बिहार के कटिहार में ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA) के बैनर तले स्टेशन मास्टरों ने अपनी सुरक्षा और लंबित मांगों को लेकर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी स्टेशन मास्टरों ने ड्यूटी के समय काला बैज पहनकर आगरा कैंट के उप स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र सिंह चाहर पर हुए हमले का विरोध जताया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मंडल रेल प्रबंधक के माध्यम से रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में स्टेशन मास्टर संवर्ग में शून्य रिक्ति सुनिश्चित करने, 12 घंटे की ईआई (EI) रोस्टर प्रणाली को समाप्त करने, रात्रि ड्यूटी में सभी पात्र कर्मचारियों को समान अवसर देने और IRT/IDT स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही रेलवे कर्मचारियों को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त कार्य वातावरण प्रदान करने की जरूरत पर भी बल दिया गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (CEC) के निर्देशानुसार यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक आगरा कैंट घटना के दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं किया जाता। इस प्रदर्शन का नेतृत्व अध्यक्ष राजेश कुमार, उपाध्यक्ष आकाशदीप और सचिव बी.एम.पी. श्रीवास्तव ने किया, जिसमें जितेंद्र कुमार जायसवाल, राजेश मंडल, संजीत ठाकुर, बी. महतो, रोबिन सिंह, अशोक रजक और बड़ी संख्या में अन्य स्टेशन मास्टर्स शामिल हुए।
बिहार के कटिहार में ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA) के बैनर तले स्टेशन मास्टरों ने अपनी सुरक्षा और लंबित मांगों को लेकर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी स्टेशन मास्टरों ने ड्यूटी के समय काला बैज पहनकर आगरा कैंट के उप स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र सिंह चाहर पर हुए हमले का विरोध जताया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मंडल रेल प्रबंधक के माध्यम से रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में स्टेशन मास्टर संवर्ग में शून्य रिक्ति सुनिश्चित करने, 12 घंटे की ईआई (EI) रोस्टर प्रणाली को समाप्त करने, रात्रि ड्यूटी में सभी पात्र कर्मचारियों को समान अवसर देने और IRT/IDT स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही रेलवे कर्मचारियों को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त कार्य वातावरण प्रदान करने की जरूरत पर भी बल दिया गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (CEC) के निर्देशानुसार यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक आगरा कैंट घटना के दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं किया जाता। इस प्रदर्शन का नेतृत्व अध्यक्ष राजेश कुमार, उपाध्यक्ष आकाशदीप और सचिव बी.एम.पी. श्रीवास्तव ने किया, जिसमें जितेंद्र कुमार जायसवाल, राजेश मंडल, संजीत ठाकुर, बी. महतो, रोबिन सिंह, अशोक रजक और बड़ी संख्या में अन्य स्टेशन मास्टर्स शामिल हुए।
- बिहार के कटिहार जिले के कड़वा में हसन ने बीएससी की परीक्षा में शानदार बाजी मारी है। पिता की मृत्यु हो जाने के बाद भी हसन ने हिम्मत नहीं हारी और अपना संघर्ष लगातार जारी रखा। पिता के निधन के बाद भी जारी रहे इस संघर्ष के बल पर ही उन्होंने बीएससी की परीक्षा में यह बड़ी सफलता हासिल की है।1
- Post by Suraj kumar sharma1
- बिहार के कटिहार जिले के डंडखोरा में अधिकारियों से हाथ जोड़कर यह विनम्र निवेदन किया गया है कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ किया जाए।1
- बिहार के कटिहार जिले के कड़वा में सड़क की गंभीर समस्या को लेकर सरकार और स्थानीय पंचायत से जल्द से जल्द कार्रवाई करने की गुहार लगाई गई है। क्षेत्र के लोगों ने ग्रामीण पंचायत के सभी सदस्यों और सरकार से इस रास्ते की समस्या को अविलंब सुलझाने का निवेदन किया है। दरअसल, यहां की सड़क को बने हुए 30 साल से भी अधिक का समय हो चुका है, लेकिन यह अभी तक नहीं बन पाई है। इसी वजह से अब सरकार और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों से इस मामले में तुरंत कदम उठाने की पुरजोर मांग की जा रही है।1
- देश के प्रति गहरे प्रेम, गर्व और सम्मान को प्रदर्शित करते हुए 'सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा' का गौरवशाली संदेश दिया गया है। यह उद्घोष हमारे देश की महानता और इसकी विशिष्टता के प्रति अटूट निष्ठा और देशभक्ति की भावना को पूरी शिद्दत के साथ बयां करता है।1
- बिहार के कटिहार में ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA) के बैनर तले स्टेशन मास्टरों ने अपनी सुरक्षा और लंबित मांगों को लेकर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी स्टेशन मास्टरों ने ड्यूटी के समय काला बैज पहनकर आगरा कैंट के उप स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र सिंह चाहर पर हुए हमले का विरोध जताया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मंडल रेल प्रबंधक के माध्यम से रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में स्टेशन मास्टर संवर्ग में शून्य रिक्ति सुनिश्चित करने, 12 घंटे की ईआई (EI) रोस्टर प्रणाली को समाप्त करने, रात्रि ड्यूटी में सभी पात्र कर्मचारियों को समान अवसर देने और IRT/IDT स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही रेलवे कर्मचारियों को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त कार्य वातावरण प्रदान करने की जरूरत पर भी बल दिया गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (CEC) के निर्देशानुसार यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक आगरा कैंट घटना के दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं किया जाता। इस प्रदर्शन का नेतृत्व अध्यक्ष राजेश कुमार, उपाध्यक्ष आकाशदीप और सचिव बी.एम.पी. श्रीवास्तव ने किया, जिसमें जितेंद्र कुमार जायसवाल, राजेश मंडल, संजीत ठाकुर, बी. महतो, रोबिन सिंह, अशोक रजक और बड़ी संख्या में अन्य स्टेशन मास्टर्स शामिल हुए।1
- बिहार के कटिहार जिले के कड़वा में स्थित एक गांव के निवासियों ने सरकार से अपनी गंभीर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया है कि पिछले 30 से अधिक वर्षों से उनके गांव में सड़क की भारी समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे गांव में केवल एक ही घर के बाहर रास्ता मौजूद है, जबकि मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए कोई भी सीधा मार्ग नहीं है। वर्तमान में लोगों को मजबूरीवश दूसरों के खेतों से होकर गुजरना पड़ता है, लेकिन जब खेतों में पानी छोड़ दिया जाता है या धान की रोपाई हो जाती है, तो यह रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है। इस वजह से ग्रामीणों को पैदल चलने के साथ-साथ गाड़ी और घोड़ा चलाने में भी भारी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। इस विकट समस्या से परेशान ग्रामीणों ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ जोड़कर गुहार लगाई है कि वे उनके इस पिछड़े गांव की सुध लें और सड़क निर्माण कराकर उनकी इस वर्षों पुरानी समस्या का समाधान करें।1
- बिहार के पूर्णिया में लगातार मोबाइल छीनतई और गले से लॉकेट छीनतई के मामले बहुत ही ज्यादा सामने आ रहे हैं। इस तरह की वारदातों के लगातार होने के पीछे की एकमात्र मुख्य जड़ सूखा नशा है।1