ ने कुछ ही समय में घर, सड़कें, पुल और बाजारों को अपनी चपेट में ले लिया। भोटेकोशी नदी में आई तेज बाढ़ का पानी नीचे की ओर बढ़ता गया और कई बस्तियों में भारी तबाही मचा दी। किसी ने अपनी आंखों के सामने अपना घर उजड़ते देखा... किसी ने जिंदगी भर की कमाई को मलबे में तब्दील होते देखा... और कई परिवार ऐसे हैं, जो अब अपनों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि बाढ़ का पानी अपने साथ सिर्फ मिट्टी और पत्थर ही नहीं, बल्कि लोगों की पूरी जिंदगी बहाकर ले गया। कई इलाकों में मकान क्षतिग्रस्त हैं, सड़कें और पुल टूट चुके हैं और जगह-जगह मलबे का ढेर नजर आ रहा है। सबसे दर्दनाक तस्वीर उन परिवारों की है, जिनके सामने अब सवाल है—घर दोबारा कैसे बनेगा और बिछड़े हुए अपनों का क्या होगा? बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। सुरक्षाबल और बचाव दल मलबे और कीचड़ के बीच लोगों की तलाश कर रहे हैं। कई लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी रासुवा और आसपास के प्रभावित इलाकों में जरूरी चिकित्सा सामग्री और टेंट भेजकर राहत प्रयासों में सहयोग शुरू किया है। लेकिन सवाल सिर्फ आज का नहीं है... कल जिन घरों में चूल्हा जल रहा था, आज वहां कीचड़ और मलबा है। जिन रास्तों पर जिंदगी दौड़ती थी, वहां अब तबाही के निशान हैं। जिन परिवारों के पास अपना आशियाना था, उनमें से कई अब खुले आसमान के नीचे हैं। ये तस्वीरें सिर्फ नेपाल में आई बाढ़ की कहानी नहीं बता रहीं... ये तस्वीरें बता रही हैं कि जब प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखाती है, तो इंसान की बनाई मजबूत से मजबूत दीवार भी पलभर में ढह सकती है। देखिए नेपाल की तबाही की ये तस्वीरें... और दुआ कीजिए कि मलबे के बीच से ज्यादा से ज्यादा जिंदगियां सुरक्षित बाहर निकलें। नेपाल में जलप्रलय: बाढ़ क्या छोड़ गई पीछे? नेपाल में कुदरत ने ऐसी तबाही मचाई है, जिसे देखकर हर किसी का दिल दहल उठे। रासुवा जिले में अचानक आई भीषण बाढ़ ने कुछ ही समय में घर, सड़कें, पुल और बाजारों को अपनी चपेट में ले लिया। भोटेकोशी नदी में आई तेज बाढ़ का पानी नीचे की ओर बढ़ता गया और कई बस्तियों में भारी तबाही मचा दी। किसी ने अपनी आंखों के सामने अपना घर उजड़ते देखा... किसी ने जिंदगी भर की कमाई को मलबे में तब्दील होते देखा... और कई परिवार ऐसे हैं, जो अब अपनों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि बाढ़ का पानी अपने साथ सिर्फ मिट्टी और पत्थर ही नहीं, बल्कि लोगों की पूरी जिंदगी बहाकर ले गया। कई इलाकों में मकान क्षतिग्रस्त हैं, सड़कें और पुल टूट चुके हैं और जगह-जगह मलबे का ढेर नजर आ रहा है। सबसे दर्दनाक तस्वीर उन परिवारों की है, जिनके सामने अब सवाल है—घर दोबारा कैसे बनेगा और बिछड़े हुए अपनों का क्या होगा? बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। सुरक्षाबल और बचाव दल मलबे और कीचड़ के बीच लोगों की तलाश कर रहे हैं। कई लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी रासुवा और आसपास के प्रभावित इलाकों में जरूरी चिकित्सा सामग्री और टेंट भेजकर राहत प्रयासों में सहयोग शुरू किया है। लेकिन सवाल सिर्फ आज का नहीं है... कल जिन घरों में चूल्हा जल रहा था, आज वहां कीचड़ और मलबा है। जिन रास्तों पर जिंदगी दौड़ती थी, वहां अब तबाही के निशान हैं। जिन परिवारों के पास अपना आशियाना था, उनमें से कई अब खुले आसमान के नीचे हैं। ये तस्वीरें सिर्फ नेपाल में आई बाढ़ की कहानी नहीं बता रहीं... ये तस्वीरें बता रही हैं कि जब प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखाती है, तो इंसान की बनाई मजबूत से मजबूत दीवार भी पलभर में ढह सकती है। देखिए नेपाल की तबाही की ये तस्वीरें... और दुआ कीजिए कि मलबे के बीच से ज्यादा से ज्यादा जिंदगियां सुरक्षित बाहर निकलें।1
- बहनों की नाराजगी हुई दूर! उपहार लेकर मोहम्मदपुर पहुंचे राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि | लक्सर लक्सर के जमदनी पब्लिक स्कूल में आयोजित रक्षा सूत्र कार्यक्रम के दौरान कुछ बहनें उपहार से वंचित रह गई थीं। इसके बाद बहनों में नाराजगी देखने को मिली। मामले की जानकारी मिलने पर दर्जाधारी राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि खुद उपहार लेकर मोहम्मदपुर गांव पहुंचे। राज्यमंत्री ने बहनों से मुलाकात कर उन्हें अपने हाथों से उपहार वितरित किए। उपहार पाकर बहनों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया। वहीं कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में फैल रही अफवाहों पर राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने कहा कि अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि रक्षा सूत्र कार्यक्रम की सफलता से विरोधी बौखलाए हुए हैं। रिपोर्टर – सचिन कुमार लोकेशन – लक्सर, उत्तराखंड श्रद्धा टीवी | सच्ची खबर, साफ आवाज़ #Laksar #Mohammadpur #OmPrakashJamadagni #RakshaSutra #UttarakhandNews1
- लोकेशन लक्सर से है हुसैनपुर में 'मातृशक्ति आशीर्वाद अभियान': 1000 से अधिक महिलाओं ने भाजपा नेता सचिन अग्रवाल को बांधी राखी। (पत्रकार राजेश लाम्बा) खबर लक्सर से है रक्षाबंधन के पावन पर्व पर लक्सर के हुसैनपुर गांव में आयोजित 'मातृशक्ति आशीर्वाद अभियान' के तहत स्नेह और आत्मीयता की सुंदर तस्वीर देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी सचिन अग्रवाल द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंची लगभग 1,000 महिलाओं ने उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उन्हें भाई का स्नेह और आशीर्वाद दिया।मिठाई और शगुन राशि देकर किया मातृशक्ति का सम्मान कार्यक्रम के दौरान बहनों का स्वागत करते हुए सचिन अग्रवाल ने सभी महिलाओं को मिठाई और शगुन राशि भेंट कर सम्मानित किया। राखी बांधने के दौरान पूरे आयोजन स्थल पर भारी उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। महिलाओं ने भी अपने भाई सचिन अग्रवाल के उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु होने की कामना की।1
- बिजनौर - तेज़ रफ्तार दो लोडेड ट्रक आपस में भिड़े। भिड़ंत के बाद लगी आग सड़क पर मची अफरातफरी आग पर काबू ट्रक में सवार दो लोग झुलसे अस्पताल में भर्ती। एक ड्राइवर की हालत नाज़ुक अस्पताल में इलाज जारी। थाना धामपुर के एसडीएम कोर्ट तिराहे का मामला। दो मौत बतायी जा रही है।1